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लघु उत्तरीय प्रश्न [4M]

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Question 14 Marks
व्याख्या कीजिए कि किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक कैसे योगदान करता है?###देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्र के योगदान पर एक टिप्पणी लिखिए।###सरकारी स्वामित्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र के महत्त्व को रेखांकित कीजिए।
Answer
किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है क्योकि सार्वजनिक क्षेत्रक की उ‌द्देश्य लाभ कमाना नहीं होता। सभी महत्त्वपूर्ण गतिविधियों का संचालन सार्वजनिक क्षेत्रक के द्वारा किया जाता है। ऐसी गतिविधियाँ जिनकी आवश्यकता समाज के सभी सदस्यों को होती है; जैसे-सड़कों, पुलों, रेलवे, पत्तनों, बिजली आदि का निर्माण और बाँध आदि से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना सार्वजनिक क्षेत्रक का काम है। सरकार ऐसे भारी व्यय स्वयं उठाती है। सरकार किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूँ और चावल खरीदती है। इसे अपने गोदामों में भंडारित करती है और राशन की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को कम मूल्य पर बेचती है। इस प्रकार सरकार किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को सहायता पहुँचाती है।
सभी के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराना जैसे प्राथमिक कार्य भी सार्वजनिक क्षेत्रक में आते हैं। समुचित ढंग से विद्यालय चलाना और गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का कर्त्तव्य है। इस प्रकार किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक का योगदान महत्त्वपूर्ण है।
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Question 24 Marks
म.गां.रा.ग्रा.रो.गा.अ.-2005 (MREGA-2005) के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।###राष्ट्रीय ग्राम रोजगार गारंटी अधिनियम (2005) पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।###राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 क्या है? विवेचना कीजिए।
Answer
केंद्र सरकार ने भारत के लगभग 625 जिलों में 'काम का अधिकार' लागू करने के लिए एक कानून बनाया है। इसे 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2005' (MNREGA-2005) कहते हैं।
इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
(i) उन सभी लोगों को जो काम करने में सक्षम हैं और जिन्हें काम की जरूरत है, को सरकार द्वारा वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। -
(ii) यदि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रहती है तो वह लोगों को बेरोजगारी भत्ता देगी।
(iii) इस अधिनियम में उन कामों को वरीयता दी जाएगी, जिनसे भविष्य में भूमि से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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Question 34 Marks
प्रच्छन्न बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।
Answer
प्रच्छन्न बेरोजगारी से अभिप्राय ऐसी परिस्थिति से है जिसमें लोग प्रत्यक्ष रूप से काम करते दिखाई दे रहे हैं किंतु वास्तव में उनकी उत्पादकता शून्य होती है अर्थात् यदि उन्हें उनके काम से हटा दिया जाए तो भी कुल उत्पादकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भारत के गाँवों में कृषि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रच्छन्न बेरोजगारी पाई जाती है; जैसे- भूमि के एक छोटे-से टुकड़े पर जरूरत से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं क्योंकि उनके पास कोई और काम नहीं होता। इससे प्रच्छन्न बेरोजगारी की स्थिति पैदा होती है। इसी प्रकार शहरों में प्रच्छन्न बेरोजगारी छोटी दुकानों में तथा छोटे व्यवसायों में पाई जाती है।
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Question 44 Marks
खुली बेरोजगारी एवं प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer
खुली बेरोजगारी एवं प्रच्छन्न बेरोजगारी में अन्तर-
