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Question 12 Marks
2A $\rightleftharpoons$ B + C अभिक्रिया के लिए Kc का मान 2 $\times$ 10-3 है।
दिए गए समय में अभिक्रिया-मिश्रण का संघटन है। अभिक्रिया कौन सी दिशा में अग्रसित होगी?
Answer
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Question 22 Marks
इस साम्य $2 \mathrm{NOCl}(\mathrm{g}) \rightleftharpoons 2 \mathrm{NO}(\mathrm{g})+\mathrm{Cl}_{2}(\mathrm{~g})$ हेतु 1069K ताप पर साम्य स्थिारांक Kc का मान 3.75 $\times$ 10-6 है। इस ताप पर उक्त अभिक्रिया के लिए Kp की गणना कीजिए।
Answer
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Question 32 Marks
500K पर PCl5, PCl3 और Cl2 साम्यावस्था में हैं तथा सांद्रताएँ क्रमशः 1.41M, 1.59M एवं 1.59M हैं।
अभिक्रिया $\mathrm{PCl}_{5} \rightleftharpoons \mathrm{PCl}_{3}+\mathrm{Cl}_{2}$ के लिए Kc की गणना कीजिए।
Answer
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Question 42 Marks
0.10M NaOH में Ni (OH)2 की मोलर विलेयता की गणना किजिए। Ni (OH)2 का आयनिक गुणनफल 2.0 $\times$ 10-15 है।
Answer
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Question 52 Marks
यह मानते हुए कि किसी भी प्रकार के आयन जल से अभिक्रिया नहीं करते, शुद्ध जल में A2X3 की विलेयता की गणना कीजिए। A2X3 का विलेयता गुणनफल $K_{\mathrm{sp}}$ = $1.1 \times 10^{-23}$ है।
Answer
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Question 62 Marks
ऐसीटिक अम्ल का pKa तथा अमोनियम हाइड्रॉक्साइड का pKb क्रमशः 4.76 और 4.75 है। अमोनियम ऐसीटेट विलयन की pH की गणना कीजिए।
Answer
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Question 72 Marks
0.2M NH4Cl तथा 0.1M NH3 के मिश्रण से बने विलयन के pH की गणना कीजिए। NH3 विलयन की pKb = 4.75 है।
Answer
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Question 82 Marks
800K पर अभिक्रिया $\mathrm{N}_{2}(\mathrm{~g})+\mathrm{O}_{2}(\mathrm{~g}) \rightleftharpoons 2 \mathrm{NO}(\mathrm{g})$ के लिए साम्यावस्था सांद्रताएँ निम्नलिखित हैं-
N2 = 3.0 $\times$ 10−3M, O= 4.2 $\times$ 10−3M
तथा NO = 2.8 $\times$10−3M
अभिक्रिया के लिए Kc का मान क्या होगा?
Answer
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Question 92 Marks
0.004M हाइड्रेजीन विलयन का pH 9.7 है। इसके Kb तथा pKb की गणना कीजिए।
Answer
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Question 102 Marks
पेय पदार्थ के नमूने में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता $3.8 \times 10^{-3} \mathrm{M}$ है। इसका pH क्या होगा?
Answer
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Question 112 Marks
निम्नलिखित को लूइस अम्लों तथा क्षारकों में वर्गीकृत कीजिए और बताइए कि ये ऐसा व्यवहार क्यों दर्शाते हैं?
  1. HO-
  2. F-
  3. H+
  4. BCl3
Answer
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Question 122 Marks
स्पीशीज़ H2O, $\mathrm{HCO}_{3}^{-}, \mathrm{HSO}_{4}^{-}$ तथा NH3 ब्राँस्टेड अम्ल तथा क्षारक दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।
Answer
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Question 132 Marks
ब्रन्स्टेद क्षारकों $\mathrm{NH}_{2}^{-}$, NH3 तथा HCOOके लिए संगत ब्रन्स्टेद अम्ल लिखिए।
Answer
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Question 142 Marks
निम्नलिखित ब्रन्स्टेद अम्लों के लिए संयुग्मी क्षारक क्या है?
HF, H2SO4 तथा $\mathrm{HCO}_{3}^{-}$
Answer
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Question 152 Marks
सूक्रोस के जल-अपघटन से ग्लूकोस और फ्रक्टोस निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार मिलता है-
सूक्रोस + H2O $\rightleftharpoons$ ग्लूकोस + फ्रक्टोस
300K पर अभिक्रिया के लिए साम्यावस्था स्थिरांक $K_{c}, 2 \times 10^{13}$ है। 300K पर $\Delta \mathrm{G}^{\ominus}$ के मान की गणना कीजिए।
Answer
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Question 162 Marks
ग्लाइकोलाइसिस में ग्लूकोस के फॉस्फोराइलेशन के लिए $\Delta G^{\ominus}$ का मान 13.8kJ mol-1 है। 298K पर Kc का मान ज्ञात करें।
Answer
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Question 172 Marks
500K पर N2 तथा H2 से NH3 बनने के दौरान साम्यावस्था में निम्नलिखित सांद्रताएँ प्राप्त हुईः $\left[\mathrm{N}_{2}\right]=1.5 \times 10^{-2} \mathrm{M},$$\left[\mathrm{H}_{2}\right]=3.0 \times 10^{-2} \mathrm{M}$ तथा $\left[\mathrm{NH}_{3}\right]=1.2 \times 10^{-2} \mathrm{M}$. साम्यावस्था स्थिरांक की गणना कीजिए।
Answer
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Question 182 Marks
निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार नाइट्रिक ऑक्साइड Br2 से अभिक्रिया कर नाइट्रोसिल ब्रोमाइड बनाती है-
$2 \mathrm{NO}(g)+\mathrm{Br}_{2}(g) \rightleftharpoons 2 \mathrm{NOBr}(g) $
जब स्थिर ताप पर एक बंद पात्र में 0.087 मोल NO एवं 0.437 मोल Br2 मिश्रित किए जाते हैं, तब 0.0518 मोल NOBr प्राप्त होती है। NO एवं Br2 की साम्य मात्रा ज्ञात कीजिए।
Answer
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Question 192 Marks
फैरस सल्फेट तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सांद्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो। (आयरन सल्फाइड के लिए $K_{\mathrm{sp}}=6.3 \times 10^{-18}$)
Answer
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Question 202 Marks
साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?
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Question 212 Marks
310K पर जल का आयनिक गुणनफल $2.7 \times 10^{-14}$ है। इसी तापक्रम पर उदासीन जल की pH ज्ञात कीजिए।
Answer
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Question 222 Marks
निम्नलिखित लवणों के जलीय विलयनों के उदासीन, अम्लीय तथा क्षारीय होने की प्रागुक्ति कीजिए-
NaCl, KBr, NaCN, NH4NO3, NaNO2 तथा KF
Answer
NaCN, NaNO2, KF विलयन क्षारीय प्रकृति के होते हैं क्योंकि ये प्रबल क्षारक तथा दुर्बल अम्ल के लवण होते हैं। NaCl, KBr विलयन उदासीन प्रकृति के होते हैं क्योंकि ये प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षारक के लवण होते हैं। NH4NO3 विलयन अम्लीय प्रकृति का होता है क्योंकि यह प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षारक को लवण होता है।
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Question 232 Marks
साम्य $\mathrm{NO}(g)+\mathrm{O}_{3}(g) \rightleftharpoons \mathrm{NO}_{2}(g)+\mathrm{O}_{2}(g)$ के लिए 1000K  पर $K_{c} =6.3 \times 10^{14}$ है। साम्य में अग्र एवं प्रतीप दोनों अभिक्रियाएँ प्राथमिक रूप से द्विअणुक हैं। प्रतीप अभिक्रिया के लिए Kc क्या है?
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Question 242 Marks

