Question 14 Marksकार्बन : नत्रजन चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।Answerस्वप्रयत्नView full question & answer→
Question 34 Marksजीवांश पदार्थों का मृदा गुणों तथा उर्वरता पर प्रभाव का वर्णन कीजिए।Answerस्वप्रयत्नView full question & answer→
Question 44 Marksजीवांश पदार्थ के विघटन को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए।Answerस्वप्रयत्नView full question & answer→
Question 54 Marksकार्बन-नाइट्रोजन (नत्रजन) अनुपात को विस्तार से समझाइए। सूक्ष्मजीवों द्वारा कार्बन नाइट्रोजन अनुपात किस प्रकार प्रभावित होता है?Answer(a) कार्बन - नाइट्रोजन अनुपात - (1) मृदा में प्राप्त कार्बन व नाइट्रोजन की मात्रा का अनुपात कार्बन नाइट्रोजन कहलाता है।(3) यह अनुपात मृदा में नाइट्रोजन, कुल जीवांश पदार्थ एवं उसकी विच्छेदन की दर को नियंत्रित करता है।(4) यह अनुपात काफी परिवर्तनशील है तथा कृषि योग्य भूमि में इसकी सीमा 8 : 1 से 15 : 1 तक होते हैं तथा इसका औसत 10 और 12 : 1 है।(5) कार्बन नत्रजन अनुपात जलवायु कारक जैसे वर्षा एवं ताप से प्रभावित होते हैं। सामान्यतः यह अनुपात शुष्क क्षेत्रों की मृदाओं में आर्द्र क्षेत्रों की मृदाओं से कम होता है।(6) फलीदार पौधों तथा गोबर की खाद में कार्बन नाइट्रोजन अनुपात 20 : 1 से 30 : 1 तक होता है। कुछ फसल अवशेष जैसे (भूसा) में यह 100 : 1 तक होता है।(7) सूक्ष्मजीवाणुओं का कार्बन नाइट्रोजन अनुपात 4 : 1 से 9 : 1 तक होता है।(8) बैक्टीरिया के ऊतकों में यह अनुपात 5 : 1 तथा फंजाई के ऊतकों में इसका अनुपात 10 : 1 होता है क्योंकि बैक्टीरिया के ऊतकों की मात्रा फंजाई के ऊतकों से अधिक होती है। मृदा ह्यूमस में कार्बन नाइट्रोजन अनुपात 10 : 1 होता है।(9) मृदा में मिलाये गये जीवांश (कार्बनिक) पदार्थ अवशेषों का कार्बन नाइट्रोजन अनुपात विस्तृत होता है।(10) इसके मृदा में मिलाने पर कार्बन स्रोत को ऊर्जा के रूप में ग्रहण करने वाले परिपोषित जीवों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है।(11) इन सूक्ष्मजीवों की क्रिया से मृदा में अधिकांश जीवांश पदार्थ कार्बन डाइऑक्साइड तथा ऊर्जा में शीघ्रता से विच्छेदित होने लगते हैं जिससे जीवांश पदार्थ की मात्रा शीघ्रता से कम हो जाती है।(b) सूक्ष्मजीवों का कार्बन नाइट्रोजन अनुपात पर प्रभाव - (1) सूक्ष्मजीवों को इस दशा में नये ऊतकों के निर्माण हेतु नाइट्रोजन की आवश्यकता पड़ती है। इस प्रकार प्रोटीन तथा लिग्निन मिलकर जटिल पदार्थ बना लेते हैं। फलस्वरूप कार्बन नाइट्रोजन अनुपात संकुचित हो जाता है।(2) कार्बन नाइट्रोजन अनुपात के संकुचित होने से कार्बन की मात्रा घट जाती है जिसके कारण परिपोषित जीवों की सक्रियता कम हो जाती है।(3) इस कारण नाइट्रोजन की मांग कम हो जाती है तथा इस अवस्था में नाइट्रीकरण की क्रिया पुनः होने लगती है।View full question & answer→