MCQ 11 Mark
$1 kg$ द्रव्यमान का कोई पिण्ड किसी कालाश्रित बल $\overrightarrow{ F }=\left(2 \hat{ i }+3 t ^2 \hat{ j }\right) N$, यहाँ $\hat{ i }$ और $\hat{ j }, x$ और $y$ अक्ष के अनुदिश मात्रक सदिश हैं, के अधीन गति आरम्भ करता है, तो समय $t$ पर इस बल द्वारा विकसित शक्ति क्या होगी?
- ✓
$\left(2 t ^2+3 t ^3\right) W$
- B
$\left(2 t^2+4 t^4\right) W$
- C
$\left(2 t^3+3 t^4\right) W$
- D
$\left(2 t^3+3 t^5\right) W$
AnswerCorrect option: A. $\left(2 t ^2+3 t ^3\right) W$
(a) दिया है, कण का द्रव्यमान, $M=10 g =\frac{10}{1000} kg$
वृत्त की त्रिज्या $R =6.4 cm$
कण की गतिज ऊर्जा $E =8 \times 10^{-4} J$
त्वरण $a _{ t }=$ ?
$\frac{1}{2} mv ^2= E \Rightarrow \frac{1}{2}\left(\frac{10}{1000}\right) v ^2 $
$=8 \times 10^{-4} $
$ \Rightarrow v ^2=16 \times 10^{-2} $
$ \Rightarrow v =4 \times 10^{-1}=0.4 m / s $
अब, गति के तीसरे समीकरण से
$v ^2= u ^2+2 a _{ t } s \quad( s =4 \pi R ) $
$ (0.4)^2=0^2+2 a _{ t }\left(4 \times \frac{22}{7} \times \frac{6.4}{100}\right) $
$ \Rightarrow a _{ t }=(0.4)^2 \times \frac{7 \times 100}{8 \times 22 \times 6.4}=0.1 m / s ^2 $
View full question & answer→MCQ 21 Mark
$10 g$ द्रव्यमान का काई कण $6.4$ से.मी. लम्बी त्रिज्या के वृत्त के अनुदिश किसी नियत स्पर्श-रेखीय त्वरण से गति करता है। यदि गति आरम्भ करने के पश्चात दो परिक्रमाएं पूरी करने पर कण की गतिज ऊर्जा $8 \times 10^{-4} J$ हो जाती है, तो इस त्वरण का परिमाण क्या है,
- ✓
$0.1 m / s ^2$
- B
$0.15 m / s ^2$
- C
$0.18 m / s ^2$
- D
$0.2 m / s ^2$
AnswerCorrect option: A. $0.1 m / s ^2$
(a) दिया है, कण का द्रव्यमान, $M=10 g =\frac{10}{1000} kg$
वृत्त की त्रिज्या $R =6.4 cm$
कण की गतिज ऊर्जा $E =8 \times 10^{-4} J$
त्वरण $a _{ t }=$ ?
$\frac{1}{2} mv ^2= E \Rightarrow \frac{1}{2}\left(\frac{10}{1000}\right) v ^2$
$ =8 \times 10^{-4}$
$ \Rightarrow v ^2=16 \times 10^{-2}$
$ \Rightarrow v =4 \times 10^{-1}=0.4 m / s$
अब, गति के तीसरे समीकरण से
$v ^2= u ^2+2 a _{ t } s \quad( s =4 \pi R )$
$ (0.4)^2=0^2+2 a _{ t }\left(4 \times \frac{22}{7} \times \frac{6.4}{100}\right)$
$\Rightarrow a _{ t }=(0.4)^2 \times \frac{7 \times 100}{8 \times 22 \times 6.4}=0.1 m / s ^2$
View full question & answer→MCQ 31 Mark
किसी व्यक्ति का हृदय घमनियों से $150 mm$ पारद दाब पर 5 लिटर रक्त प्रति मिनट पम्प करता है। यदि पारद का घनत्व $13.6 \times 10^3 kg / m ^3$ तथा $g =10 m / s ^2$ है, तो हददय की शक्ति वाट में है:
- A
$2.35$
- B
$3.0$
- C
$1.50$
- ✓
$1.70$
AnswerCorrect option: D. $1.70$
$(d)$
शक्ति $\overrightarrow{ F } \cdot \overrightarrow{ V }= PA \overrightarrow{ V }=\rho \operatorname{ghAV}$
$[\because P=\frac{F}{A}$ { तथा } $P=\rho g h] $
$ =13.6 \times 10^3 \times 10 \times 150 \times 10^{-3} \times 0.5 \times 10^{-3} / 60$
