Question 14 Marks
शंकु के एक छिन्नक के लिए, पूर्व स्पष्ट किए संकेतों का प्रयोग करते हुए, आयतन का वह सूत्र सिद्ध कीजिए, जो अनुच्छेद 13.5 में दिया गया है।
Answer
हमें प्राप्त है कि:
[छिन्नक PQRS का आयतन] = [लम्बवृत्तीय शंकु OPQ का आयतन] - [लम्बवृत्तीय शंकु ORS का आयतन]
= $\frac{1}{3} \pi r_{1}^{2} h_{1}-\frac{1}{3} \pi r_{2}^{2} h_{2}=\frac{1}{3} \pi\left(r_{1}^{2} h_{1}-r_{2}^{2} h_{2}\right]$ ...(i)
चूंकि $\triangle \mathrm{OC}_{1} \mathrm{Q}-\triangle \mathrm{OC}_{2} \mathrm{~S}$
$\therefore$ $\frac{\mathrm{OQ}}{\mathrm{OS}}=\frac{\mathrm{QC}_{1}}{\mathrm{SC}_{2}}=\frac{\mathrm{OC}_{1}}{\mathrm{OC}_{2}}$
$\Rightarrow$ $\frac{l_{1}}{l_{2}}=\frac{r_{1}}{r_{2}}=\frac{h_{1}}{h_{2}}$ $\Rightarrow$ h1 = $\left(\frac{r_{1}}{r_{2}} \times h_{2}\right)$ ...(ii)
$\Rightarrow$ $\frac{r_{1}}{r_{2}}=\frac{h+h_{2}}{h_{2}}$ $\Rightarrow$ $\frac{r_{1}}{r_{2}}=\frac{h}{h_{2}}+1$
$\Rightarrow$ $\frac{h}{h_{2}}=\frac{r_{1}}{r_{2}}-1 \Rightarrow h=\left[\frac{r_{1}}{r_{2}}-1\right] \times h_{2}$
$\Rightarrow h = (r_1 - r_2) \frac{h_2}{h_1}$ ...(iii)
(i) और (ii) से हमें प्राप्त होता है कि:
छिन्नक PQRS का आयतन = $\frac{1}{3} \pi\left[r_{1}^{2} \times \frac{r_{1}}{r_{2}} h_{2}-r_{2}^{2} h_{2}\right]$
= $\frac{1}{3} \pi\left[\frac{r_{1}^{3}}{r_{2}}-r_{2}^{2}\right] h_{2}=\frac{1}{3} \pi\left[r_{1}^{3}-r_{2}^{3}\right] \frac{h_{2}}{r_{2}}$
= $\frac{1}{3} \pi\left(r_{1}^{2}+r_{2}^{2}+r_{1} r_{2}\right)\left[\left(r_{1}-r_{2}\right) \frac{h_{2}}{r_{2}}\right]$
= $\frac{1}{3} \pi\left(r_{1}^{2}+r_{2}^{2}+r_{1} r_{2}\right) h$ [(iii) से] View full question & answer→Question 24 Marks
शंकु के एक छिन्नक के लिए, पूर्व स्पष्ट किए संकेतों का प्रयोग करते हुए, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल के उन सूत्रों को सिद्ध कीजिए, जो अनुच्छेद 13.5 में दिए गए हैं।
Answer
छिन्नक PQRS का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = [लम्बवृत्तीय शंकु OPQ का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल] - [लम्बवृत्तीय शंकु ORS का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल]
= $\pi r_{1} l_{1}-\pi r_{2} l_{2}$ .....(i)
अब, $\triangle \mathrm{OC}_{1} \mathrm{Q} \sim \triangle \mathrm{OC}_{2} \mathrm{~S}$
$\therefore$ $\frac{\mathrm{OQ}}{\mathrm{OS}}=\frac{\mathrm{QC}_{1}}{\mathrm{SC}_{2}}=\frac{\mathrm{OC}_{1}}{\mathrm{OC}_{2}}$
$\Rightarrow$ $\frac{l_{1}}{l_{2}}=\frac{r_{1}}{r_{2}}=\frac{h_{1}}{h_{2}}$ $\Rightarrow$ $\frac{l+l_{2}}{l_{2}}=\frac{r_{1}}{r_{2}}$
$\Rightarrow$ $\frac{l}{l_{2}}+1=\frac{r_{1}}{r_{2}}$ $\Rightarrow \frac{l}{l_{2}}=\frac{r_{1}}{r_{2}}-1$
$\therefore$ l = $\left(\frac{r_{1}-r_{2}}{r_{2}}\right) l_{2}$
अब. (i) से
छिन्नक का वक्र-पृष्ठीय क्षेत्रफल = $\pi r_{1}\left(\frac{r_{1}}{r_{2}} l_{2}\right)-\pi r_{2} l_{2}=\pi l_{2}\left[\frac{r_{1}^{2}}{r_{2}}-r_{2}\right]=\pi l_{2}\left(\frac{r_{1}^{2}-r_{2}^{2}}{r_{2}}\right)$
= $\pi l_{2}\left[\frac{\left(r_{1}+r_{2}\right)\left(r_{1}-r_{2}\right)}{r_{2}}\right]$ = $\pi\left(\frac{r_{1}-r_{2}}{r_{2}}\right) l_{2} \times\left(r_{1}+r_{2}\right)$
= $\pi\left(r_{1}+r_{2}\right)$ ....(ii) [$\because$ $\left(\frac{r_{1}-r_{2}}{r_{2}}\right) l_{2}= l$]
अब, छिन्नक का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल) = (आधार का क्षेत्रफल) + (ऊपरी सतह का क्षेत्रफल)
= $\pi l\left(r_{1}+r_{2}\right)+\pi r_{2}^{2}+\pi r_{1}^{2}$ = $\pi\left(r_{1}+r_{2}\right) l+\pi\left(r_{1}^{2}+r_{2}^{2}\right)$
= $\pi\left[\left(r_{1}+r_{2}\right) l+r_{1}^{2}+r_{2}^{2}\right]$
View full question & answer→Question 34 Marks
टीन की बनी हुई एक तेल की कुप्पी 10 cm लंबे एक बेलन में एक शंकु के छिन्नक को जोड़ने से बनी है। यदि इसकी कुल ऊँचाई 22 cm है, बेलनाकार भाग का व्यास 8 cm है और कुप्पी के ऊपरी सिरे का व्यास 18 cm है, तो इसके बनाने में लगी टीन की चादर का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए
(देखिए आकृति)।

Answerहमें प्राप्त है कि बेलनाकार भाग के लिए: व्यास = 8 सेमी.
$\Rightarrow$ त्रिज्या (r) = $\frac{8}{2}$ = 4 सेमी.
ऊँचाई = 10 सेमी.
$\Rightarrow$ वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = $2 \pi r h=2 \times \frac{22}{7} \times 4 \times 10$ सेमी.$^2 = \frac{22}{7} \times 80$ सेमी.$^2$
छिन्नक के लिए: $r_1 = \frac{18}{2}$ सेमी. = 9 सेमी.,$r_2 = \frac{8}{2}$ = 4 सेमी.
ऊँचाई (H) = 22 - 10 = 12 सेमी.
$\therefore$ तिर्यक ऊँचाई (l) = $\sqrt{\mathrm{H}^{2}+\left(r_{1}-r_{2}\right)^{2}}=\sqrt{12^{2}+(9-4)^{2}}$
= $\sqrt{144+5^{2}}=\sqrt{144+25}=\sqrt{169}$ = 13
$\therefore$ वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल, $\pi\left(r_{1}+r_{2}\right) l$ = $\frac{22}{7} \times(4+9) \times 13$ सेमी.$^2$
= $\frac{22}{7} \times 13 \times 13$ सेमी.2 = $\frac{22}{7} \times 169$ सेमी.$^2$
टिन की चादर का क्षेत्रफल = (हिनक का क्षे.] + [बेलनाकार भाग का क्षे.]
= $\frac{22}{7} \times 169$ सेमी.$^2 + \frac{22}{7} \times 80$ सेमी.$^2 = \frac{22}{7}(169+80)$ सेमी.$^2$
= $\frac{22}{7} \times 249$ सेमी.$^2 = \frac{5478}{7}$ सेमी.$^2 = 782 \frac{4}{7}$ सेमी.$^2$
View full question & answer→Question 44 Marks
किसी महीने के $15$ दिनों में, एक नदी की घाटी में $10\ cm$ वर्षा हुई। यदि इस घाटी का क्षेत्रफल $7280\ km^2$ है, तो दर्शाइए कि कुल वर्षा लगभग तीन नदियों के सामान्य पानी के योग के समतुल्य थी, जबकि प्रत्येक नदी $1072\ km$ लंबी, $75\ m$ चौड़ी और $3\ m$ गहरी है।
Answerतीन नदियों का आयतन = 3[(एक नदी का क्षेत्रफल) $\times$ (नदी की गहराई)]
= $3\left\{\left(1072 { }^{2} \times \frac{75}{1000} \times \frac{3}{1000} \right\}\right.$
= $\frac{723600}{1000000}$ किमी.$3 = 0.7236$ किमी.$^3$
15 दिनों में हुई वर्षा का आयतन = (क्षेत्रफल) $\times$ (वर्षा की ऊँचाई)
= $7280 \times \frac{10}{100 \times 1000}$ किमी.$^3$ [$\because$ $10$ सेमी. = $\frac{10}{100 \times 1000}$ किमी.]
