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Question 15 Marks
ईंधन सैल की संरचना का वर्णन कीजिए। ईंधन सैल की संरचना का नामांकित चित्र बनाइये।
Answer
ईंधन सैल $($Fuel cells$)-$ वह गैल्चैनी सेल जिसमें हाइड्रोजन $\left( H _2\right)$, मेथेन $\left( CH _4\right)$ तथा मेधेनॉल $\left( CH _3 OH \right)$ जैसे ईंधनो
Image
ईंधन सेल में $I_2$ तथा $O_2$ गैसों के बुलबुलों को सीध $($porous$)$ कार्बन इलेक्ट्रॉडों के माध्यम से सांद्र जलीय $\text{NaOH}$ विलयन में प्रवाहित करते हैं। इलेक्ट्रॉड अभिक्रिया का वेग बढ़ाने के लिए सूक्ष्म विभाजित प्लैटिनम या पैलेडियम धातु $($उत्प्रेरक$)$ को इलेक्ट्रॉडों में मिश्रित किया जाता है। इलेक्ट्रॉड अभिक्रियाएँ निम्न प्रकार होती हैं$-$
कैथोड $\ce{O2(g) + 2H2O(l) +4c^-\rightarrow 4OH^-(aq)}$
ऐनोड$\ce{- 2H2(g) +4OH^- (aq) \rightarrow 4H2O(/)+4c^-}$
सम्पूर्ण अभिक्रिया को इस प्रकार लिखा जा सकता है$-$
$\ce{2H2(g) + O2(g) \rightarrow 2H2O(1) 2H2(g) + O2(g) \rightarrow 2H2O(l)}$
$H_2$ तथा $O_2$ गैस प्रवाहित करते रहने तक विद्युत प्राप्त होती रहती है अतः यह सेल कभी समाप्त नहीं होता। ऊष्मीय संयंत्रों की दक्षता केवल $40\%$ होती है जबकि ईंधन सेल की दक्षता $70\%$ होती है। $br$ ईंधन सेल को अपोलो अंतरिक्ष कार्यक्रम में विद्युत प्रदान करने के लिए प्रयोग में लिया गया था तथा $H_2$ व $0_2$ की अभिक्रिया से प्राप्त जल वाष्प को संघनित करके इसे अंतरिक्ष यात्रियों हेतु पेयजल के रूप में प्रयुक्त किया गया।
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Question 25 Marks
(अ) 'मानक हाइड्रोजन इलैक्ट्रोड' का नामांकित चित्र बनाइए।
(ब) ईंधन सेल, अनय सेलों की तुलना में श्रेष्ठ होते हैं। कोई दो कारण दीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 35 Marks
(अ) डेनियल सेल का नामांकित चित्र बनाइये।
(ब) डेनियल सेल में इलेक्ट्रोडों पर होने वाली ऑक्सीकरण एवं अपचयन अर्द्ध अभिक्रिया लिखिए एवं इसका सेल आरेख बनाइये।
(स) डेनियल सेल का मानक वैधुत वाहक बल क्या होता हैं ?
(द) डेनियल सेल की सेल अभिक्रिया के नर्स्ट समीकरण लिखिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 45 Marks
$(A)$ मोलर चालकता क्या हैं$?$ इसका चालकता से क्या सम्बन्ध है $?$
$(B)$ तुल्यांकी चालकता क्या है$?$ इसका चालकता से सम्बन्ध लिखिए।
$(C) AlCl_3$ विलयन के लिए तुल्यांकी चालकता एवं मोलर चालकता में सम्बन्ध लिखिए।
$(D)$ प्रबल एवं दुर्बल वैधुत अपघट्य की मोलर चालकता पर तनुता का प्रभाव लिखिए।
$(E) 298\ K$ पर $0.20M\  KCI$ विलयन की विशिष्ट चालकत्व $0.0248 S \ cm^{-1}$ है तो मोलर चालकता की गणना कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 55 Marks
(अ) डेनियल सेल का नामांकित चित्र बनाइये।
(ब) इलेक्ट्रोडों पर होने वाली ऑक्सीकरण एवं अपचयन की अर्द्ध अभिक्रियाएँ लिखिए।
(स) इस सेल के लिये नेस्ट समीकरण का गणितीय रूप लिखिये।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 65 Marks
(अ) ईंधन सेल का नामांकित चित्र बनाइएये।
(ब) ईंधन सेल से आप क्या समझते हैं किसी एक ईंधन सेल की बनवाट और क्रियाविधि का वर्णन कीजिये।
(स) ईंधन सेल अन्य सेलों की तुलना में श्रेष्ठ होता है, कोई दो कारण दीजिये।
(द) ईंधन सेल की दक्षता क्या हैं?