$ =\frac{102}{60}=1.70 $ { वॉट }
View full question & answer→MCQ 41 Mark
दो कण $A$ तथा $B$ र्थिर वेग क्रमश: $\overrightarrow{ v }_1$ तथा $\overrightarrow{ v }_2$ से गति कर रहे है। प्रारंभिक क्षण में उनके सदिश क्रमशः $\overrightarrow{ r }_{ i }$ तथा $\overrightarrow{ r }_2$ हैं तो, $A$ तथा $B$ के संघट्ट होने के लिये शर्त है:
- A
$\quad \overrightarrow{ r }_{ i } \cdot \overrightarrow{ v }_1=\overrightarrow{ r }_2 \cdot \overrightarrow{ v }_2$
- B
$\overrightarrow{ r }_1 \times \overrightarrow{ v }_1=\overrightarrow{ r }_2 \times \overrightarrow{ v }_2$
- C
$\overrightarrow{ r }_1-\overrightarrow{ r }_2=\overrightarrow{ v }_1-\overrightarrow{ v }_2$
- ✓
$\frac{\overrightarrow{ r }_{ i }-\overrightarrow{ r }_2}{\left|\overrightarrow{ r }_{ i }-\overrightarrow{ r }_2\right|}=\frac{\overrightarrow{ v }_2-\overrightarrow{ v }_1}{\left|\overrightarrow{ v }_2-\overrightarrow{ v }_1\right|}$
AnswerCorrect option: D. $\frac{\overrightarrow{ r }_{ i }-\overrightarrow{ r }_2}{\left|\overrightarrow{ r }_{ i }-\overrightarrow{ r }_2\right|}=\frac{\overrightarrow{ v }_2-\overrightarrow{ v }_1}{\left|\overrightarrow{ v }_2-\overrightarrow{ v }_1\right|}$
(d) संघट्र के लिए, $\overrightarrow{ V }_{ B / A }$ को $\overline{ B \rightarrow A }\left(\overrightarrow{ r }_{ A / B }\right)$ के अनुदिश होना चाहिए
अत: $\frac{\overrightarrow{ V }_2-\overrightarrow{ V }_1}{\left| V _2- V _1\right|}=\frac{\overrightarrow{ r }_1-\overrightarrow{ r }_2}{\left| r _1- r _2\right|}$
View full question & answer→MCQ 51 Mark
$4 m$ द्रव्यमान का एक पिण्ड (वस्तु) $x y$-समतल पर विराम अवस्था में है। इसमें अचानक विस्फोट होने पर, इसके दो भाग (प्रत्येक का द्रव्यमान $m$ है) एक ही वेग $v$ से एवं दूसरे की लम्बवत् दिशा में गति करने लगते हैं; तो विस्फोट के कारण जनित कुल गतिज ऊर्जा का मान होगा
- A
$m v^2$
- ✓
$\frac{3}{2} m v^2$
- C
$2 m v^2$
- D
$4 m v^2$
AnswerCorrect option: B. $\frac{3}{2} m v^2$
(b)

संवेग संरक्षण के नियम से,
$ \sqrt{2}( mv )=2 mv ^{\prime} \Rightarrow v ^{\prime}=\frac{ v }{\sqrt{2}} $
अतः विघटन द्वारा उत्पन्न कुल गतिज ऊर्जा
$KE =\frac{1}{2} mv ^2+\frac{1}{2} m v^2+\frac{1}{2}(2 m ) v ^{\prime 2} $
$ =m v^2+\frac{m v^2}{2}=\frac{3}{2} m v^2 $ View full question & answer→MCQ 61 Mark
' $m$ ' द्रव्यमान की एक वस्तु को पृथ्वी की सतह (पृष्ठ) से उसकी त्रिज्या $( R )$ से दो गुना ऊँचाई तक ले जाया जाता है। वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन होगा:
- ✓
$\frac{2}{3} mgR$
- B
$3 mgR$
- C
$\frac{1}{3} mgR$
- D
$mg2R$
AnswerCorrect option: A. $\frac{2}{3} mgR$
(a) प्रारंभिक P. E., $U _{ i }=\frac{- GMm }{ R }$,
अंतिम P.E., $U _{ f }=\frac{- GMm }{3 R }$
