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Question 12 Marks
ऐसा प्रकाश, जिसकी तरंगदैर्घ्य, 4000 Pm हो और जो 1J ऊर्जा दे, के फोटॉनों की संख्या बताइए।
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Question 22 Marks
2×10-10 s काल (Time) वाली प्रकाश तरंग की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और तरंग संख्या की गणना कीजिए।
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Question 32 Marks
n = 4 से संबंधित कितने उपकोश हैं?
Answer
n = 4 के लिए, l = 0, 1, 2, 3
उपकोश
l =0=4s
1=4p
2=4d
3=4f
अतः n = 4 लिए चार उपकोश (4s, 4p. 4d तथा 4f) होंगे।
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Question 42 Marks
Al तथा Si में 3p कक्षक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं। कौनसा इलेक्ट्रॉन नाभिक से अधिक प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा?
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Question 52 Marks
छः इलेक्ट्रॉनों की क्वान्टम संख्याएँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ऊर्जा के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। क्या इनमें से किसी की ऊर्जा समान है?
1.n = 4l = 2$m_l$ = -2$m_s=-\frac{1}{2}$
2.n = 3l = 2$m_l$ = 1$m_s=+\frac{1}{2}$
3.n = 4l = 1$m_l$ = 0$m_s=+\frac{1}{2}$
4.n = 3l = 2$m_l$ = -2$m_s=-\frac{1}{2}$
5.n = 3l = 1$m_l$ = -1$m_s=+\frac{1}{2}$
6.n = 4l = 1$m_l$ = 0$m_s=+\frac{1}{2}$
Answer
बोर बरी नियम (n+ l नियम) के अनुसार इन इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा का बढ़ता क्रम निम्न प्रकार होगा-5 <2=4<6=3<1 तथा इनमें से इलेक्ट्रॉन 2, 4 एवं 3, 6 की ऊर्जा समान है क्योंकि इनसे सम्बन्धित उपकोश निम्न प्रकार हैं-
(1) 4d (2) 3d (3) 4p (4) 3d (5) 3p (6) 4p
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Question 62 Marks
फोटॉन की ऊर्जा ज्ञात कीजिए - जिसकी तरंगदैर्ध्य 0.50 Å  हो।
Answer
ऊर्जा (E) $h v=\frac{h c}{\lambda}$
$\begin{aligned} c & =3 \times 10^8 ms^{-1}, \lambda=0.5 Å\\ & =0.5 \times 10^{-10} m\end{aligned}$
$\begin{aligned} E & =\frac{6.626 \times 10^{-34} Js \times 3 \times 10^8 ms^{-1}}{0.5 \times 10^{-10} m} \\ & =3.9756 \times 10^{-15} J\end{aligned}$
ऊर्जा $=3.98 \times 10^{-15} J$
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Question 72 Marks
फोटॉन की ऊर्जा ज्ञात कीजिए - जो 3 ×1015 Hz आवृत्ति वाले प्रकाश के संगत हो।
Answer
फोटॉन की ऊर्जा (E) = hv
h = प्लांक स्थिरांक = 6.626 × 10-34Js
अत: $E =6.626 \times 10^{-34} Js \times 3 \times 10^{15} s^{-1}$
$\begin{array}{l} E =1.9878 \times 10^{18} J \\ E =1.988 \times 10^{-18} J\end{array}$
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Question 82 Marks
इलेक्ट्रॉन विवर्तन के समान न्यूट्रॉन विवर्त सूक्ष्मदर्शी को अणुओं की संरचना के निर्धारण में प्रयुक्त किया जान है। यदि यहाँ 800 Pm की तरंगदैर्ध्य ली जाए तो न्यूट्रॉन से सम्बन्धि अभिलाक्षणिक वेग की गणना कीजिए।
Answer
तरंगदैर्ध्य (λ)
$\begin{array}{l}=800 Pm =800 \times 10^{-12} m \\ =8 \times 10^{-10} m\end{array}$
न्यूट्रॉन का द्रव्यमान $=1.675 \times 10^{-27} kg$
$\lambda=\frac{h}{m v}$ या $v =\frac{h}{m \lambda}$
$=\frac{6.626 \times 10^{-34} kg m ^2 s^{-1}}{1.675 \times 10^{-27} kg \times 8 \times 10^{-10} m}$
$\begin{array}{l}\lambda=494.47 ms^{-1} \\ \lambda=494.5 ms^{-1}\end{array}$
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Question 92 Marks
दे ब्रॉग्ली द्वारा प्रतिपादित द्रव्य के दोहरे व्यवहार से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज हुई, जिसे जैव अणुओं और अन्य प्रकार के पदार्थों के अति आवर्धित प्रतिबिम्ब के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस सूक्ष्मदर्शी में यदि इलेक्ट्रॉन का वेग $1.6 \times 10^6 ms^{-1}$ है, तो इस इलेक्ट्रॉन से सम्बन्धित दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य की गणना कीजिए।
