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वर्णनात्मक प्रश्न [6M]

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Question 16 Marks
विभिन्नताओं में सामंजस्य और टकराव को उदाहरण देकर समझाइये।
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Question 26 Marks
"राजनीति और सामाजिक विभाजनों का मेल नहीं होना चाहिए।" उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
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Question 36 Marks
"सामाजिक विभाजन अधिकांशतः जन्म पर आधारित होता है।" समझाइये। भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम पर प्रकाश डालिए।
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Question 46 Marks
भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम पर प्रकाश डालिए।
Answer
सामाजिक विभाजन अधिकांशतः जन्म पर आधारित होता है क्योंकि हम जन्म के आधार पर ही किसी विशेष समुदाय के सदस्य हो जाते हैं। जन्म पर आधारित सामाजिक विभाजन का अनुभव हम अपने दैनिक जीवन में लगभग प्रतिदिन करते हैं।
भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम को निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत स्पष्ट किया गया है-
1. भारतीय पहचान के प्रति आग्रह-भारत में लोग अपनी बहुस्तरीय पहचान के प्रति सचेत हैं और उन्हें राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा या सहयोगी मानते हैं। वे खुद को पहले भारतीय मानते हैं और प्रदेश, क्षेत्र, भाषा-समूह या धार्मिक या सामाजिक समुदाय का सदस्य बाद में।
2. संविधान सम्मत माँगों को स्वीकृति-भारत में सामान्यतः विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अपनी-अपनी माँगें प्रस्तुत की जाती हैं लेकिन सभी राजनीतिक दल संविधान के दायरे में आने वाली माँगें ही उठा रहे हैं ताकि उनसे दूसरे समुदाय को कोई नुकसान न पहुँचे।
3. सरकार का अल्पसंख्यक समुदाय की माँगों के प्रति उदार दृष्टिकोण-भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति का एक परिणाम यह हुआ है कि सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय की उचित माँगों को पूरा करने का प्रयास ईमानदारी से किया है, जिससे राष्ट्रीय एकता को कोई खतरा उत्पन्न नहीं हुआ है।
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Question 56 Marks
सामाजिक भेदभाव की उत्पत्ति के कारणों का विवेचन कीजिए।
Answer
सामाजिक भेदभाव की उत्पत्ति के प्रमुख कारण निम्न हैं-
सामाजिक भेदभाव अधिकांशतः जन्म पर आधारित होता है। कोई व्यक्ति किसी खास समुदाय का सदस्य केवल इस आधार पर हो जाता है कि उसका जन्म उस समुदाय के किसी परिवार में हुआ होता है। जन्म पर आधारित सामाजिक भेदभाव प्रायः दैनिक जीवन में रोज देखने को मिलते हैं। भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था सामाजिक भेदभाव की उत्पत्ति का प्रमुख कारण रही है।
सामाजिक भेदभाव के एक प्रमुख रूप लैंगिक असमानता का प्रमुख आधार इन दोनों के बारे में प्रचलित रूढ़ छवियाँ तथा तयशुदा सामाजिक भूमिकाएँ हैं। जबकि इसके लिए जैविक बनावट को आधार बता दिया जाता है जो कि सही नहीं है।
जाति व्यवस्था तथा जातिगत असमानताएँ भी सामाजिक भेदभाव की उत्पत्ति का कारण हैं। सामाजिक भेदभाव का यह कारण केवल भारत में ही देखने को मिलता है।
धर्म पर आधारित विभाजन तथा एक धर्म को दूसर से श्रेष्ठ मानना भी सामाजिक भेदभाव को जन्म देता है।
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