(य) अपोलो स्पेस प्रोग्राम में प्रयुक्त ईंधन सेल का नाम लिखिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 75 Marks
(अ) संक्षारण से आप क्या समझते हैं? उदाहरण दीजिये
(ब) संक्षारण को प्रभावित करने वाले दो कारक लिखिए
(स) संक्षारण एक वैधुत रासायनिक परिघटना है, लोहे पर जंग लगने के उदाहरण द्वारा इसे समझाइये।
(द) संक्षारण की रोकथाम के लिए दो उपाय लिखिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 85 Marks
ईंधन सेल की विस्तृत व्याख्या कीजिए तथा ऊष्मीय संयंत्रों से विद्युत उत्पादन की कमियाँ बताइए।
Answer
Self
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Question 95 Marks
बैटरी किसे कहते हैं? इसकी विशेषताएँ बताइए तथा शुष्क सेल व मयूरी सेल का वर्णन कीजिए।
Answer
Self
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Question 105 Marks
नेर्नूस्ट समीकरण को व्युत्पित कीजिए तथा समझाइए कि $E^\circ($सेल$)$ आयनों की सान्द्रता पर निर्भर करता है।
Answer
Self
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Question 115 Marks
गैल्वैनी सेल की बनावट का सचित्र वर्णन कीजिए तथा इसमें होने वाली अभिक्रियाएँ भी बताइए। (b) गैल्वैनी सेल में विपरीत बाह्य विभव लगाने पर क्या होता है? समझाइए।
Answer
Self
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Question 125 Marks
वैद्युत अपघट्यों के विलयनों (आयनिक विलयनों) की चालकता मापने की प्रायोगिक विधि का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer
Self
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Question 135 Marks
नेर्नुस्ट समीकरण की सहायता से $E^\circ$ सेल तथा साम्य स्थिरांक में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
Answer
Self
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Question 145 Marks
लोहे पर जंग लगने की क्रियाविधि समझाइए।
Answer
Self
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Question 155 Marks
$\Delta G$ तथा $E_{\text { }}^{\circ}$_{सेल} में सम्बन्ध की व्याख्या उदाहरण सहित कीजिए।
Answer
Self
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Question 165 Marks
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer
Self
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Question 174 Marks
किसी वैद्युतअपघट्य के विलयन की चालकता एवं मोलर चालकता की परिभाषा दीजिये। सांद्रता के साथ इनके परिवर्तन की विवेचना कीजिए।
Answer
चालकता ($\kappa$)-प्रतिरोधकता (या विशिष्ट प्रतिरोध) के 
व्युत्क्रम (विपरीत) को चालकता कहते हैं। चालकता को विशिष्ट चालकत्व भी कहते हैं। इसका प्रतीक $\kappa$ है तथा $\kappa=\frac{1}{\rho}$
अथवा, किसी सान्द्रता पर विलयन की चालकता उसके इकाई आयतन का चालकत्व होता है जिसे इकाई दूरी पर स्थित इकाई अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले दो इलेक्ट्रॉडों के मध्य रखा गया हो
मोलर चालकता ($\Lambda_{ m }$)- किसी दी गई सांद्रता पर एक विलयन
की मोलर चालकता उस विलयन के V आयतन का चालकत्व है, जिसमें वैद्युतअपघट्य का एक मोल घुला हो तथा जो एक-दूसरे से इकाई दूरी पर स्थित, A अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले दो इलेक्ट्रॉडों के मध्य रखा गया हो।