Answer
वेग $v =1.6 \times 10^6 ms^{-1}$
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $m=9.1 \times 10^{-31} kg$
अतः तरंगदैर्ध्य $\lambda=\frac{h}{m v }$
$\begin{aligned} & =\frac{6.626 \times 10^{-34} kg m ^2 s^{-1}}{9.1 \times 10^{-31} kg \times 1.6 \times 10^6 ms^{-1}} \\ \lambda & =4.55 \times 10^{-10} m \\ \lambda & =455 Pm \end{aligned}$
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Question 102 Marks
सोडियम लैम्प द्वारा उत्सर्जित पीले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $(\lambda)$ 580 mm है। इसकी आवृत्ति (v) और तरंग संख्या $(\bar{v})$ का परिकलन कीजिए।
Answer
उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $(\lambda)$
= 580mm = 580 × 10-9 m, c = 3 ×108 ms-1
आवृत्ति (v) = $\frac{c}{\lambda}=\frac{3 \times 10^8}{580 \times 10^{-9}}=5.17 \times 10^{14} s^{-1}$
तरंग संख्या $\bar{v}$ = $=\frac{1}{\lambda}=\frac{1}{580 \times 10^{-9}}=1.72 \times 10^6 m^{-1}$
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Question 112 Marks
उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नेनो सेकण्ड परास वाले विकिरण स्त्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्त्रोत का काल 2 ns और स्पंदित (pulsed) विकिरण स्त्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 2.5× 1015 है, तो स्त्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।
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Question 122 Marks
खगोलीय प्रेक्षणों में दूरस्थ तारों से मिलने वाले संकेत बहुत कमजोर होते हैं। यदि फोटॉन संसूचक 600 nm के विकिरण से कुल $3.15 \times 10^{-18} J$ प्राप्त करता है, तो संसूचक द्वारा प्राप्त फोटॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
Answer
तरंगदैर्ध्य $\lambda=600 nm=600 \times 10^{-9} m$, फोटॉन की ऊर्जा $-3.15 \times 10^{-18} J$
एक फोटॉन की ऊर्जा, $E =h v=\frac{h c}{\lambda}$
n फोटॉनों की ऊर्जा, $E-\frac{n h c}{\lambda}$
फोटॉन की संख्या $n=\frac{E \lambda}{h c}$
$=\frac{3.15 \times 10^{-18} J \times 600 \times 10^{-9} m}{6.626 \times 10^{-34} Js \times 3 \times 10^8 ms^{-1}}$
अतः फोटॉनों की संख्या = 9.5 = 10
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Question 132 Marks
नाइट्रोजन लेजर 337.1 nm की तरंगदैर्ध्य पर एक विकिरण उत्पन्न करती है। यदि उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या $5.6 \times 10^{24}$ हो, तो लेजर की क्षमता की गणना कीजिए
Answer
लेजर की शक्ति (क्षमता) $E = Nh v= Nh \frac{ c }{\lambda}$
$\lambda=337.1 nm=337.1 \times 10^{-9} m$
तथा N = फोटॉनों की संख्या $=5.6 \times 10^{24}$
$C=3.0 \times 10^5 ms^{-1}$
अतः $\begin{array}{l}E=\frac{\left(5.6 \times 10^{24}\right)\left(6.626 \times 10^{-34} Js \right)\left(3.0 \times 10^3 ms^{-1}\right)}{337.1 \times 10^{-9} m} \\ E=3.3 \times 10^6 J\end{array}$
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Question 142 Marks
एक 81 द्रव्यमान संख्या वाले तत्व में प्रोटॉनों की तुलना में 31.7% न्यूट्रॉन अधिक हैं। इसका परमाणु प्रतीक लिखिए।
Answer
द्रव्यमान संख्या (81) = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या
माना प्रोटॉनों की संख्या = x
अतः प्रश्नानुसार न्यूट्रॉनों की संख्या $=\frac{x+31.7 x}{100}-1.317 x$
द्रव्यमान संख्या (81) $\begin{array}{l}=x+1.317 x \\ 2.317 x=81\end{array}$
$\begin{array}{l}x=\frac{81}{2.317} \\ x=34.958=35\end{array}$
प्रोटॉनों की संख्या = 35, अतः तत्व ब्रोमीन होगा तथा परमाणु प्रतीक $={ }_{35}^{81} Br$
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Question 152 Marks
${ }_{35}^{79} Br$ तथा ${ }^{79} Br$ प्रतीक मान्य हैं, जबकि ${ }_{79}^{35} Br$ तथा ${ }^{35} Br$ मान्य नहीं हैं। संक्षेप में कारण बताइए।