Kp के मान से निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए।
(i) 2NOCI(g) ⇌ 2NO(g) + Cl2(g); K, ⇌ 1.8×10-2 at 500 K
(ii) CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g); K, ⇌ 167 at 1073 K

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Question 252 Marks
0.01M कार्बनिक अम्ल (HA) के विलयन की pH, 4.15 है। इसके ऋणायन की सांद्रता, अम्ल का आयनन स्थिरांक तथा pKa मान परिकलित कीजिए।
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Question 262 Marks
सिरके के एक नमूने की pH, 3.76 है, इसमें हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात कीजिए।
Answer

∴ log [H+]=-3.76
या [H+] = antilog (-3.76) = antilog 4.24 = 1.74×10-4 M

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Question 272 Marks
एक मृदु पेय के नमूने में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता 3.8 $\times$ 10-3 M है। उसकी pH परिकलित कीजिए।
Answer
pH=-log[H+]=-log(3.8×10-3)= 2.42
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Question 282 Marks
निम्नलिखित स्पीशीज को लुईस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लुईस अम्ल-क्षारक के समान कार्य करते हैं
  1. OH-
  2. F-
  3. H+
  4. BCl3
Answer

(i) OH इलेक्ट्रॉन युग्म दान कर सकता है, अतः यह लुइस क्षारक है।
(ii) F इलेक्ट्रॉन युग्म दान कर सकता है, अतः यह लुइस क्षारक है।
(iii) H+ इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकता है, अतः यह लुइस अम्ले है।
(iv) BCl3 इलेक्ट्रॉन न्यून स्पीशीज है, अतः यह लुइस अम्ल है।