अथवा, मोलर चालकता किसी वैद्युतअपघट्य के विलयन के उस आयतन का चालकत्व है जिसे चालकता सेल के इकाई दूरी पर स्थित इलेक्ट्रॉडों के मध्य रखा गया है एवं जिनका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल इतना है कि वह विलयन के उस आयतन (V) को रख सकें, जिसमें वैद्युतअपघट्य का एक मोल घुला हो। अतः एक मोल विद्युत अपघट्य को विलयन में घोलने पर प्राप्त आयनों की चालकता को मोलर चालकता कहते हैं।
नोट - सान्द्रता के साथ चालकता तथा मोलर चालकता में परिवर्तन के लिए भाग 2.4.2 देखें।
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Question 184 Marks
निम्नलिखित सेलों की 298 K पर नेस्ट समीकरण एवं emf लिखिए -
(i) $Mg ( s )\left| Mg ^{2+}(0.001 M )\right|\left| Cu ^{2+}(0.0001 M )\right| Cu ( s )$
(ii) $Fe ( s )\left| Fe ^{2+}(0.001 M )\right|\left| H ^{+}(1 M )\right| H _2(g)(1 bar ) \mid Pt ( s )$
(iii) $Sn ( s )\left| Sn ^{2+}(0.050 M )\right|\left| H ^{+}(0.020 M )\right| H _2(g)(1 bar ) \mid Pt ( s )$
(iv) $\operatorname{Pt}( s )|\overline{\operatorname{Br}}(0.010 M )|\left| Br _{2(l)}\right|\left| H ^{+}(0.030 M )\right|$ $H _2(g)(1 bar ) \mid Pt ( s )$.
Answer
सक्रियता श्रेणी से-
$\begin{array}{ll} E _{ Mg ^{2+} / Mg }^{\circ}=-2.36 V & E _{ Cu ^{2+} / Cu }^{\circ}=+0.34 V . \\ E _{ Fe ^{2+} / Fe }^{\circ}=-0.44 V, & E _{ Sn ^{2+} / Sn }^{\circ}=-0.14 V . \\ E _{ Br _2 / Br ^{-}}^{\circ}=+1.09 V & E _{ H ^{+} / H }^{\circ}=0.0 V .\end{array}$
(i) इस सेल के लिए सेल अभिक्रिया है-
$\begin{array}{l} Mg ( s )\left| Mg ^{2+}(0.001 M )\right|\left| Cu ^{2+}(0.0001 M )\right| Cu ( s ) \\ Mg _{( s )}+ Cu _{( aq )}^{2+} \rightarrow Mg _{( aq )}^{2+}+ Cu \quad( n =2)\end{array}$
नेन्स्ट समीकरण लागू करने पर-
Image
(ii) $Fe ( s )\left| Fe ^{2+}(0.001 M )\right|\left| H ^{+}(1 M )\right| H _2(g)(1 bar ) \mid Pt ( s )$
इस सेल के लिए सेल अभिक्रिया निम्न है-
$Fe _{( s )}+2 H _{( aq )}^{+} \rightarrow Fe _{( aq )}^{2+}+ H _{2(g)} \quad( n =2)$
Image
(iii) $\begin{array}{l} Sn ( s )\left| Sn ^{2+}(0.050 M )\right|\left| H ^{+}(0.020 M )\right| H _2(g)(1 bar ) \mid \operatorname{Pt}( s )\end{array}$
इस सेल के लिए सेल अभिक्रिया निम्न है-
$Sn _{( s )}+2 H _{( aq )}^{+} \rightarrow Sn _{( aq )}^{2+}+ H _{2(g)}$$\quad$(n = 2)
Image
$\begin{aligned} Pt _{( s )}\left| Br ^{-}(0.010 M )\right|\left| Br _{2(l)}\right| \mid & H ^{+}(0.020 M ) \left| H _2(g)(1 bar )\right| Pt ( s ) & \end{aligned}$
इस सेल के लिए सेल अभिक्रिया निम्न है-
Image
क्योंकि $\left[ H _2\right]_{ g }=1$ तथा $\left[ Br _2\right]_l=1$
Eसेल$=-1.09-0.0295 \log \frac{1}{(0.01)^2(0.03)^2}$
Eसेल$=-1.09-\left(0.0295 \log \frac{1}{9 \times 10^{-8}}\right)$
Eसेल$=-1.09-\left[0.0295\left(\log 1.1 \times 10^7\right)\right]$
Eसेल$\begin{array}{l}=-1.09-(0.0295 \times 7.0414)(\log 1.1=0.0414)\end{array}$
Eसेल$=-1.09-0.2077$
Eसेल$=-1.297=-1.3 V$.