Answer
किसी दिए गए तत्व के लिए समस्थानिकों में प्रोटॉनों की समान संख्या तथा समान परमाणु क्रमांक के लिए द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न हो सकती है। अतः प्रतीक में द्रव्यमान संख्या दर्शाना आवश्यक है तथा परमाणु क्रमांक को तत्व के संकेत के बायीं ओर नीचे एवं द्रव्यमान संख्या को ऊपर की तरफ लिखा जाता है। अतः ${ }_{79}^{35} Br$ तथा ${ }^{35} Br$ मान्य नहीं हैं।
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Question 162 Marks
मिलिकन के प्रयोग में तेल की बूँद पर चमकती X-किरणों द्वारा प्राप्त स्थैतिक विद्युत-आवेश प्राप्त किया जाता है। तेल की बूँद पर यदि स्थैतिक विद्युत-आवेश $-1.282 \times 10^{-18} C$ है तो इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
Answer
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश $=-1.6022 \times 10^{-19} C$
तेल की बूंद पर आवेश $=-1.282 \times 10^{-18} C$
अतः तेल की बूँद में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या
$=\frac{-1.282 \times 10^{-18} C }{-1.6022 \times 10^{-19} C }=8$
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Question 172 Marks
किसी कण का स्थिर विद्युत आवेश 2.5× 10-16 cहै। इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
Answer
कण पर स्थिर विद्युत आवेश $=2.5 \times 10^{-16} C$
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश $=1.6022 \times 10^{-19} C$
अतः कण में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या
$=\frac{25 \times 10^{-16}}{1.6022 \times 10^{-19}}=1560$
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Question 182 Marks
कार्बन के 2 × 108 परमाणु एक कतार में व्यवस्थित हैं। यदि इस व्यवस्था की लम्बाई 2.4 cm है, तो कार्बन परमाणु के व्यास एवं त्रिज्या की गणना कीजिए।
Answer
कार्बन परमाणुओं की संख्या $(n)=2 \times 10^8$
व्यवस्था की लम्बाई (l) = 2.4cm
$\begin{array}{l}=2.4 \times 10^{-2} m \\ =2.4 \times 10^7 mm\end{array}$
अतः कार्बन परमाणु का व्यास $\begin{aligned}(d) & =\frac{l}{n} \\ & =\frac{2.4 \times 10^7 mm}{2 \times 10^8} \\ & =0.12 mm\end{aligned}$
तथा कार्बन परमाणु की त्रिज्या $\begin{aligned} r & =\frac{d}{2}=\frac{0.12}{2} \\ & =0.06 mm\end{aligned}$
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Question 192 Marks
यदि कार्बन परमाणु का व्यास 0.15 nm है, तो उन कार्बन परमाणुओं की संख्या की गणना कीजिए, जिन्हें 20 cm स्केल की लम्बाई में एक-एक करके व्यवस्थित किया जा सकता है।
Answer
कार्बन परमाणु का व्यास (d) = 0.15nm
$=0.15 \times 10^{-9} m$
स्केल की लम्बाई $(t)=20 cm=20 \times 10^{-2} m$
कार्बन परमाणुओं (n) की संख्या $\begin{aligned} \frac{l}{d}= & \frac{20 \times 10^{-2} m}{0.15 \times 10^{-9} m} \\ & =1.33 \times 10^9{\\}\end{aligned}$
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Question 202 Marks
$He _{( g )}^{+} \longrightarrow He _{( g )}^{2+}+e^{-}$ प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था (मूल अवस्था) में आयनन ऊर्जा $2.18 \times 10^{-18} J atom ^{-1}$ है।
Answer
हाइड्रोजन परमाणु के लिए-
$E _1=- I . E$. (आयनन ऊर्जा) $=-2.18 \times 10^{-18} J$
$He ^{+}$ के लिए $\begin{aligned} E_1 & =E_{1( H )} \times Z^2 \\ & =-2.18 \times 10^{-18} \times 2^2 J \\ & =-8.72 \times 10^{-18} J\end{aligned}$
$He _{( g )}^{+}\left(1 s^1\right) \longrightarrow He ^{2+}+e$ में $He ^{+}$ का आयनन हो रहा है।
अतः आवश्यक ऊर्जा $=- E _{1\left( He ^{+}\right)}=-\left(-8.72 \times 10^{-18}\right) J$
$=8.72 \times 10^{-18} J$प्रति परमाणु
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Question 212 Marks
यह दर्शाइए कि हाइड्रोजन परमाणु की बोर कक्षा की परिधि उस कक्षा में गतिमान इलेक्ट्रॉन की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य का पूर्ण गुणक होती है।
Answer