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Question 292 Marks
स्पीशीज़ H2O, $\mathrm{HCO}_{3}^{-}, \mathrm{HSO}_{4}^{-}$ तथा NH3 ब्राँस्टेड अम्ल तथा क्षारक दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।
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Question 302 Marks
ब्राँस्टेड क्षारकों $\mathrm{NH}_{2}^{-}$, NH3 तथा HCOO- के संयुग्मी अम्ल लिखिए।
Answer

NH3, NH+4, HCOOH
(संयुग्मी अम्ल ⇌ संयुग्मी क्षारक +H+)

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Question 312 Marks
निम्नलिखित ब्राँस्टेड अम्लों के लिए संयुग्मी क्षारकों के सूत्र लिखिए-
HF, H2SO4 एवं $\mathrm{HCO}_{3}^{-}$
Answer

F,HSO4 तथा CO2-3
(संयुग्मी क्षारक ⇌ संयुग्मी अम्ल H+)

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Question 322 Marks
निम्नलिखित में से कौन-से लुईस अम्ल हैं?
$\mathrm{H}_{2} \mathrm{O}, \mathrm{BF}_{3}, \mathrm{H}^{+}, \mathrm{NH}_{4}^{+} $
Answer
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Question 332 Marks
संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षारक बताइए-
HNO2, CN-, HClO4, F-, OH-, $\mathrm{CO}_{3}^{2-}$ एवं S2-
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Question 342 Marks
$\mathrm{CO}(g)+3 \mathrm{H}_{2}(g) \rightleftharpoons \mathrm{CH}_{4}(g)+\mathrm{H}_{2} \mathrm{O}(g);$ एक लीटर फ्लास्क में 1300K पर साम्यावस्था में है। इसमें CO के 0.3 मोल, H2 के 0.01 मोल, H2O के 0.02 मोल एवं CH4 की अज्ञात मात्रा है। दिए गए ताप पर अभिक्रिया के लिए Kc का मान 3.90 है। मिश्रण में CH4 की मात्रा ज्ञात कीजिए।
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Question 352 Marks

25°C पर अभिक्रिया 3O2(g)⇌ 2O3 (g) के लिए K. का मान 2.0 x 10-50है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सान्द्रता 1.6 x 10-2 है तो की सान्द्रता क्या होगी?

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Question 362 Marks

बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता सुप्रेक्ष्य होगी?
(क) Cl2(g) ⇌ 2Cl(g) Kc=5×10-39
(ख) Cl2(g) + 2NO(g) ⇌ 2NOCI(g) Kc = 3.7×108
(ग) Cl2(g) + 2NO2(g) ⇌ 2NO2Cl(g) Kc = 1.8

Answer
अभिक्रिया (ग) जिसके लिए Kन उच्च और न निम्न में अभिकारकों तथा उत्पादों की सान्द्रता सुप्रेक्ष्य होगी।
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Question 372 Marks
एक निश्चित ताप पर एवं कुल दाब 10Pa पर आयोडीन वाष्प में आयतानुसार 40% आयोडीन परमाणु होते हैं।
$\mathrm{I}_{2}(g) \rightleftharpoons 2 \mathrm{I}(g) $
साम्य के लिए Kp की गणना कीजिए।
Answer
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Question 382 Marks

साम्य $2 \mathrm{H}_{2}(g)+\mathrm{CO}(g) \rightleftharpoons \mathrm{CH}_{2} \mathrm{OH}(g)$ पर प्रभाव बताइए-
(क) H2 मिलाने पर
(ख) CH3OH मिलाने पर
(ग) CO हटाने पर
(घ) CH3OH हटाने पर।

Answer

(क) साम्यावस्था अग्र दिशा में विस्थापित होगी।
(ख) साम्यावस्था पश्च दिशा में विस्थापित होगी।
(ग) साम्यावस्था पश्च दिशा में विस्थापित होगी।
(घ) साम्यावस्था अग्र दिशा में विस्थापित होगी।

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Question 392 Marks

निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-
$\mathrm{CH}_{4}(\mathrm{~g})+\mathrm{H}_{2} \mathrm{O}(\mathrm{g}) $ $\rightleftharpoons \mathrm{CO}(g)+3 \mathrm{H}_{2}(g)$
(क) उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए Kp का व्यंजक लिखिए।
(ख) Kp एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा, यदि?
(i) दाब बढ़ा दिया जाए।
(ii) ताप बढ़ा दिया जाए।
(iii) उत्प्रेरक प्रयुक्त किया जाए।

