Questions

2 अंक वाले प्रश्न

Take a timed test

21 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 12 Marks
उन पदार्थों की सूची तैयार कीजिए, जिनमें कार्बन की -4 से +4 तक की तथा नाइट्रोजन की -3 से -5 तक की ऑक्सीकरण अवस्था होती है।
View full question & answer
Question 22 Marks
उस गैल्वेनी सेल को चित्रित कीजिए, जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
$
Zn(s)+2 Ag^{+}(aq) \longrightarrow Zn^{2+}(aq)+2 Ag(s)
$
अब बताइए कि-
( क ) कौनसा इलेक्ट्रोड ऋण आवेशित है?
( ख ) सेल में विद्युतधारा के वाहक कौन हैं?
( ग ) प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर होने वाली अभिक्रियाएँ क्या हैं?
Answer
इस अभिक्रिया के लिए गैल्वेनी सेल को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जाता है-
$
Zn(s)\left|Zn^{2+}(aq) \| Ag^{+}(aq)\right| Ag(s)
$
(क) उपर्युक्त सेल में Zn इलेक्ट्रोड (एनोड) ॠणावेशित होता है।
(ख) विद्युतधारा का प्रवाह इलेक्ट्रॉनों द्वारा होता है।
(ग) धनाग्र (एनोड) पर निम्नलिखित क्रिया होती है।
$Zn ( s ) \longrightarrow Zn ^{2+}( aq )+2 e^{-}($ऑक्सीकरण $)$
जबकि कैथोड (ॠणाग्र) पर निम्न अभिक्रिया होती है-
$2 Ag ^{+}( aq )+2 e^{-} \longrightarrow 2 Ag ( s )$ (अपचयन)
View full question & answer
Question 32 Marks
यौगिकों के रेखांकित तत्त्वों की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इन परिणामों को आप कैसे प्राप्त करते हैं :
Fe3O4
Answer
Fe3O4 में Fe की औसत ऑक्सीकरण संख्या निम्न प्रकार ज्ञात की जा सकती है-
Fe3 O4
$x-2$
$\begin{aligned} {[(x) \times 3]+[(-2) \times 4] } & =0 \\ x & =+\frac{8}{3}\end{aligned}$
यह संख्या भिन्नात्मक है अतः Fe3O4एक मिश्रित ऑक्साइड है जो कि FeO तथा Fe2O3 का मिश्रण है। FeO में Fe की ऑक्सीकरण संख्या +2 तथा में Fe की ऑक्सीकरण संख्या +3 है।
अतः Fe की औसत ऑक्सीकरण संख्या $FeO . Fe _2 O _3$
$\frac{+2+3+3}{3}=\frac{+8}{3}$
View full question & answer
Question 42 Marks
यौगिकों के रेखांकित तत्त्वों की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इन परिणामों को आप कैसे प्राप्त करते हैं :
H2S4O6
View full question & answer
Question 52 Marks
यौगिकों के रेखांकित तत्त्वों की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इन परिणामों को आप कैसे प्राप्त करते हैं :
KI3
Answer
KI3 में K की ऑक्सीकरण संख्या +1 है अतः I की औसत ऑक्सीकरण संख्या $-\frac{1}{3}$ होगी। यह अंश में है अतः इसकी संरचना निम्न प्रकार होगी-
$K ^{+}\left[ I - I \leftarrow I ]^{-}\right.$
अतः $K ^{+}[ I - I - I \leftarrow \stackrel{-1}{ I }]^{(-)}$ में $I _2$ अणु और $I ^{-}$ आयन के मध्य उप-सहसंयोजक बंध बनता है। $I _2$ उदासीन है, अतः इसमें प्रत्येक I परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या शून्य होगी तथा $I ^{-}$ की ऑक्सीकरण संख्या -1 है। अतः I की औसत ऑक्सीकरण संख्या $=\left[ I - I \leftarrow I ^{-}\right]$
$\frac{0+0-1}{3}=-\frac{1}{3}$
View full question & answer
Question 62 Marks
