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3 अंक प्रश्न

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Question 13 Marks
पुष्पी पादपों के तीन मूलभूत ऊतक तन्त्र बताओ। प्रत्येक तन्त्र के ऊतक बताओ।
Answer
self
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Question 23 Marks
रंध्रीतंत्र क्या है? रंध्र की रचना का वर्णन करो और इसका चिह्नित चित्र बनाओ।
Answer
प्रायः पौधों की वायव संरचनाओं की बाह्यत्वचा पर रंध्र होते हैं। रंध्र की उपस्थिति को रंध्र तंत्र कहते हैं। वैसे ये पत्तियों की बाह्यत्वचा पर अधिक संख्या में होते हैं। रंध्र वाष्पोत्सर्जन तथा गैसों के विनिमय को नियंत्रित करते हैं।
प्रत्येक रंध्र में सेम के आकार की दो कोशिकाएं होती हैं जिन्हें द्वार कोशिकाएँ कहते हैं। घास में द्वार कोशिकायें डंबलाकार होती हैं। द्वारकोशिका की बाहरी भित्ति पतली तथा आंतरिक भित्ति मोटी होती है। द्वार कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट होता है और यह रंध्र के खुलने व बंद होने के क्रम को नियमित करता है। कभी-कभी कुछ बाह्यत्वचीय कोशिकाएँ जो रंध्र के आस-पास होती हैं उनकी आकृति, माप तथा पदार्थों में विशिष्टता आ जाती है। इन कोशिकाओं को सहायक कोशिकाएँ कहते हैं। रंध्रीय छिद्र, द्वार कोशिका तथा सहायक कोशिकाएँ मिलकर रंध्री तंत्र का निर्माण करते हैं ।
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Question 33 Marks
सूक्ष्मदर्शी किसी पौधे के भाग की अनुप्रस्थ काट निम्नलिखित शारीर रचनाएँ दिखाता है -
(अ) संवहन बंडल, संयुक्त, फैले हुए तथा उसके चारों ओर स्केलेरेनकाइमी आच्छद है।
(ब) फ्लोयम पैरेंकाइमा नहीं है।
आप कैसे पहचानोगे कि यह किसका है ?
Answer
(अ) यह स्थिति एकबीजपत्री स्तम्भ में देखने को मिलती है। एकबीजपत्री स्तम्भ में भरण ऊतक में सभी संवहन पूल बिखरे होते हैं क्योंकि इसमें अन्तश्चर्म व परिरम्भ का अभाव होता है। इस अभाव के कारण ही वल्कुट व मज्जा क्षेत्र का विभेदन नहीं होता। इनमें संवहन बंडल संयुक्त होते हैं व अवर्धी (Closed)। सभी संवहन बंडलों के दोनों सिरों पर स्केलेरेनकाइमी आच्छद होता है।
(ब) एकबीजपत्री स्तम्भ के संवहन पूलों को देखें तो इसमें जायलम व फ्लोयम तो होता है परन्तु फ्लोयम में पेरेंकाइमा का अभाव होता है। अतः दोनों लक्षण एकबीजपत्री स्तम्भ के होते हैं।
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Question 43 Marks
निम्नलिखित में शारीर के आधार पर अंतर करो - एकबीजपत्री मूल तथा द्विबीजपत्री मूल
Answer
एकबीजपत्री मूल (Monocot Root)द्विबीजपत्री मूल (Dicot Root)
1. जाइलम पूल संख्या में 6 से अधिक (बहु-आदिदारुक) होते हैं।संख्या में 2 से 6 तक (द्वि-आदिदारुक से षट-आदिदारुक) होते हैं।
2. मज्जा सुविकसित होती है।मज्जा अल्पविकसित या अनुपस्थित होती है।
3. परिरम्भ से पार्श्व मूलों की उत्पत्ति होती है।पार्श्वमूलों, एधा तथा कॉर्क एधा की उत्पत्ति होती है।
4. एधा अनुपस्थित ।एधा उपस्थित ।
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Question 53 Marks
बुलीफार्म कोशिकाओं पर टिप्पणी लिखिए। बाह्य आदिदारुक व अन्तःआदिदारुक में कोई तीन अन्तर लिखिए।
Answer
बुलीफार्म कोशिकाएँ- कुछ पौधों विशेषतः एकबीजपत्री पादपों की पत्तियों में कुछ ऊपरी अधिचर्म कोशिकाएँ फूली हुई होती हैं। इन्हें बुलीफार्म कोशिकाएँ कहते हैं। ये जल संग्रह कर फूल जाती हैं जिससे पत्तियाँ खुल जाती हैं। जैसे ही ये कोशिकाएँ जल छोड़ती हैं त्योहीं पत्तियाँ मुड़कर बंद हो जाती हैं। उदाहरण- ग्रेमनी कुल के पादपों की पर्ण।
बाह्य आदिदारुक व अन्तःआदिदारुक में अन्तर
क्र.सं.बाह्य आदिदारुक (Exarch)अन्तः आदिदारुक (Endarch)
1.यह स्थिति जड़ के संवहन पूल में पाई जाती है।स्तम्भ में पाई जाती है।