= $\frac{728}{1000}$ किमी.$^3= 0.728$ किमी.$^3$
चूंकि, $0.7236$ किमी.$^3= 0.728$ किमी.$^3$
$\therefore$ कुल वर्षा तीन नदियों के सामान्य पानी के योग के समतुल्य है।
View full question & answer→Question 54 Marks
एक टंकी, जिसके आंतरिक मापन 150 cm $\times$ 120 cm $\times$ 110 cm हैं, में $129600 cm^3 $पानी है। इस पानी में कुछ छिद्र वाली ईंटें तब तक डाली जाती हैं, जब तक कि टंकी पूरी ऊपर तक भर न जाए। प्रत्येक ईंट अपने आयतन का $\frac{1}{17}$ पानी सोख लेती है। यदि प्रत्येक ईंट की माप 22.5 cm $\times$ 7.5 cm $\times$ 6.5 cm हैं, तो टंकी में कुल कितनी ईंटें डाली जा सकती हैं, ताकि उसमें से पानी बाहर न बहे?
Answerटंकी का आन्तरिक मापन 150 सेमी., 120 सेमी. और 110 सेमी.
$\therefore$ टंकी का आन्तरिक आयतन = 150 $\times$ 120 $\times$ 110 सेमी.$^3$= 1980000 सेमी$.^3$
अब, एक ईट का आयतन = 22.5 $\times$ 7.5 $\times$ 6.5 सेमी.$^3$
= $\frac{225}{10} \times \frac{75}{10} \times \frac{65}{10}$ $cm^3 = 1096.875$ सेमी.$^3$
$\therefore$ पानी का आयतन जो एक ईंट सोखती है = $\frac{1}{17} \times\left(1096.875 \right)$
माना टंकी में n इटें डाली जा सकती हैं
$\therefore$ n ईंटों द्वारा सोखे गये पानी का आयतन = $\frac{n}{17} \times(1096.875)$ सेमी.$^3$
चूंकि [n-ईंटों का आयतन] = [ ( टंकी में खाली बची जगह) + (n-ईटों द्वारा सोखे गए पानी का आयतन)]
$\Rightarrow$ [n $\times$ (1096.875)] = [1850400 + $\frac{n}{17}$(1096.875)]
$\Rightarrow$ 1096.875 n - $\frac{n}{17}$(1096.875) = 1850400
$\Rightarrow$ $\left(n-\frac{n}{17}\right) \times 1096.875$ = 1850400 $\Rightarrow$ $\frac{16}{17} n=\frac{1850400}{1096.875}$
$\Rightarrow$ n = $\frac{1850400}{1096875} \times 1000 \times \frac{17}{16}$ = 1792.4102 = 1792
इस प्रकार, टंकी में, 1792 ईटें डाली जा सकती हैं।
View full question & answer→Question 64 Marks
एक समकोण त्रिभुज, जिसकी भुजाएँ 3 cm और 4 cm हैं (कर्ण के अतिरिक्त), को उसके कर्ण के परितः घुमाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त द्वि-शंकु (double cone) के आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi$ का मान जो भी उपयुक्त लगे, प्रयोग कीजिए।)
Answer
हमें प्राप्त है कि समकोण $\triangle$BAC जिसमें $\angle A = 90^o$
AB = 3 सेमी. और AC = 4 सेमी.
$\Rightarrow$ कर्ण BC = $\sqrt{3^{2}+4^{2}}$ = 5 सेमी.
चूंकि, दूसरा शंकु कर्ण के परित: घुमाकर बनाया गया है, जिसका आधार AA' है।
अब, $\frac{A D}{C A}=\frac{A B}{C B}$ [$\because$ $\triangle$ADB $\sim$ $\triangle$CAB]
$\Rightarrow$ $\frac{\mathrm{AD}}{4}=\frac{3}{5}$ $\Rightarrow$ AD = $\frac{3}{5} \times 4=\frac{12}{5}$ सेमी.
तथा $\frac{\mathrm{DB}}{\mathrm{AB}}=\frac{\mathrm{AB}}{\mathrm{CB}} \Rightarrow \frac{\mathrm{DB}}{3}=\frac{3}{5}$ $\Rightarrow$ DB = $\frac{3 \times 3}{5}=\frac{9}{5}$ सेमी.
चूंकि CD = BC - DB $\Rightarrow$ CD = $5-\frac{9}{5}=\frac{16}{5}$ सेमी.
अब द्वि-शंकु का आयतन = $\left[\frac{1}{3} \pi \times\left(\frac{12}{5}\right)^{2} \frac{9}{5}+\frac{1}{3} \pi \times\left(\frac{12}{5}\right)^{2} \times \frac{16}{5}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{1}{3} \pi \times\left(\frac{12}{5}\right)^{2}\left[\frac{9}{5}+\frac{16}{5}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{1}{3} \pi \times \frac{144}{25} \times 5$ सेमी.^3 = $\frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times \frac{144}{25} \times 5$ सेमी.$^3 = 30.14$ सेमी.$^3 $
द्विशंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल = $\left(\pi \times \frac{12}{5} \times 3\right)+\left(\pi \times \frac{12}{5} \times 4\right)$सेमी.$^2 = \pi \times \frac{12}{5}[3+4]$ सेमी.$^2$
= $\frac{314}{100} \times \frac{12}{5} \times 7$ सेमी.^2 = 52.75 सेमी.$^2$ View full question & answer→Question 74 Marks
व्यास 3 mm वाले ताँबे के एक तार को 12 cm लंबे और 10 cm व्यास वाले एक बेलन पर इस प्रकार लपेटा जाता है कि वह बेलन के वक्र पृष्ठ को पूर्णतया ढक लेता है। तार की लंबाई और द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, यह मानते हुए कि ताँबे का घनत्व 8.88 g प्रति $cm^3$ है।
Answerचूकि तार का व्यास = 3 मिमी.
$\therefore$ तार एक चक्कर में बेलन की पृष्ठीय मोटाईं का 3 मिमी. (अर्थात् $\frac{3}{10}$ सेमी.) स्थान को ढकता है।
चूंकि तार की वक्र पृष्ठीय लम्बाई 12 सेमी. है।
माना वांछित लपेटों की संख्या = n $\Rightarrow$ n = $\frac{12}{3 / 10}=\frac{120}{3}$ = 40
अत: तार, बेलन के वक्रपृष्ठ को 40 लपेटों में पूर्णतया ढक लेगा।
तार की लम्बाई और द्रव्यमान: तार का व्यास = $\frac{3}{10}$ cm
$\Rightarrow$ तार की त्रिज्या = $\frac{3}{10} \times \frac{1}{2}$ सेमी. = $\frac{3}{20}$ सेमी.
चूकि बेलन का व्यास = 10 सेमी.
$\therefore$ बेलन की त्रिज्या (r) = $\frac{10}{2}$ = 5 सेमी.
$\therefore$ बेलन को एक बार लपेटने के लिए तार की लम्बाई = $2 \pi r=2 \times \pi \times 5$ सेमी. = 10$\pi$ सेमी.
$\Rightarrow$ बेलन को 40 बार लपेटने के लिए तार की लम्बाई = $40 \times 10 \pi=400 \pi$ सेमी. = $400 \times 3.14$ सेमी. = 1256 सेमी.