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Question 194 Marks
निम्नलिखित अभिक्रियाओं वाले गैल्वैनी सेल का मानक सेल-विभव परिकलित कीजिए-
(i) $2 Cr ( s )+3 Cd ^{2+}( aq ) \rightarrow 2 Cr ^{3+}( aq )+3 Cd _{( s )}$
(ii) $Fe ^{2+}( aq )+ Ag ^{+}( aq ) \rightarrow Fe ^{3+}( aq )+ Ag ( s )$
उपरोक्त अभिक्रियाओं के लिए $\Delta_{ r } G ^{\circ}$ एवं साम्य स्थिरांकों की भी गणना कीजिए।
Answer
सक्रियता श्रेणी से-
$\begin{array}{l} E _{ Cr ^{3+} / Cr }^{\circ}=-0.74 V, \quad E _{ Cd ^{2+} / Cd }^{\circ}=-0.40 V \\ E _{ Ag ^{+} / Ag }^{\circ}=0.80 V, \quad E _{ Fe ^{3+} / Fe ^{2+}}^{\circ}=0.77 V\end{array}$
इस अभिक्रिया में Cd का कैथोड तथा Cr का ऐनोड है।
अतः $E^{\circ}$सेल $=-0.40-(-0.74)$
$=-0.40+0.74=0.34 V$
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n = 6 क्योंकि Cr से Cr+3 बन रहा है तथा अभिक्रिया में 2 Cr है।
F = 96500 कूलम्ब, $E^{\circ}$सेल=+ 0.34V
अतः $\Delta G ^{\circ}=-6 \times 96500 \times 0.34$
$\quad$$\quad$$-196860 CV mol ^{-1}$ या $-196860 J mol ^{-1}$
$\begin{array}{l}\Delta G^{\circ}=-196.86 kJ mol ^{-1} \\ \Delta G ^{\circ}=-2.303 RT \log K \\ R =8.314 \text { joule }\end{array}$
T = 298 K (मानक ताप)
$\begin{aligned}-196860 & =-2.303 \times 8.314 \times 298 \log K \\ -196860 & =-5705.8 \log K \\ \log K & =\frac{-196860}{-5705.8} \\ \log K & =34.5017 \\ K & =\text { Antilog }(34.5014)=3.1 \times 10^{34}\end{aligned}$
Image
यहाँ n = 1 क्योंकि A g+ + से Ag बन रहा है।
$\begin{aligned} \Delta G ^{\circ}= & -1 \times 96500 \times 0.03 \\ & =-2895 CV mol ^{-1}=-2895 J mol ^{-1} \\ \Delta G ^{\ominus}= & -2.895 kJ mol ^{-1} \\ \Delta G ^{\ominus}= & - 2 . 3 0 3 R T \log K \\ -2895= & -2.303 \times 8.314 \times 298 \log K \\ -2895= & -5705.8 \log K \\ \log K = & \frac{-2895}{-5705.8} \\ \log K= & 0.5074 \\ K= & \text { Antilog }(0.5074)=3.217\end{aligned}$
अतः साम्य स्थिरांक = 3.22
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Question 204 Marks
निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए वैद्युतअपघटन से प्राप्त उत्पाद बताइए-
(i) सिल्वर इलेक्ट्रॉडों के साथ AgNO3 का जलीय विलयन
(ii) प्लैटिनम इलेक्ट्रॉडों के साथ AgNO3 का जलीय विलयन
(iii) प्लैटिनम इलेक्ट्रॉडों के साथ H2SO4 का तनु विलयन
(iv) प्लैटिनम इलेक्ट्रॉडों के साथ CuCl2 का जलीय विलयन ।
Answer
(i) सिल्वर इलेक्ट्रॉडों के साथ AgNO3 के जलीय विलयन का वैद्युतअपघटन करने पर ऐनोड पर सिल्वर इलेक्ट्रॉड अभिक्रिया में भाग लेगा क्योंकि यह क्रियाशील इलेक्ट्रॉड है अतः
