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Question 24 Marks
निम्न अभिक्रियाओं में से किन्हीं चार को समझाइए -(i) ऐल्डोल संघनन,(ii) बेन्जोइन संघनन,(iii) क्रॉस ऐल्डोल संघनन,(iv) गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण,(v) फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसिलन अभिक्रिया,(vi) गाटरमान-कॉख अभिक्रिया |
Answer
(i)ऐल्डोल संघनन-जब α-हाइड्रोजन युक्त कार्बोनिल यौगिकों के दो या दो से अधिक अणु, तनु क्षार (जैसे-NaOH, Ba(OH)2, Na2CO3) की उपस्थिति में आपस में जुड़ते हैं, तो एक ऐसा यौगिक बनता है जो ऐल्डिहाइड और ऐल्कोहॉल अथवा कीटोन और ऐल्कोहॉल दोनों के गुण प्रदर्शित करता है। इस यौगिक को ऐल्डोल कहा जाता है, और इस अभिक्रिया को ऐल्डोल संघनन कहते हैं। जब ऐल्डोल को गर्म किया जाता है, तो यह अपघटित होकर एक असंतृप्त ऐल्डिहाइड या कीटोन में परिवर्तित हो जाता है।
उदाहरण - तनु NaOH की उपस्थिति में ऐसीटैल्डिहाइड के दो अणु आपस में संघनित होकर ऐल्डोल बनाते हैं, जो गर्म करने पर अपघटित होकर क्रोटोन ऐल्डिहाइड में परिवर्तित हो जाता है।
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(ii) बेन्जोइन संघनन - जब बेन्जैल्डिहाइड में जलीय KCN मिलाकर संघनन किया जाता है तब बेन्जोइन यौगिक बनता है। इसे बेन्जोइन संघनन क्रिया कहते हैं।

(iii) क्रॉस ऐल्डोल संघनन - जब दो भिन्न ऐल्डिहाइडों के बीच ऐल्डोल संघनन होता है, तो इसे क्रॉस ऐल्डोल संघनन कहा जाता है। यह एक संश्लेषणात्मक अभिक्रिया है, जो विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब इनमें से किसी एक ऐल्डिहाइड में $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु उपस्थित न हो, फॉर्मेल्डिहाइड या बेन्जैल्डिहाइड आदि।
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(iv) गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण - जब HCN और HCI के मिश्रण को निर्जल $AlCl _3$ की उपस्थिति में, उच्च दाब पर बेन्जीन के ईथरीय विलयन में प्रवाहित किया जाता है, तो बेन्जैल्डिहाइड प्राप्त होता है। इस प्रक्रिया को गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण कहा जाता है।
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(v) फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसिलन अभिक्रिया - जब एरोमैटिक यौगिक को ऐल्किल हैलाइड (जैसे-$CH _3 Cl$) के साथ $AlCl _3$ की उपस्थिति में अभिक्रिया किया जाता है, तो ऐल्किलबेंजीन बनता है। इसे फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्काइलेशन कहा जाता है।
$C _6 H _6+ CH _3 OCl \xrightarrow{ AlCl _3} C _6 H _5 COCH _3$
(vi) गाटरमान-कोच संश्लेषण - जब बेन्जीन या उसके व्युत्पन्न को निर्जल$AlCl _3$ की उपस्थिति में, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोजन क्लोराइड (HCI) के साथ अभिक्रिया किया जाता है, तो बेन्जैल्डिहाइड या प्रतिस्थिापित बेन्जैल्डिहाइड प्राप्त होता है। इस प्रक्रिया को गाटरमान-कोच अभिक्रिया कहा जाता है।
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Question 34 Marks
निम्न में से किन्हीं चार अभिक्रियाओं को समझाइए -
(i) रोजनमुण्ड अभिक्रिया, (ii) शैंको अभिक्रिया, (iii) पर्किन अभिक्रिया , (iv) क्लेजन संघनन अभिक्रिया, (v) कैनिजारो अभिक्रिया (vi) स्टीफन अभिक्रिया
Answer
(i) रोजनमुण्ड अभिक्रिया - जब किसी अम्ल क्लोराइड के जाइलीन में बने उबलते विलयन का अपचयन हाइड्रोजन गैस द्वारा, पैलेडियम युक्त बेरियम सल्फेट $(Pd/BaSO_{4})$ की उपस्थिति में किया जाता है, तो ऐल्डिहाइड प्राप्त होता है।इस प्रक्रिया को रोजनमुण्ड अभिक्रिया कहा जाता है। इस अभिक्रिया द्वारा केवल ऐल्डिहाइड ही तैयार किये जा सकते हैं।
उदाहरण - जब ऐसीटिल क्लोराइड का अपचयन हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति में Pd/BaSO4 द्वारा किया जाता है, तो ऐसीटैल्डिहाइड बनता है।
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Pd तथा BaSO4 का कार्य - Pd अपचायक उत्प्रेरक का कार्य करता है जबकि BaSO4 ऐसीटैल्डिहाइड के ऐल्कोहॉल में अपचयन की क्रिया को रोकने का कार्य करता है।
(ii) शैंको अभिक्रिया : जब ऐसीटैल्डिहाइड के दो अणु, ऐलुमिनियम एथॉक्साइड की उपस्थिति में संघनित होते हैं, तो एथिल ऐसीटेट का एक अणु बनता है। इस प्रक्रिया को शैंको अभिक्रिया कहा जाता है।
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(iii) पर्किन अभिक्रिया - जब किसी ऐलीफैटिक अम्ल का निर्जल लवण और उसकाऐनहाइड्राइड किसी ऐरोमैटिक ऐल्डिहाइड के साथ गर्म किया जाता है, तो असंतृप्त अम्ल का निर्माण होता है। इस अभिक्रिया को पर्किन अभिक्रिया कहा जाता है।
उदाहरण - जब बेन्जैल्डिहाइड को सोडियम ऐसीटेट की उपस्थिति में ऐसीटिक ऐनहाइड्राइड के साथ गर्म किया जाता है, तो सिनेमिक अम्ल प्राप्त होता है।
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(iv) क्लेजन संघनन - सामान्य ताप पर और तनु क्षारों की उपस्थिति में, बेन्जैल्डिहाइड, दो $\alpha$- हाइड्रोजन युक्त ऐल्डिहाइडों या कीटोनों के साथ संघनन करता है। इस प्रक्रिया को क्लेजन संघनन कहा जाता है।
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(v) कैनिजारो अभिक्रिया - जब $\alpha$-हाइड्रोजन रहित ऐल्डिहाइड को 45% NaOH के साथ उबाला जाता है, तो उसमें ऑक्सी-अपचयन अभिक्रिया होती है। इस प्रक्रिया में ऐल्डिहाइड का एक अणु ऑक्सीकृत होकर अम्ल का सोडियम लवण बनाता है, जबकि दूसरा अणु अपचयित होकर अनुरूप ऐल्कोहॉल में परिवर्तित हो जाता है। इस अभिक्रिया को कैनिजारो अभिक्रिया कहा जाता है।
उदाहरण - जब बेन्जैल्डिहाइड को 45% NaOH के साथ उबाला जाता है, तो सोडियम बेन्जोएट और बेन्जिल ऐल्कोहॉल प्राप्त होते हैं।
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(vi) स्टीफन अभिक्रिया-ऐल्किल सायनाइड का अपचय SnCl2 + HCI से करके जल अपघटन करने पर ऐल्डिहाइड प्राप्त होता है।
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