(1) कैल्सियम- कैल्सियम शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी से बच्चे सूखा रोग, चिड़चिड़ापन व अल्प वृद्धि के शिकार हो जाते हैं आहार में इसकी कमी से अस्थिमृदुता (Osteomalacia होने के कारण शिशु जन्म में कष्ट होता है। इसकी प्रचुर मात्रा शरीर में हो तो लौह तत्व की भी कम आवश्यकता होती है। यह हड्डियों को मजबूत तथा शरीर को रोगरोधी बनाने के लिए आवश्यक है।
लीची, करौंदा, केला, बेल तथा धनिया, मेथी एवं मूली पत्ती आदि में कैल्सियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है;
(2) आयरन (लौह तत्व) लौह तत्व लाल रुधिर कणिकाओं का एक अनिवार्य अंग है जो शरीर में ऑक्सीजन के संवाहक का कार्य करता है। यह अनेक ऊतकों (Tissues) तथा उत्प्रेरकों का अनिवार्य भाग बनाता है जो देह में ऑक्सीकरण एवं अपचयन को नियमित करते हैं
लौह तत्व करौंदा, खजूर, काजू, धनिया पत्ती आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
(3) फॉस्फोरस-फॉस्फोरस भी एक मुख्य पोषक तत्व है। यह शरीर के सभी सक्रिय ऊतकों के लिए अनिवार्य तत्व है। हड्डियों व मृदु ऊतकों के गुण तथा ऊतकों में उचित द्रव अंश के अनुरक्षण के लिए इसकी आवश्यकता पड़ती है। फॉस्फोरस अम्ल क्षार सन्तुलन के अनुरक्षण में मदद करता है। यह वसा अम्लों के स्थानान्तरण में भी सहायक होता है।
फॉस्फोरस काजू, अखरोट, लीची, केला, आलू, एस्पैरगस, पालक, चुकंदर, मेथी, अरबी, मटर, लोबिया, चौलाई, सहजन एवं मूली की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।