Question 13 Marks
हाइड्रोजन आबंध की परिभाषा दीजिए। यह वान्हरवाल्स बलों की अपेक्षा पबल होते हैं या दर्बल?
Answer
View full question & answer→हाइड्रोजन आबन्ध (H-bond) - अधिक ध्रुवीय अणुओं जिनमें हाइड्रोजन उपस्थित होता है, आंशिक धनावेशित हाइड्रोजन परमाणु किसी दूसरे आंशिक ऋणावेशित विद्युत ऋणी परमाणु को अपनी ओर आकर्षित करता है तो इस आकर्षण बल को हाइड्रोजन आबन्ध कहते हैं। उदाहरण-HF तथा H₂O

अतः हाइड्रोजन आबन्ध उस आकर्षण बल को कहते हैं जो एक अणु के H-परमाणु को दूसरे अणु के विद्युत ऋणी परमाणु (F. O या N) से बांधे रखता है। हाइड्रोजन आबन्ध, वान्डरवाल बल से प्रबल होता है क्योंकि यह प्रबल द्विध्रुव द्विध्रुव आकर्षण है जबकि वान्डरवाल बल दुर्बल प्रकीर्णन बल (लंडन बल) होता है।

अतः हाइड्रोजन आबन्ध उस आकर्षण बल को कहते हैं जो एक अणु के H-परमाणु को दूसरे अणु के विद्युत ऋणी परमाणु (F. O या N) से बांधे रखता है। हाइड्रोजन आबन्ध, वान्डरवाल बल से प्रबल होता है क्योंकि यह प्रबल द्विध्रुव द्विध्रुव आकर्षण है जबकि वान्डरवाल बल दुर्बल प्रकीर्णन बल (लंडन बल) होता है।