आवर्त सारणी की सहायता से निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
(क) संभावित अधातुओं के नाम बताइए, जो असमानुपातन की अभिक्रिया प्रदर्शित कर सकती हों।
(ख) किन्हीं तीन धातुओं के नाम बताइए, जो असमानुपातन अभिक्रिया प्रदर्शित कर सकती हों।
Answer
(क) फॉस्फोरस, क्लोरीन, सल्फर इत्यादि वे अधातुएँ हैं जो असमानुपातन की अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करती हैं। इनके द्वारा प्रदर्शित अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं-
$\begin{array}{r} P _4(s)+3 OH ^{-}( aq )+3 H _2 O (l) \longrightarrow PH _3(g)+3 H _2 PO _2^{-}( aq ) \\ Cl _2( aq )+2 OH ^{-}( aq ) \longrightarrow Cl ^{-}( aq )+ ClO ^{-}( aq )+ H _2 O (l)\end{array}$
$\begin{aligned} S _8(s)+12 OH ^{-}( aq ) \longrightarrow 4 S^{2-}( aq )+2 & S_2 O _3^{2-}( aq ) + & 6 H _2 O (l)\end{aligned}$
(ख) Cu, Ga तथा In इन्डियम वे धातुएँ हैं जो असमानुपातन अभिक्रिया प्रदर्शित करती हैं। इनके द्वारा प्रदर्शित क्रियाएँ निम्नलिखित है-
$\begin{aligned} 2 Cu ^{+}( aq ) & \longrightarrow Cu ^{2+}( aq )+ Cu ( s ) \\ 3 Ga ^{+}( aq ) & \longrightarrow Ga ^{3+}( aq )+2 Ga ( s ) \\ 3 In ^{+}( aq ) & \longrightarrow In ^{3+}( aq )+2 In ( s )\end{aligned}$
View full question & answer
Question 72 Marks
जल के शुद्धिकरण में क्लोरीन को प्रयोग में लाया जाता है। क्लोरीन की अधिकता हानिकारक होती है। सल्फर डाइऑक्साइड से अभिक्रिया करके इस अधिकता को दूर किया जाता है। जल में होने वाले इस अपचयोपचय परिवर्तन के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।
Answer
हल-उपर्युक्त अभिक्रिया को निम्न प्रकार से प्रदर्शित किया जाता है-
$
Cl_2(aq)+SO_2(aq)+H_2 O(l) \longrightarrow Cl^{-}(aq)+SO_4^{2-}(aq)
$
इस अभिक्रिया को संतुलित करने पर-
$
\begin{array}{r}
Cl_2(aq)+SO_2(aq)+2 H_2 O(l) \longrightarrow 2 Cl^{-}(aq)+SO_4^{2-}(aq)+ 4 H^{+}(aq)
\end{array}
$
इस अभिक्रिया में $Cl _2$ अपचयित होती है तथा यह HCl बनाती है जबकि $SO _2$ का ऑक्सीकरण होता है तथा यह $H _2 SO _4$ बनाती है।
View full question & answer
Question 82 Marks
$Cs , Ne , I$ तथा F में ऐसे तत्त्व की पहचान कीजिए, जो
(क) केवल ऋणात्मक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
(ख) केवल धनात्मक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
(ग) ऋणात्मक तथा धनात्मक दोनों ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
(घ) न ऋणात्मक और न ही धनात्मक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
Answer
(क) फ्लुओरीन आवर्त सारणी का सबसे अधिक विद्युतऋणी तत्त्व है, अतः इसकी ऑक्सीकरण अवस्था केवल -1 होती है।
(ख) Cs आवर्त सारणी का सबसे अधिक विद्युतधनी तत्त्व है, अतः यह सदैव +1 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
(ग) आयोडीन वह हैलोजन है जो ऋणात्मक तथा धनात्मक दोनों ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है। अंतर हैलोजन यौगिकों में यह धनात्मक (+ 1, +3, +5 तथा 7) जबकि अन्य यौगिकों में यह ऋणात्मक (-1) ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाता है।
