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पानी की कहानी question types

37 questions across 5 question groups — pick any mix to generate a Hindi paper with step-by-step answer keys.

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पानी की कहानी questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

मैंने देखा कि नदी के तट पर एक ऊँची मीनार में से कुछ काली-काली हवा निकल रही है। मैं उत्सुक हो उसे देखने को क्या बढ़ी कि अपने हाथों दुर्भाग्य को न्यौता दिया। ज्योंही मैं उसके पास पहुँची अपने और साथियों के साथ एक मोटे नल में खींच ली गई। कई दिनों तक मैं नलनल घूमती फिरी। मैं प्रतिक्षण उसमें से निकल भागने की चेष्टा में लगी रहती थी। भाग्य मेरे साथ था। बस, एक दिन रात के समय मैं ऐसे स्थान पर पहुँची जहाँ नल टूटा हुआ था। मैं तुरंत उसमें होकर निकल भागी और पृथ्वी में समा गई। अंदर ही अंदर घूमते-घूमते इस बेर के पेड़ के पास पहँची।
(क) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
(ख) बूंद नल में कैसे पहुँची?
(ग) बूंद ने कब अपने हाथों दुर्भाग्य को न्यौता दिया?
(घ) बूँद अन्त में किसके पास पहुँची?
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इस दुर्घटना से मेरे कान खड़े हो गए। मैं अपने और बुद्धिमान साथियों के साथ एक ओर निकल भागी। हम लोग अब एक ऐसे स्थान पर पहुँचे जहाँ पृथ्वी का गर्भ रह-रह कर हिल रहा था। एक बड़े जोर का धड़ाका हुआ। हम बड़ी तेजी से बाहर फेंक दिये गये। हम ऊँचे आकाश में उड़ चले। इस दुर्घटना से हम चौंक पड़े थे। पीछे देखने से ज्ञात हुआ कि पृथ्वी फट गई है और उसमें धुआँ, रेत, पिघली धातुएँ तथा लपटें निकल रही हैं। यह दृश्य बड़ा ही शानदार था और इसे देखने की हमें बारबार इच्छा होने लगी।
(क) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
(ख) किस दुर्घटना से बूंद के कान खड़े हो गए?
(ग) बूंद अपने साथियों के साथ बाहर क्यों फेंक दी गई?
(घ) बूंद को कौनसा दृश्य शानदार लगा?
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मैंने एक ऐसी वस्तु देखी कि मैं चौंक पड़ी। अब तक समुद्र में अँधेरा था, सूर्य का प्रकाश कुछ ही भीतर तक पहुँच पाता था और बल लगाकर देखने के कारण मेरे नेत्र दुखने लगे थे। मैं सोच रही थी कि यहाँ पर जीवों को कैसे दिखाई पड़ता होगा कि सामने ऐसा जीव दिखाई पड़ा मानो कोई लालटेन लिए घूम रहा हो। यह एक अत्यंत सुंदर मछली थी। इसके शरीर से एक प्रकार की चमक निकलती थी जो इसे मार्ग दिखलाती थी। इसका प्रकाश देखकर कितनी छोटी-छोटी अनजान मछलियाँ इसके पास आ जाती थीं और यह जब भूखी होती थी तो पेट भर उनका भोजन करती थी।
(क) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
(ख) समुद्र में अंधेरा होने का क्या कारण था?
(ग) समुद्र के अन्दर जो मछली दिखाई दी, उसकी क्या विशेषता थी?
(घ) वह मछली किसका और कब भोजन करती थी?
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अरबों वर्ष पहले मैं हदजन और ओषजन के रासायनिक क्रिया के कारण उत्पन्न हुई हूँ। उन्होंने आपस में मिलकर अपना प्रत्यक्ष अस्तित्व गँवा दिया है और मुझे उत्पन्न किया है। मैं उन दिनों भाप के रूप में पृथ्वी के चारों ओर घूमती फिरती थी। उसके बाद न जाने क्या हुआ? जब मुझे होश आया तो मैंने अपने को ठोस बर्फ के रूप में पाया। मेरा शरीर पहले भाप-रूप में था वह अब अत्यंत छोटा हो गया था। वह पहले से कोई सतरहवाँ भाग रह गया था। मैंने देखा मेरे चारों ओर मेरे असंख्य साथी बर्फ| बने पड़े थे। जहाँ तक दृष्टि जाती थी बर्फ के अतिरिक्त कुछ दिखाई न पड़ता था।
(क) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
(ख) बूंद की उत्पत्ति कब और किससे हुई?
(ग) भाप के रूप में कौन, कब और कहाँ घूम रही थी?
(घ) भाप बाद में धरती पर किस रूप में फैल गई थी?
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यह पिंड बड़ी तेजी से सूर्य की ओर बढ़ रहा था। ज्यों| त्यों पास आता जाता था, उसका आकार बढ़ता जाता था। यह सूर्य से लाखों गुना बड़ा था। उसकी महान आकर्षण-शक्ति से हमारा सूर्य काँप उठा। ऐसा ज्ञात हुआ कि उस ग्रहराज से टकराकर हमारा सूर्य चूर्ण हो जाएगा। वैसा न हुआ। वह सूर्य से सहस्रों मील दूर से ही घूम चला, परंतु उसकी भीषण आकर्षण-शक्ति के कारण सूर्य का एक भाग टूटकर उसके पीछे चला। सूर्य से टूटा हुआ भाग इतना भारी खिंचाव सँभाल न सका और कई टुकड़ों में टूट गया। उन्हीं में से एक टुकड़ा हमारी पृथ्वी है। यह प्रारंभ में एक बड़ा आग का गोला थी।
(क) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
(ख) कौनसा पिण्ड सूर्य की ओर बढ़ रहा था, उसका आकार कैसा था?
(ग) किसकी आकर्षण शक्ति से किसका एक भाग टूट गया था?
(घ) पृथ्वी पहले आग का गोला क्यों थी?
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कहानी के अन्त और प्रारम्भ के हिस्से को स्वयं पढ़कर देखिए और बताइए कि ओस की बूंद लेखक को आपबीती सुनाते हुए किसकी प्रतीक्षा कर रही थी?
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पानी की कहानी में लेखक ने कल्पना और वैज्ञानिक तथ्य का आधार लेकर ओस की बूंद की यात्रा का वर्णन किया है। ओस की बूंद अनेक अवस्थाओं में सूर्यमण्डल, पृथ्वी, वायु, समुद्र, ज्वालामुखी, बादल, नदी और जल से होते हुए पेड़ के पत्ते तक की यात्रा करती है। इस कहानी की भाँति आप भी लोहे ### प्लास्टिक की कहानी लिखने का प्रयास कीजिए।
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पेड़ के भीतर फव्वारा नहीं होता तब पेड़ की जड़ों से पत्ते तक पानी कैसे पहुँचता है? इस क्रिया को वनस्पतिशास्त्र में क्या कहते हैं? क्या इस क्रिया को जानने के लिए कोई आसान प्रयोग है? जानकारी प्राप्त कीजिए।
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पानी की कहानी' पाठ में ओस की बूंद अपनी कहानी स्वयं सुना रही है और लेखक केवल श्रोता है। इस आत्मकथात्मक शैली में आप भी किसी वस्तु का चुनाव करके कहानी लिखें।
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जलचक्र के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए और पानी की कहानी से तुलना करके देखिए कि लेखक ने पानी की कहानी में कौन-कौनसी बातें विस्तार से बताई हैं।
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