$\therefore$ तार का आयतन = $\left(\pi r^{2} l\right)=\frac{22}{7} \times \frac{3}{20} \times \frac{3}{20} \times 1256$ सेमी.$^3$
अब, तार का घनत्व = 8.88 ग्राम/सेमी.$^3$
तार का द्रव्यमान = [तार का आयतन] $\times$ [ तार का घनत्व]
= $\left[\frac{22}{7} \times \frac{3}{20} \times \frac{3}{20} \times 1256\right] \times 8.88$ ग्राम
= $\frac{22}{7} \times \frac{3}{20} \times \frac{3}{20} \times 1256 \times \frac{888}{100}$ ग्राम = 788 ग्राम
View full question & answer→Question 84 Marks
20 cm ऊँचाई और शीर्ष कोण (vertical angle) $60^o$ वाले एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, जबकि तल शंकु के आधार के समांतर है। यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक को व्यास $\frac{1}{16}$ cm वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो तार की लंबाई ज्ञात कीजिए। ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answer
माना दिए गये शंकु ABC का छिन्नक DECB है।
यहाँ,$ r_1 = BO$ और $r_2 = DO $
$\triangle$AOB में, $\frac{r_{1}}{\left(h_{1}+h_{2}\right)}$ = tan $30^o = \frac{1}{\sqrt{3}}$
$\Rightarrow r_1 = \left(h_{1}+h_{2}\right) \times \frac{1}{\sqrt{3}}$
= $20 \times \frac{1}{\sqrt{3}}$
$\triangle$ADO में, $\frac{r_{2}}{h_{1}}$ = tan $30^o$
$\Rightarrow r_2 = h_{1} \times \frac{1}{\sqrt{3}}=10 \times \frac{1}{\sqrt{3}}$
अब, छिन्नक DBCE का आयतन
= $\frac{1}{3} \pi h_{2}\left[r_{1}^{2}+r_{2}^{2}+r_{1} r_{2}\right]$ = $\frac{1}{3} \times \pi \times 10\left[\left(\frac{20}{\sqrt{3}}\right)^{2}+\left(\frac{10}{\sqrt{3}}\right)^{2}+\frac{20}{\sqrt{3}} \times \frac{10}{\sqrt{3}}\right]$
= $\frac{\pi}{3} \times 10\left[\frac{400}{3}+\frac{100}{3}+\frac{200}{3}\right]$ = $\frac{\pi}{3} \times 10\left[\frac{700}{3}\right]$
चूँकि छिन्नक को एक तार के रूप में बदला जाता है जिसका व्यास (D) = $ \frac{1}{16}$ cm
माना तार की लम्बाई l है। और एक तार का रूप बेलनाकार होता है
$\therefore$ तार (बेलन) का आयतने = $\pi^{2} l$
= $\pi\left(\frac{\mathrm{D}}{2}\right)^{2} \times l=\frac{\pi \mathrm{D}^{2} l}{4}=\frac{\pi l}{4 \times 16 \times 16}$ [$\because$ D = $\frac{1}{16}$]
$\because$ छिन्नक का आयतन = तार का आयतन
$\therefore$ $\left[\frac{\pi}{3} \times 10 \times \frac{700}{3}\right]=\frac{\pi l}{4 \times 16 \times 16}$ $\Rightarrow$ $\frac{l}{4 \times 16 \times 16}=\frac{10 \times 700}{3 \times 3}$
$\Rightarrow$ l = $\frac{10 \times 700}{3 \times 3} \times 4 \times \frac{16}{100} \times \frac{16}{100}$ m [$\because$ 16 सेमी = $\frac{16}{100}$ मी]
= $\frac{7168000}{9 \times 100}$ मी = 7964.44 मी
अत: तार की अभीष्ठ लम्बाई 7964.44 मी. है। View full question & answer→Question 94 Marks
धातु की चादर से बना और ऊपर से खुला एक बर्तन शंकु के एक छिन्नक के आकार का है, जिसकी ऊँचाई 16 cm है तथा निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 cm और 20 cm हैं। ₹20 प्रति लीटर की दर से, इस बर्तन को पूरा भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात कीजिए। साथ ही, इस बर्तन को बनाने के लिए प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य ₹ 8 प्रति $100 cm^2$ की दर से ज्ञात कीजिए। ($\pi$ = 3.14 लीजिए।)
Answer
हमें प्राप्त है कि:$ r_1 = 20$ सेमी.,$ r_2 = 8$ सेमी. और h = 16 सेमी.
$\therefore$ छिन्नक का आयतन = $\frac{1}{3} \pi h\left[r_{1}^{2}+r_{2}^{2}+r_{1} r_{2}\right]$
= $\frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times 16\left[20^{2}+8^{2}+20 \times 8\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times 16[400+64+160]$ सेमी.$^3$
= $\frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times 16 \times 624$ सेमी.$^3$ = $\left[\frac{314}{100} \times 16 \times 208\right]$ सेमी.$^3$
= $\left[\frac{314}{100} \times 16 \times 208\right]$ + 1000 litres = $\frac{314 \times 16 \times 208}{100000}$ लीटर
$\therefore$ दूध की कीमत = $20 \times \frac{314 \times 16 \times 208}{100000}$ = $\frac{628 \times 16 \times 208}{10000}$
= $\frac{2089984}{10000}$ = ₹208.998 = ₹209
दिए गये छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई l = $\sqrt{h^{2}+\left(r_{1}-r_{2}\right)^{2}}=\sqrt{16^{2}+(20-8)^{2}}=\sqrt{16^{2}+12^{2}}$
= $\sqrt{256+144}=\sqrt{400}$ = 20 सेमी.
$\therefore$ वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल = $\pi\left(r_{1}+r_{2}\right) l=\frac{314}{100}(20+8) \times 20$ सेमी.$^2$
= $\frac{314}{100} \times 28 \times 20$ सेमी.$^2$ = $\frac{314}{5} \times 28$ सेमी.$^2$
= $\frac{8792}{5}$ सेमी.$^2$ = 1758.4 सेमी.$^2$
आधार का क्षेत्रफल = $\pi r^{2}=\frac{314}{100} \times 8 \times 8$ सेमी.$^2$ = $\frac{20096}{100}$ सेमी.$^2$ = 200.96 सेमी$^2$
$\therefore$ आवश्यक धातु का क्षेत्रफल = 1758.4 सेमी.$^2$ + 200.96 सेमी.$^2$ = 1959.36 सेमी.$^2$
धातु की कीमत = ₹$\frac{8}{100} \times 1959.36$ = ₹156.75 View full question & answer→Question 104 Marks
एक किसान अपने खेत में बनी 10 m व्यास वाली और 2 m गहरी एक बेलनाकार टंकी को आंतरिक व्यास 20 cm वाले एक पाइप द्वारा एक नहर से जोड़ता है। यदि पाइप में पानी 3 km/h की चाल से बह रहा है, तो कितने समय बाद टंकी पूरी भर जाएगी? ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answerपाइप का व्यास = 20 सेमी.
$\Rightarrow$ पाइप की त्रिज्या (r) = $\frac{20}{2}$ सेमी. = 10 सेमी.
चूंकि पानी के बहाव की चाल 3 किमी./घ. है।
$\therefore$1 घंटे में बहे पानी के स्तंभ की लम्बाई = 3 किमी.
= 3 $\times$ 1000 मी. = 3 $\times$ 1000 $\times$ 100 सेमी.
$\Rightarrow$ h = 300000 सेमी.
$\therefore$ पानी का आयतन = $\left(\pi r^{2} h\right)=\pi \times 10^{2} \times 300000$ सेमी.$^3$
= $\pi \times 30000000$ सेमी.$^3$
बेलनाकार टंकी के लिए: चूकि व्यास = 10 मी., त्रिज्या = $\frac{10}{2}$ मी. = 5 मी. = 500 सेमी.
ऊँचाई (H) = 2 मी. = 200 सेमी.
$\therefore$ बेलनाकार टंकी का आयतन $\pi r^{2} \mathrm{H}=\pi \times(500)^{2} \times 200$ सेमी.$^3$
अब, टंकी को भरने में लगा समय = 
= $\frac{\pi \times 500 \times 500 \times 200}{\pi \times 30000000}$ घंटे = $\frac{5 \times 5 \times 2}{30}$ घंटे
= $\frac{5}{3}$ घंटे = $\frac{5}{3} \times 60 $ मिनट = 100 मिनट
अत: टंकी 100 मिनट में भरेगी। View full question & answer→Question 114 Marks
6 m चौड़ी और 1.5 m गहरी एक नहर में पानी 10 km/h की चाल से बह रहा है। 30 मिनट में, यह नहर कितने क्षेत्रफल की सिंचाई कर पाएगी, जबकि सिंचाई के लिए 8 cm गहरे पानी की आवश्यकता होती है। ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answerनहर की चौडाई = 6 मी., नहर की गहराई = 1.5 मी.
1 घंटे में बह जाने वाले पानी की लम्बाई = 10 किमी.
$\therefore 30$ मिनट (अर्थात् $\frac{1}{2}$ घ.) में बह जाने वाले पानी के स्तभ की लम्बाई
$\frac{10}{2}$ किमी$=5$ किमी$=5000$ मी.