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Question 402 Marks
निम्नलिखित में से दाब बढ़ाने पर कौन-कौन सी अभिक्रियाएँ प्रभावित होंगी? यह भी बताएँ कि दाब परिवर्तन करने पर अभिक्रिया अग्र या प्रतीप दिशा में गतिमान होगी?
  1. $\mathrm{COCl}_{2}(g) \rightleftharpoons \mathrm{CO}(g)+\mathrm{Cl}_{2}(g)$
  2. $\mathrm{CH}_{4}(g)+2 \mathrm{~S}_{2}(g) $ $\rightleftharpoons \mathrm{CS}_{2}(g)+2 \mathrm{H}_{2} \mathrm{~S}(g)$
  3. $\mathrm{CO}_{2}(g)+\mathrm{C}(s) \rightleftharpoons 2 \mathrm{CO}(g)$
  4. $2 \mathrm{H}_{2}(g)+\mathrm{CO}(g) \rightleftharpoons \mathrm{CH}_{3} \mathrm{OH}(\mathrm{g})$
  5. $\mathrm{CaCO}_{3}(s) \rightleftharpoons \mathrm{CaO}(s)+\mathrm{CO}_{2}(g)$
  6. $4 \mathrm{NH}_{3}(g)+5 \mathrm{O}_{2}(g) $ $\rightleftharpoons 4 \mathrm{NO}(g)+6 \mathrm{H}_{2} \mathrm{O}(g)$
Answer

वे अभिक्रियाएँ प्रभावित होंगी जिनमें (n, #n,) हो। अत: अभिक्रियाएँ (i), (iii), (iv), (v) तथा (vi) प्रभावित होंगी। ला-शातेलिए सिद्धान्त के अनुसार हम अभिक्रियाओं की दिशा प्रागुप्त कर सकते हैं।

  1. np = 2, nr = 1 अर्थात् np > nr, अतः अभिक्रिया पश्चे दिशा में होगी।
  2. np = 3, nr = 3 अर्थात् np = nr, अतः अभिक्रिया दाब से प्रभावित नहीं होगी।
  3. np = 2, nr = 1 अर्थात् np >nr, अतः अभिक्रिया पश्च दिशा में होगी।
  4. np = 1, nr = 3 अर्थात् np <nr, अत: अभिक्रिया अग्र दिशा में होगी।
  5. np = 1, nr = 0 अर्थात् np > nr, अत: अभिक्रिया पश्च दिशा में होगी।
  6. np = 10, nr = 9 अर्थात् np >nr, अतः अभिक्रिया पश्च दिशा में होगी।
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Question 412 Marks

निम्नलिखित में से प्रत्येक साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
(क) PCl2(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)
(ख) CaO(s) + CO2(g) ⇌ CaCO3(s)
(ग) 3Fe(s) + 4H2O(g) ⇌ Fe3O4(s) + 4H2(g)

Answer

लोशातेलिए सिद्धान्त के अनुसार दाब कम करने पर उत्पादों के मोलों की संख्या
(क) बढ़ेगी,
(ख) घटेगी,
(ग) समान रहेगी।