बोर मॉडल के अनुसार-
$\begin{array}{l}m vr =\frac{n h}{2 \pi} \\ 2 \pi r=\frac{n h}{m v }\end{array}$
लेकिन $\frac{h}{m v}=\lambda$ (दे ब्रॉग्ली सूत्र)
अतः $2 \pi r=n \lambda$
अतः परिधि$(2 \pi r)=n \lambda$,अर्थात् बोर कक्षा की परिधि उस कक्षा में गतिमान इलेक्ट्रॉन की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य का पूर्ण गुणक होती है।
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Question 222 Marks
किसी परमाणु में क्वान्टम संख्याओं वाले कितने इलेक्ट्रॉन होंगे - $n=4, m_s=-\frac{1}{2}$
Answer
n = 4 अर्थात् चतुर्थ कोश में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या = 2n2 = 2 × 42 = 32
इनमें से 16 इलेक्ट्रॉनों के लिए, $m_s=-\frac{1}{2}$ होगा तथा शेष 16 के लिए $m_s=+\frac{1}{2}$ होगा अतः n = 4 तथा $m_s=-\frac{1}{2}$ वाले 16 इलेक्ट्रॉन होंगे।
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Question 232 Marks
कारण देते हुए बताइए कि निम्नलिखित क्वान्टम संख्या के कौनसे मान सम्भव नहीं हैं-
(क) n = 0$l$ = 0$m_l$ = 0$m_s=+\frac{1}{2}$
(ख) n = 1$l$ = 0$m_l$ = 0$m_s=-\frac{1}{2}$
(ग) n = 1$l$ = 1$m_l$ = 0$m_s=+\frac{1}{2}$
(घ) n = 2$l$ = 1$m_l$ = 0$m_s=-\frac{1}{2}$
(ङ) n = 3$l$ = 3$m_l$ = 3$m_s=+\frac{1}{2}$
(च) n = 3$l$ = 1$m_l$ = 0$m_s=+\frac{1}{2}$
Answer
क), (ग) तथा (ङ) सम्भव नहीं हैं। शेष सम्भव हैं क्योंकि (क) में n = 0 है जबकि n का मान I से प्रारम्भ होता है।
(ग) में I का मान n के समान है जो कि सम्भव नहीं है क्योंकि l = 0 से 1 तक होता है।
(ङ) में I का मान के समान है जो कि सम्भव नहीं है।
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Question 242 Marks
निम्नलिखित में से कौनसे कक्षक सम्भव हैं-
$1 p, 2 s, 2 p$ और 3f
Answer
2s तथा 2p सम्भव हैं क्योंकि 2s के लिए n = 2, $l=0$ (सम्भव) तथा 2p के लिए $n=2, l=1$ (सम्भव) लेकिन 1p तथा 35 सम्भव नहीं हैं क्योंकि 1p के लिए n = 1 तथा l = 1 होना चाहिए जो कि सम्भव नहीं है। इसी प्रकार 3 के लिए n = 3 तथा $l=3$ होना चाहिए जो कि संभव नहीं है क्योंकि $l$ का मान n के बराबर नहीं होता।
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Question 252 Marks
निम्नलिखित में से कौन सम-इलेक्ट्रॉनीय स्पीशीज है, अर्थात् किनमें इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या है?
$Na ^{+}, K ^{+}, Mg ^{2+}, Ca ^{2+}, S ^{-2}, Ar$
Answer
(i) Na+ में इलेक्ट्रॉन = 11- 1 = 10
(ii) K+ = 19 - 1 = 18 इलेक्ट्रॉन
(iii) Mg2+ = 12 - 2 = 10 इलेक्ट्रॉन
(iv) Ca2+ = 20 - 2 = 18 इलेक्ट्रॉन
(v) Ar = 18 इलेक्ट्रॉन
(vi) S-2 = 16 + 2 = 18 इलेक्ट्रॉन
अतः Na+ तथा Mg2+ समइलेक्ट्रॉनीय हैं, एवं K+ Ca2+ Ar तथा S2- समइलेक्ट्रॉनीय हैं।
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Question 262 Marks
मेथेन के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।
Answer
मेथेन (CH4) के एक अणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या =6+4=10
अतः CH4 के एक मोल में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = एक मोल में अणुओं की संख्या x एक अणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6.022 × 1023 × 10
= 6.022 × 1024
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Question 272 Marks
$2.05 \times 10^7 ms^{-1}$ वेग से गति कर रहे किसी इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्ध्य क्या होगा?
Answer
इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्ध्य $\lambda=\frac{h}{m v}$
$\begin{aligned} & =\frac{6.626 \times 10^{-34} kg m ^2 s^{-1}}{9.1 \times 10^{-31} kg \times 2.05 \times 10^7 ms^{-1}} \\ \lambda & =3.55 \times 10^{-11} m\end{aligned}$
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Question 282 Marks
जब हाइड्रोजन परमाणु में उत्तेजित इलेक्ट्रॉन n = 6 से मूल अवस्था में जाता है, तो प्राप्त उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?
