Question 12 Marks
ऐसे दो देशों के उदाहरण दीजिए जहाँ नियमित रूप से चुनाव कराये जाते हैं, किन्तु उन्हें लोकतांत्रिक देश क्यों नहीं कहा जा सकता?
Answer
View full question & answer→केवल नियमित चुनाव कराना ही लोकतांत्रिक शासन की गारंटी नहीं है, लोकतंत्र के लिए यह आवश्यक है कि चुनाव नियमित होने के साथ-साथ स्वतंत्र तथा निष्पक्ष भी होने चाहिए। यदि नियमित चुनाव स्वतंत्र तथा निष्पक्ष नहीं हैं, तो उसे वास्तविक लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता। उदाहरण के लिए चीन में चुनावों का आयोजन नियमित रूप से होता है, लेकिन चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार केवल साम्यवादी दल के ही हो सकते हैं; अन्य दलों को चुनाव में भाग लेने का अधिकार नहीं है। इस प्रकार ये चुनाव स्वतंत्र चुनाव नहीं कहलाये जा सकते क्योंकि इसमें जनता के समक्ष मतदान का कोई अन्य विकल्प ही नहीं होता। उसे अन्ततः शासक दल और उसके द्वारा अनुमोदित प्रत्याशियों में से ही चुनाव कराना होता है।
इसी प्रकार मैक्सिको में 1930 से 2000 तक प्रत्येक चुनाव में पी.आर.आई. ही विजयी होती आयी। यहाँ के चुनावों में विपक्षी दल कभी जीत नहीं पाए क्योंकि पी.आर.ई. चुनाव में गंदे हथकंडे अपनाकर जीतने के लिए कुख्यात थी। ये चुनाव स्वतंत्र तथा निष्पक्ष नहीं होते थे।
अतः यह कहना सही है कि नियमित चुनाव करा लेना ही लोकतांत्रिक शासन की गारण्टी नहीं है।
इसी प्रकार मैक्सिको में 1930 से 2000 तक प्रत्येक चुनाव में पी.आर.आई. ही विजयी होती आयी। यहाँ के चुनावों में विपक्षी दल कभी जीत नहीं पाए क्योंकि पी.आर.ई. चुनाव में गंदे हथकंडे अपनाकर जीतने के लिए कुख्यात थी। ये चुनाव स्वतंत्र तथा निष्पक्ष नहीं होते थे।
अतः यह कहना सही है कि नियमित चुनाव करा लेना ही लोकतांत्रिक शासन की गारण्टी नहीं है।