(घ) Ne एक उत्कृष्ट गैस है, इसकी रासायनिक अभिक्रियाएँ करने की प्रवृत्ति नहीं होती है। अतः यह न तो ऋणात्मक और न ही धनात्मक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करती है।
View full question & answer
Question 92 Marks
निम्नलिखित अभिक्रियाओं पर ध्यान दीजिए-
( क ) $H _3 PO _2( aq )+4 AgNO _3( aq )+2 H _2 O (l) \longrightarrow$$H_3 PO_4(aq)+4 Ag(s)+4 HNO_3(aq)$
( ख ) $H _3 P O _2( a q )+ 2 C u S O C _4( a q )+ 2 H _2 O (l)\longrightarrow$$H_3 PO_4(aq)+2 Cu(s)+H_2 SO_4(aq)$
( ग ) $C _6 H _5 CHO (l)+2\left[ Ag \left( NH _3\right)_2\right]^{+}( aq )+3 \overline{ O } H ( aq )$ $\longrightarrow C _6 H _5 C O O ^{-}( a q )+ 2 A g ( s )+$$4 NH_3(aq)+2 H_2 O(l)$
( घ ) $C _6 H _5 C H O (l)+2 Cu ^{2+}( aq )+5 \overline{ O } H ( aq )\longrightarrow$ कोई परिवर्तन नहीं।
इन अभिक्रियाओं से $A g ^{+}$तथा $C u ^{2+}$ के व्यवहार के विषय में निष्कर्ष निकालिए।
Answer
उपर्युक्त अभिक्रियाओं में $Ag ^{+}$तथा $Cu ^{2+}$ के व्यवहार के बारे में निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं-
(i) $Ag ^{+}$तथा $Cu ^{2+}$ दोनों ऑक्सीकारक पदार्थ हैं क्योंकि अभिक्रिया (क) तथा (ख) यह दर्शाती है कि $Ag ^{+}$तथा $Cu ^{2+}$ दोनों आयन $H _3 PO _2$ को $H _3 PO _4$ में ऑक्सीकृत कर रहे हैं तथा स्वयं Ag तथा Cu में अपचयित हो रहे हैं अतः $H _3 PO _2$ अपचायक है।
(ii) अभिक्रिया (ग) से ज्ञात होता है कि $\left[ Ag \left( NH _3\right)_2\right]^{+}$आयन $C _6 H _5 CHO$ को $C _6 H _5 CO \overline{ O }$ में ऑक्सीकृत कर रहा है परन्तु अभिक्रिया (घ) के अनुसार $Cu ^{2+}$ ऐसा नहीं कर रहा है। अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि $Ag ^{+}, Cu ^{2+}$ की अपेक्षा प्रबल ऑक्सीकारक है।
View full question & answer
Question 102 Marks
निम्नलिखित अभिक्रिया क्यों होती है-
$XeO _6^{4-}( aq )+2 F^{-}( aq )+6 H ^{+}( aq ) {\longrightarrow} XeO _3(g)+{F_2(g)+3 H _2 O (l)}$
यौगिक $Na _4 XeO _6$ ( जिसका एक भाग $XeO _6{ }^{4-}$ है ) के बारे में आप इस अभिक्रिया से क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
Answer
इस रासायनिक अभिक्रिया में $XeO _6{ }^{4-}$ का $XeO _3$ में अपचयन हो रहा है तथा $F ^{-}, F _2$ में ऑक्सीकृत हो रही है।
यौगिक $Na _4 XeO _6$ तथा इससे बना आयन $XeO _6{ }^{4-}$ भी $F _2$ से प्रबल ऑक्सीकारक पदार्थ है अतः यह अभिक्रिया होती है। इस अभिक्रिया में ऑक्सीकरण अंक में परिवर्तन निम्न प्रकार होता है-
$\stackrel{+8}{ Xe }$$O _6^{4-}( aq )$ $+2 F^{-}( aq )+6 H ^{+}( aq ) \longrightarrow$$\stackrel{+8}{ Xe }$$O _3( s )+\stackrel{0}{F_2}(g)+3 H _2 O (l)$
View full question & answer
Question 112 Marks
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में एक ही अपचायक थायोसल्फेट, आयोडीन तथा ब्रोमीन से अलग-अलग प्रकार से अभिक्रिया क्यों करता है?