$\Rightarrow \frac{1}{2}$ घंटे में बहने वाले पानी की मात्रा (आयतन)
$=6 \times 1.5 \times 5000$ मी$^3=6 \times \frac{15}{10} \times 5000$ मी$^3=45000$ मी$^3$
चूकि पानी की इस मात्रा (आयतन) का फैलाव एक ऐसे घनाभ के रूप में है जिसकी ऊँचाई 8 सेमी(या $\frac{8}{100}$ मी.) हो। माना घनाभ का क्षेत्रफल $=a$ सेमी$^2$
$\therefore$ घनाभ का आयतन $=$ क्षेत्रफल (आधार का) $\times$ ऊँचाई
$\therefore a \times \frac{8}{100}=45000$ इस प्रकार, $a \times \frac{8}{100}=45000$
$\Rightarrow \mathrm{a}=\frac{45000 \times 100}{8}=\frac{4500000}{8}$ मी$^2$
$\Rightarrow a=562500$ मी$^2=\frac{562500}{10000}$ hectares $=56.25$ hectares
View full question & answer→Question 124 Marks
32 cm ऊँची और आधार त्रिज्या 18 cm वाली एक बेलनाकार बाल्टी रेत से भरी हुई है। इस बाल्टी को भूमि पर खाली किया जाता है और इस रेत की एक शंक्वाकार ढेरी बनाई जाती है। यदि शंक्वाकार ढेरी की ऊँचाई 24 cm है, तो इस ढेरी की त्रिज्या और तिर्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए। ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answer
बेलनाकार बाल्टी के लिए:
त्रिज्या (r) = 18 सेमी., ऊँचाई (h) = 32 सेमी.
आयतन $\pi r^{2} h$ = $\frac{22}{7} \times(18)^{2} \times 3$ सेमी.$^3$
$\Rightarrow$ रेत का आयतन = $\left(\frac{22}{7} \times 18 \times 18 \times 32\right)$ सेमी.$^3$
शंक्वाकार डेरी के लिए: ऊँचाई (H) = 24 सेमी.
माना आधार की त्रिज्या (R) है।
$\therefore$ शंक्वाकार ढेरी का आयतन = $\frac{1}{3} \pi R^{2} H=\left[\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times R^{2} \times 24\right]$ सेमी.$^3$
शंक्वाकार रेत की बेरी की त्रिज्या: शंक्वाकार डेरी का आयतन = रेत का आयतन
$\therefore$ $\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \mathrm{R}^{2} \times 24$ = $\frac{22}{7} \times 18 \times 18 \times 32$
$\Rightarrow$ $R^2$ = $\frac{22}{7} \times 18 \times 18 \times 32 \times 3 \times \frac{7}{22} \times \frac{1}{24}$
$= 18$ $\times$ 18 $\times$ $4 = 18^2$ $\times$ $2^2$
$\Rightarrow$ R = $\sqrt{18^{2} \times 2^{2}}$ = 18 $\times$ 2 सेमी. = 36 सेमी.
तिर्यक रेखा: माना रेत के शंक्वाकार ढेर की तिर्यक ऊँचाई l' है।
$\therefore$ $l^2 = R^2 + H^2$ $\Rightarrow$ $l^2 = 24^2 + 36^2$
$\Rightarrow$ $l^2 = (12$ $\times$ $2)2 + (12$ $\times$ $3)^2$
$\Rightarrow$ $l^2 = 12^2[2^2 + 3^2]$ $\Rightarrow$ $l^2 = 12^2$ $\times$ $13$
$\Rightarrow$ l = $\sqrt{12^{2} \times 13}=12 \times \sqrt{13}$
इस प्रकार, ढेरी की वाँछित ऊँचाई 36 सेमी. और तिर्यक ऊँचाई $12 \sqrt{13}$ सेमी है। View full question & answer→Question 134 Marks
विमाओं $5.5\ cm$ $\times$ 10 cm $\times$ $3.5\ cm$ वाला एक घनाभ बनाने के लिए, $1.75\ cm$ व्यास और $2\ mm$ मोटाई वाले कितने चाँदी के सिक्कों को पिघलाना पड़ेगा? ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answerवृत्तीय सिक्के के लिए:
$\because$ व्यास $(d) = 1.75$ सेमी. $\Rightarrow$ त्रिज्या (r) = $\frac{175}{200}$ सेमी.
मोटाई $(h) = 2$ सेमी. = $\frac{2}{10}$ सेमी.
$\therefore$ आयतन = $\pi r^{2} h=\frac{22}{7} \times\left(\frac{175}{200}\right)^{2} \times \frac{2}{10}$ सेमी.3 [सिक्का बेलनाकार है]
घनाभ के लिए: लम्बाई (l) = 10 सेमी., चौड़ाई (b) = 5.5 सेमी.
ऊँचाई $(h) = 3.5 $सेमी., आयतन = $10 \times \frac{55}{10} \times \frac{35}{10}$ सेमी.$^3$
सिक्कों की संख्या: माना वांछित सिक्कों की संख्या n है।
n = $\left[10 \times \frac{55}{10} \times \frac{35}{10}\right]+\left[\frac{22}{7} \times \frac{175}{200} \times \frac{175}{200} \times \frac{2}{10}\right]$
= $10 \times \frac{55}{10} \times \frac{35}{10} \times \frac{7}{22} \times \frac{200}{175} \times \frac{200}{175} \times \frac{10}{2}$ = 16 $\times$ 25 = 400
इस प्रकार, वांछित सिक्कों की संख्या = 400
View full question & answer→Question 144 Marks
व्यास 12 cm और ऊँचाई 15 cm वाले एक लंब वृत्तीय बेलन के आकार का बर्तन आइसक्रीम से पूरा भरा हुआ है। इस आइसक्रीम को ऊँचाई 12 cm और व्यास 6 cm वाले शंकुओं में भरा जाना है, जिनका ऊपरी सिरा अर्धगोलाकार होगा। उन शंकुओं की संख्या ज्ञात कीजिए जो इस आइसक्रीम से भरे जा सकते हैं। ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answerवृत्तीय बेलन के लिए: व्यास = 12 सेमी. $\Rightarrow$ त्रिज्या = $\frac{12}{2}$ = 6 सेमी.
ऊँचाई (h) = 15 सेमी.
$\therefore$ आयतन = $\pi r^{2} h$
$\Rightarrow$ कुल आइसक्रीम का आयतन = $\frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 15$ सेमी.$^3$
शंक्वाकार + अर्धगोलाकार आइसक्रीम शंकु के लिए
व्यास = 6 सेमी. $\Rightarrow$ त्रिज्या (R) = 3 सेमी.
शंकु की ऊँचाई (H) = 12 सेमी.
आयतन = [शंक्वाकार भाग का आयतन] + [अर्धगोलाकार भाग का आयतन]
= $\frac{1}{3} \pi \mathrm{R}^{2} \mathrm{H}+\frac{2}{3} \pi \mathrm{R}^{3}=\frac{1}{3} \pi \mathrm{R}^{2}[\mathrm{H}+2 \mathrm{R}]$
= $\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 3 \times 3[12+2 \times 3]$ सेमी.$^3$ = $\frac{22 \times 3}{7} \times 18$ सेमी.$^3$
माना आइसक्रीम शंकुओं की संख्या = n
$\therefore$ $n\left[\frac{22 \times 3}{7} \times 18\right]$ = $\frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 15$
$\Rightarrow$ n = $\frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 15 \times \frac{7}{22} \times \frac{1}{3} \times \frac{1}{18}$ $\Rightarrow$ n = 2 $\times$ 5 = 10
अत: आइसक्रीम शंकुओं की संख्या = 10
View full question & answer→Question 154 Marks
व्यास 3 m का एक कुआँ 14 m की गहराई तक खोदा जाता है। इससे निकली हुई मिट्टी को कुएँ के चारों ओर 4 m चौड़ी एक वृत्ताकार वलय (ring) बनाते हुए, समान रूप से फैलाकर एक प्रकार का बाँध बनाया जाता है। इस बाँध की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$)
Answerबेलनाकार कुएँ का व्यास (d) = 3 मी.
$\Rightarrow$ कुएँ की त्रिज्या (r) = $\frac{3}{2}$ मी. = 1.5 मी.
चूंकि कुएँ की गहराई (h) = 14 मी.
$\therefore$ आयतन $\left(\pi r^{2} h\right)$ = $\frac{22}{7} \times\left(\frac{15}{10}\right)^{2} \times 14$ मी.$^3$ = $\frac{22 \times 15 \times 15 \times 14}{7 \times 10 \times 10}$ मी.$^3$
= $11 \times 3 \times 3$ मी.$^3$ = 99 मी.$^3$
माना वृत्ताकार वलय (ring) की ऊँचाई = H मी.
वलय (ring) की भीतरी त्रिज्या (r) = 1.5 मी.
वलय (ring) की बाहरी त्रिज्या (R) = (4 + 1.5) मी. = 5.5 मी.