Answer
जब इलेक्ट्रॉन nवें कोश से मूल अवस्था में आता है तो प्राप्त उत्सर्जन रेखाओं की संख्या
$=\frac{n(n-1)}{2}$,यहाँ n = 6
$=\frac{6(6-1)}{2}=15$
अतः प्राप्त उत्सर्जन रेखाएँ = 15
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Question 292 Marks
किसी धातु की सतह पर 6800 Å तरंगदैर्ध्य वाली विकिरण डालने से शून्य वेग वाले इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। धातु की देहली आवृत्ति $\left(v_0\right)$ और कार्यफलन (W) ज्ञात कीजिए।
Answer
तरंगदैर्ध्य $\lambda_0=6800Å=6800 \times 10^{-10} m$
देहली आवृत्ति $\begin{aligned} v_0=\frac{c}{\lambda_0} & =\frac{3 \times 10^2 ms^{-1}}{6800 \times 10^{-10} m} \\ & =4.41 \times 10^{14} s^{-1}\end{aligned}$
कार्यफलन $=h v_0$
क्योंकि वेग शून्य होने से गतिज ऊर्जा (KE.) भी शून्य होगी।
अतः कार्यफलन $\begin{aligned} W _0 & =6.626 \times 10^{-34} \times 4.41 \times 10^{14} \\ & =2.92 \times 10^{-19} J\end{aligned}$
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Question 302 Marks
एक मोल इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान और आवेश का परिकलन कीजिए।
Answer
एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.1× 10-31 kg
अतः 1 मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान = एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान आवोगाद्रो संख्या
= 9.1 × 10-31 × 6.022 x 1023
= 5.48 × 10-7 kg
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1.60219 × 10-19C
अतः एक मोल इलेक्ट्रॉनों पर आवेश
= 1.60219 × 10-19 × 6.022 ×1023
9.648× 104C = 9.65 × 104c
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Question 312 Marks
25 वॉट का एक बल्ब 0.57 $\mu m$ तरंगदैर्ध्य वाले पीले रंग का एकवर्षी प्रकाश उत्पन्न करता है। प्रति सेकण्ड क्वांटा के उत्सर्जन की दर ज्ञात कीजिए।
Answer
तरंगदैर्ध्य $(\lambda)=0.57 \quad \mu m=0.57 \times 10^{-6} m$
बल्ब की क्षमता = 25 वॉट $=25 Js ^{-1}$
फोटॉन की ऊर्जा (E)$=h v=\frac{h c}{\lambda}$
$=\frac{6.626 \times 10^{-34} Js \times 3 \times 10^8 ms^{-1}}{0.57 \times 10^{-6} m}$
Image
$\begin{array}{l}=\frac{25 Js ^{-1}}{3.48 \times 10^{-19}} \\ =7.18 \times 10^{19} s^{-1}\end{array}$
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Question 322 Marks
एक ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।
Answer
एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
=$9.1 \times 10^{-28} g$
$\begin{array}{l}=9.1 \times 10^{-31} kg \\ \quad\left(1 g=10^{-3} kg\right)\end{array}$
अतः 10-3 kg भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
$=\frac{10^{-3} kg}{9.1 \times 10^{-31} kg}$
$=1.0989 \times 10^{27}$ इलेक्ट्रॉन
$=1.099 \times 10^{27}$ इलेक्ट्रॉन
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Question 332 Marks
सोडियम परमाणु के आयनन के लिए 242 nm तरंगदैर्ध्य की विद्युत चुम्बकीय विकिरण पर्याप्त होती है। सोडियम की आयनन ऊर्जा kJ mol-1 में ज्ञात कीजिए।
Answer
242 nm तरंगदैर्ध्य $(\lambda)$ की विद्युत चुम्बकीय विकिरण सोडियम परमाणु के आयनन के लिए पर्याप्त है। अतः आयनन ऊर्जा = विकिरण की ऊर्जा
$\lambda=242 mm=242 \times 10^{-9} m$
आयनन ऊर्जा (E) = hv
$=\frac{h c}{\lambda}=\frac{6.626 \times 10^{-34} Js \times 3 \times 10^8 ms^{-1}}{242 \times 10^{-9} m}$
$=8.21 \times 10^{-19}$\फोटॉन
$=8.21 \times 10^{-22} kJ /$फोटॉन
एक मोल सोडियम की आयनन ऊर्जा = आयनन ऊर्जा × आवोगाद्रो संख्या
$\begin{array}{l}=8.21 \times 10^{-22} kJ \times 6.022 \times 10^{23} \\ =494 kJ mol ^{-1}\end{array}$
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Question 342 Marks
(a) एक घूमती हुई क्रिकेट की बॉल में तरंग प्रकृति नहीं होती, क्यों?
(b) गर्मियों के दिनों में काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए, क्यों?
