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Question 12 Marks
एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और AC उसके केंद्र पर क्रमशः $90^\circ$ और $150^\circ$ के कोण अंतरित करती हैं। $\angle$BAC ज्ञात कीजिए, यदि AB और AC केंद्र के विपरीत ओर स्थित हैं।
Answer
$\triangle$BOA में,

$O B=O A$
$\angle O B A=\angle O A B$...(i) ( $\because$ समान भुजाओं के सम्मुख कोण भी समान होते हैं) $\triangle O A B$ में,
$\angle O B A+\angle O A B+\angle A O B=180^{\circ} (\because$ त्रिभुज के अन्तः कोणों का योग $=180^{\circ} ) $
$\Rightarrow 2 \angle O A B=180^{\circ}-90^{\circ}$ [समी (i) से]
$ \Rightarrow \angle O A B=\frac{90^{\circ}}{2}=45$
अब $\triangle A O C$ में,
$ A O=O C $ (वृत्त की त्रिज्या)
$ \therefore \angle O A C=\angle O C A \ldots(ii)$
( $\because$ समान भुजाओं के सम्मुख कोण भी समान होते हैं)
तथा $ \angle A O C+\angle O A C+\angle O C A=180^{\circ} $
$ (\because $ त्रिभुज के अन्तः कोणों का योग $=180^{\circ} $
$ \Rightarrow 150^{\circ}+2 \angle O A C=180^{\circ}$ [समी (i) से]
$ \Rightarrow 2 \angle O A C=180^{\circ}-150^{\circ} $
$ \Rightarrow \angle \angle O A C=30^{\circ} $
$ \Rightarrow \angle O A C=15^{\circ}$
$\therefore \angle B A C=\angle O A B+\angle O A C $
$ =45^{\circ}+15^{\circ}=60^{\circ}$
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Question 22 Marks
एक उभयनिष्ठ कर्ण AB पर दो समकोण त्रिभुज ACB और ADB इस प्रकार खींचे गए हैं कि वे विपरीत ओर स्थित हैं। सिद्ध कीजिए कि $\angle$BAC = $\angle$BDC है।
Answer

समकोण त्रिभुज ACB और ADB में,
$\angle ACB = 90^\circ$ और $ADB = 90^\circ$
इसलिए $\angle$ACB + $\angle$ADB $= 90^\circ+ 90^\circ= 180^\circ$
हम जानते हैं कि, यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के किसी युग्म का योग $180^\circ$ है, तो चतुर्भुज चक्रीय होगा।
इसलिए, ADBC एक चक्रीय चतुर्भुज है।
CD को मिलाया। $\angle$BAC और $\angle$BDC एक ही वृत्त खण्ड BDAC में बने कोण हैं।
अतः, $\angle$BAC = $\angle$BDC
[वृत्त के एक ही खण्ड में बने कोण बराबर होते हैं।]
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Question 32 Marks
O त्रिभुज ABC का परिकेंद्र है तथा D आधार BC का मध्य-बिंदु है। सिद्ध कीजिए कि $\angle$BOD = $\angle$A है।
Answer

दिया है: O त्रिभुज ABC का परिकेन्द्र है तथा D आधार BC का मध्य बिन्दु अर्थात् OD $\perp$ BC है।
सिद्ध करना है: $\angle$BOD = $\angle$A
रचना: OB और OC को मिलाया।
उपपत्ति: त्रिभुज OBD और OCD में,
OB = OC [वृत्त की त्रिज्याएँ]
$\angle$ODB = $\angle$ODC$ = 90^\circ$
OD = OD [उभयनिष्ठ भुजा]
$\therefore$ $\triangle$OBD $\cong$ $\triangle$OCD [SAS सर्वांगसमता]
$\angle$BOD = $\angle$COD [सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग (CPCT) द्वारा]
अब, चाप BC द्वारा केन्द्र पर बनाया गया कोण $\angle$BOC है और $\angle$A शेष भाग पर बनाया गया कोण है।
इसलिए, $\angle$BOC = 2$ \angle$A
$\Rightarrow$ 2 $\angle$BOD = 2$ \angle$A [चूँकि $\angle$BOC = 2 $\angle$BOD]
$\Rightarrow$ $\angle$BOD = $\angle$A
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Question 42 Marks
ABCD एक ऐसा चतुर्भुज है कि A शीर्षों B, C और D से होकर जाने वाले वृत्त का केंद्र है। सिद्ध कीजिए कि $\angle$CBD + $\angle$CDB = $\frac{1}{2}$$\angle$BAD है।
Answer