$\therefore$ वलय (ring) का आयतन = $\pi \mathrm{R}^{2} \mathrm{H}-\pi r^{2} \mathrm{H}=\pi \mathrm{H}\left[\mathrm{R}^{2}-r^{2}\right]=\pi \mathrm{H}(\mathrm{R}+r)(\mathrm{R}-r)$
= $\frac{22}{7} \times$H(5.5 + 1.5)(5.5 - 1.5) = $\frac{22}{7} \times \mathrm{H} \times 7 \times 4$ मी.$^3$
चूंकि वलय (ring) का आयतन = बेलनाकार कुँए का आयतन
$\therefore$ $\left[\frac{22}{7} \times \mathrm{H} \times 7 \times 4\right]$ = 99
$\Rightarrow$ H = $99 \times \frac{7}{22} \times \frac{1}{7} \times \frac{1}{4}$ मी. = $\frac{9}{8}$ मी.$^3$= 1.125 मी.$^3$
अतः वलय (ring) की अभीष्ठ ऊँचाई = 1.125 मी.
View full question & answer→Question 164 Marks
व्यास 7 m वाला 20 m गहरा एक कुआँ खोदा जाता है और खोदने से निकली हुई मिट्टी को समान रूप से फैलाकर 22 m $\times$ 14 m वाला एक चबूतरा बनाया गया है। इस चबूतरे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$)
Answerबेलनाकार कुआँ का व्यास = 7 मी. $\Rightarrow$ त्रिज्या (r) = $\frac{7}{2}$मी.
कुआँ की गहराई (h) = 20 मी.
$\therefore$ कुओँ का आयतन = $\pi r^{2} h=\frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2} \times 20$ मी.$^3$ = 22 $\times$ 7 $\times$ 5 मी.$^3$
कुआँ से निकाली गई मिट्टी का आयतन = 22 $\times$ 7 $\times$ 5 मी.$^3$
चूंकि, निकाली गई मिट्टी से घनाभ के रूप में चबूतरा बनाया गया है जिसकी
लम्बाई = 22 मी., चौड़ाई = 14 मी.
माना चबूतरे की ऊँचाई h मी. है।
$\therefore$ चबूतरे का आयतन = 22 $\times$ 14 $\times$ h मी.$^3$
$\therefore$ 22 $\times$ 14 $\times$ h = 22 $\times$ 7 $\times$ 5
$\Rightarrow$ h = $\frac{22 \times 7 \times 5}{22 \times 14}=\frac{5}{2}$ मी. = 2.5 मी.
अत: चबूतरे की वाछित ऊँचाई 2.5 मी. है।
View full question & answer→Question 174 Marks
क्रमशः $6 \ cm, 8 \ cm $और $10 \ cm $त्रिज्याओं वाले धातु के तीन ठोस गोलों को पिघलाकर एक बड़ा ठोस गोला बनाया जाता है। इस गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$)
Answerदिए गए गोलों की त्रिज्याएँ है: $r_1 = 6$ सेमी.$, r_2 = 8 $सेमी., $r_3 = 10$ सेमी.
$\Rightarrow$ दिए गये के आयतन: $V_1 = \frac{4}{3} \pi r_{1}^{3}, V_2 = \frac{4}{3} \pi r_{2}^{3}, V_3 = \frac{4}{3} \pi r_{3}^{3}$
$\therefore$ दिए गये गोलों का कुल आयतन $= V_1 + V_2 + V_3$
= $\frac{4}{3} \pi r_{1}^{3}+\frac{4}{3} \pi r_{2}^{3}+\frac{4}{3} \pi r_{3}^{3}=\frac{4}{3} \pi\left[r_{1}^{3}+r_{2}^{3}+r_{3}^{3}\right]$
= $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times\left[6^{3}+8^{3}+10^{3}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times[216+512+1000]$ सेमी.$^3$
= $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times[1728]$ सेमी.$^3$
माना वांछित बड़े गोले की त्रिज्या = R
$\therefore$ नये गोले का आयतन = $\frac{4}{3} \times \pi \times \mathrm{R}^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \mathrm{R}^{3}$
चूंकि, दोनों आयतन समान है,
$\therefore$ $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \mathrm{R}^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 1728$ सेमी.$^3$
$\Rightarrow R^3 = 1728 \Rightarrow R^3 = 2^3 \times 2^3 \times 3^3$
$ \Rightarrow R^3 = (2 \times 2 \times 3)^3$
$ \Rightarrow R = 2 \times 2 \times 3 \Rightarrow R = 12$ सेमी.
इस प्रकार गोले की त्रिज्या $= 12$ सेमी.
View full question & answer→Question 184 Marks
त्रिज्या $4.2 \ cm$ वाले धातु के एक गोले को पिघलाकर त्रिज्या 6 cm वाले एक बेलन के रूप में ढाला जाता है। बेलन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$)
Answerगोले की त्रिज्या $(r_1) = 4.2$ सेमी.
$\Rightarrow$ गोले का आयतन $\left(\frac{4}{3} \pi r_{1}^{3}\right)$ = $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10}$ सेमी.$^3$
बेलन की त्रिज्या $(r_2) = 6 $सेमी.
माना वांछित बेलन की ऊँचाई h सेमी. है।
$\therefore$ बेलन का वाछित आयतन = $\pi r_{2}^{2} h=\frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times h$
चूंकि, धातु के गोले का आयतन = बेलन का आयतन
$\Rightarrow$ $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10}$ = $\frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times h$
$\Rightarrow$ h = $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \times \frac{7}{22} \times \frac{1}{6} \times \frac{1}{6}$ सेमी.
= $\frac{4 \times 7 \times 7 \times 4}{10 \times 10 \times 10}$ सेमी. = $\frac{2744}{1000}$ सेमी. = 2.744 सेमी.
अतः बेलन की ऊँचाई = 2.744 सेमी.
View full question & answer→Question 194 Marks
एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लंबाई $8 cm $है और व्यास $2 cm$ है जबकि गोलाकार भाग का व्यास $8.5 cm$ है। इसमें भरे जा सकने वाली पानी की मात्रा माप कर, एक बच्चे ने यह ज्ञात किया कि इस बर्तन का आयतन $345 cm^3$ है। जाँच कीजिए कि उस बच्चे का उत्तर सही है या नहीं, यह मानते हुए कि उपरोक्त मापन आंतरिक मापन है और $\pi$ = 3.14।
Answer
बेलनाकार भाग का आयतन = $\pi r^{2} h=3.14 \times 1^{2} \times 8$ [$\because$ त्रिज्या = $\frac{2}{2}$ = 1 cm, ऊँचाई (h) = 8 सेमी.]
= $\frac{314}{100} \times 8$ सेमी.$^3$
गोलाकार भाग का आयतन = $\frac{4}{3} \pi r_{1}^{3}$ [यहाँ, $r_1 = \frac{8.5}{2}$ सेमी.]
= $\frac{4}{3} \times \frac{314}{100} \times \frac{85}{20} \times \frac{85}{20} \times \frac{85}{20}$ सेमी.$^3$
गोलाकार बर्तन का कुल आयतन = $\left[\frac{314}{100} \times 8\right]+\left[\frac{314}{100} \times \frac{4}{3} \times \frac{85 \times 85 \times 85}{8000}\right]$
= $\frac{314}{100}\left[8+\frac{4 \times 85 \times 85 \times 85}{24000}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{314}{100}\left[8+\frac{614125}{6000}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{314}{100}\left[\frac{48000+614125}{6000}\right]$ सेमी.$^3$ = $\frac{314}{100}\left[\frac{662125}{6000}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{314}{100} \times \frac{5297}{48}$ सेमी.$^3$ = $\frac{157}{100} \times \frac{5297}{24}=\frac{831629}{2400}$ सेमी.$^3$
$= 346.51$ सेमी.$^3$ (लगभग)
$\Rightarrow$ बर्तन में पानी का आयतन $= 346.51$ सेमी.$^3$
चूंकि बच्चे द्वारा ज्ञात किया गया पानी का आयतन $= 345$ सेमी.$^3$
$\therefore$ बच्चे का उत्तर सही नहीं है।
$\Rightarrow$ सही उत्तर है $346.51$ सेमी.$^3$ View full question & answer→Question 204 Marks
एक ठोस में, ऊँचाई 120 cm और त्रिज्या 60 cm वाला एक शंकु सम्मिलित है, जो 60 cm त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर आरोपित है। इस ठोस को पानी से भरे हुए एक लंब वृत्तीय बेलन में इस प्रकार सीधा डाल दिया जाता है कि यह बेलन की तली को स्पर्श करे। यदि बेलन की त्रिज्या 60 cm है और ऊँचाई 180 cm है तो बेलन में शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात कीजिए। ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answerशंक्वाकार भाग की ऊँचाई = 120 सेमी.
शंक्वाकार भाग के आधार की त्रिज्या = 60 सेमी.
$\therefore$ शंक्वाकार भाग का आयतन = $\frac{1}{3} \pi r^{2} h$
= $\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 120$ सेमी.$^3$
अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या = 60 सेमी.
