MCQ 11 Mark
त्रिज्या $a$ के किसी लम्बे सीधे तार से कोई स्थायी धारा प्रवाहित हो रही है। इस तार की अनुप्रस्थ काट पर धारा एकसमान रूप से वितरित है। तार के अक्ष से त्रिज्य दूरियों $\frac{ a }{2}, 2 a$ पर क्रमशः चुम्बकीय क्षेत्रों $B$ और $B ^{\prime}$ का अनुपात है।
- A
$\frac{1}{4}$
- B
$\frac{1}{2}$
- ✓
- D
Answer(c) चालक तार के भीतर बिन्दुओं के लिए i.e., $(r \leq R)$
चुम्बकीय क्षेत्र $\quad B =\frac{\mu_0 Ir }{2 \pi R ^2}$
चालक तार के बाहर बिन्दुओं के लिए $(r \geq R)$
चुम्बकीय क्षेत्र, $B ^{\prime}=\frac{\mu_0 I }{2 \pi R }$
$
\therefore \quad \frac{ B }{ B ^{\prime}}=\frac{\frac{\mu_0 I ( a / 2)}{2 \pi a ^2}}{\frac{\mu_0 I }{2 \pi(2 a )}}=1: 1
$
View full question & answer→MCQ 21 Mark
कोई वर्गाकार पाश (लूप) $ABCD$ जिससे धारा $i$ प्रवाहित हो रही है, किसी लम्बे सीधे चालक $XY$ जिससे धारा I प्रवाहित हो रही है के निकट एक ही तल में रखा है। इस पाश पर लगने वाला नेट बल होगा:

- ✓
$\frac{2 \mu_0 Ii }{3 \pi}$
- B
$\frac{\mu_0 Ii }{2 \pi}$
- C
$\frac{2 \mu_0 ILL }{3 \pi}$
- D
$\frac{\mu_0 ILL }{2 \pi}$
AnswerCorrect option: A. $\frac{2 \mu_0 Ii }{3 \pi}$
(a) चालक $XY$ और $AB$ में धारा की दिशा एक समान है

$\therefore \quad F _{ AB }= i ( B \quad)$
$ F _{ AB }= i ( L ) \cdot \frac{\mu_0 I }{2 \pi\left(\frac{ L }{2}\right)}(\leftarrow)=\frac{\mu_0 I }{\pi}(\leftarrow)$
$F _{ BC }, F _{ AD }$ के विपरीत
$F _{ BC }(\uparrow)$ और $F _{ AD }(\downarrow)$ एक दूसरे को निरस्त कर देंगे
$F _{ CD }= i ( B$ (प्रतिकर्पित)
$F _{ CD }= i ( L ) \frac{\mu_0 I }{2 \pi\left(\frac{3 L }{2}\right)}(\rightarrow)=\frac{\mu_0 iI }{3 \pi}(\rightarrow)$
अत: लूप पर लगने वाला परिणामी बल
$F_{}=F_{A B}+F_{B C}+F_{C D}+F_{A D}$
$\Rightarrow F_{}=\frac{\mu_{ o } iI }{\pi}-\frac{\mu_{ o } iI }{3 \pi}=\frac{2 \mu_{ o } iI }{3 \pi} $ View full question & answer→MCQ 31 Mark
एक $0.12 m$ लम्बी, $0.1 m$ चौड़ी कुंडली में तार के 50 फेरे है इसको $0.2 weber / m ^2$ के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में ऊर्ध्वाधर लटकाया गया है। कुंडली में $2 A$ विद्नुत धारा प्रवाहित हो रही है। यदि कुंडली, चुम्बकीय क्षेत्र से $30^{\circ}$ कोण बनाती है, तो इन्हें रोके रखने के लिए आवश्यक बल आघूर्ण का मान होगा:
- ✓
$0.20 Nm$
- B
$0.24 Nm$
- C
$0.12 Nm$
- D
$0.15 Nm$
AnswerCorrect option: A. $0.20 Nm$
(a) यहाँ, कुंडली के फेरों की संख्या, $N =50$
कुंडली से होकर प्रवाहित धारा $I =2 A$
क्षेत्रफल $A =l \times b =0.12 \times 0.1 m ^2$
चुम्बकीय क्षेत्र $\overrightarrow{ B }=0.2 W / m ^2$

कुंडली को स्थिर संतुलन में रखने हेतु आवश्यक आघूर्ण
$\tau=\overrightarrow{ M } \times \overrightarrow{ B }= MB \sin 60^{\circ} $
$ = Ni AB \sin 60^{\circ} $
$=50 \times 2 \times 0.12 \times 0.1 \times 0.2 \times \frac{\sqrt{3}}{2}$
$ =12 \sqrt{3} \times 10^{-2}=0.20784 Nm $ View full question & answer→MCQ 41 Mark
एक प्रोटॉन तथा एक एल्फा कण, किसी एक समान चुम्बकीय क्षेत्र $B$ के प्रदेश में प्रवेश करते हैं। इनकी गति की दिशा क्षेत्र $B$ के लम्बवत् है। यदि दोनों कणों के लिए वृत्ताकार कक्षाओं की त्रिज्या आपस में बराबर है और प्रोटॉन द्वारा अर्जित की गई गतिज ऊर्जा $1 MeV$ है तो एल्फा कण द्वारा अर्जित ऊर्जा होगी
- A
$0.5 MeV$
- B
$1.5 MeV$ [2015]
- ✓
$1 MeV$
- D
$4 MeV$
AnswerCorrect option: C. $1 MeV$
(c) हम जानते है कि $F = qvB =\frac{ mv ^2}{ R }$
$\therefore R =\frac{ mV ^2}{ qB }=\frac{\sqrt{2 m ( kE )}}{ qB }$
चूंकि $R$ समान है अत: $KE \propto \frac{ q ^2}{ m }$
अत: $\alpha$ कण का $KE$
$
=\frac{ q ^2}{ m }=\frac{(2)^2}{4}=1 MeV
$
View full question & answer→MCQ 51 Mark
दो सर्वसम (एक से) लम्बे चालक तार $AOB$ तथा $\operatorname{COD}$ एक-दूसरे के ऊपर, आपस में लम्बवत् रखे गये हैं, और $O$ बिन्दु पर एक दूसरे को काटते हैं तथा इनसे Øe' Юन तथा $I _2$ धारा प्रवाहित हो रही है। बिन्दु $O$ से $d$ दूरी पर, दोनों तारों के तल के लम्बवत् दिशा के अनुदिश किसी बिन्दु $P$ पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान होगा
- A
$\frac{\mu_0}{2 \pi d }\left(\frac{ I _1}{ I _2}\right)$
- B
$\frac{\mu_0}{2 \pi d }\left(I_1+I_2\right)$
- C
$\frac{\mu_0}{2 \pi d}\left(I_1^2-I_2^2\right)$
- ✓
$\frac{\mu_0}{2 \pi d}\left(I_1^2+I_2^2\right)^{1 / 2}$
AnswerCorrect option: D. $\frac{\mu_0}{2 \pi d}\left(I_1^2+I_2^2\right)^{1 / 2}$
(d)

$B _{\text {net }}=\sqrt{ B _1^2+ B _2^2+2 B _1 B _2 \cos \theta} $
$ {\left[\because B _1=\frac{\mu_0 I _1}{2 \pi d }${ तथा }
$B _2=\frac{\mu_0 I _2}{2 \pi d }\right]} B _{\text {net }}$
$=\frac{\mu_0}{2 \pi d } \sqrt{ I _1^2+ I _2^2} $ View full question & answer→MCQ 61 Mark
किसी एमीटर में मुख्य धारा का $0.2 \%$ भाग गैल्वेनोमीटर कुंडली से गुजरता है। यदि गैल्वेनोमीटर की कुंडली का प्रतिरोध $G$ है, तो इस एमीटर का प्रतिरोध होगा
- ✓
$\frac{1}{499} G$
- B
$\frac{499}{500} G$
- C
$\frac{1}{500} G$
- D
$\frac{500}{499} G$
AnswerCorrect option: A. $\frac{1}{499} G$
(a) चूँकि मुख्य धारा का $0.2 \%$ गैल्वेनोमीटर से प्रवाहित होता है अतः शंट से $0.998 I$ धारा प्रवाहित होगा।