दिया है: ABCD एक ऐसा चतुर्भुज है कि A शीर्षो B, C और D से होकर जाने वाले वृत्त का केंद्र है।
AC को मिलाया।
हम जानते हैं कि किसी चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र पर बनाया गया कोण वृत्त के शेष भाग पर स्थित किसी बिन्दु पर बनाए गए कोण का दुगुना होता है।
इसलिए,
$\angle$CAD = 2$\angle$CBD ...(1)
और $\angle$BAC = 2$\angle$CDB ...(2)
समी. (1) और (2) को जोड़ने पर
$\angle$CAD + $\angle$BAC = 2($\angle$CBD + $\angle$CDB)
$\Rightarrow$ $\angle$BAD = 2($\angle$CBD + $\angle$CDB)
$\Rightarrow$ ($\angle$CBD + $\angle$CDB) = $\frac{1}{2}$$\angle$BAD

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Question 52 Marks
यदि वृत्त की दो जीवाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त के केंद्र से होकर जाता है, तो सिद्ध कीजिए कि दोनों जीवाएँ समांतर हैं।
Answer

दिया है AB और CD एक वृत्त की दो जीवाएँ हैं जिसका केन्द्र O है।
AB और CD के मध्य बिन्दु क्रमशः L और M हैं।
सिद्ध करना है- AB || CD
उपपत्ति- L जीवा AB का मध्य बिन्दु है।
हम जानते हैं कि किसी वृत्त के केन्द्र से होकर उसकी जीवा को समद्विभाजित करती हुई रेखा जीवा पर लंब होती है।
इसलिए, OL $\perp$ AB और $\angle$ALO $= 90^\circ$
इसी प्रकार, $\angle$CMO $= 90^\circ$
इसलिए, $\angle$ALO = $\angle$CMO
परंतु, ये संगत कोण हैं।
इसलिए, AB || CD
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Question 62 Marks
AB और AC एक वृत्त की दो बराबर जीवाएँ हैं। सिद्ध कीजिए कि $\angle$BAC का समद्विभाजक वृत्त के केंद्र से होकर जाता है।
Answer

