Questions

प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दें। ( 3 गुण )

Take a timed test

7 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 13 Marks
रासायनिक विधियों द्वारा खरपतवार नियंत्रण के लाभ व सीमाओं को समझाइये।
Answer
स्वप्रयत्न
View full question & answer
Question 23 Marks
खरपतवारों से होने वाली हानियों का विस्तृत विवरण दीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
View full question & answer
Question 33 Marks
खरपतवार नियन्त्रण के किन्हीं दो सिद्धान्तों को समझाइए।
Answer
(1) खरपतवारों की प्रकृति- रेगिस्तानी खरपतवारों की रोकथाम के लिए यदि खेत में पानी भर दें तो वे नष्ट हो जाते हैं। जलमग्न भूमियों के खरपतवार नष्ट करने के लिए खेत को कुछ समय सूखा छोड़ दिया जाता है तो जलीय खरपतवार नष्ट हो जाते हैं।
(2) खरपतवारों की सहनशीलता- चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार 2, 4, डी के प्रयोग से नष्ट हो जाते हैं किन्तु संकरी पत्ती वाले खरपतवार नष्ट नहीं होते हैं। इसलिए इस शाकनाशी रसायन का प्रयोग दलहनी, तिलहनी आदि चौड़ी पत्ती वाली फसलों में नहीं किया जा सकता है।
View full question & answer
Question 43 Marks
खरपतवार विस्तार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
खरपतवार विस्तार- खरपतवारों के बीज व वानस्पतिक भागों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुगमता से व बिना किसी यत्न के पहुँचना उनके विस्तार का प्राकृतिक तरीका है। ऐसे प्राकृतिक तरीके से विस्तार के कारण खरपतवार प्रकृति में अपना वर्चस्व बनाए हुए है।
खरपतवार विस्तार के कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रम
(1) वायु द्वारा-
कई खरपतवारों के बीच में संरचनात्मक रूपान्तरण पाए जाते हैं, जिससे वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक वायु के साथ उड़कर पहुँच जाते हैं।
(2) जल द्वारा- जलीय खरपतवारों के बीज व पौधे के वानस्पतिक भाग पानी के वेग व धारा के साथ वितरित हो जाते हैं। उदाहरण-जलकुम्भी।
(3) मानव- मानव की लापरवाही से खरपतवार बीज व वानस्पतिक भाग एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाते हैं। उदाहरणार्थ मशीन के पहियों की सफाई नहीं करने से चिपके हुए बीज नए खेतों तक पहुँच जाते हैं।
(4) खाद- बिना सड़ी हुई खाद के प्रयोग से उनमें निहित खरपतवारों के बीज नए खेत में पहुँच जाते हैं।
View full question & answer
Question 53 Marks
खरपतवारों से होने वाली हानियों को निम्नलिखित के सम्बन्ध में समझाइए -
I. भूमि के मूल्य में कमी II. किसान के जीवन स्तर पर प्रभाव।
Answer
I. भूमि के मूल्य में कमी- जिन मृदाओं में खरपतवार अधिक पाये जाते हैं, उनकी मृदा उत्पादकता में गिरावट आ जाती है। इन मृदाओं का उपजाऊपन नष्ट हो जाता है। इससे प्रभावित खेत से न केवल उपज कम मिलती है बल्कि प्राप्त उत्पादों की गुणवत्ता में भी कमी आ जाती है, जिससे उत्पादों का मूल्य भी कम प्राप्त होता है, जिससे भूमि का मूल्य गिर जाता है।
II. किसान के जीवन स्तर पर प्रभाव- खरपतवार ग्रस्त क्षेत्रों में किसान को अपनी सारी ऊर्जा खरपतवार नियन्त्रण के तरीके के लिए यंत्र, मशीनें, शाकनाशी दवाइयाँ खरीदने एवं श्रमिकों की व्यवस्था पर लगानी पड़ती है जिसका सीधा प्रभाव किसान की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
View full question & answer
Question 63 Marks
प्रजनन विधियों के आधार पर खरपतवारों को वर्गीकृत कीजिए।
Answer
प्रजनन विधियों के आधार पर खरपतवारों का वर्गीकरण-
(1) बीज से उत्पन्न होने वाले खरपतवार-
इनका प्रजनन केवल बीजों द्वारा होता है। उदाहरणार्थ- प्याजी, कृष्णनील, सत्यानाशी, जंगली जई, लहसुआ आदि।
(2) वानस्पतिक भाग से उत्पन्न होने वाले खरपतवार- इस वर्ग के खरपतवार वानस्पतिक भागों द्वारा ही प्रजनन करते हैं। ये खरपतवार अपनी भूमिगत जड़ों, तनों, राइजोम, बल्ब, कन्द पत्तियों द्वारा वृद्धि व जनन करते हैं। जैसे-दूब घास, मोथा आदि।
(3) बीज व वानस्पतिक भागों द्वारा पैदा होने वाले खरपतवार- इस वर्ग के खरपतवार बीज व वानस्पतिक अंगों से अपनी उत्पत्ति करते हैं।
View full question & answer
Question 73 Marks
खरपतवारों की किन्हीं तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Answer
खरपतवारों की तीन विशेषताएँ
(1) बीज उत्पादन अधिक होना-
खरपतवारों में प्रति पौधा बीज संख्या अधिक होने से इनका प्रसार बहुत शीघ्रता से होता है।
(2) अधिक गहरी जड़ें होना- खरपतवारों की जड़ें फसल के पौधों की अपेक्षा गहराई तक जाती हैं तथा गहराई पर जाकर पोषक तत्व व नमी का अवशोषण करती हैं।
(3) बीजों की अधिक जीवन क्षमता- खरपतवारों के बीजों की अंकुरण शक्ति फसल के बीजों की अपेक्षा अधिक होती है। इनकी जीवन क्षमता लम्बे समय तक मृदा में पड़े रहने के बावजूद बनी रहती है।
View full question & answer