अर्धगोलाकार भाग का आयतन = $\frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 60$ सेमी.$^3$
अब, ठोस का आयतन = [ शंक्वाकार भाग का आयतन] + [अर्धगोलाकार भाग का आयतन]
= $\left[\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^{2} \times 120\right]+\left[\frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^{3}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^{2}[60+60]$ सेमी.$^3$
= $\frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 120$ सेमी.$^3$
= $\frac{2 \times 22 \times 60 \times 60 \times 40}{7}$ सेमी.$^3$
= $\frac{6336000}{7}$ सेमी.$^3$

बेलन का आयतन = $\frac{22}{7} \times 60^{2} \times 180$ सेमी.$^3$
= $\frac{22 \times 60 \times 60 \times 180}{7}$ सेमी.$^3$
= $\frac{14256000}{7}$ सेमी.$^3$
$\therefore$ बेलन में पानी का आयतन = $\frac{14256000}{7}$ सेमी.$^3$
अब, बेलन में शेष बचे पानी का आयतन = $\left[\frac{14256000}{7}-\frac{6336000}{7}\right]$ सेमी.$^3$
= $\frac{7920000}{7}$ सेमी.$^3$
= 1131428.57142 सेमी.$^3$
= $\frac{1131428.57142}{1000000}$ मी.$^3$ $[$$\because$ 1000000 सेमी.$^3$ $= 1$ मी.$^3]$
= 1.13142857142 मी.$^3$
= 1.131 मी.$^3$ (लगभग) View full question & answer→Question 214 Marks
ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का एक स्तंभ बना है। इस स्तंभ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, जबकि दिया है $1\ cm^3$ लोहे का द्रव्यमान लगभग 8 g होता है। ($\pi$ = 3.14 लीजिए।)
Answer
बड़े बेलन की ऊँचाई (h) = 220 सेमी.
आधार की त्रिज्या (r) = $\frac{24}{2}$ सेमी. = 12 सेमी.
$\therefore$ बड़े बेलन का आयतन = $\pi r^{2} h$ = $\pi(12)^{2} \times 220$ सेमी$^3 .$
चूंकि, छोटे बेलन की ऊँचाई $= h_1 = 60$ सेमी.
आधार की त्रिज्या $= r_1 = 8$ सेमी.
$\therefore$ छोटे बेलन का आयतन = $\pi r_{1}^{2} h_{1}$ = $\pi(8) \times 60$ सेमी$^3 .$
$\therefore$ लोहे के स्तंभ का आयतन = [बड़े बेलन का आयतन] + [ छोटे बेलन का आयतन]
= $\left[\pi(12)^{2} \times 200\right]$ सेमी$^3.$ + $\left[\pi(8)^{2} \times 60\right]$ सेमी$^3 .$
= 3.14 $[220 \times 12 \times 12+60 \times 8 \times 8]$ सेमी$^3 .$
= $\frac{314}{100}[20 \times 144+60 \times 64]$ सेमी$^3. $
= $\frac{314}{100}$[31680 + 3840] सेमी$^3 .$
= $\frac{314}{100} \times 35520$ सेमी$^3 .$
चूँकि 1 सेमी.^3 लोहे का द्रव्यमान = 8 ग्राम
$\therefore$ स्तंभ में लोहे का द्रव्यमान = $\frac{8 \times 314 \times 35520}{100}$ ग्राम
= $\frac{89226240}{100}$ ग्राम = $\frac{8922624}{10000}$ ग्राम
= 892.2624 ग्राम = 892.26 किग्रा. View full question & answer→Question 224 Marks
एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। इसकी ऊँचाई 8 cm है और इसके ऊपरी सिरे (जो खुला हुआ है) की त्रिज्या 5 cm है। यह ऊपर तक पानी से भरा हुआ है। जब इस बर्तन में सीसे की कुछ गोलियाँ जिनमें प्रत्येक 0.5 cm त्रिज्या वाला एक गोला है, डाली जाती हैं, तो इसमें से भरे हुए पानी का एक चौथाई भाग बाहर निकल जाता है। बर्तन में डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answerशंक्वाकार बर्तन की ऊँचाई (h) = 8 सेमी.
आधार की त्रिज्या (r) = 5 सेमी.
चूंकि शंकु का आयतन = $\frac{1}{3} \pi r^{2} h$
$\therefore$ बर्तन का आयतन = $\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times(5)^{2} \times 8$ सेमी$^3 $.
= $\frac{4400}{21}$ सेमी$^3.$
चूंकि शंकु का आयतन = बर्तन में पानी का आयतन
$\therefore$ बर्तन में पानी का आयतन = $\frac{4400}{21}$ सेमी$^3.$

अब, गोलाकार एक गोली की त्रिज्या (r') = 0.5 सेमी. = $\frac{5}{10}$ सेमी.
$\therefore$ 1 गोली का आयतन = $\frac{4}{3} \pi r^{\prime 3}$
= $\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10}$ सेमी$^3.$
माना गोलियों की वांछित संख्या = n
चूंकि गोलियों को बर्तन में डालने पर पानी का $\frac{1}{4}$ भाग बाहर निकलता है।
$\therefore$ n गोलियों का आयतन = $\frac{1}{4}$ (बर्तन में पानी का आयतन)
$\Rightarrow$ $n\left[\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10}\right]$ = $\frac{1}{4}\left[\frac{4400}{21}\right]$
$\Rightarrow$ n = $\frac{1100}{21} \times \frac{3 \times 7 \times 10 \times 10 \times 10}{4 \times 22 \times 5 \times 5 \times 5}$ = 100
अत: गोलियों की संख्या = 100 View full question & answer→Question 234 Marks
एक कलमदान घनाभ के आकार की एक लकड़ी से बना है जिसमें कलम रखने के लिए चार शंक्वाकार गड्ढे बने हुए हैं। घनाभ की विमाएँ 15 cm $\times$ 10 cm $\times$ 3.5 cm हैं। प्रत्येक गड्ढे की त्रिज्या 0.5 cm है और गहराई 1.4 cm है। पूरे कलमदान में लकड़ी का आयतन ज्ञात कीजिए (देखिए आकृति)।

Answerचूंकि
घनाभ की विमाएँ $=15$ सेमी. $\times 10$ सेमी. $\times 3.5$ सेमी.
$\therefore$ घनाभ का आयतन $=15$ सेमी. $\times 10$ सेमी. $\times 3.5$ सेमी.
$=15 \times 10 \times \frac{35}{10}$ सेमी. $^3$
$=15 \times 35$ सेमी. $^3=525$ सेमी. $^3$
चूंकि प्रत्येक गड्ढा शंक्राकार है जिसकी त्रिज्या $(r)=0.5$ सेमी. और गहराई $h=1.4$ सेमी.
$\therefore$ प्रत्येक शंक्राकार गड्ढे का आयतन $=\frac{1}{3} \pi r^2 h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times\left(\frac{5}{10}\right)^2 \times \frac{14}{10}$ सेमी. $^3$
चूंकि कलमदान में कुल चार गड्ढे हैं।
$\therefore$ गड्ढों का कुल आयतन $=4 \times \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \times \frac{14}{10}$ सेमी. $^3$
$=\frac{4}{3} \times \frac{11}{10}$ सेमी. $^3=\frac{44}{30}$ सेमी. $^3$
अब कलमदान में लकड़ी की मात्रा (आयतन) = [घनाभ का आयतन] - [गड्ढों का कुल आयतन] $=525$ सेमी. $^3-\frac{44}{30}$ सेमी. $^3$
$=\frac{15750-44}{30}$ सेमी. $^3$
$=\frac{15706}{30}$ सेमी. $^3=523.53$ सेमी. $^3$
View full question & answer→Question 244 Marks
एक गुलाबजामुन में उसके आयतन की लगभग 30 % चीनी की चाशनी होती है। 45 गुलाबजामुनों में लगभग कितनी चाशनी होगी, यदि प्रत्येक गुलाबजामुन एक बेलन के आकार का है, जिसके दोनों सिरे अर्धगोलाकार हैं तथा इसकी लंबाई 5 cm और व्यास 2.8 cm है (देखिए आकृति)।

Answerचूंकि गुलाबजामुन का आकार एक ऐसे बेलन जिसके दोनों सिरों पर अर्धगोले हों, के आकार का होता है।

गुलाबजामुन की ऊँचाई = 5 सेमी.
व्यास $=2.8$ सेमी.
$\Rightarrow$ त्रिज्या $=\frac{2.8}{2}$ सेमी. $=1.4$ सेमी.
चूँकि बेलनाकार भाग की लम्बाई (ऊँचाई) $=5$ सेमी. -2.8 सेमी. $=2.2$ सेमी.