$\begin{aligned} 2 S_2 O _3{ }^{2-}( aq )+ I _2(s) \longrightarrow & S _4 O _6{ }^{2-}( aq )+2 I ^{-}( aq ) \\ S _2 O _3{ }^{2-}( aq )+2 Br _2(l)+5 H _2 O (l) \longrightarrow & 2 SO _4{ }^{2-}( aq )+ 4 Br ^{-}( aq )+10 H ^{+}( aq )\end{aligned}$
Answer
दिया गया अपचायक सोडियम थायोसल्फेट $\left( Na _2 S_2 O _3\right)$ है जिसमें S के ऑक्सीकरण अंक में परिवर्तन निम्न प्रकार होता है-
$S _2 O _3{ }^{2-} \longrightarrow S _4 O _6{ }^{2-}$ तथा $SO _4{ }^{2-}$
O.S. $=+2 \quad$ O.S.(2.5) O.S.(+6)
$\because$ ब्रोमीन, आयोडीन से प्रबल ऑक्सीकारक है अतः यह $S _2 O _3{ }^{2-}$ $\left( S\right.$ की O.S. + 2) को $SO _4{ }^{2-}( S$ की O.S. +6) में ऑक्सीकृत कर देता है, जबकि $I _2$ एक दुर्बल ऑक्सीकारक है। अतः यह $S _2 O _3{ }^{2-}$ (S की O.S. +2) को $S _4 O _6{ }^{2-}( S$ की O.S. + 2.5) में ऑक्सीकृत करता है। इसी कारण $S _2 O _3{ }^{2-}$ ब्रोमीन तथा आयोडीन से भिन्न-भिन्न प्रकार से अभिक्रिया करता है।
View full question & answer
Question 122 Marks
$AgF _2$ एक अस्थिर यौगिक है। यदि यह बन जाए, तो यह यौगिक एक अति शक्तिशाली ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करता है। क्यों?
View full question & answer
Question 132 Marks
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किस पदार्थ का उपचयन (ऑक्सीकरण) तथा किस पदार्थ का अपचयन हो रहा है?
(i) $Sn ^{2+}+2 Fe ^{3+} \longrightarrow Sn ^{4+}+ Fe ^{2+}$
(ii) $Z n + Fe ^{2+} \longrightarrow Z n ^{2+}+ F e$
(iii) $2 N a + C l _2 \longrightarrow 2 N a C l$
(iv) $M g +2 H ^{+} \longrightarrow M g ^{2+}+ H _2$
Answer
(i) $Sn ^{2+}$ का ऑक्सीकरण तथा $Fe ^{3+}$ का अपचयन हो रहा है।
(ii) Zn का ऑक्सीकरण तथा $Fe ^{2+}$ का अपचयन हो रहा है।
(iii) Na का ऑक्सीकरण तथा $Cl _2$ का अपचयन हो रहा है।
(iv) Mg का ऑक्सीकरण तथा $H ^{+}$आयन का अपचयन हो रहा है।
View full question & answer
Question 142 Marks
अपचयन अभिक्रिया की विभिन्न परिभाषाएँ दीजिए।
Answer
अपचयन अभिक्रिया वह है जिसमें-
(i) किसी पदार्थ का हाइड्रोजन के साथ संयोग होता है।
(ii) धन विद्युतीय तत्त्व से संयोग होता है।
(iii) ऑक्सीजन पृथक् होती है।
(iv) किसी स्पीशीज में इलेक्ट्रॉन जुड़ते हैं।
(v) ऑक्सीकरण अंक में कमी होती है।
View full question & answer
Question 152 Marks
(a) वह कौनसा हैलाइड आयन है जिसका ऑक्सीकरण रासायनिक विधि से नहीं किया जा सकता तथा इसका ऑक्सीकरण कैसे किया जाता है?