$0.002 I \times G =0.998 I \times S$
$\Rightarrow S =\frac{0.002}{0.998} G$
$ S =\frac{ G }{499} $ View full question & answer→MCQ 71 Mark
जब किसी कमरे में एक प्रोटॉन को विराम अवस्था से मुक्त किया जाता है तो, यह प्रारंभिक त्वरण $a _0$ से पश्चिम दिशा की ओर गति करता है। यदि इसे $v _0$ वेग से उत्तर दिशा की आरे प्रेक्षित किया जाता है तो यह प्रारंभिक त्वरण $3 a _0$ से पश्चिम दिशा की ओर चलता है तो, इस कमरे में विद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्र हैं:
- ✓
$\frac{m a_0}{e}$ west, $\frac{2 m a_0}{e v_0}$ down
- B
$\frac{m a_0}{e}$ east, $\frac{3 m a_0}{e v_0}$ up
- C
$\frac{m a_0}{e}$ east, $\frac{3 m a_0}{e v_0}$ down
- D
$\frac{m a_0}{e}$ west, $\frac{2 m a_0}{e v_0}$ up
AnswerCorrect option: A. $\frac{m a_0}{e}$ west, $\frac{2 m a_0}{e v_0}$ down
(a) 
जब त्वरण $a _0$ से पश्चिम की आरे गति करता है तब वैद्युत क्षेत्र
$
E =\frac{ F }{ q }=\frac{ ma _0}{ e }
$
जब त्वरण $3 a _0$ के साथ पूर्व की आरे गति करता है तब चुम्बकीय क्षेत्र
$
B =\frac{2 ma _0}{ ev _0}
$ View full question & answer→MCQ 81 Mark
किसी चुम्बकीय क्षेत्र में एक धारा-पाश (लूप) :
- A
किसी एक स्थिति (अभिविन्यास) में संतुलन में हो सकता है।
- B
दो अभिविन्यासों में संतुलन में हो सकता है और ये दोनों संतुलन अस्थायी होते हैं।
- ✓
दो अभिविन्यासों में संतुलन में हो सकता है जिनमें एक संतुलन स्थायी होता है और दूसरा अस्थायी।
- D
पर सभी अभिविन्यासों (स्थितियों) में बलआघूर्ण ( टॉर्क) लगता है, चाहे चुम्बकीय क्षेत्र एक समान हो या असमान।
AnswerCorrect option: C. दो अभिविन्यासों में संतुलन में हो सकता है जिनमें एक संतुलन स्थायी होता है और दूसरा अस्थायी।
(c) एक धारा लूप चुम्बकीय क्षेत्र में दो विन्यासों में संतुलन की अवस्था में होता है। एक स्थायी तथा दूसरा अस्थायी।
$
\because \quad \vec{\tau}=\overrightarrow{ M } \times \overrightarrow{ B }= MB \sin \theta
$
यदि $\theta=0^{\circ} \Rightarrow \tau=0$ (स्थिर)
यदि $\theta=\pi \Rightarrow \tau=0$ (अस्थिर)
कुछ परिस्थितियों में बल आघूर्ण नहीं उत्पन्न होता है।
अतः विकल्प (c) सही है। View full question & answer→MCQ 91 Mark
किसी प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा $1 MeV$ है। यह किसी एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में $R$ त्रिज्या के वृत्ताकार पथ में गति कर रहा है तो, किसी $\alpha$-कण की ऊर्जा कितनी होनी चाहिये ताकि वह उसी क्षेत्र में उसी त्रिज्या के पथ में गति कर सके?
- A
$2 MeV$
- ✓
$1 MeV$
- C
$0.5 MeV$
- D
$4 MeV$
AnswerCorrect option: B. $1 MeV$
(b) चुम्बकीय क्षेत्र में वृत्तीय गति के सिद्धांत के अनुसार
$
\begin{aligned}
F_c & =F_m \Rightarrow \frac{m v^2}{R}=q V B \\
\Rightarrow R & =\frac{m v}{q B}=\frac{P}{q B}=\frac{\sqrt{2 m \cdot k}}{q B} \\
R_\alpha & =\frac{\sqrt{2(4 m) K^{\prime}}}{2 q B} \\
\frac{R}{R_\alpha} & =\sqrt{\frac{K}{K}}
\end{aligned}
$
किन्तु $R=R_\alpha$ (दिया हुआ है)
अतः $K=K^{\prime}=1 MeV$
View full question & answer→MCQ 101 Mark
एक साइक्लोट्रान का उपयोग प्रोट्रोनों (द्रव्यमान $=m$ ) को त्वरित करने के लिये किया जा रहा है। इसके डीज (त्रिज्या $R$ ) पर $v$ आवृत्ति का एक प्रत्यावर्ती विद्युत क्षेत्र लगाया जाता है तो, साइक्लोट्रॉन में प्रयुक्त प्रचालन चुम्बकीय क्षेत्र $(B)$ तथा उत्पन्न प्रोटॉन किरणपुंज की गतिज ऊर्जा $(K)$ होगी :
- A
$B=\frac{m v}{e}$ तथा $K=2 m \pi^2 v^2 R^2$
- B
$B=\frac{2 \pi m v}{e}$ तथा $K=m^2 \pi \nu R^2$
- ✓
$B=\frac{2 \pi m v}{e}$ तथा $K=2 m \pi^2 v^2 R^2$
- D
$B=\frac{m v}{e}$ तथा $K=m^2 \pi \nu R^2$
AnswerCorrect option: C. $B=\frac{2 \pi m v}{e}$ तथा $K=2 m \pi^2 v^2 R^2$
(c) साइक्लोट्रॉन में आवर्त्तकाल
$ T=\frac{1}{v}=\frac{2 \pi m}{e B} ; B=\frac{2 \pi m}{e} v ; R=\frac{m v}{e B}=\frac{p}{e B} $
$ \Rightarrow \quad P=e B R=e \times \frac{2 \pi m v}{e} R=2 \pi m \cup R $
$ \text { K.E. }=\frac{p^2}{2 m}=\frac{(2 \pi m v R)^2}{2 m}=2 \pi^2 m v^2 R^2 $
$F _1> F _2$ क्योंकि $F \propto \frac{1}{ d }$, तथा $F _3$ और $F _4$ बराबर एवं विपरीत हैं।
अतः परिणामी आकर्षण बल चालक के तरफ होगा।
View full question & answer→MCQ 111 Mark
एक मिली वोल्टमीटर का परास 25 मिली वोल्ट है, इसे $25 A$ परास के एमीटर में रूपान्तरित करना है। इसके लिये आवश्यक शन्ट का मान (ओम में) होगा :
- ✓
$0.001$
- B
$0.01$
- C
$1$
- D
$0.05$
AnswerCorrect option: A. $0.001$
(a) गैल्वॉनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए एक शंट को इसके साथ समान्तर में जोड़ दिया जाता है।

$\frac{G S}{G+S}=\frac{V_G}{I}=\frac{25 \times 10^{-3}}{25} $
$ \frac{G S}{G+S}=0.001 \Omega $
यहाँ $S \ll G$
अतः $S=0.001 \Omega$ View full question & answer→MCQ 121 Mark
दो एक-जैसी कुंडलीयों की त्रिज्या $R$ है। इनको संकेन्द्रीय इस प्रकार रखा गया है कि उनके समतल, एक दूसरे के लम्बवत् हैं। उनसे प्रवाहित विद्युत धारायें क्रमशः I तथा $2 I$ हैं तो, केन्द्र पर परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र प्रेरण होगा:
AnswerCorrect option: A. $\frac{\sqrt{5} \mu_0 I}{2 R}$
(a)
कुण्डली जिससे $I$ ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है के कारण चुम्बकीय क्षेत्र,
$
B_1=\frac{\mu_0 I}{2 R}
$
कुण्डली जिससे $2 I$ ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है के कारण चुम्बकीय क्षेत्र,
$
B_2=\frac{\mu_0(2 I)}{2 R}
$
परिणामी $B$
$
\begin{aligned}
B_{\text {net }} & =\sqrt{B_1^2+B_2^2+2 B_1 B_2 \cos \theta}, \theta=90^{\circ} \\
B_{\text {net }} & =\sqrt{B_1^2+B_2^2}=\frac{\mu_0(2 I)}{2 R} \sqrt{1+4} \\
& =\frac{\sqrt{5} \mu_0 I}{2 R}
\end{aligned}
$ View full question & answer→MCQ 131 Mark
चित्रानुसार एक लम्बे सीधे तार से एक अपरिवर्ती (स्थिर) धारा $I _1$ प्रवाहित हो रही है। इस तार से $d$ दूरी पर, क्षैतिज तल में, एक वर्गाकार लूप (पाश) रखा है, जिससे एक स्थिर (अपरिवर्ती) धारा I प्रवाहित हो रही है। तो, लूप (पाश) पर :
- A
एक नेट प्रतिकर्षी बल चालक-तार की विपरीत में लगेगा।
- B
एक नेट बल-आघूर्ण, क्षैतिज तल के लम्बवत् ऊपर की ओर लगेगा।
- C
एक नेट बल-आघूर्ण, क्षैतिज तल के लम्बवत् नीचे की ओर लगेगा।
- ✓
एक नेट आकर्षक बल चालक तार की ओर लगेगा
AnswerCorrect option: D. एक नेट आकर्षक बल चालक तार की ओर लगेगा
(d)

