विषाणु मुक्त पादप तैयार करने के लिए पादप का तना (meristems apical and axillary) एपिकल तथा एक्सीलरी भाग हमेशा विषाणु मुक्त रहता है। पादप विषाणु जड़, भूमिगत तना, बल्ब, राइजोम (root, tubers, bulb, rhizome etc.) आदि संचारित होते हैं। विषाणु मुक्त स्वस्थ पादप प्राप्त करने के लिए यदि ऊतक संवर्धन (tissue culture) तकनीक का प्रयोग किया जाये तो हमें एक स्वस्थ रोगाणु मुक्त पादप प्राप्त होगा। यह तकनीक आलू, गन्ना तथा स्ट्राबेरी आदि में सफलतापूर्वक प्रयोग की जा रही है।