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Question 422 Marks
ब्रोमीन मोनोक्लोराइड BrCl विघटित होकर ब्रोमीन एवं क्लोरीन देता है तथा साम्य स्थापित होता है
$2 \mathrm{BrCl}(g) \rightleftharpoons \mathrm{Br}_{2}(g)+\mathrm{Cl}_{2}(g)$
इसके लिए 500K पर Kc = 32 है। यदि प्रारंभ में BrCl की सांद्रता 3.3 $\times$ 10-3 mol L-1 हो, तो साम्य पर मिश्रण में इसकी सांद्रता क्या होगी?
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Question 432 Marks
अभिक्रिया, $\mathrm{N}_{2}(g)+3 \mathrm{H}_{2}(g) \rightleftharpoons 2 \mathrm{NH}_{3}(g)$ के लिए (500K पर) साम्य स्थिरांक K= 0.061 है। एक विशेष समय पर मिश्रण का संघटन इस प्रकार है : $3.0 \mathrm{~mol} \mathrm{~L}^{-1} \mathrm{~N}_{2}, $ $2.0\mathrm{mol} \mathrm{L}^{-1} \mathrm{H}_{2}$ एवं 0.5mol L-1NH3। क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं, तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसर होगी?
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Question 442 Marks
निम्न साम्य के लिए Kc क्या होगा, यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सांद्रताएँ निम्नलिखित हों-
[O2] = 0.82M एवं [SO3] = 1.90M
$2 \mathrm{SO}_{2}(\mathrm{g})+\mathrm{O}_{2}(\mathrm{~g}) \rightleftharpoons 2 \mathrm{SO}_{3}(\mathrm{~g})$
Answer
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Question 452 Marks
437K ताप पर निर्वात में PCl5 का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCl5 की सांद्रता $0.5 \times 10^{-1} \mathrm{~mol} \mathrm{~L}^{-1}$ पाई गई, यदि Kc का मान 8.3 $\times$ 10-3 है, तो साम्य पर PCl3 एवं Cl2 की सांद्रताएँ क्या होंगी?
$\mathrm{PCl}_{5}(g) \rightleftharpoons \mathrm{PCl}_{3}(g)+\mathrm{Cl}_{2}(g) $
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Question 462 Marks
700K ताप पर अभिक्रिया, $\mathrm{H}_{2}(g)+\mathrm{I}_{2}(g) \rightleftharpoons 2 \mathrm{HI}(g)$ के लिए साम्य स्थिरांक 54.8 है। यदि हमने शुरू में HI(g) लिया हो, 700K ताप पर साम्य स्थापित हो, तथा साम्य पर 0.5mol L-1HI(g) उपस्थित हो, तो साम्य पर H2(g) एवं I2(g) की सांद्रताएँ क्या होंगी?
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Question 472 Marks
H2O का एक मोल एवं CO का एक मोल 725K ताप पर 10L के पात्र में लिए जाते हैं। साम्य पर 40% जल (भारात्मक) CO के साथ निम्नलिखित समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करता है-
$\mathrm{H}_{2} \mathrm{O}(g)+\mathrm{CO}(g) \rightleftharpoons \mathrm{H}_{2}(g)+\mathrm{CO}_{2}(g)^{\text {}}$
अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
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Question 482 Marks
एक गैस अभिक्रिया के लिए,
$K_{c}=\frac{\left[\mathrm{NH}_{3}\right]^{4}\left[\mathrm{O}_{2}\right]^{5}}{[\mathrm{NO}]^{4}\left[\mathrm{H}_{2} \mathrm{O}\right]^{6}}$ है, तो
इस व्यंजक के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
Answer

4NO(g) +6H2O(g) ⇌ 4NH3 (g) +5O2(g)

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Question 492 Marks
500K ताप पर एक 20L पात्र में N2 के 1.57 मोल, H2 के 1.92 मोल एवं NH3 के 8.13 मोल का मिश्रण लिया जाता है।
अभिक्रिया, $\mathrm{N}_{2}(g)+3 \mathrm{H}_{2}(g) \rightleftharpoons 2 \mathrm{NH}_{3}(g)$ के लिए Kc का मान 1.7 $\times$ 102 है। क्या अभिक्रिया मिश्रण साम्य में है? यदि नहीं, तो परिणामी अभिक्रिया की दिशा क्या होगी?
Answer
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Question 502 Marks
HI(g) का एक नमूना 0.2atm दाब पर एक फ्लास्क में रखा जाता है। साम्य पर HI(g) का आंशिक दाब 0.04atm है। यहाँ दिए गए साम्य के लिए Kp का मान क्या होगा?
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Question 512 Marks
साम्य $2 \mathrm{SO}_{2}(g)+\mathrm{O}_{2}(g) $ $\rightleftharpoons 2 \mathrm{SO}_{3}(g)$ के लिए 450K पर $K_{p}=2.0 \times 10^{10} / \mathrm{bar}$ है। इस ताप पर Kc का मान ज्ञात कीजिए।
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Question 522 Marks

एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।
(क) वाष्प दाब परिवर्तन का प्रारंभिक परिणाम क्या होगा?
(ख) प्रारंभ में वाष्पन एवं संघनन की दर कैसे बदलती हैं?
(ग) क्या होगा, जब कि साम्य पुनः अंतिम रूप से स्थापित हो जाएगा तब अंतिम वाष्प दाब क्या होगा?

   
Answer

(क) प्रारम्भ में वाष्प दाब घटेगा क्योंकि वाष्प का समान द्रव्यमान बढ़े आयतन में वितरित होता है।
(ख) बन्द पात्र में नियत ताप पर वाष्पन की दर नियत रहती है संघनन की दर प्रारम्भ में निम्न होगी।
(ग) अन्तिम रूप से स्थापित साम्य में संघनन की दर वाष्पन की देर के समान होती है। अन्तिम वाष्प दाब पहले के समान रहता है।