$ \left[\because R ^{\prime}= R +2 R =3 R \right] $
$\therefore$ विभव ऊर्जा में परिवर्तन
$ \Delta U =\frac{- GMm }{3 R }+\frac{ GMm }{ R } $
$ =\frac{ GMm }{ R }\left(1-\frac{1}{3}\right)=\frac{2}{3} \frac{ GMm }{ R }=\frac{2}{3} mgR $
$(\because \frac{ GMm }{ R }= mgR )$
वैकल्पिक विधि : $\Delta U =\frac{ mgh }{1+\frac{ h }{ R }}$
$h =2 R$ मान रखने पर, हमें प्राप्त होता है
$\Delta U =\frac{2}{3} mgR$
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किसी क्षैतिज समतल में, एक चटट्न में विस्फोट के कारण उसवुे तीन भाग हो जाते हैं। दो भाग एक दूसरे से समकोण पर चले जाते हैं। पहले भाग को द्रव्यमान $1 kg$ है और वह $12 ms ^{-1}$ की चाल से गति करता है। दूसरे भाग का द्रव्यमान $2 kg$ है और वह $8 ms ^{-1}$ की चाल से गति करता है। यदि तीसरा भाग $4 ms ^{-1}$ की चाल से गति करता है तो, उसका द्रव्यमान होग:
- ✓
$5 kg$
- B
$7 kg$
- C
$17 kg$
- D
$3 kg$
AnswerCorrect option: A. $5 kg$
(a)

$P _{\text { }}=\sqrt{12^2+16^2} $
$ =\sqrt{144+256}=20 $
$ m _3 v _3=20 $
$ \text m _3=\frac{20}{4}=5 kg $ View full question & answer→MCQ 81 Mark
किसी बल क्षेत्र में कण की स्थितिज ऊर्जा निम्नलिखित है $U=\frac{A}{r^2}-\frac{B}{r}$ जहाँ $A$ और $B$ धनात्मक नियतांक हैं तथा $r$ क्षेत्र के केन्द्र से कण की दूरी है। स्थायी साम्यावस्था के लिए कण की दूरी होगी:
- A
$B / 2 A$
- ✓
$2 A / B$
- C
$A / B$
- D
$B / A$
AnswerCorrect option: B. $2 A / B$
(b) साम्यावस्था में
$\frac{d U}{d r}=0 \Rightarrow \frac{-2 A}{r^3}+\frac{B}{r^2}=0 $
$ r=\frac{2 A}{B}$
स्थाई साम्यावस्था के लिए $\frac{d^2 U}{d r^2} r$ मान के लिए धनात्मक होना चाहिए यहाँ $\frac{d^2 U}{d r^2}=\frac{6 A}{r^4}-\frac{2 B}{r^3}$ धनात्मक मान के लिए अत: $r=\frac{2 A}{B}$
View full question & answer→MCQ 91 Mark
आरेख में दर्शाये गये अनुसार, रस्सी के सिरे से जुड़ा हुआ एक छोटा सा पिंड, किसी घर्षण रहित मेज पर घूमता है। यदि रस्सी को खींचकर रस्सी के तनाव में वृद्धि कर दी जाये और रस्सी को इतना खींचा जाय कि, पिंड की वर्तुल (वृत्तीय) गति की त्रिज्या पहले से आधी हो जाय तो, पिंड की गतिज ऊर्जा:

- A
- B
पहले से दो गुनी हो जायेगी
- ✓
पहले से चार गुना हो जायेगी
- D
AnswerCorrect option: C. पहले से चार गुना हो जायेगी
(c) $KE =\frac{ L ^2}{2 I }$
कोणीय संवेग $L$ केन्द्र के परितः संरक्षित रहता है।
यनि, $L =$ नियतांक
$ I = mr ^2 $
$ \therefore \text { KE } =\frac{ L ^2}{2 mr ^2} $
द्वितीय स्थिति में
$ KE .=\frac{ L ^2}{2\left( mr ^{\prime 2}\right)}$
लेकिन $r^{\prime}=\frac{r}{2}$
$ \therefore K \cdot E ^{\prime}=\frac{ L ^2}{2 m \cdot \frac{ r ^2}{4}}=\frac{4 L ^2}{2 mr ^2}$
$ \Rightarrow KE ^{\prime}=4 K E .$
$\therefore$ अतः गतिज ऊर्जा चार गुना बढ़ जाती है।
View full question & answer→MCQ 101 Mark