2.इसमें आदिदारु (Protoxylem) बाहर की ओर तथा अनुदारु (Metaxylem) अन्दर की ओर स्थित होते हैं।आदिदारु अन्दर की ओर तथा अनुदारु बाहर की ओर स्थित होते हैं।
3.दारु का विकास बाहर से अन्दर की ओर अग्रसर होता है।विकास अन्दर से बाहर की ओर अग्रसर होता है।
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Question 63 Marks
कैस्पेरियन पट्टियाँ किसे कहते हैं? एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पर्णों की अधिचर्म में कोई दो अन्तर लिखिए।
Answer
कैस्पेरियन पट्टियाँ (Casparian Strips)-अंतस्त्वचा की प्रत्येक कोशिका की अरीय (Radial) भित्ति पर सुबेरिन के जमने से निर्मित पट्टियों को कैस्पेरियन पट्टियाँ कहते हैं। इनकी खोज वैज्ञानिक कैस्पेरियन ने की थी।
एकबीजपत्री व द्विबीजपत्री पर्णों की अधिचर्म में अन्तर
क्र.सं.एकबीजपत्री पर्णों की अधिचर्मद्विबीजपत्री पर्णों की अधिचर्म
1.दोनों (ऊपर व नीचे) अधिचर्म समान होते हैं।दोनों अधिचर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।
2.रन्ध्र दोनों अधिचर्म पर होते हैं।रन्ध्र केवल निचली अधिचर्म पर उपस्थित होते हैं।
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Question 73 Marks
अधिचर्म ऊतक तंत्र के कार्य लिखिए।
Answer
अधिचर्म ऊतक तंत्र के निम्न कार्य है-
(1) यह आंतरिक ऊतकों को सुरक्षा प्रदान करती है।
(2) अधिचर्म उपत्वचा व त्वचा रोम सुरक्षा प्रदान व वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करती है।
(3) ग्रंथिल रोम विभिन्न पदार्थों का स्रवण करते हैं।
(4) प्रकाश तीव्रता को कम करते हैं।
(5) रन्ध्र गैसों का आदान-प्रदान करते हैं।
(6) नुकीले दृढ़रोम पौधे की जन्तुओं से रक्षा करते हैं।
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Question 83 Marks
एकबीजपत्री व द्विबीजपत्री स्तम्भ के वल्कुट में कोई चार अन्तर लिखिए।
Answer
एकबीजपत्री व द्विबीजपत्री स्तम्भ के वल्कुट में अन्तर
क्र.सं.एकबीजपत्री स्तम्भद्विबीजपत्री स्तम्भ
1.इनमें दृढ़ोतक की अधस्त्वचा होती है।प्रायः स्थूलकोणोतक की होती है।
2.वल्कुट अनुपस्थित होता है, इसके स्थान पर मृदूतकी भरण ऊतक होता है।वल्कुट उपस्थित होता है, भरण ऊतक नहीं होता है।
3.अन्तस्त्वचा, परिरंभ, मज्जा किरणें व मज्जा अनुपस्थित होती है।उपस्थित होती है।
4.संवहनपूल भरण ऊतक में बिखरे होते हैं।संवहन पूल परिरंभ के अन्दर वलय में व्यवस्थित होते हैं।
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Question 93 Marks
संवहनी ऊतक तंत्र क्या है? अरीय एवं संयुक्त खुला संवहन बण्डल का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer
संवहनी ऊतक तंत्र (Vascular Tissue System)- इस ऊतक में जटिल ऊतक, जाइलम एवं फ्लोएम होते हैं। जाइलम एवं फ्लोएम दोनों मिलकर संवहन बण्डल (Vascular bundles) बनाते हैं। द्विबीजपत्री में जाइलम तथा फ्लोएम के बीच कैंबियम (Cambium) होता है, ऐसे संवहनी बण्डलों जिनमें कैंबियम होता है और वे लगातार द्वितीयक जाइलम तथा फ्लोएम बनाते हैं उन्हें खुला संवहन बण्डल कहते हैं। एक बीजपत्री पादपों में कैंबियम नहीं होता है। चूंकि वे द्वितीयक ऊतक नहीं बनाते इसलिए उन्हें बंद संवहन बण्डल (Closed vascular bundles) कहते हैं।
जाइलम तथा फ्लोएम एकांतर तरीके से भिन्न त्रिज्या पर होते हैं तब ऐसे बण्डल को अरीय (Radial) कहते हैं जैसे- मूल में। संयुक्त बण्डल में जाइलम तथा फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर स्थित होते हैं जैसे तने एवं पत्तियों में। संयुक्त संवहन बण्डल (Conjoint Vascular bundle) में प्रायः फ्लोएम जाइलम के बाहर की ओर स्थित होता है।

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