 
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Question 532 Marks
क्षारीय मूलकों के ॥ समूह में $H _2 S$ गैस प्रवाहित करने से पहले तनु $HCl$ क्यों मिलाया जाता है?
Answer
क्षारीय मूलकों के ॥ समूह में तनु $HCl$ मिलाने पर समआयन प्रभाव होता है जिसके कारण $H _2 S$ का आयनन कम हो जाता है जिससे प्राप्त $S ^{-2}$ की सान्द्रता इतनी कम होती है कि केवल ॥ समूह के ही अवक्षेपित हो पाते हैं अन्यथा॥ समूह के साथ IV समूह के मूलक भी अवक्षेपित हो जाएंगे यदि उपस्थित हों।
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Question 542 Marks
दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षार से बने लवण के विलयन, के लिए Kh, Kw व Ka में सम्बन्ध, जल अपघटन की मात्रा तथा विलयन की pH ज्ञात करने का सूत्र दीजिए।
Answer
दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षार से बने लवण का उदाहरण CH COONa है। इसके विलयन में ऐसीटेट आयन जल के साथ जल अपघटित होकर ऐसीटिक अम्ल तथा OH- आयनों का निर्माण करते हैं। अतः इसे ऋणायन जल अपघटन कहते हैं।

Image

OH आयनों के कारण यह विलयन क्षारीय होता है तथा इस विलयन की pH7 से अधिक होती है।
इस जल अपघटन के लिए:
\[ \begin{array}{l} K _{ h }=\frac{ K _{ w }}{ K _{ a }} \\ Kw =\text { जल का आयनिक गुणनफल } \\ Kn =\text { जल अपघटन स्थिरांक } \\ Ka =\text { अम्ल वियोजन स्थिरांक } \end{array} \] (ii) जल अपघटन की मात्रा \[ h =\sqrt{\frac{ K _{ h }}{ c }} h =\sqrt{\frac{ K _{ w }}{ K _{ axc }}} \] (iii) विलयन की $pH$ : \[ pH =1 / 2( pKw + pKg +\log c) \]
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Question 552 Marks
बफर विलयन किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है?
Answer
बफर विलयन: वह विलयन, जिनका pH, तनु करने अथवा अम्ल या क्षारक की कुछ मात्रा मिलाने के बाद भी अपरिवर्तित रहता है, उसे बफर विलयन कहते हैं। अतः बफर विलयन, pH में परिवर्तन का प्रतिरोध करता है। इस क्रिया को बफर क्रिया कहते हैं। बफर विलयन दो प्रकार के होते हैं: मिश्रित बफर विलयन तथा सरल बफर विलयन (i) मिश्रित बफर भी दो प्रकार के होते हैं:
(a) अम्लीय बफर
(b) क्षारीय बफर।
(a) अम्लीय बफर: किसी दुर्बल अम्ल तथा इसकी किसी प्रबल क्षार से क्रिया द्वारा बने लवण का मिश्रण, अम्लीय बफर कहलाता है,
उदाहरण: $CH _3 COOH$ तथा $CH _3 COONa$ का मिश्रण
(b) क्षारीय बफर: किसी दुर्बल क्षार तथा इसकी प्रबल अम्ल से क्रिया द्वारा बने लवण का मिश्रण क्षारीय बफर कहलाता है।
उदाहरण: $NH _4 OH$ तथा $NH _4 Cl$ का मिश्रण (ii) सरल बफर: दुर्बल अम्ल तथा दुर्बल क्षार से बने लवण का विलयन सरल बफर कहलाता है।
उदाहरण: $CH _3 COONH _4$
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Question 562 Marks
अम्ल क्षार सूचक के उदाहरण तथा उपयोग बताइए।
Answer
फिनाफ्थैलीन, ब्रोमोथाइमोल ब्लू अम्ल क्षार सूचक इनसे अम्ल क्षार अनुमापन में अन्तिम बिन्दु ज्ञात की जाती है।
जैसे - फिनाफ्थैलीन अम्लीय माध्यम में रंगहीन तथा क्षारीय माध्यम में गुलाबी रंग देता है।

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Question 572 Marks
अम्ल तथा क्षारक की लुइस धारणा क्या है? यह ब्रान्स्टेद - लौरी धारणा से किस प्रकार भिन्न है? समझाइए।
Answer
लूइस के अनुसार इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने वाले पदार्थ अम्ल तथा इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने वाले पदार्थ क्षार कहलाते हैं। इस प्रकार क्षारक की परिभाषा ब्रान्स्टेद - लौरी तथा लूइस के अनुसार समान है क्योंकि दोनों ही सिद्धान्तों में क्षारक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म देता है। अतः लुइस के अनुसार प्रोटॉन रहित पदार्थ भी अम्ल होते हैं। सामान्यतया लूइस अम्ल तथा क्षारक के मध्य उप-सहसंयोजक बन्ध बनता है।