कैथोड पर-Ag+ से Ag बनेगा (अपचयन)
$\quad$$\quad$$Ag ^{+}( aq )+ e ^{-} \rightarrow Ag ( s )$ तथा
ऐनोड पर Ag का Ag+ में ऑक्सीकरण होगा
$\quad$$\quad$$Ag ( s ) \rightarrow Ag ^{+}( aq )+ e ^{-}$
(ii) प्लैटिनम इलेक्ट्रॉडों के साथ AgNO3 के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन करने पर Pt अभिक्रिया में भाग नहीं लेगा क्योंकि यह अक्रिय इलेक्ट्रॉड है अतः कैथोड पर अभिक्रिया $Ag _{( aq )}^{+}+ e ^{-} \rightarrow Ag _{( s )}$होगी तथा ऐनोड पर अभिक्रिया $H _2 O \rightarrow 2 H ^{+}+\frac{1}{2} O _2+2 e ^{-}$ होगी क्योंकि H2O की क्रियाशीलता $NO _3^{-}$से अधिक है अतः H2O ऑक्सीकृत होगा।
(iii) प्लैटिनम इलेक्ट्रॉडों के साथ H2SO4 के तनु विलयन का विद्युत अपघटन करने पर निम्नलिखित अभिक्रियाएँ होंगी क्योंकि $SO _4^{2-}$ आयन H2O की तुलना में कम क्रियाशील है।
कैथोड पर $2 H ^{+}+2 e ^{-} \rightarrow H _2$ (अपचयन)
एनोड पर $H _2 O \rightarrow 2 H ^{+}+\frac{1}{2} O _2+2 e ^{-}$ (ऑक्सीकरण)
(iv) प्लैटिनम इलेक्ट्रॉडों के साथ CuCl₂ के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन करने पर निम्नलिखित अभिक्रियाएँ होंगी-
कैथोड पर- $Cu ^{2+}+2 e ^{-} \rightarrow Cu$
$\quad$$\quad$$Cu ^{2+}, H _2 O \left( H ^{+}\right)$ से अधिक क्रियाशील है।
ऐनोड पर- $2 Cl ^{-}-2 e ^{-} \rightarrow Cl _2$
$\quad$$\quad$$Cl ^{-}, H _2 O (\overline{ O } H )$ से अधिक क्रियाशील है।
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Question 214 Marks
सारणी 2.1 में दिए गए मानक इलेक्ट्रॉड विभवों की सहायता से अनुमान लगाइए कि क्या निम्नलिखित अभिकर्मकों के बीच अभिक्रिया संभव है?
(i) Fe³+(aq) और I-(aq)
(ii) Ag+ (aq) और Cu(s)
(iii) Fe³+(aq) और Br (aq)
(iv) Ag(s) और Fe³+(aq)
(v) Br2(aq) और Fe2+(aq)
Answer
(i) Fe3+(aq) और I-(aq) के बीच अभिक्रिया संभव है
क्योंकि $E _{ Fe ^{+3}}^{\circ} Fe ^{2+}$ का मान $E _{ I _2 \mid I ^{-}}^{ o }$ मान से अधिक है तथा इसके लिए Eoसेल +ve है। यह अभिक्रिया निम्न प्रकार होगी-
$\quad$$\quad$$Fe ^{3+}( aq )+ I ^{-}( aq ) \rightarrow Fe ^{2+}( aq )+\frac{1}{2} I _2$
(ii) Ag+(aq) तथा Cu (s) के मध्य अभिक्रिया भी संभव है क्योंकि $E _{ Ag ^{+} / Ag }^{\circ}$ का मान $E _{ Cu ^{2+} / Cu }^{\circ}$ मान से अधिक है तथा इसके लिए Eoसेल = +ve एवं यह अभिक्रिया निम्न प्रकार होगी-
$\quad$$\quad$$2 Ag ^{+}( aq )+ Cu ( s ) \rightarrow Cu ^{2+}( aq )+2 Ag ( s )$
(iii) Fe3+ (aq) तथा Br- (aq) के बीच अभिक्रिया संभव नहीं है क्योंकि $E _{ Fe ^{3+}}^{\circ} / Fe ^{2+}$ का मान $E _{ Br _2 / Br ^{-}}^{\circ}$ मान से कम है तथा इसके लिए Eoसेल = -ve. अतः Br आयन Fe3+ आयनों का अपचयन नहीं कर सकते।
