निम्न अभिक्रियाओं में से किन्हीं चार को समझाइए -(i) ऐल्डोल संघनन,(ii) बेन्जोइन संघनन,(iii) क्रॉस ऐल्डोल संघनन,(iv) गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण,(v) फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसिलन अभिक्रिया,(vi) गाटरमान-कॉख अभिक्रिया |
Answer
(i)ऐल्डोल संघनन-जब α-हाइड्रोजन युक्त कार्बोनिल यौगिकों के दो या दो से अधिक अणु, तनु क्षार (जैसे-NaOH, Ba(OH)2, Na2CO3) की उपस्थिति में आपस में जुड़ते हैं, तो एक ऐसा यौगिक बनता है जो ऐल्डिहाइड और ऐल्कोहॉल अथवा कीटोन और ऐल्कोहॉल दोनों के गुण प्रदर्शित करता है। इस यौगिक को ऐल्डोल कहा जाता है, और इस अभिक्रिया को ऐल्डोल संघनन कहते हैं। जब ऐल्डोल को गर्म किया जाता है, तो यह अपघटित होकर एक असंतृप्त ऐल्डिहाइड या कीटोन में परिवर्तित हो जाता है। उदाहरण - तनु NaOH की उपस्थिति में ऐसीटैल्डिहाइड के दो अणु आपस में संघनित होकर ऐल्डोल बनाते हैं, जो गर्म करने पर अपघटित होकर क्रोटोन ऐल्डिहाइड में परिवर्तित हो जाता है। (ii) बेन्जोइन संघनन - जब बेन्जैल्डिहाइड में जलीय KCN मिलाकर संघनन किया जाता है तब बेन्जोइन यौगिक बनता है। इसे बेन्जोइन संघनन क्रिया कहते हैं। (iii) क्रॉस ऐल्डोल संघनन - जब दो भिन्न ऐल्डिहाइडों के बीच ऐल्डोल संघनन होता है, तो इसे क्रॉस ऐल्डोल संघनन कहा जाता है। यह एक संश्लेषणात्मक अभिक्रिया है, जो विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब इनमें से किसी एक ऐल्डिहाइड में $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु उपस्थित न हो, फॉर्मेल्डिहाइड या बेन्जैल्डिहाइड आदि। (iv) गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण - जब HCN और HCI के मिश्रण को निर्जल $AlCl _3$ की उपस्थिति में, उच्च दाब पर बेन्जीन के ईथरीय विलयन में प्रवाहित किया जाता है, तो बेन्जैल्डिहाइड प्राप्त होता है। इस प्रक्रिया को गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण कहा जाता है। (v) फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसिलन अभिक्रिया - जब एरोमैटिक यौगिक को ऐल्किल हैलाइड (जैसे-$CH _3 Cl$) के साथ $AlCl _3$ की उपस्थिति में अभिक्रिया किया जाता है, तो ऐल्किलबेंजीन बनता है। इसे फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्काइलेशन कहा जाता है। $C _6 H _6+ CH _3 OCl \xrightarrow{ AlCl _3} C _6 H _5 COCH _3$ (vi) गाटरमान-कोच संश्लेषण - जब बेन्जीन या उसके व्युत्पन्न को निर्जल$AlCl _3$ की उपस्थिति में, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोजन क्लोराइड (HCI) के साथ अभिक्रिया किया जाता है, तो बेन्जैल्डिहाइड या प्रतिस्थिापित बेन्जैल्डिहाइड प्राप्त होता है। इस प्रक्रिया को गाटरमान-कोच अभिक्रिया कहा जाता है।
निम्न में से किन्हीं चार अभिक्रियाओं को समझाइए - (i) रोजनमुण्ड अभिक्रिया, (ii) शैंको अभिक्रिया, (iii) पर्किन अभिक्रिया , (iv) क्लेजन संघनन अभिक्रिया, (v) कैनिजारो अभिक्रिया (vi) स्टीफन अभिक्रिया