$\therefore$ बेलनाकार भाग का आयतन $=\pi r^2 h$
चूंकि एक अर्धगोले का आयतन $=\frac{2}{3} \pi r^3$
$\therefore$ दोनों अर्धगोलों का आयतन $=2\left(\frac{2}{3} \pi r^3\right)=\frac{4}{3} \pi r^3$
$\Rightarrow$ गुलाबजामुन का आयतन $=\pi r^2 h+\frac{4}{3} \pi r^3$
$=\pi r^2\left[h+\frac{4}{3} r\right]$
$=\frac{22}{7} \times(1.4)^2\left[2.2+\frac{4}{3}(1.4)\right]$ सेमी$^3$.
$=\frac{22}{7} \times \frac{14}{10} \times \frac{14}{10}\left[\frac{22}{10}+\frac{56}{30}\right]$ सेमी$^3$.
$=\frac{22 \times 2 \times 14}{10 \times 10}\left[\frac{66+56}{30}\right]$ सेमी$^3$.
$=\frac{44 \times 14}{100} \times \frac{122}{30}$ सेमी$^3$.
45 गुलाबजामुनों का आयतन $=45 \times\left[\frac{44 \times 14}{100} \times \frac{122}{30}\right]$ सेमी$^3$.
$=\frac{15 \times 44 \times 14 \times 122}{1000}$ सेमी$^3$.
चूंकि गुलाबजामुनों में चाशनी की मात्रा = आयतन का $30 \%$ अर्थात
$=\left[\frac{15 \times 44 \times 14 \times 122}{1000}\right]$ सेमी$^3$. का $30 \%$
$=\frac{30}{100} \times \frac{15 \times 44 \times 14 \times 122}{1000}$ सेमी$^3$.
$=388.184$ सेमी. $^3=338$ सेमी$^3$. (लगभग) View full question & answer→Question 254 Marks
एक इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रचेल से एक पतली एल्यूमीनियम की शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हुए हों। इस मॉडल का व्यास 3 cm है और इसकी लंबाई 12 cm है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 cm हो तो रचेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए। (यह मान लीजिए कि मॉडल की आंतरिक और बाहरी विमाएँ लगभग बराबर हैं।)
Answerयहाँ, व्यास $=3$ सेमी. $\Rightarrow$ त्रिज्या $(r)=\frac{3}{2}$ सेमी.
कुल ऊँचाई = 12 सेमी.
एक शंकु की ऊँचाई $\left(h_1\right)=2$ सेमी.
दूसरे शंकु की ऊँचाई $=2 \times 2=4$ सेमी.
$\therefore$ बेलन की ऊँचाई $\left(h_2\right)=(12-4)$ सेमी. $=8$ सेमी.
अब, बेलनाकार भाग का आयतन $=\pi r^2 h_2$
दोनों शंक्राकार भागों का आयतन $=2\left[\frac{1}{3} \pi r^2 h_1\right]$
$\therefore$ पूरे मॉडल का आयतन $=\pi r^2 h_2+\frac{2}{3} \pi r^2 h_1$
$=\pi r^2\left[h_2+\frac{2}{3} h_1\right]$
$=\frac{22}{7} \times\left(\frac{3}{2}\right)^2\left[8+\frac{2}{3}(2)\right]$ सेमी $^3$.
$=\frac{22}{7} \times \frac{9}{4} \times\left(\frac{24+4}{3}\right)$ सेमी $^3$.
$=\frac{22}{7} \times \frac{3}{4} \times 28$ सेमी $^3$.
$=22 \times 3$ सेमी $^3=66$ सेमी $^3$.
View full question & answer→Question 264 Marks
एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 cm हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन $\pi$ के पदों में ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$)
Answer

यहाँ, r = 1 सेमी. और h = 1 सेमी.
$\therefore$ शंक्वाकार भाग का आयतन = $\frac{1}{3} \pi r^{2} h$
अर्धगोलाकार भाग का आयतन = $\frac{2}{3} \pi r^{3}$
$\therefore$ ठोस का आयतन = $\frac{1}{3} \pi r^{2} h+\frac{2}{3} \pi r^{3}$
= $\frac{1}{3} \pi r^{2}[h+2 r]$
= $\frac{1}{3} \pi(1)^{2}[1+2(1)]$ सेमी$^3.$
= $\frac{1}{3} \pi \times 1 \times[3]$ सेमी$^3.$
= $\frac{3 \pi}{3}$ सेमी.^3 = $\pi$ सेमी$^3.$ View full question & answer→Question 274 Marks
लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है, जैसाकि आकृति में दर्शाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 cm है और आधार की त्रिज्या 3.5 cm है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

Answerबेलन की त्रिज्या $(r)=3.5$ सेमी.
बेलन की ऊँचाई $(h)=10$ सेमी.
$\therefore$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल $=2 \pi r(h+r)$
$=2 \times \frac{22}{7} \times \frac{35}{10}\left(10+\frac{35}{10}\right)$ सेमी$^2$
$=22\left(\frac{135}{10}\right)$ सेमी$^2=297$ सेमी$^2$
अर्धगोलाकार भाग का वक्र प्रष्ठीय क्षेत्रफल $=2 \pi r^2$
$\therefore$ दोनों अर्धगोलाकारों का कुल वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $=2 \times 2 \pi r^2=4 \pi r^2$
$=4 \times \frac{22}{7} \times \frac{35}{10} \times \frac{35}{10}$ सेमी$^2=154$ सेमी$^2$
अर्धगोलाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल $=\pi r^2$
$\therefore$ दोनों अर्धगोलाकार भागों के आधार का क्षेत्रफल
$=2 \times \pi r^2=2 \times \frac{22}{7} \times(3.5)^2$
$=\frac{2 \times 22 \times 35 \times 35}{7 \times 10 \times 10}$ सेमी$^2=77$ सेमी$^2$
$\therefore$ ठोस का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल
$=\left(297\right.$ सेमी$^2+154$ सेमी$\left.^2\right)-77$ सेमी$^2$
$=451$ सेमी$^2-77$ सेमी$^2=374$ सेमी$^2$
View full question & answer→Question 284 Marks
ऊँचाई 2.4 cm और व्यास 1.4 cm वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल (cavity) काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटतम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi = \frac{22}{7}$)
Answer
बेलनाकार भाग के लिए: ऊँचाई (h) = 2.4 सेमी.
व्यास (d) = 1.4 सेमी.
$\Rightarrow$ त्रिज्या (r) = $\frac{1.4}{2}$ = सेमी. = 0.7 सेमी.
$\therefore$ बेलनाकार भाग का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = $2 \pi r h+2 \pi r^{2}=2 \pi r[h+r]$
= $2 \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{10}[2.4+0.7]$ सेमी.$^2$
= $\frac{44}{10} \times 3.1$ सेमी.$^2$ = $\frac{44 \times 31}{100}=\frac{1364}{100}$ सेमी.$^2$
शंक्वाकार भाग के लिए:
त्रिज्या (r) = 0.7 सेमी.
ऊँचाई (h) = 2.4 सेमी.
तिर्यक ऊँचाई (l) = $\sqrt{r^{2}+h^{2}}=\sqrt{(0.7)^{2}+(2.4)^{2}}=\sqrt{0.49+5.76}=\sqrt{6.25}$ = 2.5 सेमी.
शंक्वाकार भाग का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = $\pi r l=\frac{22}{7} \times 0.7 \times 2.5$ सेमी.$^2$
= $\frac{22 \times 25}{100}$ सेमी.$^2$ = $\frac{550}{100}$ सेमी.$^2$
शंक्वाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल = $\pi r^{2}=\frac{22}{7} \times\left(\frac{7}{10}\right)^{2}$ सेमी.$^2$ = $\frac{22 \times 7}{100}$ सेमी.$^2 = \frac{154}{100}$ सेमी.$^2$
$\therefore$ शेष बचे ठोस का क्षेत्रफल = [(बेलनाकार भाग का कुल क्षेत्रफल) + (शंक्वाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल] - शंक्वाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल)
= [($\frac{1364}{100}$ सेमी.$^2$) + ($\frac{550}{100}$ सेमी.$^2$)] - $\frac{154}{100}$ सेमी.$^2$
= $\frac{1914}{100}$ सेमी.$^2$ - $\frac{154}{100}$सेमी.$^2$ = $\frac{1760}{100}$ सेमी.^{2 }= 17.6 सेमी.$^2$ View full question & answer→Question 294 Marks
कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमशः 2.1 m और 4 m है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस (canvas) का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, $₹500$ प्रति $m^2$ की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दीजिए कि तंबू के आधार को कैनवस से नहीं ढका जाता है।)
Answerबेलनाकार भाग के लिए: त्रिज्या (r) = $\frac{4}{2}$m = 2 मी., ऊँचाई (h) = 2.1 मी.
$\therefore$ वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल = $2 \pi r h=2 \times \frac{22}{7} \times 2 \times \frac{21}{10}$ मी.$^2$
शंकु के लिए: तिर्यक ऊँचाई (l) = 2.8 मी., आधार की त्रिज्या (r) = 2 मी.