Answer
(a) सूत्र $\lambda=\frac{\mathrm{h}}{\mathrm{mv}}$के अनुसार अधिक द्रव्यमान युक्त वस्तु, जैसे-क्रिकेट की बॉल आदि का तरंगदैर्ध्य इतना कम होता है कि उसका आसानी से मापन सम्भव नहीं है। अतः घूमती हुई क्रिकेट की बॉल में तरंग प्रकृति नहीं होती।
(b) काले कपड़े कृष्णिका की तरह व्यवहार करते हैं अतः ये सूर्य से प्राप्त विकिरणों का अवशोषण करके गर्मी उत्पन्न करते हैं इसलिए गर्मियों में काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
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Question 352 Marks
परमाणु स्पेक्ट्रम सतत न होकर रेखीय होता है, क्यों?
Answer
जब किसी पदार्थ में से सतत विकिरण प्रवाहित किया जाता है तो वह विकिरण की कुछ तरंगदैर्ध्य का अवशोषण कर लेता है। इस पदार्थ द्वारा अवशोषित विकिरण की संगत लुप्त तरंगदैर्ध्य चमकीले सतत स्पेक्ट्रम में गहरे रंग की रेखाओं के रूप में दिखाई देते हैं, क्योंकि केवल विशेष तरंगदैर्यों वाला प्रकाश ही उत्सर्जित होता है, जिसके बीच में काले स्थान रहते हैं। अतः ऐसे स्पेक्ट्रम को रेखीय स्पेक्ट्रम कहते हैं। रेखीय स्पेक्ट्रम, गैसीय अवस्था में परमाणुओं द्वारा ही प्रदर्शित किया जाता है अतः इसे परमाण्वीय स्पेक्ट्रम भी कहते हैं।
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Question 362 Marks
निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए तथा इनके मात्रक भी बताइए - (i) आवृत्ति (ii) तरंगदैर्ध्य (iii) तरंग संख्या।
Answer
(i) आवृत्ति (v) किसी बिन्दु से प्रति सेकण्ड गुजरने वाली तरंगों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं। इसका मात्रक हर्ट्स (Hz) या सेकंड-1 (s1) होता है।
(ii) तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) किसी तरंग के दो निकटतम श्रृंगों या गर्तों के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं। इसका मात्रक meter या cm या Å होता है।
(iii) तरंग संख्या $(\bar{v})$ प्रति इकाई लम्बाई में स्थित तरंगदैर्थ्यो की संख्या को तरंग संख्या कहते हैं। $\bar{v}=\frac{1}{\lambda}$,$\bar{v}$ का मात्रक m-1 या cm-1 होता है।
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Question 372 Marks
(a) एक ऐसा तत्त्व बताइए जिसमें ऽ इलेक्ट्रॉनों की संख्या p-इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर है।
(b) 1s तथा 2s कक्षकों में त्रिज्य नोडों की संख्या बताइए।
Answer
(a) मैग्नीशियम में ऽ तथा p इलेक्ट्रॉनों की संख्या बराबर है
${ }_{12} \mathrm{Mg}=1 s^2, 2 s^2, 2 p^6, 3 s^2$(s इलेक्ट्रॉन = 6, p इलेक्ट्रॉन = 6)
(b) त्रिज्य नोडों की संख्या = n - 1
अतः 1s तथा 25 कक्षकों में त्रिज्य नोडों की संख्या शून्य तथा एक है।
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Question 382 Marks
(a) यदि एक गतिशील प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन के तरंगदैर्ध्य समान हैं तो किसका वेग अधिक होगा तथा क्यों?
(b) हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता के सिद्धान्त का हमारे दैनिक जीवन में कोई महत्त्व नहीं है, क्यों?
Answer
(a) सूत्र $\lambda=\frac{\mathrm{h}}{\mathrm{mv}}$के अनुसार जब $\lambda$ तथा h स्थिर हैं तो वेग, द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होगा, चूँकि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान, प्रोटॉन के द्रव्यमान से कम होता है अतः इसका वेग अधिक होगा।
(b) हमारे दैनिक जीवन में उच्च तथा मध्यम द्रव्यमान युक्त गतिशील वस्तुओं का ही प्रयोग होता है, चूंकि प्रकाश के टक्कर करने वाले फोटॉनों का द्रव्यमान इतना कम होता है कि ये इन वस्तुओं की स्थिति में कोई विशेष परिवर्तन नहीं कर पाते हैं अतः इन वस्तुओं की सही स्थिति तथा सही संवेग का एक साथ मापन संभव है इसलिए दैनिक जीवन में अनिश्चितता के सिद्धान्त का कोई महत्त्व नहीं है।
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Question 392 Marks
चुम्बकीय क्वान्टम संख्या की व्याख्या कीजिए।
Answer
चुम्बकीय क्वान्टम संख्या $\left(m_l\right)$ -
(i) यह कक्षक के बारे में बताती है।
(ii) इससे कक्षकों का त्रिविमीय अभिविन्यास ज्ञात होता है।
(iii) किसी उपकोश में कक्षकों की संख्या = 21 + 1 = ml के सम्भव मान
(iv) $m_l=-l,-(l-1),-(l-2)$, _________ 0 , _________ $(l-2),(l-1), l$
(v) $l=0$ (s) $m_l=0$, एक $s$ कक्षक

$l=1(p) m_l=-1,0,+1$, तीन $p$ कक्षक
$l=2$ (d) $m_l=-2,-1,0,+1,+2$, पाँच $d$ कक्षक
$l=3(f) \quad m_l=-3,-2,-1,0,+1,+2,+3$, सात कक्षक
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Question 402 Marks
नोडल पृष्ठ किसे कहते हैं तथा 4S कक्षक के लिए नोडल पृष्ठों की संख्या कितनी होगी?