खुली बेरोजगारी - वह परिस्थिति जिसमें किसी देश में श्रमशक्ति तो अधिक होती है किन्तु औद्योगिक ढाँचा छोटा होता है, वह सारी श्रमशक्ति को नहीं खपा पाता अर्थात श्रमिक काम करना चाहता है किन्तु उसे काम नहीं मिलता। यह बेरोजगारी भारत के औद्योगिक क्षेत्र में पाई जाती है।
प्रच्छन्न बेरोजगारी - वह परिस्थिति जिसमें व्यक्ति काम में लगे हुए दिखाई देते हैं किन्तु वास्तव में वे बेरोजगार होते हैं; जैसे-भूमि के किसी टुकड़े पर आठ लोग काम कर रहे हैं किन्तु उत्पादन उतना ही हो रहा है जितना पाँच लोगों के काम करने से होता है। ऐसे में बीन अतिरिक्त व्यक्ति जो काम में लगे हैं, रह छुपे हुए बेरोजगार है क्योंकि उनके काम से उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस बेरोजगारी को 'छिपी' बेरोजगारी भी कहा जाता है।
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Question 54 Marks
संगठित क्षेत्र के रोजगार को मिलने वाले लाभों का वर्णन कीजिए।
Answer
संगठित क्षेत्रक के कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा के लाभ प्राप्त होते हैं। उनसे एक निश्चित समय तक ही कार्य करने की आशा की जाती है। अगर वह ज्यादा कार्य करते हैं, तो नियोक्ता द्वारा उनको अतिरिक्त वेतन दिया जाता है। वे नियोक्ता से अन्य लाभ भी लेते हैं; जैसे- अवकाश काल में भुगतान, सवेतन छुट्टी, भविष्यनिधि, सेवानुदान इत्यादि। इनको चिकित्सकीय लाभ भी मिलते हैं तथा नियमानुसार कारखाना मालिक को पेयजल एवं सुरक्षित कार्य-पर्यावरण जैसी सुविधाओं को सुनिश्चित करना होता है। जब वे सेवानिवृत्त हो जाते हैं, तब वे पेंशन के भी हकदार होते हैं।
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Question 64 Marks
भारतीय अर्थव्यवस्था में अधिक रोजगार विकसित करने के माध्यमों/साधनों को स्पष्ट कीजिए।
Answer
भारतीय अर्थव्यवस्था में अधिक रोजगार विकसित करने वाले माध्यम निम्न प्रकार है-
1. तकनीकी सुविधाएँ; जैसे-सिंचाई, संकर बीज की उपलब्धता, कृषि की आधुनिक तकनीक के बारे में जागरूकता, कृषि योग्य भूमि की उत्पादकता में वृद्धि आदि के द्वारा रोजगार विकसित किए जाते हैं।
2. किसानों को फसलों की कृषि के साथ-साथ सम्बद्ध कृषि गतिविधियों; जैसे-मत्स्य पालन, बागवानी, शहद हेतु मधुमक्खी पालन आदि के द्वारा रोजगार विकसित किए जाते हैं।
3. ग्रामीण और अर्द्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर और छोटे उद्योग को बढ़ावा देने से बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार पैदा हो सकता है।
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Question 74 Marks
यदि किसानों को सिंचाई और विपणन सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती है, तो रोजगार और आय में वृद्धि कैसे होगी?
Answer
यदि किसानों को सिंचाई और विपणन सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं तो रोजगार और आय में निम्न प्रकार से वृद्धि होगी-
1. सिंचाई सुविधाएँ - भारत में वर्षा की अपर्याप्तता व अनिश्चितता रहती है। अतः वर्षा की अपर्याप्तता व अनिश्चितता वाले क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएँ वर्ष में एक से अधिक फसल उत्पन्न करने में सहायक होंगी। कृषि भूमि पर जितनी अधिक फसलें उगायी जाएँगी, रोजगार व आय में उतनी ही अधिक वृद्धि होगी। इस प्रकार सिंचाई कृषि उत्पादन, रोजगार एवं आय में वृद्धि का एक महत्त्वपूर्ण उपाय है।
2. विपणन सुविधाएँ - विपणन सुविधाओं की सहायता से एक किसान फसल उगाकर उसे सरलता से बेच सकता है। इस क्रिया से न केवल किसान बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार उत्पन्न होगा। फसल को बेचने के लिए परिवहन की भी आवश्यकता पड़ेगी, जिससे परिवहनकर्त्ता के लिए भी रोजगार उत्पन्न होगा। इसके अतिरिक्त फसल बाजार में पहुँचने पर इसका विक्रय होगा जिससे व्यापार के साथ-साथ रोजगार उत्पन्न होने से उनकी आय में भी वृद्धि होगी। भण्डारण सुविधा से किसानों को अच्छी कीमत पर अपनी उपज बेचने का अवसर प्राप्त होगा।
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Question 84 Marks
अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक से क्या तात्पर्य है?