द्रव्यमान $m$ का एक पिंड क्षैतिज दिशा में $x$-अक्ष के अनुदिश $v$ वेग से चलता हुआ, $3 m$ द्रव्यमान के एक ऐसे पिंड से टकराकर उससे चिपक जाता है, जो $y$-अक्ष के अनुदिश ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर $2 v$ वेग से गति कर रहा है। तो इस संयोजन का अन्तिम वेग होगा:
- ✓
$\frac{1}{4} v \hat{i}+\frac{3}{2} v \hat{j}$
- B
$\frac{1}{3} v \hat{i}+\frac{2}{3} v \hat{j}$
- C
$\frac{2}{3} v \hat{i}+\frac{1}{3} v \hat{j}$
- D
$\frac{3}{2} v \hat{i}+\frac{1}{4} v \hat{j}$
AnswerCorrect option: A. $\frac{1}{4} v \hat{i}+\frac{3}{2} v \hat{j}$
(a) चूँकि टक्कर के बाद दोनों द्रव्यमान आपस में चिपक जाते हैं अतः यह अप्रत्यास्थ टक्कर है।

$\therefore m v \hat{i}+3 m(2 v) \hat{j}=(4 m) \vec{v} $
$\overrightarrow{ v }=\frac{v}{4} \hat{i}+\frac{6}{4} v \hat{j}=\frac{v}{4} \hat{i}+\frac{3}{2} v \hat{j}$ View full question & answer→MCQ 111 Mark
सीधी रेखा पर गति करते हुए कण पर लगा बल $F$ दूरी $d$ के साथ चित्र में दिखाये गये अनुसार परिवर्तित होता है। तो कण के $12 m$ के विस्थापन के दौरान कण पर किया गया कार्य होगा:

- A
$18 J$
- B
$21 J$
- C
$26 J$
- ✓
$13 J$
AnswerCorrect option: D. $13 J$
(d) किया गया कार्य $= F - d$ ग्राफ का क्षेत्रफल
$ =[2 \times(7-3)]+\left[\frac{1}{2} \times 2 \times(12-7)\right] $
$ =8+5=13 J . $
View full question & answer→MCQ 121 Mark
पृथ्वी से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर प्रक्षेपित एक वस्तु, पृथ्वी पर वापस आने से पहले, पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊँचाई तक पहुंचती है। गुरूत्वीय बल द्वारा लगाई गई शक्ति का मान सर्वाधिक होगा:
- A
वस्तु की सर्वोच्च स्थिति पर
- ✓
वस्तु के पृथ्वी पर टकराने के ठीक पहले के क्षण पर
- C
वस्तु की पूरी यात्रा में स्थित होगा
- D
वस्तु को प्रक्षेपित करने के ठीक पश्चात् के क्षण में
AnswerCorrect option: B. वस्तु के पृथ्वी पर टकराने के ठीक पहले के क्षण पर
(b) किसी बल द्वारा आरोपित शक्ति दी जाती है$P = F \cdot v$जब वस्तु पृथ्वी-तल के तुरन्त ऊपर है, इसकी वेग अधिकतम है। इस क्षण गुरूत्वाकर्षण बल भी अधिकतम है।
View full question & answer→MCQ 131 Mark
किसी निकाय की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है। यदि:
- A
निकाय पर किसी असंरक्षी बल द्वारा कार्य किया जाए
- B
निकाय द्वारा संरक्षी बल के विरूद्ध कार्य किया जाए
- C
निकाय द्वारा असंरक्षी बल के विरूद्ध कार्य किया जाए
- ✓
निकाय पर किसी संरक्षी बल द्वारा कार्य किया जाए
AnswerCorrect option: D. निकाय पर किसी संरक्षी बल द्वारा कार्य किया जाए
(d) जब किसी तंत्र पर किसी संरक्षी बल द्वारा कार्य किया जाता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है।
View full question & answer→MCQ 141 Mark
एक इंजन, एक रबर के नल (होज पाइप) से पानी पम्प करता है। पानी पाइप से होकर जाता है और $2$ मी/से के वेग से बाहर निकलता है। पाइप में प्रति इकाई लम्बाई पानी का द्रव्यमान $100$ किग्रा/मी है। इंजन की शक्ति कितनी है?