Answer
वह क्षेत्र जहाँ पर इलेक्ट्रॉन प्रायिकता घनत्व शून्य होता है अर्थात् नाभिक के चारों ओर का वह स्थान जहाँ पर इलेक्ट्रॉन के पाए जाने की प्रायिकता लगभग शून्य होती है उसे नोडल पृष्ठ या त्रिज्य नोड कहते हैं। S कक्षक के लिए नोडल पृष्ठ = n 1, अतः 4s के लिए 3 नोडल पृष्ठ होंगे।
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Question 412 Marks
(a) यदि 3p उपकोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन है तो यह इलेक्ट्रॉन 3px 3py, तथा 3pz कक्षकों में से किसमें उपस्थित होगा?
(b) निम्नलिखित को प्रदर्शित करने वाली क्वान्टम संख्याएँ कौनसी हैं-
(i) कक्षकों का आकार
(ii) कक्षकों की आकृति
(iii) कक्षकों का अभिविन्यास
(c) किसी तत्त्व की द्रव्यमान संख्या उसकी परमाणु संख्या की दुगुनी है तथा इसके 2p उपकोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं तो इस तत्त्व का नाम तथा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
Answer
(a) 3p उपकोश में उपस्थित एक इलेक्ट्रॉन 3px 3py तथा 3pz. कक्षकों में से किसी में भी उपस्थित हो सकता है क्योंकि इन सभी कक्षकों की ऊर्जा समान है।
(b) (i) मुख्य क्वान्टम संख्या
(ii) द्विगंशीय क्वान्टम संख्या
(iii) चुम्बकीय क्वान्टम संख्या
(c) यह तत्त्व ऑक्सीजन है जिसकी द्रव्यमान संख्या (16) परमाणु संख्या (8) की दुगनी है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्नलिखित है- 80 = 1s2, 2s2, 2p2 जिसके 2p उपकोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं।
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Question 422 Marks
हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धान्त क्या है?समझाइए ।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 432 Marks
श्रोडिन्जर समीकरण की व्याख्या कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 442 Marks
विद्युत चुम्बकीय तरंग तथा द्रव्य तरंग में विभेद कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 452 Marks
किसी तत्त्व का रेखीय स्पेक्ट्रम उस तत्व का फिंगर प्रिन्ट कहलाता है, इस कथन को समझाइए।
Answer
प्रत्येक तत्त्व का अपना एक विशेष रेखीय स्पेक्ट्रम होता है अतः इससे अज्ञात परमाणुओं को पहचानने में उसी प्रकार प्रयुक्त किया जाता है जिस प्रकार फिंगर प्रिन्ट से व्यक्ति की पहचान की जाती है अतः रेखीय स्पेक्ट्रम को उस तत्त्व का फिंगर प्रिन्ट कहा जाता है।
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Question 462 Marks
(a) किसी गतिमान कण का वेग दो गुना करने पर उसके तरंगदैर्ध्य पर क्या प्रभाव होगा?
(b) किसी कक्षक में उपस्थित दो इलेक्ट्रॉनों का चक्रण विपरीत होता है, क्यों?
Answer
(a) वेग को दो गुना करने पर तरंगदैर्ध्य आधा हो जाएगा क्योंकि $\lambda=\frac{\mathrm{h}}{\mathrm{mv}}$ तथा $\frac{\mathrm{h}}{\mathrm{m}}$ स्थिर है।
(b) किसी कक्षक में उपस्थित दो इलेक्ट्रॉनों का चक्रण विपरीत होने पर उनमें प्रतिकर्षण कम होता है।
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Question 472 Marks
निम्नलिखित तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए -
(i) 29Cu
(ii) 42Mo
(iii) 46Pd
(iv) 47Ag
(v) 78Pt
(vi) 79Au
Answer
(i) ${ }_{29} \mathrm{Cu}=[\mathrm{Ar}] 3 d^{10} 4 s^1$
(ii) ${ }_{42} \mathrm{Mo}=[\mathrm{Kr}] 4 d^5 5 s^1$
(iii) ${ }_{46} \mathrm{Pd}=[\mathrm{Kr}] 4 d^{10} 5 s^0$
(iv) ${ }_{47} \mathrm{Ag}=[\mathrm{Kr}] 4 d^{10} 5 s^1$
(v) ${ }_{78} \mathrm{Pt}=[\mathrm{Xe}] 4 f^4 5 d^9 6 s^1$
(vi) ${ }_{79} \mathrm{Au}=[\mathrm{Xe}] 4 f^4 5 d^{10} 6 s^1$
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Question 482 Marks
हाइड्रोजन के एक परमाणु में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है फिर भी इसके स्पेक्ट्रम में बहुत-सी रेखाएँ दिखाई देती हैं, क्यों ?
