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5 अंकों के प्रश्न

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Question 15 Marks
अकशेरुकियों में पाये जाने वाले उत्सर्जन अंगों के नाम, कार्य एवं उदाहरण देते हुए संक्षिप्त में वर्णन कीजिए।
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self
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Question 25 Marks
उत्सर्जन में यकृत, फुफ्फुस तथा त्वचा का महत्त्व बताइए।
Answer
1. यकृत (Liver) - यकृत की कोशिकाएँ शरीर में आवश्यकता से अधिक ऐमीनो अम्लों के नाइट्रोजनी भाग को अमोनिया में तथा अमोनिया को कम हानिकारक यूरिया में परिवर्तित कर मूत्र के रूप में बाहर त्याग करने में सहायक होती हैं।
यकृत द्वारा पित्त का स्राव किया जाता है जिसमें बिलिरुबिन, बिलिविरीडीन, कॉलेस्ट्रॉल, निम्नीकृत स्टीरॉयड हार्मोन, विटामिन तथा औषध आदि होते हैं। इन अधिकांश पदार्थों को अन्ततः मल के साथ बाहर निकाल दिया जाता है।
2. फुफ्फुस (Lungs)- फुफ्फुस द्वारा उच्छ्वासन के दौरान $CO_2$ का त्याग कर दिया जाता है व साथ ही जलवाष्प का भी त्याग होता है।
3. त्वचा (Skin) - त्वचा में उपस्थित स्वेद ग्रन्थियाँ (Sweat Glands) एवं तैल ग्रन्थियाँ (Sebaceous Glands) भी स्त्राव द्वारा कुछ पदार्थों का निष्कासन करती हैं। स्वेद ग्रन्थि द्वारा निकलने वाला पसीना एवं जलीय द्रव है जिसमें नमक, कुछ मात्रा में यूरिया, लैक्टिक अम्ल इत्यादि होते हैं। हालांकि पसीने का मुख्य कार्य वाष्पीकरण द्वारा शरीर की सतह को ठण्डा रखना है, लेकिन यह ऊपर बताए गए कुछ पदार्थों के उत्सर्जन में भी सहायता करता है।
त्वचा में उपस्थित तैल-ग्रन्थियाँ सीबम द्वारा कुछ स्टेरोल, हाइड्रोकार्बन एवं मोम पदार्थों का निष्कासन करती हैं। ये स्राव त्वचा को सुरक्षात्मक तैलीय कवच प्रदान करते हैं।
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Question 35 Marks
नेफ्रॉन का नामांकित चित्र बनाकर वर्णन कीजिए।
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self
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Question 45 Marks
उत्सर्जन किसे कहते हैं? उत्सर्जन के आधार पर जन्तुओं को प्रमुखतः कितनी श्रेणियों में बांटा गया है? प्रत्येक का वर्णन कीजिए।
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Question 55 Marks
निम्न पर टिप्पणियाँ लिखिए -
(i) वृक्क की पथरी (ii) ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (iii) वृक्कावरोध (Kidney failure) (iv) यूरेमिया।
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Question 65 Marks
नेफ्रॉन तथा वासा रेक्टा द्वारा निर्मित प्रतिधारा प्रवाह क्रियाविधि का चित्र बनाकर वर्णन कीजिए।
Answer
self
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Question 75 Marks
मानव के उत्सर्जन तन्त्र का चित्र बनाकर वर्णन कीजिए।
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Question 85 Marks
हीमोडायालिसिस (रक्त अपोहन) किसे कहते हैं? इसकी प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
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self
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Question 95 Marks
वृक्क क्रियाओं के नियमन को विस्तार से समझाइए।
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self
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Question 105 Marks
नेफ्रॉन के विभिन्न भागों द्वारा प्रमुख पदार्थों का पुनरावशोषण एवं स्त्रवण, गमन की दिशा को प्रदर्शित करते हुए इनका चित्र बनाइए एवं वृक्क नलिका के विभिन्न भागों के कार्य का विस्तार से वर्णन कीजिए।
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self
