प्रजनन विधियों के आधार पर खरपतवारों का वर्गीकरण-
(1) बीज से उत्पन्न होने वाले खरपतवार- इनका प्रजनन केवल बीजों द्वारा होता है। उदाहरणार्थ- प्याजी, कृष्णनील, सत्यानाशी, जंगली जई, लहसुआ आदि।
(2) वानस्पतिक भाग से उत्पन्न होने वाले खरपतवार- इस वर्ग के खरपतवार वानस्पतिक भागों द्वारा ही प्रजनन करते हैं। ये खरपतवार अपनी भूमिगत जड़ों, तनों, राइजोम, बल्ब, कन्द पत्तियों द्वारा वृद्धि व जनन करते हैं। जैसे-दूब घास, मोथा आदि।
(3) बीज व वानस्पतिक भागों द्वारा पैदा होने वाले खरपतवार- इस वर्ग के खरपतवार बीज व वानस्पतिक अंगों से अपनी उत्पत्ति करते हैं।