Answer
आर्थिक गतिविधियों को उनके उद्देश्य और विभिन्न मानदण्डों के आधार पर वर्गीकृत करने पर प्राप्त क्षेत्रकों (समूहों) को अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक कहा जाता है। उदाहरण के लिए, प्राथमिक क्षेत्रक (कृषि एवं सहायक क्षेत्रक), द्वितीयक क्षेत्रक (औद्योगिक क्षेत्रक) तथा तृतीयक क्षेत्रक (सेवा क्षेत्रक)।
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Question 94 Marks
असंगठित कार्य क्षेत्र से आप क्या समझते हैं? इसकी किन्हीं तीन समस्याओं को लिखिए।###अर्थव्यवस्था के असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों की किन्हीं तीन समस्याओं का उल्लेख कीजिए।###'असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक सामाजिक भेदभाव के शिकार हैं।' इसके तीन कारण लिखिए।
Answer
'असंगठित कार्य क्षेत्रक' छोटी-छोटी एवं बिखरी इकाइयों, जो कि ज्यादातर सरकारी नियंत्रण से बाहर होती हैं, से निर्मित होता है। इस क्षेत्रक के नियम एवं विनियम तो होते हैं लेकिन इनका अनुपालन नहीं होता है। ये कम वेतन पाने वाले रोजगार हैं तथा प्रायः नियमित नहीं होते हैं। यहाँ अतिरिक्त समय में कार्य करने, सवेतन छुट्टी, अवकाश, बीमारी की वजह से छुट्टी इत्यादि का कोई प्रावधान नहीं है। श्रमिकों को बिना किसी वजह के कार्य से हटाया जा सकता है। जब कार्य कम होता है, तब कुछ लोगों को कार्य से छुट्टी दे दी जाती है। बहुत-से लोग नियोक्ता की पसंद पर निर्भर होते हैं।
इस क्षेत्र की तीन समस्याएँ निम्नवत् हैं-
(i) श्रमिकों को कम वेतन मिलता है और प्रायः यह नियमित नहीं होता है।
(ii) श्रमिकों का रोजगार अनिश्चित होता है।
(iii) श्रमिकों को सवेतन छुट्टी तथा बीमारी के कारण छु‌ट्टी आदि नहीं मिलती है।
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Question 104 Marks
भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में उद्योगों के किन्हीं तीन योगदानों की विवेचना कीजिए।
Answer
भारतीय अर्थव्यवस्था एक विकासशील अर्थव्यवस्था है। भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना से देश में बड़े उद्योगों की स्थापना का सूत्रपात किया गया। भारतीय अर्थव्यवस्था में उत्तरोत्तर उद्योगों का विकास हुआ है। बढ़ते औद्योगीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों के तीन योगदान निम्नलिखित हैं-
1. उद्योगों ने देश की राष्ट्रीय आय, बचत एवं पूँजी निर्माण को बढ़ाने में सहायता की है।
2. उद्योगों ने देश में प्रति व्यक्ति उत्पादन एवं प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में सहायता की है। साथ ही इनसे देश में अतिरिक्त रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है।
3. उद्योगों से आयातों को कम करके आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में सहायता मिली है।
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Question 114 Marks
आर्थिक क्रियाओं से क्या अभिप्राय है? प्रमुख आर्थिक क्रियाओं का वर्णन कीजिए।###आर्थिक क्रियाओं के तीन प्रमुख प्रकारों का वर्णन कीजिए।###आर्थिक गतिविधि से आप क्या समझते हैं? आर्थिक गतिविधियों का वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।###आर्थिक गतिविधियों को विभिन्न क्षेत्रकों में विभाजित करने के आधारों की विवेचना कीजिए।
Answer
वे सभी क्रियाएँ जिनसे मनुष्य को धन प्राप्त होता है, आर्थिक क्रियाएँ कहलाती हैं; जैसे-खेती करना, नौकरी करना आदि। आर्थिक क्रियाएँ तीन प्रकार की होती हैं-
1. प्राथमिक आर्थिक क्रियाएँ - प्रकृति के सहयोग से जो आर्थिक क्रियाएँ की जाती हैं उन्हें प्राथमिक आर्थिक क्रियाएँ कहते हैं; जैसे-खनन कार्य, कृषि कार्य तथा मत्स्य पालन आदि।
2. द्वितीयक आर्थिक क्रियाएँ - वे क्रियाएँ जो प्राकृतिक उत्पादों की सहायता से विभिन्न वस्तुओं का निर्माण करती हैं, उन्हें द्वितीयक क्रियाएँ कहते हैं; जैसे-कपास से कपड़े बनाना, लकड़ी से कागज बनाना आदि।
3. तृतीयक आर्थिक क्रियाएँ - वे क्रियाएँ जो किसी वस्तु का उत्पादन नहीं करतीं, बल्कि प्राथमिक व द्वितीयक आर्थिक क्रियाओं के विकास में सहायता करती हैं, उन्हें तृतीयक आर्थिक क्रियाएँ कहते हैं; जैसे-परिवहन के साधन, बैंक तथा बीमा कंपनियाँ आदि।
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Question 124 Marks
अर्थव्यवस्था के तृतीयक क्षेत्र से आप क्या समझते हैं? कोई दो उदाहरण दीजिए।###तृतीयक क्षेत्रक क्या है?
Answer
अर्थव्यवस्था के तृतीयक क्षेत्रक के अंतर्गत क्रियाएँ किसी वस्तु का उत्पादन नहीं करतीं बल्कि सेवाओं का उत्पादन करती हैं। ये क्रियाएँ प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक के विकास में मदद करती हैं; जैसे- वकील, डॉक्टर, शिक्षक, परिवहन सेवाएँ आदि सेवाएँ प्रमुख हैं।
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