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Question 582 Marks
साम्यावस्था पर उत्प्रेरक मिलाने पर क्या प्रभाव होता है? समझाइए।
Answer
साम्यावस्था पर उत्प्रेरक मिलाने पर कोई प्रभाव नहीं होता है क्योंकि उत्प्रेरक अग्र तथा प्रतीप दोनों अभिक्रियाओं के वेग को समान रूप से बढ़ाता है। यह अग्र तथा प्रतीप अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को समान मात्रा में कम करता है। 
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Question 592 Marks
किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की साम्यावस्था पर दाब के प्रभाव की व्याख्या कीजिए।
Answer
दाब का प्रभाव केवल गैसीय अभिक्रियाओं पर ही लागू होता है।
(i) गैसीय अभिक्रियाएँ जिनमें ∆ng = 0 है उनमें दाब परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं होता क्योंकि अभिक्रिया के दोनों पक्षों में दाब समान रहता है। जैसे:
\[ H _2( g )+ I _2( g ) \rightarrow 2 HI ( g ) \] (ii) वे गैसीय अभिक्रियाएँ जिनमें $\Delta n=+v e$ या -ve है अर्थात् समीकरण में अभिकारक तथा उत्पादों के मोलों में भित्रता है तो उनमें दाब बढ़ाने पर अभिक्रिया उस दिशा में जाती है जिधर गैसीय मोलों की संख्या कम हो।
(a) $\Delta n=-v e$

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∆n = 2 - 4 = 2
इस अभिक्रिया में दाब बढ़ाने पर अभिक्रिया अग्र दिशा में जाएगी।
(b) ∆n = +ve

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∆n = (2 - 1) = +1
इसमें दाब बढ़ाने पर पश्च अभिक्रिया का वेग बढ़ेगा क्योंकि अभिकारकों के मोलों की संख्या उत्पादों के मोलों की संख्या से कम है।
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Question 602 Marks
अम्ल तथा क्षारक की आरेनियस की धारणा को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer
आरेनियस के अनुसार अम्ल वे पदार्थ हैं जो जल में वियोजित होकर HP (aq) देते हैं तथा क्षारक वे पदार्थ हैं जो वियोजित होकर ÖH(aq) देते हैं।
उदाहरण:
अम्ल:
$HCl ( aq )+ H _2 O ( l ) \rightarrow H _3 O ( aq )+ Cl ^{-}( aq )$
जलीय विलयन में $H ^{+}$स्वतन्त्र न रहकर हाइड्रोनियम आयन $\left( H _3 O ^{+}\right)$के रूप में पाया जाता है।
क्षारक:

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Question 612 Marks
(a) वियोजन तथा आयनन में क्या अन्तर है?
(b) विलायक के परावैद्युतांक तथा आयनों के मध्य स्थिर वैद्युत आकर्षण बल में क्या सम्बन्ध है?
Answer
(a) वियोजन: वह विलेय जिसमें ठोस अवस्था में भी साम्यावस्था आयन उपस्थित होते हैं, को जल में घोलने पर इसके आयनों का पृथक् होना, वियोजन कहलाता है।

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आयनन: वह प्रक्रिया जिसमें उदासीन अणु जिसमें प्रारम्भ में आयन नहीं है, को जल में घोलने पर वह टूटकर आवेशित आयनों में विभक्त हो जाता है, उसे आयनन कहते हैं।
उदाहरण:

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आजकल वियोजन तथा आयनन पदों में कोई अन्तर नहीं माना जाता है।
(b) दो विपरीत आवेशित आयनों के मध्य स्थिर विद्युत आकर्षण बल, माध्यम (विलायक) के परावैद्युतांक के व्युत्क्रमानुपाती होता है अर्थात् जिस विलायक का परावैद्युतांक अधिक होता है वह आयनिक यौगिकों के लिए अच्छा विलायक होता है। जल एक सार्वत्रिक विलायक है जिसका परावैद्युतांक उच्च (80) होता है।
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Question 622 Marks
साम्य स्थिरांक के महत्वपूर्ण लक्षण बताइए।
Answer
साम्यावस्था स्थिरांक के महत्वपूर्ण लक्षण निम्न हैं:
साम्यावस्थां स्थिरांक का व्यंजक तभी उपयोगी होगा, जब अभिकारकों तथा उत्पादों की सांद्रता, साम्यावस्था पर स्थिर हो जाए।
साम्यावस्था-स्थिरांक का मान अभिकारकों एवं उत्पादों की प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है।
प्रतीप अभिक्रिया का साम्यावस्था - स्थिरांक अग्र अभिक्रिया के साम्यावस्था-स्थिरांक का व्युत्क्रम होता है।
किसी अभिक्रिया का साम्यावस्था - स्थिरांक (K) उस संगत अभिक्रिया के साम्यावस्था स्थिरांक से संबंधित होता है जिसका समीकरण मूल अभिक्रिया के समीकरण में किसी छोटे पूर्णांक से गुणा या भाग देने पर प्राप्त होता है।
साम्य स्थिरांक का मान एक संतुलित समीकरण द्वारा व्यक्त किसी रासायनिक अभिक्रिया के लिए निश्चित होता है अर्थात् यह अभिक्रिया की रससमीकरणमिति तथा अभिकारकों व उत्पादों की प्रकृति पर निर्भर करता है।
किसी अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक का मान निश्चित ताप पर स्थिर होता है अर्थात् यह ताप पर निर्भर करता है।
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Question 632 Marks
किसी भौतिक प्रक्रम में साम्यावस्था के सामान्य अभिलक्षण लिखिए।
Answer
किसी भौतिक प्रक्रम में साम्यावस्था के निम्न अभिलक्षण होते हैं:
निश्चित ताप पर केवल बंद निकाय में ही साम्यावस्था स्थापित होती है।
साम्यावस्था पर दोनों विपरीत अभिक्रियाएँ समान वेग से होती हैं। इनमें गतिक, किंतु स्थायी अवस्था होती है। निकाय के सभी मापने योग्य गुण-धर्म स्थिर होते हैं। जब किसी भौतिक प्रक्रम में साम्यावस्था स्थापित हो जाती है तो गलनांक, वाष्प दाब आदि का स्थिर होना साम्यावस्था की पहचान होती है।
किसी समय पर विभिन्न राशियों का मान यह दर्शाता है कि साम्यावस्था तक पहुँचने से पहले प्रक्रम किस सीमा तक आगे बढ़ा है।
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Question 642 Marks
ठोस - द्रव साम्यावस्था की व्याख्या कीजिए।
Answer
बर्फ का जल में बदलना ठोस द्रव साम्यावस्था का एक उदाहरण है।

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इसमें बन्द पात्र (थर्मस फ्लास्क) में 273 K ताप तथा एक वायुमण्डलीय दाब पर बर्फ व जल साम्यावस्था में होते हैं। 273 K बर्फ का गलनांक तथा जल का हिमांक है। साम्य पर समय के साथ-साथ बर्फ व जल के द्रव्यमान में कोई परिवर्तन नहीं होता है। क्योंकि बर्फ से जल बनने की दर तथा जल से बर्फ के बनने की दर समान होती है।
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Question 652 Marks
हेनरी के नियम को समझाइए।
Answer
हेनरी का नियम निश्चित ताप पर विलायक की दी गई मात्रा में, घुली हुई गैस की मात्रा, विलायक के ऊपर गैस के दाब के समानुपाती होती है। ताप के बढ़ने पर यह मात्रा कम होती जाती है।
अर्थात् m α p
m = kp
यहाँ m = घुली हुई गैस की मात्रा
k = हेनरी नियतांक
तथा p = गैस का दाब
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Question 662 Marks
संतृप्त विलयन किसे कहते हैं? इस विलयन में किन अवस्थाओं के मध्य साम्य होता है?
Answer
संतृप्त विलयन: किसी निश्चित ताप पर किसी विलयन में यदि और अधिक विलेय न घुल सके, तो इस विलयन को संतृप्त विलयन कहते हैं। संतृप्त विलयन में ठोस अवस्था एवं विलेय के विलयन में उपस्थित कणों के मध्य गतिक साम्य होता है। उदाहरण: शर्करा ( विलयन) शर्करा (ठोस)
तथा साम्यावस्था पर:
शर्करा के घुलने की दर = शर्करा के क्रिस्टलन की दर।
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Question 672 Marks
जल की उभयधर्मी प्रकृति को प्रदर्शित करने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
Answer
निम्न अभिक्रियाओं द्वारा जल की उभयधर्मी प्रकृति की व्याख्या की जा सकती है:

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Question 682 Marks
दुर्बल अम्ल की pH ज्ञात करने के लिए आवश्यक समीकरण की व्युत्पत्ति कीजिए।
Answer
किसी दुर्बल अम्ल का आंशिक आयनन निम्न प्रकार होता है:

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$\begin{array}{l}\text { अम्ल वियोजन स्थिरांक (Ka) }=\frac{\left[ H ^{+}\right]\left[ X ^{-}\right]}{[ HX ]} \\ K _{ a }=\frac{( c \alpha)( c \alpha)}{( c - c \alpha)} \\ K _{ a }=\frac{ c \alpha^2}{1-\alpha} \\ pH =-\log \left[ H ^{+}\right] \\ pH \text { ज्ञात करने के लिए }\left[ H ^{+}\right]= ca \\ {\left[ H ^{+}\right]= c \sqrt{\frac{ K _{ a }}{ c }}} \\ {\left[ H ^{+}\right]=\sqrt{ c . K _{ a }}}\end{array}$
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