$\therefore$ वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = $\pi \mathrm{r} l=\frac{22}{7} \times 2 \times \frac{28}{10}$ मी.$^2$
$\therefore$ कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = [बेलनाकार भाग का क्षेत्रफल] + [शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल]
= $\left[2 \times \frac{22}{7} \times 2 \times \frac{21}{10}\right]+\left[\frac{22}{7} \times 2 \times \frac{28}{10}\right]$ मी.$^2$
= $2 \times \frac{22}{7}\left[\frac{42}{10}+\frac{28}{10}\right]$ मी.$^2$ = $2 \times \frac{22}{7} \times \frac{70}{10}$ मी.$^2$ = 44 मी.$^2$
प्रयक्त कैनवास की लागत: 1 मी.$^2$ कैनवास की लागत = ₹ 500
$\therefore$ 44 मी.$^2$ कैनवास की लागत = ₹500 $\times$ 44 = ₹ 22000
View full question & answer→Question 304 Marks
दवा का एक कैप्सूल (capsule) एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक-एक अर्धगोला लगा हुआ है (देखिए आकृति)। पूरे कैप्सूल की लंबाई 14 mm है और उसका व्यास 5 mm है। इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

Answerअर्धगोलाकार भाग का व्यास = $\frac{5}{2}$ मिमी. = 2.5 मिमी.

चूंकि एक अर्धगोलाकार भाग का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2$\pi r^2$
$\therefore$ दोनों अर्धगोलाकार भागों का पृष्ठीय क्षेत्रफल = $2\left(2 \pi r^{2}\right)=4 \pi r^{2}=4 \times \frac{22}{7} \times\left(\frac{25}{10}\right)^{2}$ मिमी.$^2$
= $4 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times \frac{25}{10}$ मिमी.$^2$
बेलनाकार भाग का क्षेत्रफल = $2 \pi r h=2 \times \frac{22}{7} \times 2.5 \times 9$ मिमी.$^2$ = $2 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times 9$ मिमी.$^2$
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = $\left[2 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times 9\right]+\left[4 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times \frac{25}{10}\right]$ मिमी.$^2$
= $\left(2 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10}\right)\left[9+\frac{50}{10}\right]$ मिमी.$^2 = \frac{44 \times 25}{70} \times 14$ मिमी.$^24$
= $\frac{44 \times 25 \times 2}{10}$ मिमी.$^2$ = 44 $\times$ 5 मिमी.$^2$ = 220 मिमी.$^2$ View full question & answer→Question 314 Marks
लकड़ी का एक खिलौना रॉकेट (rocket) एक शंकु के आकार का है जो एक बेलन पर अध्यारोपित है, जैसाकि आकृति में दर्शाया गया है। संपूर्ण रॉकेट की ऊँचाई 26 cm है, जबकि शंक्वाकार भाग की ऊँचाई 6 cm है। शंक्वाकार के भाग के आधार का व्यास 5 cm और बेलनाकार भाग के आधार का व्यास 3 cm है। यदि शंक्वाकार भाग पर नारंगी रंग किया जाना है और बेलनाकार भाग पर पीला रंग किया जाना है, तो प्रत्येक रंग द्वारा रॉकेट का रँगे जाने वाले भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi$ = 3.14 लीजिए)

Answerशंकु की त्रिज्या को r से, शंकु की तिर्यक ऊँचाई को l से, शंकु की ऊँचाई को h से, बेलन की त्रिज्या को r' से, बेलन की ऊँचाई को h' से व्यक्त कीजिए।
तब, r = 2.5 cm, h = 6 cm, r' = 1.5 cm, h' = 26 - 6 = 20 cm तथा
$l=\sqrt{r^{2}+h^{2}}=\sqrt{2.5^{2}+6^{2}}$ cm = 6.5 cm
यहाँ, शंक्वाकार भाग का वृत्तीय आधार बेलन के आधार पर टिका हुआ है परंतु शंकु का आधार बेलन के आधार से बड़ा है। अतः, शंकु के आधार के एक भाग [वलय (ring)] को भी रँगा जाएगा।
अतः, नारंगी रंग से रँगे भाग का क्षेत्रफल = शंकु का CSA + शंकु के आधार का क्षेत्रफल - बेलन के आधार का क्षेत्रफल
$ =\pi r l+\pi r^2-\pi\left(r^{\prime}\right)^2 $
$ =\pi\left[(2.5 \times 6.5)+(2.5)^2-(1.5)^2\right] \mathrm{cm}^2 $
$ =\pi[20.25] \mathrm{cm}^2=3.14 \times 20.25 \mathrm{~cm}^2 $
$ =63.585 \mathrm{~cm}^2$
अब, पीले रंग से रंगे जाने वाले भाग का क्षेत्रफल = बेलन का CSA + बेलन के एक आधार का क्षेत्रफल
$ =2 \pi r^{\prime} h^{\prime}+\pi\left(r^{\prime}\right)^2 $
$ =\pi r^{\prime}\left(2 h^{\prime}+r^{\prime}\right)$
$ =3.14 \times 1.5[2 \times 20+1.5] \mathrm{cm}^2$
$ =4.71 \times 41.5 \mathrm{~cm}^2$
$=195.465 \mathrm{~cm}^2$
View full question & answer→Question 324 Marks
आकृति में दर्शाया गया सजावट के लिए प्रयोग होने वाला ब्लॉक दो ठोसों से मिलकर बना है। इनमें से एक घन है और दूसरा अर्धगोला है। इस ब्लॉक (block) का आधार 5 cm कोर या किनारे (edge) वाला एक घन है और उसके ऊपर लगे हुए अर्धगोले का व्यास 4.2 cm है। इस ब्लॉक का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$ लीजिए।)

Answerघन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल $= 6 \times ($कोर$)^2 = 6 \times 5 \times 5 cm^2 = 150 cm^2$
अब, घन का वह भाग जिस पर अर्धगोला लगा हुआ है पृष्ठीय क्षेत्रफल में सम्मिलित नहीं होगा।
अतः ब्लॉक का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घन का TSA - अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल + अर्धगोले का CSA
$= 150 - \pi r^{2}+2 \pi r^{2}=\left(150+\pi r^{2}\right)cm^2$
$= 150 cm^2 + \left(\frac{22}{7} \times \frac{4.2}{2} \times \frac{4.2}{2}\right) cm^2$
$= 150 cm^2 + 13.86 cm^2 = 163.86 cm^2$
View full question & answer→Question 334 Marks
रशीद को जन्मदिन के उपहार के रूप में एक लट्ट् मिला, जिस पर रंग नहीं किया गया था। वह इस पर अपने मोमिया रंगों (Crayons) से रंग करना चाहता है। यह लट्टू एक शंकु के आकार का है जिसके ऊपर एक अर्धगोला अध्यारोपित है (देखिए आकृति)। लट्टू की पूरी ऊँचाई 5 cm है और इसका व्यास 3.5 cm है। उसके द्वारा रंग किया जाने वाला क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi=\frac{22}{7}$ लीजिए।)

Answerलट्टू का TSA = अर्धगोले का CSA + शंकु का CSA
अब, अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल $= \frac{1}{2}\left(4 \pi r^{2}\right)=2 \pi r^{2}$
$= \left(2 \times \frac{22}{7} \times \frac{3.5}{2} \times \frac{3.5}{2}\right) cm^2$
साथ ही, शंकु की ऊँचाई = लट्टू की ऊँचाई - अर्धगोलीय भाग की ऊँचाई (त्रिज्या)
$= \left(5-\frac{3.5}{2}\right) cm = 3.25 cm$
अतः शंकु की तिर्यक ऊँचाई $(l) = \sqrt{r^{2}+h^{2}}=\sqrt{\left(\frac{3.5}{2}\right)^{2}+(3.25)^{2}} cm = 3.7 cm$ (लगभग)
इसलिए शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल $= \pi r l=\left(\frac{22}{7} \times \frac{3.5}{2} \times 3.7\right) cm^2$
इससे लट्ट् का प्राप्त पृष्ठीय क्षेत्रफल $= \left(2 \times \frac{22}{7} \times \frac{3.5}{2} \times \frac{3.5}{2}\right) cm^2 + \left(\frac{22}{7} \times \frac{3.5}{2} \times 3.7\right) cm^2$
$= \frac{22}{7} \times \frac{3.5}{2}(3.5+3.7) cm^2 = \frac{11}{2} \times(3.5+3.7) cm^2 = 39.6 cm^2$ (लगभग)
आप देख सकते हैं कि लट्टू का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल अर्धगोले और शंकु के संपूर्ण पुष्ठीय क्षेत्रफलों के योग के बराबर नहीं है।
View full question & answer→