View full question & answer→MCQ 141 Mark
किसी $G$ प्रतिरोध के धारामापी पर $S$ ओम प्रतिरोध का शंट लगाया गया है। मुख्य धारा का मान अपरिवर्तित रखने के लिए धारामापी के श्रेणीक्रम में लागये गये प्रतिरोध का मान होगा:
AnswerCorrect option: C. $\frac{ G ^2}{( S + G )}$
(c) परिपथ में मुख्य धारा को अपरिवर्तित रखने के लिए गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध कुल प्रतिरोध के बराबर होना चाहिए।
$\therefore G=\left(\frac{G S}{G+S}\right)+S^{\prime} $
$ \Rightarrow G=\frac{G S}{G+S}=S^{\prime} $
$ \therefore S^{\prime}=\frac{G^2}{G+S} . $

View full question & answer→MCQ 151 Mark
किसी $R$ त्रिज्या के पतले छल्ले (रिंग) पर $q$ आवेश समानरूप से विस्तारित (फैला) है। यह छल्ला अपनी अक्ष के परितः एकसमान आवृत्ति $fHz$ से घूर्णन करता है। तो इसके केन्द्र पर चुम्बकीय-प्ररेण का मान होगा:
AnswerCorrect option: A. $\frac{\mu_0 q f}{2 R}$
(a) जब वलय एक समान आवृत्ति $fHz$ से अपने अक्ष के परितः घूर्णन करता है, तब इसमें प्रवाहित धारा है
$
I =\frac{ q }{ T }= qf
$
वलय के केन्द्र पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र है
$
\begin{aligned}
B & =\frac{\mu_0 I}{2 R} \\
& =\frac{\mu_0 q f}{2 R}
\end{aligned}
$
View full question & answer→MCQ 161 Mark
समकोण समद्विबाहु त्रिभुज के आकार के एक बन्द पाश $ABC$ में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। इसे किसी एकसमान $AB$ दिशा के अनुदिश चुम्बकीय क्षेत्र में रखा गया है। यदि भुजा $BC$ पर चुम्बकीय बल $\overrightarrow{ F }$ हो तब भुजा $AC$ पर बल होगा:

AnswerCorrect option: B. $-\overrightarrow{ F }$
(b) माना कि एक धारा $i$ लूप $ABC$ में चित्र में दर्शाये गए दिशा में प्रवाहित है। यदि $AB$ एवं $BC$ भुजाओं में प्रत्येक की लम्बाई $x$ हो तो
$|\vec{F}|=i \times B$

जहाँ $B$ चुम्बकीय बल का परिमाण है।
$\overrightarrow{ F }$ की दिशा पेपर के तल के लम्बवत एवं तल के अन्दर जाती हुई होगी।
पाइथागोरस प्रमेय से,
$AC =\sqrt{ x ^2+ x ^2}=\sqrt{2} x $
$ \therefore AC$ { पर बल का परिमाण }
$\text { i. } \sqrt{2} \times B \sin 45^{\circ} $
$ = i \sqrt{2} \times B \times \frac{1}{\sqrt{2}} \\ = i \times B =|\overrightarrow{ F }| $
$AC$ पर लगने वाला बल पेपर के तल के लम्बवत एवं इसके बाहर की ओर जाते हुए है। अतः $AC$ पर बल $=-\overrightarrow{ F }$ View full question & answer→MCQ 171 Mark
किसी क्षेत्र में, एकसमान विद्युत और एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र एक ही दिशा के अनुदिश कार्य कर रहे हैं। यदि इस क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉन इस प्रकार प्रक्षेपित किया जाये कि उसके वेग की दिशा, क्षेत्रों की दिशा में हो तो इलेक्ट्रॉन:
- A
अपनी गति की दिशा की दाई ओर मुड़ेगा
- ✓
- C
- D
अपनी गति की दिशा की बाई ओर मुड़ जायेगा।
Answer(b) $\overrightarrow{ v }$ और $\overrightarrow{ B }$ समान दिशा में हैं, अतः इलेक्ट्रॉन पर चुम्बकीय बल शून्य हो जाता है, केवल विद्युतीय बल कार्यशील रहता है। लेकिन इलैक्ट्रॉन पर विद्युत क्षेत्र के कारण कार्यशील बल इसके वेग की दिशा के विपरित है।
View full question & answer→MCQ 181 Mark
एक वर्गाकार पाश (लूप) को, जिससे विद्युतधारा प्रवाहित हो रही है, किसी एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में लटकाया गया है। चुम्बकीय क्षेत्र पाश (लूप) के समतल में कार्य करता है। यदि पाश की किसी एक भुजा पर $\vec{F}$ बल लगता है तो, शेष तीन भुजाओं पर नेट बल है
- A
$3 \vec{F}$
- ✓
$-\vec{F}$
- C
$-3 \vec{F}$
- D
$\vec{F}$
AnswerCorrect option: B. $-\vec{F}$
(b) क्षेत्र के समान्तर दो भुजाओं पर लगा बल शून्य है।
$\therefore$ अतः बचे हुए भुजा पर लगा बल $=-F$ View full question & answer→MCQ 191 Mark
किसी गेल्वेनोमीटर की कुंडली का प्रतिरोध $100 \Omega$ है और $30 mA$ की विद्युतधारा से इसके पूरे पैमाने (स्केल) पर विक्षेप होता है। यदि इसे 30 वोल्ट परास के वोल्टमीटर में परिवर्तित करना है तो कितना प्रतिरोध और लगाना ( जोड़ना) होगा?
- ✓
$900 \Omega$
- B
$1800 \Omega$
- C
$500 \Omega$
- D
$1000 \Omega$
AnswerCorrect option: A. $900 \Omega$
(a) माना जोड़ा गया प्रतिरोध $R$ है तब
$
\begin{aligned}
30=I_g & (r+R) \\
\therefore \quad R & =\frac{30}{I_g}-r=\frac{30}{30 \times 10^{-3}}-100 \\
& =1000-100=900 \Omega
\end{aligned}
$
View full question & answer→MCQ 201 Mark
किसी $R$ मीटर त्रिज्या के किसी छल्ले (वलय) पर $q$ कूलॉम आवेश एक समान रूप से फैला हुआ है। यह छल्ला अपनी अक्ष पर $f$ परिक्रमण प्रति सैकंड की आवृति से घूर्णन करता है। छल्ले के केन्द्र पर चुम्बकीय प्रेरण का मान $Wb / m ^2$ में है
AnswerCorrect option: D. $\frac{\mu_0 q f}{2 R}$
(d) घूर्णन के कारण वलय में धारा, $I=\frac{q}{T}=\frac{q \omega}{2 \pi}$
$
=\frac{q \cdot 2 \pi f}{2 \pi}
$
इसलिए, वलय के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र
$
B=\frac{\mu_0 I}{2 R}=\frac{\mu_0}{2 R} \frac{q 2 \pi f}{2 \pi}=\frac{\mu_0 q f}{2 R}
$
View full question & answer→MCQ 211 Mark
अचर चुम्बकीय फील्ड के प्रभाव में एक आवेशित कण त्रिज्या $R$ के वृत्त में अचर चाल $v$ से चलता है। इसके घूमने का समय अन्तराल :-
- A
$R$ के मान पर निर्भर होगा, परन्तु $v$ के मान पर नहीं
- ✓
$v$ और $R$ दोनों के मानों से स्वतन्त्र होगा।
- C
$v$ और $R$ दोनों के मान पर निर्भर होगा।
- D
$v$ के मान पर निर्भर होगा, परन्तु $R$ के मान पर नहीं
AnswerCorrect option: B. $v$ और $R$ दोनों के मानों से स्वतन्त्र होगा।
(b) आवेशित कण का समयान्तराल इस प्रकार दिया जाता है
$
T =\frac{2 \pi m }{ qB }
$
अतः समयान्तराल $V$ और $R$ दोनों से स्वतंत्र है।
View full question & answer→MCQ 221 Mark
एक आवेशित कण पर आवेश का मान $-2 \mu C$ है। यह $y$ दिशा में क्रियाकारी $2 T$ के चुम्बकीय क्षेत्र में वेग $(2 \hat{ i }+3 \hat{ j }) \times 10^6 ms ^{-1}$ से चल रहा हो तो इस पर क्रियाकारी चुम्बकीय बल होगा:-
- A
$4 N z$ दिशा में
- B
$8 N - y$ दिशा में
- C
$8 N z$ दिशा में
- ✓
$8 N - z$ दिशा में
AnswerCorrect option: D. $8 N - z$ दिशा में
(d) आवेशित कण पर कार्यरत चुम्बकीय बल इस प्रकार दिया जाता है
$
\begin{aligned}
\overrightarrow{ F } & = q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B }) \\
& \left.=\left(-2 \times 10^{-6}\right)\left[\{2 \hat{ i }+3 \hat{ j }) \times 10^6\right\} \times(2 \hat{ j })\right] \\
& =-4(2 \hat{ k }) \\
& =-8 \hat{ k }
\end{aligned}
$
$\therefore 8 N$ का बल $z$-अक्ष की ओर कार्यरत है।
View full question & answer→MCQ 231 Mark
एक गेल्वेनोमीटर के कॉयल का प्रतिरोध $60 \Omega$ है और $1.0$ ऐम्पीयर धारा के लिए पूर्ण स्केल का विचलन दिया है। इसे $5.0$ ऐम्पीयर तक पढ़ने वाले ऐमीटर में बदलने के लिए:-
- A
$15 \Omega$ के प्रतिरोध को इससे श्रृंखला बद्ध जोड़ना होगा।
- B
$240 \Omega$ के प्रतिरोध को इससे श्रृंखलाबद्ध जोड़ना होगा।
- ✓
$15 \Omega$ के प्रतिरोध को इससे पार्श्व बद्ध जोड़ना होगा।
- D
$240 \Omega$ के प्रतिरोध को इससे पार्श्व बद्ध जोड़ना होगा।
AnswerCorrect option: C. $15 \Omega$ के प्रतिरोध को इससे पार्श्व बद्ध जोड़ना होगा।
(c) $G =60 \Omega, I _{ g }=1.0 A , I =5 A$
माना गैल्वेनोमीटर के समान्तर में शण्ट प्रतिरोध $S$ जोड़ा जाता है
$
\begin{aligned}
I_g G & =\left(I-I_g\right) S, \\
S & =\frac{I_g G}{I-I_g}=\frac{1}{5-1} \times 60=15 \Omega
\end{aligned}
$
इस प्रकार, समान्तर में $15 \Omega$ प्रतिरोध रखने पर
गैल्वेनोमीटर को ऐमीटर में बदला जा सकता है। View full question & answer→MCQ 241 Mark
$0.2$ मीटर त्रिज्या की एक वृत्ताकार डिस्क को $\frac{1}{\pi}\left(\right.$ वेबर/मी $\left.{ }^2\right)$ प्रेरण के अचर चुम्बकीय क्षेत्र में इस प्रकार रखा है कि इसका अक्ष चुम्बकीय-क्षेत्र के साथ $60^{\circ}$ का कोण बनाता है। डिस्क से सम्बन्धित चुम्बकीय फ्लक्स होगा :
- ✓
$0.02 Wb$
- B
$0.06 Wb$
- C
$0.08 Wb$
- D
$0.01 Wb$
AnswerCorrect option: A. $0.02 Wb$
(a) यहाँ, $B =\frac{1}{\pi}\left(\right.$ वेवर $/$ मी $\left.^2\right)$
$
\theta=60^{\circ}
$
अभिलम्ब क्षेत्रफल $=\pi r^2 \cos 60^{\circ}=\frac{\pi r^2}{2}$
$\therefore$ फ्लक्स $= B \times$ अभिलम्ब क्षेत्रफल
$
\frac{1}{\pi} \times \frac{\pi R ^2}{2}=\frac{ R ^2}{2}=\frac{0.2 \times 0.2}{2}=0.02
$
View full question & answer→MCQ 251 Mark
द्रव्यमान $m$, आवेश $Q$ और गतिज ऊर्जा $T$ का एक कण उत्प्रेरण $\overrightarrow{ B }$ के अनुप्रस्थ अचर चुम्बकीय फील्ड ( क्षेत्र) में प्रवेश करता है। तीन सैकण्ड के उपरान्त इस कण की गतिज ऊर्जा होगी :
- A
$3 T$
- B
$2 T$
- ✓
$T$
- D
$4 T$
Answer(c) जब कोई आवेशित कण अनुप्रस्थ अचर चुम्बकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है तो वह एक वृत्ताकार पथ तय करता है। इस दौरान इसकी गतिज-ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
View full question & answer→MCQ 261 Mark