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Question 115 Marks
उत्सर्जन किसे कहते हैं? मूत्र निर्माण विधि का वर्णन कीजिए।
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Question 125 Marks
नेफ्रॉन में होने वाली घटनाओं का सारांश लिखिए।
Answer
नेफ्रॉन में होने वाली घटनाओं का सारांश
क्र.सं.परिवहित पदार्थनेफ्रॉन का भागसंबंधित प्रक्रियाक्रियाविधि
1.ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, एल्ब्यूमिन प्रोटीन, विटामिन्स, हॉर्मोन्स, Na+, K+, Mg2+, Ca+2, H2O. HCO3- यूरिया, क्रिएटिनिन, यूरिक अम्ल, कीटोन बॉडीजबोमैन्स कैप्सूलग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशनअल्ट्राफिल्ट्रेशन
2.ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, हॉर्मोन्स, विटामिन्स, Na+, K+, Mg2+, Ca+2समीपस्थ कुण्डलित नलिका (P.C.T.)पुनः अवशोषणसक्रिय परिवहन
3.СI-समीपस्थ कुण्डलित नलिकापुनः अवशोषणनिष्क्रिय परिवहन
4.जलसमीपस्थ कुण्डलित नलिकापुनः अवशोषणपरासरण
5.यूरियासमीपस्थ कुण्डलित नलिकापुनः अवशोषणविसरण
6.H2Oहेनले लूप की अवरोही भुजा का संकरा भागपुनः अवशोषणपरासरण
7.Na+, K+, Mg+2, Ca+2, CI-हेनले लूप की आरोही भुजा का संकरा भागपुनः अवशोषणविसरण
8.उपर्युक्तानुसार अकार्बनिक आयहेनले लूप की आरोही भुजा का चौड़ा भागपुनः अवशोषणसक्रिय परिवहन
9.H2OD.C.T.. संग्रह नलिकाएँADH की सहायता से पुनः अवशोषणपरासरण
10.Na+D.C.T., संग्रह नलिकाएँएल्डोस्टेरॉन की सहायता से पुनः अवशोषण, स्त्रावणसक्रिय परिवहन
11.यूरियासंग्रह नलिकाओं का अन्तिम भागएल्डोस्टेरॉन की सहायता से पुनः अवशोषण, स्त्रावणविसरण
12.क्रिएटिनिन, हिप्यूरिक अम्ल, विजातीय पदार्थसमीपस्थ कुण्डलित नलिकाएल्डोस्टेरॉन की सहायता से पुनः अवशोषण, स्त्रावणसक्रिय परिवहन
13.K+. H+दूरस्थ कुण्डलित नलिकाएल्डोस्टेरॉन की सहायता से पुनः अवशोषण, स्त्रावणसक्रिय परिवहन
14.NH3दूरस्थ कुण्डलित नलिकाएल्डोस्टेरॉन की सहायता से पुनः अवशोषण, स्त्रावणविसरण
15.यूरियाहेनले लूप की आरोही भुजा (पतले भाग)एल्डोस्टेरॉन की सहायता से पुनः अवशोषण, स्रावणविसरण
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Question 135 Marks
उत्सर्जन किसे कहते हैं? अमोनिया तथा यूरिको उत्सर्जीकरण में कोई चार अन्तर लिखिए।
Answer
उत्सर्जन (Excretion) - उत्सर्जन अंगों द्वारा नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से त्यागने की क्रिया उत्सर्जन कहलाती है।
अमोनिया तथा यूरिको उत्सर्जीकरण में अन्तर-
क्र.सं.अमोनिया उत्सर्जीकरणयूरिको उत्सर्जीकरण
1.नाइट्रोजन अपशिष्ट पदार्थ अमोनिया के रूप में निष्कासित किया जाता है।जबकि इसमें यूरिक अम्ल के रूप में निष्कासित किया जाता है।
2.उत्सर्जी पदार्थ (NH3) अत्यधिक विषैला होता है।जबकि यूरिक अम्ल कम विषैला होता है।
3.शरीर के जल का बड़ा भाग खत्म होता है।बहुत कम जल खर्च होता है।
4.अमोनिया के निर्माण में बहुत कम ऊर्जा का उपयोग होता है।यूरिक अम्ल के निर्माण में बहुत ऊर्जा का उपयोग होता है।
5.उदाहरण : अमीबा, हाइड्रा एवं पैरामिशियम ।उदाहरण : पक्षी, कीट, सरीसृप।
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Question 145 Marks
निम्न को परिभाषित कीजिए -
(i) वासा रेक्टा (ii) समस्थापन (iii) पोडोसाइट (iv) जक्स्टामेड्यूलरी नेफ्रॉन
Answer
(i) वासा रेक्टा (Vasa-Recta) - जक्स्टा मेड्यूलरी नेफ्रॉन के पिन के शीर्ष के समान संरचना वाले हेनले के चारों ओर पाई जाने वाली रक्त केशिकाओं के लूप को वासा-रेक्टा (Vasa-Recta) कहते हैं।
(ii) समस्थापन (Homeostasis) - शरीर में अपने आन्तरिक रासायनिक वातावरण को समान बनाये रखने की प्रवृत्ति होती है, जिसे समस्थापन या होमियोस्टेसिस कहते हैं।
(iii) पोडोसाइट्स (Podocytes) - बोमन सम्पुट की आन्तरिक उपकला में पाई जाने वाली विशिष्ट कोशिकाओं को पोडोसाइट्स कहते हैं।