दिया है: AB और AC, O केन्द्र वाले वृत्त की दो बराबर जीवाएँ हैं।
सिद्ध करना है: AM, O से होकर जाता है।
रचना: BC को मिलाइए। माना AM, BC को P पर प्रतिच्छेद करता है।
उपपत्ति: $\triangle$BAP और $\triangle$CAP में,
AB = AC [दिया है]
$\angle$BAP = $\angle$CAP [दिया है]
और AP = AP [उभयनिष्ठ भुजा]
$\triangle$BAP $\cong$ $\triangle$CAP, [SAS सवर्वांगसमता द्वारा]
$\angle$BPA = $\angle$CPA और CP = PB [सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग (CPCT) द्वारा]
$\angle$BPA + $\angle$CPA $= 180^\circ$ [रैखिक युग्म]
इसलिए, $\angle$BPA = $\angle$CPA $= 90^\circ$
AP, जीवा BC का लंब समद्धिभाजक है जो आगे बढ़ाने पर केन्द्र O से होकर जाती है।
इसलिए AM, O से होकर जाती हैं।
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Question 72 Marks
A, B और C किसी वृत्त पर स्थित तीन बिंदु हैं। सिद्ध कीजिए कि AB, BC और CA के लंब समद्विभाजक संगामी हैं।
Answer
दिया गया है: तीन असंरेख बिंदु A, B और C एक वृत्त पर हैं।
सिद्ध करना: AB, BC और CA के लम्ब समद्विभाजक समवर्ती हैं।
रचना: AB, BC और CA को मिलाइए।
AB के लंब समद्विभाजक ST, BC के PM और CA के QR क्रमशः खींचिए। चूंकि बिंदु A, B, C संरेख नहीं हैं, इसलिए ST, PM और QR समानांतर नहीं हैं और प्रतिच्छेद करेंगे।
प्रमाण: O स्थित है ST पर, $\perp$ AB का समद्विभाजक
$\therefore$ OA = OB ...(i)
और, O स्थित है QR पर, $\perp$ CA का द्विभाजक ...(ii)
$\therefore $ OC = OA ...(iii)
(i), (ii) और (iii) से, OA = OB = OC = r (मान लीजिए)
O को केंद्र मानकर और r को त्रिज्या लेकर, वृत्त C(O, r) खींचिए। ) जो A, B और C से होकर गुजरेगा। यह साबित करता है कि बिंदु A, B और C से होकर गुजरने वाला एक वृत्त है। क्योंकि ST, PM और QR एक दूसरे को एक और केवल एक बिंदु O पर काट सकते हैं।
$\therefore$ O एकमात्र बिंदु है जो A, B और C से समान दूरी पर है। इसलिए, AB, BC और CA के लंब समद्विभाजक समवर्ती हैं।
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Question 82 Marks
आकृति में, $\angle OAB = 30^\circ$ और $\angle OCB = 57^\circ$ है। $\angle$BOC और $\angle$AOC ज्ञात कीजिए।
Answer
$\triangle $AOB में,
$ \Rightarrow A O=O B(\text { त्रिज्या) } $
$ \angle B A O=\angle O B A=30^{\circ}$
( $\because$ त्रिभुज की समान भुजाओं के सम्मुख कोण भी समान होते हैं) अब, $\triangle O C B$ में,
$ \angle A O B=180^{\circ}-2\left(30^{\circ}\right) $
$ =180^{\circ}-60^{\circ}=120^{\circ}$
अब$ \triangle O C B \text { में }$
$ O C=O B$(त्रिज्या)
$\angle O C B=\angle O B C=57^{\circ}$
( $\because$ त्रिभुज की समान भुजाओं के सम्मुख कोण भी समान होते हैं)
$\therefore \angle C O B=180^{\circ}-(\angle O C B+\angle O B C) $
$ =180^{\circ}-\left(57^{\circ}+57^{\circ}\right) $
$ =180^{\circ}-114^{\circ}=66^{\circ} $
$ \because \angle A O B=120^{\circ} $
$ \Rightarrow \angle A O C+\angle C O B=120^{\circ} $
$ \Rightarrow \angle A O C+66^{\circ}=120^{\circ} $
$ \therefore \angle A O C=54^{\circ}$
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Question 92 Marks
यदि एक वृत्त PXAQBY की एक जीवा AB का लंब समद्विभाजक वृत्त को P और Q बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करता है, तो सिद्ध कीजिए कि चाप PXA $\cong$ चाप PYB है।
Answer
माना केन्द्र O के साथ एक वृत्त की जीवा AB है।

माना जीवा AB का लंब समद्विभाजक PQ है, जो M पर प्रतिच्छेद करता है तथा ये हमेशा O से होकर गुजरता है।
AP तथा BP को मिलाइए।
$\triangle$APM तथा $\triangle$BPM में,
AM = MB (समद्विभाजित जीवा)
$\angle$PMA = $\angle$PMB (प्रत्येक $90^\circ$)
PM = PM (उभयनिष्ठ)
$\therefore$ $\triangle$APM $\cong$ $\triangle$BPM (SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
$\therefore$ PA = PB (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग द्वारा)
$\overparen{P X A}=\overparen{P Y B}$
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Question 102 Marks
आकृति में, AOB वृत्त का व्यास है तथा C, D और E अर्धवृत्त पर स्थित कोई तीन बिंदु हैं। $\angle$ACD + $\angle$BED का मान ज्ञात कीजिए।
Answer
AE को मिलाते हैं।
चूँकि ACDE एक चक्रीय चतुर्भुज है।
$\therefore \angle A C D+\angle A E D=180^{\circ}$
( $\because$ एक चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोणों का योग $180^{\circ}$ होता है) तथा $\angle A E B=90^{\circ}$
( $\because$ वृत्त का व्यास वृत्त की परिधि पर $90^{\circ}$ का कोण बनाता है)
$ (\angle A C D+\angle A E D)+\angle A E B=180^{\circ}+90^{\circ} $
$ =270^{\circ}$
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Question 112 Marks
केंद्रों O और O' वाले दो वृत्त बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। A (या B) से होकर एक रेखा PQ रेखाखंड OO' के समांतर खींची जाती है, जो वृत्तों को P और Q पर प्रतिच्छेद करती है। सिद्ध कीजिए कि PQ = 2 OO' है।
Answer