एक धारा वाहक बन्द लूप(तार फन्द) PQRS को अचल चुम्बकीय फील्ड में रखा गया है। यदि लूप भागों PS, SR, और $RQ$ पर क्रमानुसार चुम्बकीय बल $F_1, F_2$ और $F_3$ क्रियाकारी हों और यह कागज़ पृष्ठ के तल में संकेतित दिशाओं में हों तो भाग $QP$ पर क्रियाकारी बल होगा :AnswerCorrect option: B. $\sqrt{\left( F _3- F _1\right)^2+ F _2^2}$
(b) चित्रानुसार, $QM$ तथा $PM$ भागों पर बल क्रमशः $\left( F _3- F _1\right)$ तथा $F _2$ है।
अतः $PQ$ भाग पर बल $=\sqrt{\left( F _3- F _1\right)^2+ F _2{ }^2}$ View full question & answer→MCQ 271 Mark
एक अचर चुम्बकीय क्षेत्र के प्रभाव में एक आवेशित $d . kff ; kR$ के वृत्त में स्थिर चाल $v$ से चल रहा है। इस चलन के समय अन्तराल
- A
$R$ और $v$ दोनों पर निर्भर करेगा
- ✓
$R$ और $v$ दोनों, के प्रभाव से मुक्त रहेगा
- C
$R$ पर निर्भर करेगा और $v$ पर नहीं
- D
$v$ पर निर्भर करेगा और $R$ पर नहीं
AnswerCorrect option: B. $R$ और $v$ दोनों, के प्रभाव से मुक्त रहेगा
(b) जब कोई $q$ आवेश से आवेशित कण किसी एक समान चुम्बकीय क्षेत्र $B$ में $R$ त्रिज्या के वृताकार पथ पर गतिशील हो, तो
$\frac{ mv ^2}{ R }= qvB$, जहाँ $v$ कण की चाल है तथा $m$ उसका द्रव्यमान।

