Question 12 Marks
ओज़ोन परत की क्षति हमारे लिए चिता का विषय क्यों है। इस क्षति को सीमित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
Answer
View full question & answer→ओजोन परत की क्षति (क्षरण) हमारे लिए चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि इसके अनेक दुष्परिणाम हैं, जो निम्नलिखित हैं-
- ओजोन परत के क्षरण के कारण सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी विकिरण वायुमण्डल में प्रवेश कर जाती है जिससे त्वचा कैंसर हो जाता है।
- मनुष्य की त्वचा की ऊपरी सतह की कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। क्षतिग्रस्त कोशिकाओं से हिस्टामिन नामक रासायनिक पदार्थ स्रावित होता है, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता नष्ट हो जाती है। फलस्वरूप अल्सर, निमोनिया, ब्रोन्काइटिस जैसी भयानक बीमारियाँ होने की सम्भावनाएँ बढ़ जाती हैं।
- इससे आनुवंशिक विकृतियाँ उत्पन्न हो जाती हैं तथा चिरकालिक रोग उत्पन्न हो जाते हैं।
- पराबैंगनी विकिरण से आँख के घातक रोग, मोतियाबिन्द, आँख में घाव एवं सूजन हो जाती है।
- ओजोन क्षरण से वायुमण्डल का ताप बढ़ जाता है।
- इसके सूक्ष्मजीवी एवं वनस्पतियों पर घातक प्रभाव पड़ते हैं। वनस्पतियों में प्रोटीन की कमी हो जाती है। प्रकाश-संश्लेषण एवं चयापचय क्रियाएँ प्रभावित होती हैं।
ओजोन परत की क्षति को सीमित करने के लिए 1987 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) में सर्वानुमति बनी कि CFC के उत्पादन को 1986 के स्तर पर ही सीमित रखा जाये। अब यह भी अनिवार्य कर दिया गया कि सभी विनिर्माण कंपनियाँ CFC रहित रेफ्रिजरेटर बनाएँ।