(b) क्लोरीन की विरंजक क्रिया को समझाइए।
Answer
(a) F- (फ्लुओराइड आयन) का ऑक्सीकरण रासायनिक विधि से नहीं किया जा सकता क्योंकि फ्लुओरीन की विद्युत ऋणता सर्वाधिक है अत: $F ^{-}$का ऑक्सीकरण विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है।
(b) क्लोरीन नमी की उपस्थिति में विरंजक का कार्य करती है। इसमें $ClO ^{-}$तथा $Cl ^{-}$बनते हैं, $ClO ^{-}$(हाइपोक्लोराइट आयन) रंग को ऑक्सीकृत करके रंगहीन कर देता है।
View full question & answer
Question 162 Marks
अपचयोपचय अनुमापन क्या होते हैं? समझाइए।
Answer
स्वप्रयत्न
View full question & answer
Question 172 Marks
धातु तथा अधातु विस्थापन अभिक्रियाओं के दो-दो समीकरण लिखिए।
View full question & answer
Question 182 Marks
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं में ऑक्सीकारक तथा अपचायक को पहचानिये।
(i) $2 M g + S O _2 \longrightarrow 2 M g O + S$
(ii) $2 Cu ^{2+}+4 I ^{-} \longrightarrow 2 CuI + I _2$
(iii) $SO _2+2 H _2 S \longrightarrow 2 H _2 O +3 S$
(iv) $S n ^{2+}+ 2 H g ^{ 2 + } \longrightarrow H g _2{ }^{2+}+ S n ^{ 4 }$
Answer
(i) $SO _2$ ऑक्सीकारक है जबकि Mg अपचायक है।
(ii) $Cu ^{2+}$ ऑक्सीकारक है जबकि $I ^{-}$अपचायक है।
(iii) $SO _2$ ऑक्सीकारक है जबकि $H _2 S$ अपचायक है।
(iv) $Hg ^{2+}$ ऑक्सीकारक है जबकि $Sn ^{2+}$ अपचायक है।
View full question & answer
Question 192 Marks
वे यौगिक बताइए जिनमें (i) ऑक्सीजन का ऑक्सीकरण अंक +2 है।
(ii) ऑक्सीजन का ऑक्सीकरण अंक +1 है।
(iii) क्लोरीन का ऑक्सीकरण अंक +1 है।
Answer
(i) $OF _2$ (ii) $H _2 O _2$ (iii) ClF
View full question & answer
Question 202 Marks
स्टॉक संकेतन (Stock Notation) क्या होता है? उदाहरण सहित बताइए।
Answer
वैज्ञानिक अल्फ्रेट स्टॉक के अनुसार यौगिकों में धातु की ऑक्सीकरण अवस्था को रोमन संख्या में कोष्ठक में लिखा जाता है, इसे स्टॉक संकेतन कहते हैं। जैसे- ऑरस क्लोराइड को $Au ( I ) Cl$ तथा ऑरिक क्लोराइड को $Au ( III ) Cl _3$ के रूप में लिखा जाता है। इसी प्रकार स्टेनस क्लोराइड को $Sn ( II ) Cl _2$ तथा स्टेनिक क्लोराइड को $Sn ( IV ) Cl _4$ लिखा जाता है।
View full question & answer
Question 212 Marks
निम्नलिखित की कारण सहित व्याख्या कीजिए-
(i) $CuSO _4$ के विलयन में डूबी लोहे की कीलों पर ताँबा जमा हो जाता है।
(ii) Na, साधारण ताप पर जल से अभिक्रिया करता है जबकि $M g$, गरम जल से अभिक्रिया करता है।
Answer
(i) $Fe , Cu$ से अधिक क्रियाशील धातु है, चूंकि अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित कर देती है। अतः यहाँ निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
$
Fe(s)+CuSO_4(aq) \longrightarrow FeSO_4(aq)+Cu(s)
$
इस प्रकार से मुक्त कॉपर लोहे की कीलों पर जमा हो जाता है।
(ii) $Na , Mg$ की अपेक्षा अधिक क्रियाशील धातु है। अतः Na , साधारण ताप पर जल से अभिक्रिया करता है जबकि Mg गरम जल से अभिक्रिया करता है।
View full question & answer