$ \Rightarrow \frac{ mv }{ R }= qB $
$ \Rightarrow \frac{ R }{ v }=\frac{ m }{ qB }$
कण के गति का आवर्त-काल $( T )=\frac{2 \pi R}{ v }$
या $T =\frac{2 \pi m }{ qB }$, समीकरण (1) से अतः आवर्तकाल $R$ एवं $v$ दोनों से स्वतंत्र है। View full question & answer→MCQ 281 Mark
आवेश $q$ का एक कण त्रिज्या $R$ के वृत्ताकार मार्ग में चाल $v$ के साथ चल रहा है। इससे सम्बन्धित चुम्बकीय आघूर्ण $\mu$ का मान होगा-
- A
$q qR ^2$
- B
$qvR ^2 / 2$
- C
$qvR$
- ✓
$q v R / 2$
AnswerCorrect option: D. $q v R / 2$
(d) चुम्बकीय-आघूर्ण = IA
$ =\frac{ q }{\left(\frac{2 \pi R }{ v }\right)} \cdot\left(\pi R ^2\right)\left[\because I =\frac{ q }{ T } \text { तथा } T =\frac{2 \pi R }{ v }\right] $
$ =\frac{ qv }{2 \pi R } \cdot \pi R ^2=\frac{ qv R }{2} $
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आयनों के द्रव्यमान मापने के लिये एक द्रव्यमान मापी स्पैक्ट्रोमीटर में आयनों को पहले वैद्युत विभव $V$ द्वारा त्वरित कर फिर चुम्बकीय क्षेत्र $B$ का प्रयोग कर $R$ त्रिज्या के अर्धवृत्तीय पथ पर चलाया जाता है। यदि $V$ और $B$ को स्थिरमानी रखा जाये तो अनुपात अनुपाती होगा-
- ✓
$1 / R^2$ का
- B
$R ^2$ का
- C
$R$ का
- D
$1 / R$ का
AnswerCorrect option: A. $1 / R^2$ का
(a) जब किसी द्रव्यमान स्पेक्ट्रोमीटर में कोई आयन $V$ विभव से त्वरित होता है तो
$\frac{1}{2} mv ^2= qV$
पुनः चुम्बकीय-क्षेत्र (B), आयन के पथ को अर्धवृताकार कर देता है, अतः
$ qvB =\frac{ mv ^2}{ R }$
जहाँ $R$ पथ की त्रिज्या है।
समीकरण (i) एवं (ii) से,
$ \frac{1}{2} m \left[\frac{ qBR }{ m }\right]^2= qV$ { या } $\frac{ q }{ m }=\frac{2 V }{ B ^2 R ^2}$
$ \Rightarrow \frac{ q }{ m } \propto \frac{1}{ R ^2} $
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इलेक्ट्रॉनों का एक किरण समूह परस्पर लम्बवत् विद्युत और चुम्बकीय क्षेत्रों में से अविक्षिप्त चला जाता है। यदि विद्युत क्षेत्र को बन्द कर दिया जाये और चुम्बकीय क्षेत्र को अपरिवर्तित रखा जाये तो इलेक्ट्रॉनों का चलन होगा-
- ✓
- B
- C
- D
एक दीर्घवृत्तीय कक्षा में
Answer(a) किसी आवेशित कण पर विद्युत-क्षेत्र के कारण बल वैद्युत-क्षेत्र की दिशा में लगता है। यहाँ कण ऋणावेशित है, अतः विद्युतीय बल वैद्युत-क्षेत्र की विपरित दिशा में लगेगा। यहाँ कण पर चुम्बकीय क्षेत्र के कारण भी बल लग रहा है। चुम्बकीय-क्षेत्र, वैद्युत-क्षेत्र के लम्बवत् है। अतः जब वैद्युत-क्षेत्र को बन्द कर दिया जायेगा तब इलेक्ट्रॉन-पुँज चुम्बकीय-क्षेत्र के लम्बवत् दिशा में गतिशील होगा जिसके कारण इलेक्ट्रॉन-पुँज एक वृताकार पथ पर गति करेगा।
View full question & answer→MCQ 311 Mark
दो कुण्डली 1 व 2 समान तार से बनी है। पहली की त्रिज्या दूसरी से दोगुनी है। कितना विभव दोनों पर लगाया जाए कि दोनों के केन्द्रों पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता समान हो?
Answer(d) $\frac{ R _1}{ R _2}=\frac{2}{1}$
$I_1=\frac{V}{2 R}$ तथा $I_2=\frac{V}{R}$
$
B =\frac{\mu_0 I }{2 r } ; B _1=\frac{\mu_0}{2 R } \cdot \frac{ V }{2 R } ; B _2=\frac{\mu_0 V }{2 R / 2 \cdot R }
$
इसलिए, $B _1= B _2$
दिये गये आँकड़ों से आशातीत परिणाम नहीं आ रहा है।
View full question & answer→MCQ 321 Mark
एक आवेशित कण $\overrightarrow{ v }$ वेग से चुम्बकीय क्षेत्र $\overrightarrow{ B }$ में चलता है। इस पर कार्यरत बल शून्य नहीं है तो यह दर्शाता है कि
- A
$\overrightarrow{ v }$ तथा $\overrightarrow{ B }$ के बीच कोण $90^{\circ}$ के अलावा कुछ भी है
- ✓
$\overrightarrow{ v }$ तथा $\overrightarrow{ B }$ के बीच कोण $180^{\circ}$ के अलावा कुछ भी है
- C
$\overrightarrow{ v }$ तथा $\overrightarrow{ B }$ के बीच कोण $0^{\circ}$ या $180^{\circ}$ है
- D
$\overrightarrow{ v }$ तथा $\overrightarrow{ B }$ के बीच $90^{\circ}$ है।
AnswerCorrect option: B. $\overrightarrow{ v }$ तथा $\overrightarrow{ B }$ के बीच कोण $180^{\circ}$ के अलावा कुछ भी है
(b) $\overrightarrow{ F }= q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B })$
$F$ का मान शून्य के लिए, $\overrightarrow{ v }$ तथा $\overrightarrow{ B }$ के बीच कोण शून्य या $180^{\circ}$ होगा।
View full question & answer→MCQ 331 Mark
एक लम्बे तार में I धारा प्रवाहित होती है। किसी क्षण एक $Q$ आवेश $P$ बिन्दु पर $v$ वेग से चलता है तो बल होगा

- ✓
$OY$ की तरफ
- B
$OY$ से उल्टी दिशा में
- C
$OX$ की तरफ
- D
$OX$ से उल्टी दिशा में
AnswerCorrect option: A. $OY$ की तरफ
(a) $\overrightarrow{ B }$ की दिशा $(=-\hat{ k })$ की तरफ है।
अतः चुम्बकीय बल
$ \overrightarrow{ F }= Q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B })= Q (v \hat{ i }) \times B (-\hat{ k }) $
$ = QvBj \Rightarrow OY$
View full question & answer→MCQ 341 Mark
एक इलैक्ट्रान एक समान वेग $v$ से वृतीय पथ पर गति करता है। इससे केन्द्र पर एक चुम्बकीय क्षेत्र $B$ बनता है। तो वृत की त्रिज्या निम्न में से किसके समानुपाती होगी?
- A
$\sqrt{\frac{ B }{ v }}$
- B
$\frac{ B }{ v }$
- C
$\sqrt{\frac{ v }{ B }}$
- ✓
$\frac{ v }{ B }$
AnswerCorrect option: D. $\frac{ v }{ B }$
(d) $r =\frac{ mv }{ qB } \Rightarrow r \propto \frac{ v }{ B }$
View full question & answer→MCQ 351 Mark
एक गेल्वेनोमीटर $50 \Omega$ प्रतिरोध तथा $25$ विभाजनों का है। $4 \times 10^{-4} A$ धारा इसमें एक प्रति विभाजन विक्षेप पेदा करता है। इसे $25 V$ का वोल्टमीटर बनाना है तो निम्न में से कौन सा प्रतिरोध जोड़ना होगा?
- ✓
श्रेणी क्रम में $2450 \Omega$
- B
श्रेणी क्रम में $2500 \Omega$
- C
श्रेणी क्रम में $245 \Omega$
- D
श्रेणी क्रम में $2550 \Omega$
AnswerCorrect option: A. श्रेणी क्रम में $2450 \Omega$
(a)