दिया है केन्द्रों O और O' वाले दो वृत्त, जो परस्पर एक-दूसरे को बिन्दुओं A तथा B पर प्रतिच्छेद करते हैं, बनाते हैं।
OO' के समान्तर एक रेखा PQ खींचते हैं जो वृत्तों को P और Q पर प्रतिच्छेद करती है।

सिद्ध करना है: PQ = 2OO'
रचना: OO', OP, O'Q, OM तथा O'N को मिलाते हैं।
उपर्पति: $\triangle$OPB में,
BM = MP
तथा $\triangle$O'BQ में,
BN = NQ
$\therefore$ BM + BN = PM + NQ ($\because$ O'N जीवा को समद्विभाजित करता है)
$\Rightarrow$ 2(BM + BN) = BM + BN + PM + NQ (दोनों पक्षों में BM + BN को जोड़ते हैं)
$\Rightarrow$ 2OO' = (BM + MP) + (BN + NQ)  ($\because$ OO' = MN = MB + BN)
= BP + BQ = PQ
$\therefore$ 2OO' = PQ

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Question 122 Marks
एक चतुर्भुज ABCD एक वृत्त के अंतर्गत इस प्रकार है कि AB वृत्त का व्यास है और $\angle ADC = 130^\circ$ है। $\angle$BAC ज्ञात कीजिए।
Answer
दिया है, $\angle ADC = 130^\circ$

चूँकि ABCD एक चतुर्भुज है जो एक वृत्त के अन्तर्गत बना है। इस प्रकार, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
चूँकि चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग $180^\circ$ होता है।
$ \therefore \angle A D C+\angle A B C=180^{\circ}$
$ \Rightarrow 130^{\circ}+\angle A B C=180^{\circ}$
$ \Rightarrow \angle A B C=50^{\circ}$
चूँकि $\angle A C B$ एक अर्द्धवृत्त का कोण है।
$\therefore \angle A C B=90^{\circ}$
अब, $\triangle A B C$ में,
$\angle B A C+\angle A C B+\angle A B C=180^{\circ} (\because $ त्रिभुज के अन्त: कोणों का योग$=180^{\circ})$
$ \Rightarrow \angle B A C+90^{\circ}+50^{\circ}=180^{\circ} $
$ \Rightarrow \angle B A C=180^{\circ}-\left(90^{\circ}+50^{\circ}\right)=180^{\circ}-140^{\circ}=40^{\circ}$
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Question 132 Marks
आकृति में, $\angle ACB = 40^\circ$ है। $\angle$OAB ज्ञात कीजिए।
Answer
हम जानते हैं कि किसी चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र पर बनाया गया कोण वृत्त के शेष भाग पर स्थित किसी बिन्दु पर बनाए कोण का दुगुना होता है।
इसलिए, $\angle$AOB = 2$\angle$ACB = 2 $\times 40^\circ= 80^\circ$
त्रिभुज AOB में,
$\therefore$ OA = OB
$\therefore$ $\angle$OAB = $\angle$OBA
$\therefore$ $\angle$OAB = $\angle$OBA [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।]
$ x^{\circ}+x^{\circ}+\angle A O B=180^{\circ} $
$ \Rightarrow 2 x^{\circ}+80^{\circ}=180^{\circ} $
$ \Rightarrow 2 x^{\circ}=180^{\circ}-80^{\circ} $
$ \Rightarrow 2 x^{\circ}=100^{\circ} $
$ \Rightarrow x^{\circ}=50^{\circ} $
$ \Rightarrow \angle O A B=50^{\circ}$
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Question 142 Marks
आकृति में, $\angle ADC = 130^\circ$और जीवा BC = जीवा BE है। $\angle$CBE ज्ञात कीजिए।
Answer
हम एक चक्रीय चतुर्भुज पर विचार करते हैं जो बिन्दुओं A, B, C तथा D से होकर जाता है।
चूँकि चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग $180^\circ$ होता है।
$ \therefore \angle A D C+\angle O B C=180^{\circ} $
$ \Rightarrow 130^{\circ}+\angle O B C=180^{\circ}$
$ \Rightarrow \angle O B C=180^{\circ}-130^{\circ}=50^{\circ}$
अब, $\triangle B O C$ तथा $\triangle B O E$ में,
$B C=B E$ (दिया है, जीवाएँ बराबर हैं)
$O C=O E$ (त्रिज्या)
$O B=O B$ (उभयनिष्ठ)
$\triangle B O C \cong \triangle B O E$ (SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
$\angle O B C=\angle O B E=50^{\circ} $
$ \angle C B E=\angle C B O+\angle E B O=50^{\circ}+50^{\circ}=100^{\circ}$
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Question 152 Marks
किसी वृत्त की एक जीवा उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस जीवा द्वारा दीर्घ वृत्तखंड में किसी बिंदु पर अंतरित कोण ज्ञात कीजिए।
Answer
दिया है, AB = BO