(iv) Ag(s) तथा Fe3+ (aq) के बीच भी अभिक्रिया संभव नहीं है क्योंकि $E _{ Fe ^{3+} / Fe ^{2+}}^{\circ}$ का मान $E _{ Ag ^{+} / Ag }^{\circ}$ मान से कम है तथा इसके लिए सेल = -ve अतः Ag, Fe+3 का अपचयन नहीं कर सकता।
(v) Br2(aq) तथा Fe2+ (aq) के बीच अभिक्रिया होगी क्योंकि $E _{ Br _2 / Br ^{-}}^{\circ}$ का मान, $E _{ Fe ^{3+} / Fe ^{2+}}$ मान से अधिक है तथा इसके लिए E Eoसेल = +ve. अतः Fe2+, Br2 का अपचयन कर सकता है। यह अभिक्रिया निम्न प्रकार होगी-
$Fe ^{2+}( aq )+ Br _2( aq ) \rightarrow Fe ^{3+}( aq )+2 Br ^{-}( aq )$
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Question 224 Marks
ZnSO4, AgNO, एवं CuSO4 विलयन वाले तीन वैद्युत अपघटनी सेलों A,B,C को श्रेणीबद्ध किया गया एवं 1.5 ऐम्पियर की विद्युतधारा, सेल B के कैथोड पर 1.45g सिल्वर निपेक्षित होने तक लगातार प्रवाहित की गई। विद्युतधारा कितने समय तक प्रवाहित हुई? निपेक्षित कॉपर एवं जिंक का द्रव्यमान क्या होगा?
Answer
सेल B के कैथोड पर सिल्वर के निक्षेपित होने में निम्नलिखित अभिक्रिया प्रयुक्त होती है-
$\quad$$\quad$$Ag ^{+}+ e ^{-} \rightarrow Ag$
Ag का परमाणु द्रव्यमान = 108 g (1 मोल)
108 g Ag के निक्षेपण के लिए आवश्यक विद्युत की मात्रा = 96500 C
अतः 1.45 g सिल्वर के निक्षेपण के लिए
$\quad$$\quad$$=\frac{96500}{108} \times 1.45$
$\quad$$\quad$= 1295.6 C विद्युत आवश्यक होगी।
आवेश Q = I t,$\quad$$t =\frac{ Q }{ I }=\frac{1295.6}{1.5}=863.73$ सेकंड
अतः मिनट में समय = $=\frac{863.73}{60}=14.39=14.40$ मिनट
अतः विद्युत धारा 14.40 मिनट तक प्रवाहित हुई।
Cu के निक्षेपण के लिए आवश्यक अभिक्रिया
$\quad$$\quad$$Cu ^{2+}+2 e ^{-} \rightarrow Cu$
Cu का परमाणु द्रव्यमान = 63.5g (1 मोल)
अत: $2 \times 96500 C$ विद्युत से प्राप्त कॉपर = 63.5 g
1295.6C विद्युत से प्राप्त कॉपर $=\frac{63.5 \times 1295.6}{2 \times 96500}$
$\quad$$\quad$= 0.426 g
अतः निक्षेपित कॉपर का द्रव्यमान 0.426 g
Zn के निक्षेपण के लिए आवश्यक अभिक्रिया-
$\quad$$\quad$$Zn ^{2+}+2 e ^{-} \rightarrow Zn$
Zn का परमाणु द्रव्यमान = 65 g (1 मोल)
अतः 1295.6 C विद्युत से प्राप्त जिंक
$=\frac{65 \times 1295.6}{2 \times 96500}=0.436 g$
अतः निक्षेपित जिंक का द्रव्यमान = 0.436 g
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Question 234 Marks
0.00241 M ऐसीटिक अम्ल की चालकता $7.896 \times 10^{-5} S cm ^{-1}$ है। इसकी मोलर चालकता को परिकलित कीजिए। यदि ऐसीटिक अम्ल के लिए $\Lambda_{ m }^{ o }$ का मान 390.5 S cm² mol-1 हो तो इसका वियोजन स्थिरांक क्या है?