$R_g=50 \Omega,$
$ I_g=25 \times 4 \times 10^{-4}=10^{-2} A $
$ V=25 V \\ V=I_g\left(R+R_g\right) $
$ \Rightarrow R=\frac{V}{I g}-R g=2450 \Omega$ View full question & answer→MCQ 361 Mark
एक धारावाही परिनालिका अपने अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय क्षेत्र $B$ उत्पन्न करती है। यदि धारा दोगुनी तथा फेरों की संख्या प्रति सेमी आधी कर दी जाए तो नया चुम्बकीय क्षेत्र होगा-
Answer(c)
$B =\mu_0 n _0 i $
$ \Rightarrow B _1=\mu_0\left(\frac{ no }{2}\right) 2 i =\text { Noni } $
$ \Rightarrow B _1= B $
View full question & answer→MCQ 371 Mark
एक आवेशित कण चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् गति करता है तो-
Answer(b) यदि वेग व चुम्बकीय क्षेत्र लम्बवत् हो तो चाल समान रहेगी।
View full question & answer→MCQ 381 Mark
एक आवेश $q , v$ वेग से चुम्बकीय क्षेत्र $\overline{ B }$ तथा वैद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{ E }$ में गति करता है। इस पर लगने वाला बल होगा-
- A
$q \overrightarrow{ E }+ q (\overrightarrow{ B } \times \overrightarrow{ v })$
- B
$q \overrightarrow{ E } \cdot(\overrightarrow{ B } \times \overrightarrow{ v })$
- C
$q \overrightarrow{ v }+ q (\overrightarrow{ E } \times \overrightarrow{ B })$
- ✓
$q \overrightarrow{ E }+ q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B })$
AnswerCorrect option: D. $q \overrightarrow{ E }+ q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B })$
(d) वैद्यतु क्षेत्रीय बल $= q \overrightarrow{ E }$
चुम्बकीय क्षेत्रीय बल $= q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B })$
कुल बल $=q(\vec{E}+\vec{v} \times \vec{B})$
View full question & answer→MCQ 391 Mark
एक नियत लम्बाई के तार से बनाई गयी एक फेरे की कुण्डली में धारा प्रवाहित करने पर इसके केन्द्र पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र $B$ है। यदि उसी तार से दो फेरों की कुंडली बनायी जाये तथा उतनी ही धारा प्रवाहित की जाये, तो कुण्डली के केन्द्र पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र होगा:
- ✓
$4 B$
- B
$B / 4$
- C
$B / 2$
- D
$2 B$
Answer(a) वृत्ताकार कुण्डली के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र
$B =\frac{\mu_0 ni }{2 r } $
प्रथम स्थिति में, $n =1, L =2 \pi r$
$\Rightarrow r =\frac{ L }{2 \pi} $
द्वितीय स्थिति में,
$n =2, L =2\left(2 \pi r ^{\prime}\right) $
$ \Rightarrow r ^{\prime}=\frac{ L }{4 \pi}=\frac{ r }{2}$
प्रथम स्थिति में, $B =\frac{\mu_0 \times 1 \times i}{2 r }$
द्वितीय स्थिति में
$ B ^{\prime}=\frac{\mu_0 \times 2 \times i }{2 r ^{\prime}}=\frac{\mu_0 \cdot 2 i }{2\left(\frac{ r }{2}\right)}=\frac{4 \mu_0 i }{2 r }=4 B $
View full question & answer→MCQ 401 Mark
एक गेल्वैनोमीटर को वोल्टमीटर में बदल सकते हैं जब
- A
उच्च प्रतिरोध समांतर क्रम में लगाये जाए
- B
निम्न प्रतिरोध श्रेणी क्रम में लगाये जाए
- ✓
उच्च प्रतिरोध श्रेणी क्रम में लगाये जाए
- D
निम्न प्रतिरोध समांतर क्रम में लगाये जाए
AnswerCorrect option: C. उच्च प्रतिरोध श्रेणी क्रम में लगाये जाए
(c) गेल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने हेतु उच्च प्रतिरोध को श्रेणी क्रम में लगाना होगा
View full question & answer→MCQ 411 Mark
एक आवेशित वस्तु जिसका आवेश $q$ तथा द्रव्यमान $m$ है चुम्बकीय क्षेत्र $B$ के लम्बवत् गति करता है। वस्तु की ऊर्जा $E$ है तो इसकी घूर्णन आवृत्ति होगी
- A
$\frac{ qB }{ m \pi}$
- ✓
$\frac{ qB }{2 \pi m }$
- C
$\frac{ qBE }{2 \pi m }$
- D
$\frac{ qB }{2 \pi E }$
AnswerCorrect option: B. $\frac{ qB }{2 \pi m }$
(b)
$ mr \omega^2= qvB $
$ \Rightarrow \omega^2=\frac{ qvB }{ mr } $
$ \because \quad v = r \omega $
$ \because \quad \omega^2=\frac{ qr \omega B }{ mr } \Rightarrow \omega=\frac{ qB }{ m } $
$ v =\frac{\omega}{2 \pi} \Rightarrow v =\frac{ qB }{2 \pi m }$
View full question & answer→MCQ 421 Mark
एक स्थान पर वैद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{ E }$ तथा चुम्बकीय क्षेत्र $\overrightarrow{ B }$ एक दूसरे के लम्बवत् लगे हैं। एक इलैक्ट्रॉन इन दोनों क्षेत्रों के लम्बवत् गति करता है तो वह अविक्षेपित रहता है। इलैक्ट्रान का वेग है :
- ✓
$\frac{|\overrightarrow{ E }|}{|\overrightarrow{ B }|}$
- B
$\overrightarrow{ E } \times \overrightarrow{ B }$
- C
$\frac{|\vec{B}|}{|\vec{E}|}$
- D
$\overrightarrow{ E } \cdot \overrightarrow{ B }$
AnswerCorrect option: A. $\frac{|\overrightarrow{ E }|}{|\overrightarrow{ B }|}$
(a) $q qB = qE \Rightarrow v =\frac{ E }{ B }$
View full question & answer→MCQ 431 Mark
एक प्रोटॉन $3 \times 10^5$ मी/सेकंड के वेग से $0.3 T$ वाले चुम्बकीय क्षेत्र में $30^{\circ}$ का कोण बनाते हुए गति करता है। इसकी पथ की त्रिज्या होगी (प्रोटॉन का $e / m =10^8$ कूलाम/किग्रा)
- A
- ✓
$0.5$ सेमी
- C
$0.02$ सेमी
- D
$1.25$ सेमी
AnswerCorrect option: B. $0.5$ सेमी
(b) $r =\frac{ mv \sin \theta}{ Be }=0.5 \times 10^{-2} m =0.5 cm$
View full question & answer→MCQ 441 Mark
दो समांतर तार $P \& Q$ एक दूसरे के लम्बवत् समतल में 5 मीटर की दूरी पर रखे हैं। इनमें धारा का मान क्रमश: $2.5 A$ तथा $5 A$ है जो समान दिशाओं में चलती है। उनके मध्यवर्ती बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र है
AnswerCorrect option: D. $\frac{\mu_0}{2 \pi}$
(d)

