(क) फ्लुओरीन आवर्त सारणी का सबसे अधिक विद्युतऋणी तत्त्व है, अतः इसकी ऑक्सीकरण अवस्था केवल -1 होती है।
(ख) Cs आवर्त सारणी का सबसे अधिक विद्युतधनी तत्त्व है, अतः यह सदैव +1 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
(ग) आयोडीन वह हैलोजन है जो ऋणात्मक तथा धनात्मक दोनों ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है। अंतर हैलोजन यौगिकों में यह धनात्मक (+ 1, +3, +5 तथा 7) जबकि अन्य यौगिकों में यह ऋणात्मक (-1) ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाता है।
(घ) Ne एक उत्कृष्ट गैस है, इसकी रासायनिक अभिक्रियाएँ करने की प्रवृत्ति नहीं होती है। अतः यह न तो ऋणात्मक और न ही धनात्मक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करती है।