OA, AC तथा BC को मिलाते हैं।
चूँकि OA = OB = वृत्त की त्रिज्या
$\therefore$ OA = AB = BO
$\therefore$ $\triangle$OAB एक समबाहु त्रिभुज है।
$\Rightarrow$ $\angle$AOB$ = 60^\circ$
प्रमेय के प्रयोग से, एक चाप द्वारा केन्द्र पर अन्तरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अन्तरित कोण का दोगुना होता है।
अर्थात
$\angle$AOB = 2$\angle$ACB
$\angle$ACB = $\frac{60^{\circ}}{2} = 30^\circ$
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Question 162 Marks
एक त्रिभुज ABC का परिकेंद्र O है। सिद्ध कीजिए कि $\angle$OBC + $\angle BAC = 90^\circ$ है।
Answer
केन्द्र O के साथ एक वृत्त के अन्तर्गत $\triangle$ABC है।

माना $\angle$OBC = $\angle$OCB = $\theta$
$\triangle$OBC में,
$\angle$BOC + $\angle$OCB + $\angle CBO = 180^\circ$($\because$ त्रिभुज के अन्तः कोणों का योग $= 180^\circ$)
$\Rightarrow$ $\angle$BOC + $\theta$ + $\theta = 180^\circ$
$\Rightarrow$ $\angle$BOC $= 180^\circ$- 2$\theta$
$\angle $BAC = $\frac{\angle B O C}{2}$
($\because$ एक चाप द्वारा वृत्त की परिधि पर बना कोण उसी चाप द्वारा केन्द्र पर बने कोण का आधा होता है)
= $\frac{180^{\circ}-2 \theta}{2} = 90^\circ-  \theta$
$\therefore$ $\angle$BAC + $\angle OBC = 90^\circ$
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Question 172 Marks
यदि किसी चक्रीय चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर है, तो सिद्ध कीजिए कि इसके विकर्ण भी बराबर हैं।
Answer

दिया है माना ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।

सिद्ध करना है: AC = BD
रचना: AC तथा BD को मिलाइए।
उपपत्ति: $\triangle$ACD तथा $\triangle$BCD में,
DC = DC (उभयनिष्ठ)
AD = BC (दिया है)
$\angle$DAC = $\angle$DBC ($\because$ एक ही वृत्तखण्ड के कोण समान होते हैं)
$\therefore$ $\triangle$ACD $\equiv$ $\triangle$BCD (SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
$\therefore$ AC = BD