$B _{ P }=\frac{\mu_0 I _1}{2 \pi .5 / 2}=\frac{\mu_0}{2 \pi} \quad\left( I _1=2.5 A \right) $
$ B_Q=\frac{\mu_0 I_2}{2 \pi .5 / 2}=\frac{\mu_0}{\pi} $
$B = B _{ p }+ B _{ Q } $
$ =-\frac{\mu_0}{2 \pi}+\frac{\mu_0}{\pi}=\frac{\mu_0}{2 \pi} $
(ऊर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर) View full question & answer→MCQ 451 Mark
एक खोखले बेलन में धारा प्रवाहित होती है तो इसमें उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र होगा
- A
- ✓
- C
(d) अंदर तथा बाहर दोनों तरफ
- D
Answer(b) $B _{ i } \cdot 2 \pi r =\mu_0 \times 0 \Rightarrow B _{ i }=0$
$
B _0=\frac{\mu_0 i }{2 \pi r }
$
यहाँ $B _{ i }=$ खोखले पाइप के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र
$B _0=$ खोखले पाइप के बाहर चुम्बकीय क्षेत्र
View full question & answer→MCQ 461 Mark
एक प्रोटॉन $1 V$ पर त्वरित किया गया है। इसकी गतिज ऊर्जा होगी
- A
$1840 eV$
- B
$13.6 eV$
- ✓
$1 eV$
- D
$0.54 eV$
AnswerCorrect option: C. $1 eV$
(c) $V =1 V ; KE = qV =1.6 \times 10^{-19} \times 1=1 eV$.
View full question & answer→MCQ 471 Mark
एक कुण्डली जिसकी त्रिज्या $0.5$ मीटर, फेरों की संख्या $50$ तथा धारा का मान $2 A$ है तो उसके केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता होगी :-
- A
$0.5 \times 10^{-5}$ टेस्ला
- ✓
$1.25 \times 10^{-4}$ टेस्ला
- C
$3 \times 10^{-5}$ टेस्ला
- D
$4 \times 10^{-5}$ टेस्ला
AnswerCorrect option: B. $1.25 \times 10^{-4}$ टेस्ला
(b) हम जानते हैं कि वृत्ताकार तार के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र
$B =\frac{\mu_0 NI }{2 r }=\frac{4 \pi \times 10^{-7} \times 2 \times 50}{2 \times 0.5} $
$ =1.25 \times 10^{-4} N $
View full question & answer→MCQ 481 Mark
एक लम्बे तार से एक, एक फेरे वाली कुण्डली तथा फिर उसी तार से 2 फेरों वाली कुण्डली बनायी जाती है। यदि दोनों में प्रवाहित धारा एक समान है तो उनके केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रताओं का अनुपात होगा-
- A
$2: 1$
- ✓
$1: 4$
- C
$4: 1$
- D
$1: 2$
AnswerCorrect option: B. $1: 4$
(b) स्थिति $I : \ell=2 \pi r \Rightarrow r=\frac{\ell}{2 \pi}$
$
B =\frac{\mu_0 In }{2 r }=\frac{\mu_0 I \times 2 \pi}{2 \ell}=\frac{\mu \pi I }{\ell}[\because n =1] .
$
स्थिति II : $\ell=2\left(2 \pi r^{\prime}\right) \Rightarrow r^{\prime}=\frac{\ell}{4 \pi}$
$
B ^{\prime}=\frac{\mu_0 In }{2 \frac{\ell}{4 \pi}}=\frac{2 \mu_0 I \pi}{\frac{\ell}{2}}=4\left(\frac{\mu_0 \pi I }{\ell}\right)=4 B
$
View full question & answer→MCQ 491 Mark
एक गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $8 \Omega$ है। इसमें $2 \Omega$ का शण्ट प्रतिरोध लगाया गया। इसमें $1 A$ धारा प्रवाहित होती है तो बताओ शण्ट में कितनी धारा प्रवाहित होगी?
- A
$0.25$ एम्पियर
- ✓
$0.8$ एम्पियर
- C
$0.2$ एम्पियर
- D
(b) $0.5$ एम्पियर
AnswerCorrect option: B. $0.8$ एम्पियर
(b) $I _{ s }=\frac{ IG }{ S + G }=\frac{1 \times 8}{2+8}=\frac{8}{10}=0.8 A$
View full question & answer→MCQ 501 Mark
दो समान्तर तार एक दूसरे से $1$ मीटर दूरी पर रखे हैं, इनमें $1 A$ धारा प्रवाहित होती है। प्रति एकांक लम्बाई पर आकर्षण बल होगा-
- ✓
$2 \times 10^{-7}$ न्यूटन/मीटर
- B
$2 \times 10^{-8}$ न्यूटन/मीटर
- C
$5 \times 10^{-8}$ न्यूटन/मीटर
- D
$10^{-7}$ न्यूटन/मीटर
AnswerCorrect option: A. $2 \times 10^{-7}$ न्यूटन/मीटर
(a)
$F=\frac{\mu_0}{4 \pi} \cdot \frac{2 i_j, i_2 \ell}{r} $
$ =\frac{10^{-7} \times 2 \times 1 \times 1}{1}=2 \times 10^{-7} N / m $
View full question & answer→MCQ 511 Mark
एक धनात्मक आवेश एक समान चुम्बकीय क्षेत्र (ऊर्ध्वाधरतः दिष्ट) में पूर्व की ओर गति करता है, आवेश:
- A
पूर्व की दिशा में गति करता रहेगा।
- ✓
वृत्तीय पथ समान चाल से चलेगा।
- C
वृत्तीय पथ पर चलते हुए चाल बढ़ेगी।
- D
ऊपर की ओर दिष्ट हो जाएगा।
AnswerCorrect option: B. वृत्तीय पथ समान चाल से चलेगा।
(b) लम्बवत् चुम्बकीय क्षेत्र में गति करता हुआ आवेश वृत्तीय पथ पर गति करता है तथा ऊर्जा अपरिवर्तित रहता है।
View full question & answer→MCQ 521 Mark
एक गेल्वैनोमीटर जिसका प्रतिरोध $20 \Omega$ है, $0.004 A$ धारा पर पूरा स्केल विक्षेप देता है। इसे एक $1 A$ रेंज वाले एमीटर बनाने के लिए कितना शण्ट प्रतिरोध देना होगा?
- A
$0.38 \Omega$
- B
$0.21 \Omega$
- ✓
$0.08 \Omega$
- D
$0.05 \Omega$
AnswerCorrect option: C. $0.08 \Omega$
(c)
$
R \left( I - I _{ g }\right)= I _{ g } \times 20 \Rightarrow R =0.08 \Omega
$ View full question & answer→MCQ 531 Mark
एक स्थान पर चुम्बकीय क्षेत्र $B =0.5 T$ तथा वैद्युत क्षेत्र $E =20$ वोल्ट/मी एक दूसरे के लम्बवत् लगते हैं। एक इलैक्ट्रॉन पुंज समान गति से इन क्षेत्रों में दोनों के लम्बवत् चलता है तो इलैक्ट्रॉन की वेग होगी
- A
- B
- ✓
- D
$\frac{1}{40}$ मी/सेकंड
Answer(c) $qvB = qE \Rightarrow v =\frac{ E }{ B }=\frac{20}{0.5}=40$ मी $/$ सेकंड
View full question & answer→MCQ 541 Mark
दो धारावाही चालक एक दूसरे के लम्बवत् रखे हैं। $AB$ तथा $CB$ एक दूसरे के लम्बवत् हैं तो तुल्य चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता कहां शून्य होगी
- ✓
$AB$ पर
- B
$CD$ पर
- C
दोनों $AB$ तथा $CD$ पर
- D
$OD$ तथा $OB$ पर
AnswerCorrect option: A. $AB$ पर
(a)
$AB$ पर चुम्बकीय क्षेत्र शून्य होगा क्योंकि दोनों विद्युतवाही तारों के कारण चुम्बकीय क्षेत्र समान लेकिन विपरित दिशाओं में होगा। View full question & answer→MCQ 551 Mark
एक $10 eV$ ऊर्जा का एक इलैक्ट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र $10^{-9}$ वेबर/मी. $(1 G )$ के लम्बवत् गति करता है तथा दोनों ध राओं से symmetrical हैं। तो इसके पथ की त्रिज्या होगी
- A
$12$ सेमी
- B
$16$ सेमी
- ✓
$11$ सेमी
- D
$18$ सेमी
AnswerCorrect option: C. $11$ सेमी
(c)
$ KE =10 eV \Rightarrow \frac{1}{2} mv ^2=10 eV$
$\frac{1}{2}\left(9.1 \times 10^{-31}\right) v ^2=10 \times 1.6 \times 10^{-19} $
$ \Rightarrow v ^2=\frac{2 \times 10 \times 1.6 \times 10^{-19}}{9.1 \times 10^{-31}} $
$ \Rightarrow v ^2=3.52 \times 10^{12} $
$ v =1.88 \times 10^6 m/s $
View full question & answer→MCQ 561 Mark
एक छोटे धारावाही तार (dl) की वजह से $r$ दूरी पर बना चुम्बकीय क्षेत्र $( dB )$ होगा
- A
$dB =\frac{\mu_0}{4 \pi} i \left(\frac{\overrightarrow{ d l} \times \overrightarrow{ r }}{ r }\right)$
- B
$dB =\frac{\mu_0}{4 \pi} i^2\left(\frac{\overrightarrow{ d } l \times \overrightarrow{ r }}{ r ^2}\right)$
- C
$dB =\frac{\mu_0}{4 \pi} i^2\left(\frac{\overrightarrow{ d } l \times \overrightarrow{ r }}{ r }\right)$
- ✓
$dB =\frac{\mu_0}{4 \pi} i \left(\frac{\overrightarrow{ d } l \times \overrightarrow{ r }}{ r ^3}\right)$
AnswerCorrect option: D. $dB =\frac{\mu_0}{4 \pi} i \left(\frac{\overrightarrow{ d } l \times \overrightarrow{ r }}{ r ^3}\right)$
(d) बॉयट सेवर्ट नियम से,
$
d \overrightarrow{ B }=\frac{\mu_0 I }{4 \pi} \frac{(\overrightarrow{ d } \times \overrightarrow{ r })}{ r ^3}
$
View full question & answer→MCQ 571 Mark
