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लघु उत्तरीय प्रश्न [4M]

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Question 14 Marks
शासन के विभिन्न अंगों के बीच किस प्रकार सत्ता का बँटवारा होता है? स्पष्ट कीजिए।
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Question 24 Marks
विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता के बँटवारे के कोई दो उदाहरण दीजिये।
Answer
सत्ता का बँटवारा विभिन्न सामाजिक समूहों-भाषायी और धार्मिक समूहों के बीच हो सकता है। उदाहरण के लिए- (1) बेल्जियम में सामुदायिक सरकार-इसमें केन्द्रीय सरकार में दोनों प्रमुख भाषायी समुदायों को सत्ता में बराबर की भागीदारी दी गई और विशेष कानून निर्माण के लिए दोनों भाषायी समुदायों के सांसदों के बहुमत को अनिवार्य किया गया।
(2) भारत में आरक्षण की व्यवस्था-भारत आदि कुछ देशों के संविधान व कानून में इस बात का प्रावधान किया गया है कि सामाजिक रूप से कमजोर समुदाय और महिलाओं को विधायिका और प्रशासन में हिस्सेदारी दी जाये। भारत में यह आरक्षण की व्यवस्था द्वारा संभव किया गया है ताकि ये समुदाय स्वयं को शासन से अलग न समझने लगें।
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Question 34 Marks
सत्ता के क्षैतिज वितरण और ऊर्ध्वाधर वितरण में क्या अन्तर है?
Answer
सत्ता के क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर वितरण में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं-
क्षैतिज वितरण में सरकार के एक ही स्तर पर सत्ता का वितरण होता है जबकि ऊर्ध्वाधर वितरण में सत्ता का वितरण विभिन्न स्तरों में होता है।
क्षैतिज वितरण में एक ही स्तर पर सरकार के अंगों के बीच सत्ता का बँटकारा होता है जबकि ऊर्ध्वाधर वितरण में सरकार की शक्तियों का विभाजन विभिन्न स्तरों के बीच होता है।
क्षैतिज वितरण में एक ही स्तर की सरकार होती है जबकि ऊर्ध्वाधर वितरण में उच्चतर और निम्नतर स्तर की सरकारें होती हैं।
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Question 44 Marks
श्रीलंका में तमिलों की क्या माँगें थीं? उनके लिए तमिलों ने किस प्रकार संघर्ष किया?
Answer
श्रीलंका सरकार के समक्ष तमिलों की प्रमुख माँगें थीं-
तमिल को भी राजभाषा का दर्जा दिया जाए, शिक्षा तथा सरकारी नौकरियों में तमिलों को समान अवसर दिये जाएँ, तथा
तमिलों के आबादी वाले क्षेत्रों को स्वायत्तता प्रदान की जाये।
श्रीलंका सरकार ने तमिलों की मांगों को ठुकरा दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि तमिलों के उग्रवादी संगठन और सरकारी सेनाओं में रुक-रुक कर युद्ध चलता रहा है जिसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं तथा बहुमूल्य सम्पत्ति नष्ट हो चुकी है।
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Question 54 Marks
सरकार के विभिन्न अंगों के बीच शक्ति विभाजन (सत्ता की साझेदारी) पर एक टिप्पणी लिखिये।
Answer
सरकार के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता की साझेदारी-प्रत्येक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के तीन अंग होते हैं- (1) विधायिका, (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका। विधायिका का कार्य कानूनों का निर्माण करना है, कार्यपालिका उन कानूनों को लागू करती है और न्यायपालिका उनकी व्याख्या करती है तथा उन व्यक्तियों को दण्ड देती है जो कानून का उल्लंघन करते हैं।
सरकार के तीनों अंगों के कार्यों का इस प्रकार विभाजन इस बात को निश्चित करता है कि किसी एक अंग के पास असीमित शक्तियाँ एकत्रित नहीं होंगी तथा प्रत्येक अंग दूसरे अंगों पर नियंत्रण रखता है। इससे शक्ति सन्तुलन बना रहता है तथा शासन सुचारु रूप से चलता रहता है।
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Question 64 Marks
सत्ता की साझेदारी का क्या अर्थ है? यह क्यों आवश्यक है?
Answer
सत्ता की साझेदारी-सत्ता की साझेदारी अलग-अलग समूहों में सत्ता के बँटवारे की प्रक्रिया है ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।
सत्ता की साझेदारी की आवश्यकता-
सत्ता की साझेदारी से विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच टकराव का अंदेशा कम हो जाता है। इसलिए राजनैतिक हिंसा और राजनैतिक अस्थिरता से बचने तथा राजनैतिक व्यवस्था के स्थायित्व हेतु सत्ता की साझेदारी आवश्यक है।
आधुनिक लोकतन्त्र में शक्ति जनता के हाथों में निहित होती है जो इसका प्रयोग निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा करती है। इस प्रकार सभी समूह सत्ता में भागीदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था से जुड़े रहते हैं जिससे कार्यकुशलता बनी रहती है।
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Question 74 Marks
श्रीलंका में हुए जातीय संघर्ष की विवेचना कीजिए।
Answer
श्रीलंका में सिंहली समुदाय व सरकार की बहुसंख्यकवादी नीतियों के विरोध में तमिलों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और तमिल को राजभाषा बनाने, क्षेत्रीय स्वायत्तता हासिल करने तथा शिक्षा और रोजगार में समान अवसरों की माँग को लेकर संघर्ष किया। श्रीलंका में इन दोनों समुदायों के बीच पारस्परिक अविश्वास ने टकराव का रूप ले लिया जो गृहयुद्ध में परिणत हो गया। इसमें हजारों लोग मार जा चुके हैं। अनेक परिवार अपने देश से भागकर शरणार्थी बन गये हैं और लोगों की रोजी-रोटी चौपट हो गई है। इस प्रकार श्रीलंका के जातीय संघर्ष ने वहाँ के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में काफी परेशानियाँ पैदा कर दी हैं।
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