Answer
हाइड्रोजन का एक परमाणु किसी एक समय पर एक ही उत्तेजित अवस्था में हो सकता है लेकिन स्पेक्ट्रम लेते समय परमाणुओं का एक समूह होता है जिसमें सभी सम्भव उत्तेजित अवस्थाएँ होती हैं अतः जब ये परमाणु निम्न ऊर्जा अवस्था में आते हैं तो उत्सर्जित स्पेक्ट्रम में एक साथ बहुत-सी रेखाएँ दिखाई देती हैं।
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Question 492 Marks
निम्नलिखित में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या बताइए -
(i) कोश
(ii) M कोश
(iii) उपकोश
(iv) d उपकोश
Answer
(i) किसी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या = 2n2
(ii) M कोश के लिए n = 3 अतः इसमें इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या = 2n2 = 2(3)2 = 18
(iii) किसी उपकोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या = 2 (2l + 1)
(iv) d उपकोश के लिए l = 2, अतः इसमें इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या = 2(2l + 1) = 2(2 x 2 + 1) = 10
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Question 502 Marks
हाइड्रोजन परमाणु में बोर कक्ष की त्रिज्या ज्ञात करने का सूत्र बताइए।
Answer
हाइड्रोजन परमाणु के किसी कक्षा की त्रिज्या
$\begin{aligned} r_n & =\frac{n^2 h^2}{4 \pi^2 m e^2} \\ r_n & =n^2 \times 0.529 \times 10^{-10} \mathrm{~m} \\ r_n & =n^2 \times 0.529 Å \\ r_n & =n^2 a_0\end{aligned}$
a0 = बोर  त्रिज्या = 0.529 Å = 52.9 Pm
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Question 512 Marks
परमाणु के थॉमसन मॉडल की व्याख्या कीजिए।
Answer
जे.जे. थॉमसन (1898) के अनुसार परमाणु एक समान आवेशित गोला होता है, जिस पर धनावेश समान रूप से वितरित रहता है तथा इसके ऊपर इलेक्ट्रॉन इस प्रकार धँसे रहते हैं कि स्थायी स्थिर वैद्युत व्यवस्था प्राप्त हो जाती है। इसे प्लम पुडिंग मॉडल या तरबूज मॉडल भी कहते हैं। इसमें धनावेश को पुडिंग या तरबूज तथा इलेक्ट्रॉन को प्लम या बीज की तरह माना गया है।
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Question 522 Marks
प्रकाश विद्युत प्रभाव किसे कहते हैं तथा इसके प्रयोग के परिणाम भी बताइए।
Answer
सक्रिय धातुओं जैसे K, Rb तथा Cs इत्यादि पर उपयुक्त आवृत्ति का प्रकाश डालने पर इनकी सतह से इलेक्ट्रॉनों का निष्कासन प्रकाश विद्युत प्रभाव कहलाता है तथा उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों को प्रकाश इलेक्ट्रॉन कहते हैं। इसके विस्तृत विवेचन के लिए भाग 2.3.2 देखें।
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Question 532 Marks
न्यूट्रॉन की खोज किस प्रकार हुई तथा इसके गुण क्या हैं?
Answer
चैडविक (1932) ने Be पर एल्फा (a) कणों के प्रहार से न्यूट्रॉन की खोज की। यह उदासीन कण होता है जो कि परमाणु के नाभिक में पाया जाता है तथा इसका द्रव्यमान प्रोटॉन से कुछ अधिक होता है।
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Question 542 Marks
कैनाल किरणों (धनावेशित कणों) के अभिलक्षण बताइए।
Answer
कैनाल किरणों के अभिलक्षण निम्नलिखित हैं-
(i) धनावेशित कण, कैथोड किरण नलिका में उपस्थित गैस की प्रकृति पर निर्भर करते हैं तथा ये साधारण धनावेशित गैसीय आयन होते हैं।
(ii) कणों के आवेश और द्रव्यमान का अनुपात उस गैस पर निर्भर करता है, जिससे ये उत्पन्न होते हैं।
(iii) कुछ धनावेशित कणों का विद्युत आवेश मूल इकाई का सरल गुणक होता है।
(iv) चुम्बकीय तथा विद्युत क्षेत्रों में इन कणों का व्यवहार इलेक्ट्रॉन अथवा कैथोड किरण के व्यवहार के विपरीत होता है।
(v) धन किरणों के प्रत्येक कण का द्रव्यमान विसर्जन नलिका में प्रयुक्त गैस के परमाणु भार के लगभग समान होता है।
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