अगर आवेश का मान कुलंब में हो और समय का मान घंटा में होता। I x समय = आवेश एम्पियर - घंटा = आवेश। अतः आवेश का मान एम्पियर-घंटा से भी सूचित किया जा सकता है। अगर 1 एम्पियर विद्युत धारा किसी परिपथ में 1 सेकेण्ड तक प्रवाहित हो तो आवेश का मान 1 कूलॉम होगा। इसी प्रकार 1 एम्पियर विद्युत धारा किसी परिपथ में 3600 सेकेण्ड तक (1 घंटा) प्रवाहित किया जाए तो आवेश का मान 3600 कूलॉम होगा।
निम्नांकित में से कौन उपकरण विद्युत धारा की उपस्थिति दर्शाता है?
A
गैल्वेनोमीटर
B
मोटर
C
जेनरेटर
D
वोल्टमीटर
Answer
A. अगर अल्पतम धारा भी किसी तार से प्रवाहित होती है तो गैल्वेनोमीटर उस आल्पतम मान के विद्युत धारा की उपस्थिति को बतलायेगा। आम्मीटर इस प्रकार के धारा को नहीं बता सकेगा। अतः गैल्वेनोमीटर ही अल्पतम धारा सूचक का काम करता है।
इलेक्ट्रिक हीटर की कुंडली बनाने में किस पदार्थ का प्रयोग किया जाता है?
A
ताँबा
B
लोहा
C
चाँदी
D
नाइक्रोम
Answer
D. नाइक्रोम के तार का प्रतिरोध 100 x $10^{-6} \Omega m$ है और इसका गलनांक भी उच्च है। अतः इलेक्ट्रिक हीटर में नाइक्रोम (Ni, Cr, Fe का मिश्रधातु) का उपयोग किया जाता है।
D. किसी चालक का प्रतिरोध $\quad$$\begin{array}{l}R \propto l \\ R=\frac{1}{a}\end{array}$ $\quad$$R=\rho \frac{l}{a}$(जहाँ $\rho$ स्थिरांक है।) अर्थात् चालक का प्रतिरोध चालक की लंबाई, चालक के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल और चालक की प्रकृति पर निर्भर करता है।
B. विद्युत परिपथ में वोल्ट मीटर एक उपकरण लगा रहता है। जो परिपथ के किन्हीं दो बिंदुओं के बीच में विभवांतर की माप करता है। अतः विभवांतर का SI मात्रक वोल्ट है।
दो चालक तार जिनके पदार्थ, लम्बाई तथा व्यास समान हैं किसी विद्युत परिपथ में पहले श्रेणी क्रम में और फिर पार्श्वक्रम में संयोजन में उत्पन्न प्रतिरोधों का अनुपात क्या है?
A
1:2
B
2:1
C
1:4
D
4:1
Answer
D. दो समान प्रतिरोधों को श्रेणी क्रम में जोड़ने पर जबकि प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध $R_1$ है। समतुल्य प्रतिरोध $R=2 R_{ i }$ पार्श्वबद्ध जोड़ने पर समतुल्य प्रतिरोध = R' $\begin{array}{l}\therefore \quad \frac{1}{R_1}=\frac{1}{R_1}+\frac{1}{R_1}=\frac{2}{R_1} \\ \therefore \quad R^1=\frac{R_1}{2} \\ \therefore \quad \frac{R}{R^1}=\frac{2 R_1}{\frac{R_1}{2}}=\frac{4}{1}=4.1\end{array}$
$10 \Omega$ एवं $20 \Omega$ के दो प्रतिरोधों को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर समतुल्य प्रतिरोध होगा।
A
$20 \Omega$
B
$20/3 \Omega$
C
$30 \Omega$
D
$10 \Omega$
Answer
C. $\begin{array}{l}R_1=10 \Omega \\ R_2=20 \Omega\end{array}$ संमतुल्य प्रतिरोध = R इन्हें श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है। $\therefore \quad R=R_1+R_2=10+20=30 \Omega$
प्रतिरोध R के किसी तार के टुकड़े को पाँच बराबर भागों में काटा जाता है। इन टुकड़ों को फिर पार्श्वक्रम में संयोजित कर देते हैं। यदि संयोजन का तुल्य प्रतिरोध R' है तो R/R' अनुपात का मान क्या है-
A
$\frac{1}{25}$
B
$\frac{1}{5}$
C
5
D
25
Answer
D. R प्रतिरोध के तार का पाँच समान भाग में एक भाग $=\frac{R}{5}$ के बराबर होगा। अब इन टुकड़ों को पार्श्व बद्ध संयोजित किया जाता है। इनका समतुल्य प्रतिरोध R' है। $\therefore \quad \frac{1}{R_1}=$ $\frac{1}{\frac{R}{5}}+\frac{1}{\frac{R}{5}}+\frac{1}{\frac{R}{5}}+\frac{1}{\frac{R}{5}}+\frac{1}{\frac{R}{5}}$ $\begin{aligned} & =\frac{5}{R} \times 5=\frac{25}{R} \\ \frac{1}{R^{\prime}} & =\frac{25}{R} \\ \therefore \quad \frac{R}{R^{\prime}} & =\frac{25}{1}=25\end{aligned}$
किसी चालक में प्रवाहित धारा के लिए ओम का नियम लागू होता है-
A
जब चालक का ताप अचर रहता है
B
जब चालक का ताप चर रहता है
C
जब चालक के सिरों के बीच विभवांतर अचर रहता है
D
जब चालक के सिरों के बीच विभावंतर चर रहता है।
Answer
A. किसी चालक में प्रवाहित धारा के लिए ओम के नियम $I=\frac{V}{R}$ जबकि t अचर है। I = धारा, V = विभवान्तर, R = चालक का प्रतिरोध। अतः ओम के नियम में t अचर रहता है।