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Question 182 Marks
यदि किसी समद्विबाहु त्रिभुज के आधार के समांतर कोई रेखा उसकी बराबर भुजाओं को प्रतिच्छेद करने के लिए खींची जाए, तो सिद्ध कीजिए कि इस प्रकार बना चतुर्भुज चक्रीय होता है।
Answer

त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें
AB = AC
DE, BC के समांतर खींची गयी है।
त्रिभुज ABC में,
AB = AC [दिया है]
$\angle 1=\angle 2$ [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।]
अब, DE || BC जो AB तथा AC को क्रमशः D तथा E पर काटता है।
$\angle 1+\angle 3 = 180^\circ$[सह अन्तः कोण]
$\angle 2+\angle 3 = 180^\circ$ [चूँकि $\angle$1 = $\angle $2]
इसी प्रकार हम सिद्ध कर सकते हैं कि $\angle \mathrm{l}+\angle 4 = 180^\circ$
हम जानते हैं कि एक चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का एक युग्म पूरक हैं तो वह चतुर्भुज चक्रीय होता है।
इसलिए BCED एक चक्रीय चतुर्भुज है।
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Question 192 Marks
यदि BM और CN त्रिभुज ABC की भुजाओं AC और AB पर खींचे गए लंब हैं, तो सिद्ध कीजिए कि बिंदु B, C, M और N चक्रीय हैं।
Answer
अब, हम BC पर एक वृत्त के व्यास की तरह विचार करते हैं तथा हम जानते हैं कि वृत्त का व्यास BC वृत्त की परिधि पर $90^\circ$ का कोण बनाता है।

$\therefore$ बिन्दु M तथा N वृत्त पर होने चाहिए।
अत: BCMN एक चक्रीय चतुर्भुज निरूपित करता है।
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Question 202 Marks
यदि एक वृत्त के चाप AXB और CYD सर्वांगसम हैं तो AB और CD का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer

दिया है केन्द्र C(O, r) के साथ एक वृत्त का चाप AXB तथा केन्द्र C(O', r) के साथ अन्य वृत्त का चाप CYD, C(O, r) पर सर्वांगसम इस प्रकार हैं कि AXB $\cong$ CYD

रचना: रेखाखण्ड AB तथा CD खींचिए। OA, OB, O'C तथा O'D को मिलाइए। जब $\widehat{A X B}$ तथा $\widehat{C YD}$ लघु चाप हैं।
$\triangle$OAB तथा $\triangle$O'CD में,
OA = OB = O'C = O'D = r (दो वृत्तों की त्रिज्याएँ)
$\angle$AOB = $\angle$CO'D ($\because$ AXB $\cong$ CYD $\Rightarrow$ m AXB = m CYD)
$\therefore$ $\triangle$AOB $\cong$ $\triangle$CO'D (SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
$\Rightarrow$ AB = CD (CPCT द्वारा)
इसी प्रकार, AXB तथा CYD को दीर्घ चाप लेने पर,
$\Rightarrow$ AB = CD
$\frac{A B}{C D}$ = 1
अत: AB तथा CD का अनुपात 1 : 1 है।

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Question 212 Marks
आकृति में, $\angle ABC = 45^\circ$है। सिद्ध कीजिए कि OA $\perp$ OC है।
Answer
$\angle$ABC = $\frac{1}{2} $$\angle$AOC है।
अर्थात् $\angle$AOC = 2$\angle$ABC = 2 $\times 45^\circ= 90^\circ$
या OA $\perp$ OC
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Question 222 Marks
आकृति में, AOC वृत्त का एक व्यास है तथा चाप AXB = $\frac{1}{2}$चाप BYC है। $\angle$BOC ज्ञात कीजिए।
Answer
क्योंकि चाप AXB = $\frac{1}{2}$चाप BYC है, इसलिए
$\angle$AOB = $\frac{1}{2}$$\angle$BOC
साथ ही, $\angle A O B+\angle B O C=180^{\circ}$
अतः $\frac{1}{2} \angle B O C+\angle B O C=180^{\circ}$
या $\angle B O C=\frac{2}{3} \times 180^{\circ}=120^{\circ}$
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