विलेय-विलायक आकर्षण के आधार पर निम्नलिखित को n-ऑक्टेन की विलेयता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-$KCl$, CH3OH, CH3CN, साइक्लोहेक्सेन ।
Answer
n-ऑक्टेन, अध्रुवीय विलायक है अतः विलेयता के सामान्य सिद्धान्त "समान, समान को घोलता है," के अनुसार जब विलेय की ध्रुवता कम होगी तो n-ऑक्टेन में उसकी विलेयता बढ़ेगी। अतः उपर्युक्त यौगिकों की n-ऑक्टेन में विलेयता का बढ़ता क्रम निम्न प्रकार होगा- $KCl$ < CH3OH < CH3CN < साइक्लोहेक्सेन