(iv) जक्स्टामेड्यूलरी नेफ्रॉन (Juxtamedullary nephrons)- बड़े आकार के नेफ्रॉन जो कॉर्टेक्स व मेड्यूला के सन्धितल पर पाये जाते हैं उन्हें जक्सटामेड्यूलरी नेफ्रॉन कहते हैं।
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Question 155 Marks
हीमोडायालिसिस किसे कहते हैं? इसकी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए।
Answer
हीमोडायालिसिस (Haemodialysis) - वृक्क निष्कार्यता से ग्रसित रोगियों के रुधिर में यूरिया की मात्रा असाधारण (यूरीमिया) रूप से बढ़ जाती है। ऐसे रोगियों में रुधिर में से अतिरिक्त यूरिया को निकालने के लिए एक कृत्रिम वृक्क का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया को रक्त अपोहन अथवा हीमोडायालिसिस कहते हैं। यह प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में की जाती है-
(i) रोगी की धमनी में से रुधिर निकाल लिया जाता है और 0°C तक ठण्डा कर लिया जाता है।
(ii) इस रुधिर को तब कृत्रिम वृक्क की सेलोफेन नलियों में होकर गुजारा जाता है। सेलोफेन सूक्ष्म अणुओं जैसे- यूरिया, यूरिक अम्ल और खनिज आयन के लिए पारगम्य होती है। यह प्लाज्मा प्रोटीनों जैसे महाअणुओं के लिए पारगम्य नहीं होती।
(iii) सेलोफेन नली के बाहर डायालाइजिंग तरल होता है, जिसमें रुधिर-प्लाज्मा में पाए जाने वाले कुछेक विलेय तो विद्यमान होते हैं, लेकिन यूरिया, यूरिक अम्ल जैसे नाइट्रोजनी अणु नहीं होते।
(iv) इसलिए सेलोफेन नलियों के भीतर से नाइट्रोजनी यौगिक विसरण द्वारा डायालाइजिंग तरल में चले जाते हैं।
(v) कृत्रिम वृक्क (Artificial kidney) में से बाहर आने वाले रुधिर को शरीर के तापमान के बराबर गुनगुना बना लिया जाता है और फिर उसे शिरा के जरिए रोगी के शरीर में वापस भेज दिया जाता है।
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Question 165 Marks
रेन्निन (Rennin) व रेनिन (Renin) में कोई चार अन्तर लिखिए।
Answer
रेन्निन व रेनिन में अन्तर
क्र.सं.रेन्निन (Rennin)रेनिन (Renin)
1.यह आमाशय की जठर ग्रन्थियों की जाइमोगन (Zymogen) कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है।यह वृक्क के कॉर्टेक्स की अभिवाही धमनिकाओं की विशिष्ट कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है।
2.इनका स्रावण भोजन द्वारा प्रेरित होता है।इनका स्रावण द्रव में Na+ का स्तर घटने से प्रेरित होता है।
3.यह एक प्रोटियोलाइटिक एंजाइम है।यह एक हार्मोन है। यह एंजाइम की तरह कार्य करता है।
4.यह दुग्ध प्रोटीन 'केसीन' के पाचन में सहायता करता है।यह एंजियोटेसिनोजन प्रोटीन को एंजियोटेसिन में परिवर्तित करता है।
5.यह निष्क्रिय रूप (प्रोरेन्निन) में स्स्रावित होता है जो HCI द्वारा सक्रिय (रेन्निन) रूप में बदलता है।यह रेनिन के रूप में ही स्रावित होता है।
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Question 175 Marks
कार्टिकल तथा जक्स्टामेडुलरी नेफ्रॉन्स में कोई चार अन्तर लिखिए।
Answer
कार्टिकल तथा जक्स्टामेडुलरी नेफ्रॉन्स में अन्तर-
क्र.सं.कार्टिकल नेफ्रॉन्सजक्सटामेडुलरी नेफ्रॉन्स
1.इन नेफ्रॉन्स का आकार छोटा होता है।इनका आकार बड़ा होता है।
2.इनके हेनले लूप बहुत छोटे होते हैं और मेड्यूला में थोड़ी सी गहराई तक ही धंसे होते हैं।इनके हेनले लूप बहुत लम्बे होते हैं और मेड्यूला में काफी गहराई तक धंसे होते हैं।
3.ये मुख्यतः रीनल कॉर्टेक्स में स्थित होते हैं।इनको बोमन सम्पुट, रीनल कार्टेक्स में (कॉर्टेक्स व मेड्यूला की संधि के समीप) स्थित होता है।
4.ये जल आपूर्ति सामान्य होने पर प्लाज्मा के आयतन का नियंत्रण करते हैं।जल आपूर्ति कम होने पर प्लाज्मा के आयतन का नियंत्रण करते हैं।
5.80 से 85 प्रतिशत नेफ्रॉन्स इसी प्रकार के होते हैं।इस प्रकार के नेफ्रॉन्स 15 से 20 प्रतिशत होते हैं।
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