एक तार जिसमें $12 A$ धारा प्रवाहित होती है उससे किसी दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता $3 \times 10^{-6}$ वेबर $/$ मी $^2$ है। इस दूरी का मान होगा
- ✓
$8 \times 10^{-2}$ मीटर
- B
$12 \times 10^{-2}$ मीटर
- C
$18 \times 10^{-2}$ मीटर
- D
$24 \times 10^{-2}$ मीटर
AnswerCorrect option: A. $8 \times 10^{-2}$ मीटर
(a) $I =12 A ; B =3 \times 10^{-5} Wb / m ^2$
$
=\frac{\mu_0 I }{2 \pi r }
$
माना तार अनन्त लम्बाई की है।
$
I =\frac{\mu_0 I }{2 \pi B }=\frac{4 \pi \times 10^{-7} \times 12}{2 \times \pi \times 3 \times 10^{-5}}=8 \times 10^{-2} m
$
View full question & answer→MCQ 581 Mark
एक तार का व्यास $0.5$ मिमी है। इसमें $1 A$ धारा प्रवाहित होती है। इसके एक दूसरे तार जिसका व्यास 1 मिमी है तथा इसमें भी $1 A$ धारा प्रवाहित होती है से बदल दिया जाता है। तो तार से कुछ दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता होगी-
Answer(b) धारा का मान समान होने से उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र समान होगा।
View full question & answer→MCQ 591 Mark
एक स्थान पर एक समान चुम्बकीय क्षेत्र (B) तथा वैद्युत क्षेत्र (E) एक दूसरे के लम्बवत् लगाये गये हैं। इसमे एक इलैक्ट्रॉन चलता है, तो-
- A
यह हमेशा चुम्बकीय क्षेत्र (B) की दिशा में चलेगा
- B
यह हमेशा वैद्युत क्षेत्र (E) की दिशा में चलेगा
- C
यह वृत्तीय पथ पर गति करेगा
- ✓
Answer(d) यदि विद्युत क्षेत्र तथा चुम्बकीय क्षेत्र में विक्षेपण बराबर हो तो इलैक्ट्रॉन विक्षेपित नहीं होगा।
View full question & answer→MCQ 601 Mark
एक चुम्बकीय क्षेत्र $X$-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में है इसमें एक आवेश $v$ वेग से $X$-अक्ष की धनात्मक दिशा में गति करता है तो आवेश रहेगा
- ✓
- B
$y - z$ समतल में घूमना शुरू करेगा
- C
$x$-अक्ष की दिशा में अवमंदित गति करेगा
- D
$x$-अक्ष में हेलिकल पथ बनाएगा।
Answer(a) $F = q (\overrightarrow{ v } \times \overrightarrow{ B })$ तो
$
F = qvB \sin 180^{\circ} ; F =0
$
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एक धारा प्रवाहित कुण्डली यदि एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में रखी गयी है तो उसमें
Answer(a) एक धारावाही कुंडली का चुम्बकीय द्विध्रुव-आघूर्ण होता है। अतः चुम्बकीय क्षेत्र में इस पर बल-आघूर्ण $= p _{ m } \times B$ कार्य करेगा।
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एक गैल्वेनोमीटर को एक एमीटर में बदलने हेतु हमे जोड़ना चाहिए
- ✓
समान्तर क्रम में कम प्रतिरोध
- B
समान्तर क्रम में अधिक प्रतिरोध
- C
श्रेणी क्रम में कम प्रतिरोध
- D
श्रेणी क्रम में अधिक प्रतिरोध
AnswerCorrect option: A. समान्तर क्रम में कम प्रतिरोध
(a) गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने हेतु एक कम प्रतिरोध समान्तर क्रम में लगाना होगा ताकि अधिकतम धारा शंट तार से गुजर सके और एमीटर बचा रहे।
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एक सीधे तार में $1.2 A$ की धारा प्रवाहित होती है। इससे $0.5$ मीटर दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता $2 T$ है। चुम्बकीय क्षेत्र तार की लम्बाई के लम्बवत् है तो तार पर लगने वाला बल है
- A
$2.4 N$
- ✓
$1.2 N$
- C
$3.0 N$
- D
$2.0 N$
AnswerCorrect option: B. $1.2 N$
(b) $F = Bi \ell=2 \times 1.2 \times 0.5=1.2 N$
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एक सीधे तार में धारा $i$ प्रवाहित होती है तो उसमें दूरी $r$ पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता $0.4 T$ है। $2 r$ दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता होगी-
- ✓
$0.2$ टेस्ला
- B
$0.8$ टेस्ला
- C
$0.1$ टेस्ला
- D
$1.6$ टेस्ला
AnswerCorrect option: A. $0.2$ टेस्ला
(a) $B =\frac{\mu_0 i }{2 \pi r }$ या $B \propto \frac{1}{ r }$
$r$ दोगुना करने पर $B$ आधा हो जाएगा।
$
\therefore B ^{\prime}=0.2 T
$
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एक समान चुम्बकीय क्षेत्र इलैक्ट्रान की गति के लम्बवत् दिशा में लगाया जाता है। इसके कारण यह एक इलैक्ट्रान 2 सेमी वाले वृतीय पथ पर घूमता है। यदि इलैक्ट्रान का वेग दोगुना कर दिया जाए तो पथ की त्रिज्या होगी:
- A
$2.0$ सेमी
- B
$0.5$ सेमी
- ✓
$4.0$ सेमी
- D
$1.0$ सेमी
AnswerCorrect option: C. $4.0$ सेमी
(c) $r =\frac{ mv }{ Bq } \Rightarrow r \propto v$
$v$ दोगुना करने पर त्रिज्या भी दोगुनी होगी।
$r =2 \times 2=4 cm$
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एक ड्यूट्रॉन एक दिये हुए चुम्बकीय क्षेत्र $B$ के लम्बवत् तल में $0.5$ मीटर वाले वृत्तीय पथ पर गति करता है। इसकी गतिज ऊर्जा $50 keV$ है। यदि इस वृतीय पथ पर तथा इसी चुम्बकीय क्षैत्र में प्रोट्रॉन गतिमय हो तो इसकी गतिज ऊर्जा होगी-
- A
$25 keV$
- B
$50 keV$
- C
$200 keV$
- ✓
$100 keV$
AnswerCorrect option: D. $100 keV$
(d)
$\frac{ mv ^2}{ r }= Bqv \Rightarrow v =\frac{ Bqr }{ m } $
$mv ^2= Bqvr \Rightarrow E _{ k }=\frac{1}{2} m v^2 $
$ =\frac{1}{2} Bqvr =B q \frac{ r }{2} \cdot \frac{ Bqr }{ m }=\frac{ B ^2 q ^2 r ^2}{2 m }$
ड्यूट्रॉन के लिए
$E_1=\frac{B^2 q^2 r^2}{4 m} $
प्रोटॉन - के लिए
$E_2=\frac{B^2 q^2 r^2}{2 m} $
$ \frac{E_1}{E_2}=\frac{1}{2}=\frac{50}{E_2} \Rightarrow E_2=100 KeV $
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एक लम्बे धारा प्रवाहित तार की वजह से किसी बिन्दु $P$ पर जो तार से $4$ सेमी दूर है, चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता $10^{-3} T$ है। तो $12$ सेमी दूर स्थित बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता ज्ञात करो।
- ✓
$3.33 \times 10^{-4}$ टेस्ला
- B
$1.11 \times 10^{-4}$ टेस्ला
- C
$3 \times 10^{-3}$ टेस्ला
- D
$9 \times 10^{-3}$ टेस्ला
AnswerCorrect option: A. $3.33 \times 10^{-4}$ टेस्ला
(a)
$B \propto \frac{1}{ r } \Rightarrow r ^{\prime}=3 r $
$ \therefore B^{\prime}=\frac{1}{3} B=\frac{1}{3} \times 10^{-3}=3.33 \times 10^{-4} T$
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एक चालक लूप को यदि चुम्बकीय क्षेत्र में चलाया जाए तो उसमें उत्पन्न होने वाला आवेश का कारण है
- A
चुम्बकीय फ्लक्स के परिवर्तिन की दर
- B
प्रारम्भिक चुम्बकीय फ्लक्स
- ✓
चुम्बकीय फ्लक्स में कुल परिवर्तन
- D
AnswerCorrect option: C. चुम्बकीय फ्लक्स में कुल परिवर्तन
(c) $e =\frac{ d \phi}{ dt } \Rightarrow i =\frac{ e }{ R }=\frac{1}{ R } \cdot \frac{ d \phi}{ dt }$
उत्पन्न हुआ कुल आवेश
$ =\int idt =\int \frac{1}{ R }=\frac{ d \phi}{ dt } dt =\frac{1}{ R } \int_{ d _1}^{\phi_2} d \phi $
$ =\frac{1}{ R }\left(\phi_2-\phi_1\right)$
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एक धारा प्रवाहित कुण्डली में ऊर्जा किस रूप में संचित होती है?
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टेस्ला मात्रक है $-$
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एक धारा प्रवाहित कुण्डली एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में रखी गयी है। कुण्डली कितने कोण से घूमे कि उसका समतल
AnswerCorrect option: D. चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् हो जाए
(d) कुण्डली की तल ही चुम्बकीय के लम्बवत् घूम जाएगी।
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