Answer

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चालकता $(\kappa)=7.896 \times 10^{-5} S cm ^{-1}$
मोलरता = 0.00241M
अतः $\Lambda_{ m }=\frac{7.896 \times 10^{-5} \times 1000}{0.00241}$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }=32.76 S cm ^2 mol^{-1}$
वियोजन की मात्रा,
$\quad$$\quad$$\alpha=\frac{\Lambda_{ m }}{\Lambda_{ m }^{ o }}$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }^{ o }=390.5 S cm ^2 mol^{-1}$
$\quad$अतः $\alpha=\frac{32.76}{390.5}=8.4 \times 10^{-2}$
वियोजन स्थिरांक $\left( K _{ a }\right)=\frac{ c \alpha^2}{1-\alpha}$
$\quad$$\quad$$\alpha=8.4 \times 10^{-2}$
अतः$\quad$$K _{ a }=\frac{0.00241 \times\left(8.4 \times 10^{-2}\right)^2}{1-8.4 \times 10^{-2}}$
$\quad$$\quad$$K _{ a }=\frac{0.00241 \times 70.56 \times 10^{-4}}{1-0.084}$
$\quad$$\quad$$K _{ a }=\frac{0.1700 \times 10^{-4}}{0.916}$
$\quad$$\quad$$K _{ a }=0.1855 \times 10^{-4}$
$\quad$$\quad$$K_a=1.85 \times 10^{-5}$
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Question 244 Marks
Answer
(i) सान्द्रता (c) = 0.001M
$\begin{array}{l} c ^{\frac{1}{2}}=\sqrt{0.001}=0.0316 mol^{\frac{1}{2}} L^{\frac{1}{2}} \\ \kappa\left(S m ^{-1}\right)=1.237 \times 10^2\end{array}$
मोलर चालकता $\Lambda_{ m }=\frac{\kappa\left( Sm ^{-1}\right)}{10^3 \times M \left( molL ^{-1}\right)}$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }=\frac{1.237 \times 10^2}{10^3 \times 0.001}=1.237 \times 10^2$
(ii)$\quad$$c =0.010, \sqrt{ c }=\sqrt{.01}=0.1 \quad \kappa=11.85 \times 10^2$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }=\frac{11.85 \times 10^2}{10^3 \times 0.01}=1.185 \times 10^2$
(iii)$\quad$$c=0.020, \sqrt{c}=\sqrt{0.020}=0.141$
$\quad$$\quad$$\kappa=23.15 \times 10^2$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }=\frac{23.15 \times 10^2}{10^3 \times 0.020}=1.157 \times 10^2$
(iv)$\quad$$c=0.050, \quad \sqrt{c}=\sqrt{0.05}=0.224$
$\quad$$\quad$$\kappa=55.53 \times 10^2$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }=\frac{55.53 \times 10^2}{10^3 \times 0.05}=1.110 \times 10^2$
(v)$\quad$$c=0.10, \quad \sqrt{c}=\sqrt{0.10}=0.316$
$\quad$$\quad$$\kappa=106.7410^2$
$\quad$$\quad$$\Lambda_{ m }=\frac{106.74 \times 10^2}{10^3 \times 0.1}=1.067 \times 10^2$
क्रम सं.$\sqrt{ c }$ या $c^{1 / 2}$$\Lambda_{ m }$
(i)0.0316$1.237 \times 10^2$
(ii)0.10$1.185 \times 10^2$
(iii)0.141$1.157 \times 10^2$
(iv)0.224$1.110 \times 10^2$
(v)0.316$1.067 \times 10^2$
$\Lambda_{ m }$ को $c^{1 / 2}$ के मध्य आलेखित करने पर एक सीधी रेखा प्राप्त होती है जिसमें $\Lambda_{ m }$ का मान $c^{1 / 2}$ के साथ कम होता है।
Image
ग्राफ का शून्य सान्द्रता तक बहिर्वेशन करके A का मान ज्ञात किया जाता है जो कि लगभग $1.255 \times 10^2 m^2 mol^{-1}$ आता है।
अतः $\Lambda_{ m }^{ o }=1.255 \times 10^2 m^2 mol^{-1}$
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