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लघु उत्तरीय प्रश्न (3 गुण)

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Question 13 Marks
"सांख्यिकीय रूप से भारत में बेरोजगारी की दर निम्न है, किन्तु वास्तविकता में यह गंभीर समस्या है।" स्पष्ट कीजिए।
Answer
यदि सांख्यिकीय आँकड़ों के आधार पर देखें तो भारत में बेरोजगारी की दर काफी कम है किन्तु वास्तविकता में बड़ी संख्या में निम्न आय और निम्न उत्पादकता वाले लोगों की गिनती नियोजित लोगों में की जाती है। कुछ लोग पूरे वर्ष काम करते हुए प्रतीत होते हैं किन्तु वास्तव में उन्हें पूरा काम नहीं मिलता। उदाहरण के लिए, कृषि में प्रच्छन्न बेरोजगारी पाई जाती है अर्थात् कृषि में आवश्यकता से अधिक लोग कार्य पर लगे होते हैं। अत: वास्तविकता में देश में बहुत से लोगों के पास पूरा एवं योग्यतानुसार कार्य नहीं होता तथा वे निम्न वर्ग में आते हैं किन्तु उन्हें बेरोजगार नहीं माना जाता है।
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Question 23 Marks
संक्षेप में बेरोजगारी के प्रभावों को स्पष्ट कीजिए।
Answer
भारत में बेरोजगारी एक प्रमख समस्या है तथा अर्थव्यवस्था पर बेरोजगारी के अनेक नकारात्मक प्रभाव पडते हैं। बेरोजगारी के कारण मानवीय संसाधनों की बर्बादी होती है तथा उत्पादक मानव संसाधन भी दायित्व में बदल जाते हैं। लोग बेरोजगारी के कारण अपने व अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक प्रकार से नहीं कर पाते हैं । इस कारण समाज के जीवन की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बेरोजगारी से निर्धनता एवं अन्य सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा मिलता है। बेरोजगारी का अर्थव्यवस्था के विकास एवं संवृद्धि पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
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Question 33 Marks
बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं?
Answer
साधारण बोलचाल की भाषा में बेरोजगारी का अभिप्राय किसी व्यक्ति को रोजगार के अवसर प्राप्त न होने से लिया जाता है। अन्य शब्दों में, बेरोजगारी का अर्थ उस व्यक्ति को काम नहीं मिलने से है जो काम करने का इच्छुक एवं योग्य है पर उसकी इच्छा एवं योग्यता के बावजूद उसे काम नहीं मिलता। यदि किसी व्यक्ति को काम मिला हुआ है परन्तु उस काम से उस व्यक्ति के पूरे समय, शक्ति एवं योग्यता का उपयोग नहीं होता है तो उसे अर्द्ध बेरोजगारी कहा जाएगा।
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Question 43 Marks
भारत में शिक्षा के विकास हेतु सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।
Answer
भारत में विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं में शिक्षा पर अधिक धनराशि व्यय की गई है। प्रथम पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर 151 करोड़ रुपये का व्यय किया गया। यह धनराशि ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में बढ़कर 3766.90 करोड़ रुपये हो गई है। सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में शिक्षा पर व्यय 1951-52 में 0.64 प्रतिशत से बढ़कर 2015-16 में 3 प्रतिशत (बजटीय अनुमान) हो गया है। इसके अतिरिक्त सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु अनेक कार्यक्रम चलाए हैं। सरकार ने विभिन्न शिक्षण संस्थाओं का भी विस्तार किया है तथा देश में तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित किया है।
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