- ✓
$400 W$
- B
$200 W$
- C
$100 W$
- D
$800 W$
AnswerCorrect option: A. $400 W$
(a) प्रति सेकण्ड पाइप द्वारा बहते जल की मात्रा
$ =\frac{m}{\text { समय }}=\frac{m}{\ell} \cdot \frac{\ell}{t}=\left(\frac{m}{\ell}\right) v$
शक्ति $=$ प्रति सेकेण्ड बहते जल की गतिज ऊर्जा
$=\frac{1}{2}\left(\frac{m}{\ell}\right) v \cdot v^2=\frac{1}{2}\left(\frac{m}{\ell}\right) v^3$
$ =\frac{1}{2} \times 100 \times 8=400 W $
View full question & answer→MCQ 151 Mark
एक गेंद जिसका वेग 2 मी/से है, एक अन्य स्थिर तथा दुगने द्रव्यमान वाली गेंद से सम्मुख संघट्ट करती है। यदि प्रत्यानयन (प्रत्यावस्थान) गुणांक का मान $0.5$ हो, तो टक्कर के पश्चात उनके वेगों का मान (मी/से में) होगा
- ✓
$0,1$
- B
$1,1$
- C
$1,0.5$
- D
$0,2$
Answer(a) स्पष्टत: $v _1=2 ms ^{-1}, v _2=0$
$ m _1= m m _2=2 m$
$ v _1=?, v _2=? $
$ e =\frac{ v _1- v _2}{ v _2- v _1} $
संवेग संरक्षण के सिद्धांत से,
$ 2 m = mv _1+2 mv _2$
समी. (i) से,
$ 0.5=\frac{ v _2- v _1}{2} \\ \therefore v _2=1+ v _1 $
समी. (ii) से
$ 2= v _1+2+2 v _1 \\ \Rightarrow v _1=0\ or\ v _2=1 ms ^{-1}$
View full question & answer→MCQ 161 Mark
विस्फोट होने से एक शिला तीन टुकड़ों में फट जाती है। इनमें से दो टुकड़े परस्पर लम्बव्त दिशाओं में जाते हैं। ये दोनों हैं, 12 मी/से वेग से चलता हुआ 1 किग्रा का पहला टुकड़ा तथा 8 मी/से वेग से चलता हुआ 2 किग्रा. का दूसरा टुकड़ा। यदि तीसरा टुकड़ा 4 मी./से. वेग से चला हो, तो उसका द्रव्यमान होगा :-
- A
$7 kg$
- B
$17 kg$
- C
$3 kg$
- ✓
$5 kg$
AnswerCorrect option: D. $5 kg$
(d) माना चट्टान/पत्थर के दोनों भाग क्रमशः $x$-अक्ष एवं $y$-अक्ष के परित : गतिमान हैं। यदि $M$ और $v$ तीसरे भाग के द्रव्यमान एवं गति हों, तो
$Mv \cos \theta=12$
$M v \sin \theta=16$
$\tan \theta=\frac{16}{12}=\frac{4}{3}$
$\cos \theta=\frac{3}{5}$
$v =4 m / s$
$M=\frac{12}{ v \cos \theta}$
$M =\frac{12 \times 5}{4 \times 3}=\frac{60}{12}=5 kg$
View full question & answer→MCQ 171 Mark
कोई इंजन एक होज़पाइप से निरन्तर जल को पम्प करता है। होज़पाइप से जल वेग $v$ से निकलता है और जल धारा का प्रति मात्रक लम्बाई द्रव्यमान $m$ है। जल को गतिज ऊर्जा दिये जाने की दर क्या होगी?
- A
$mv ^2$
- B
$\frac{1}{2} mv ^2$
- C
$\frac{1}{2} m^2 v^2$
- ✓
$\frac{1}{2} mv ^3$
AnswerCorrect option: D. $\frac{1}{2} mv ^3$
(d) $m =$ द्रव्यमान प्रति इकाई लम्बाई
$\therefore$ नली से प्रति सेकण्ड निकलने वाले द्रव्यमान की दर $=\frac{ mx }{ t }= mv$
गतिज ऊर्जा की दर $=\frac{1}{2}( mv ) v ^2=\frac{1}{2} mv ^3$
View full question & answer→MCQ 181 Mark
$4$ किग्रा द्रव्यमान की एक तोप $200$ ग्राम द्रव्यमान का एक गोला एक विस्फोट द्वारा फेंकती है। विस्फोट से $1.05 kJ$ ऊर्जा उत्पन्न होती है। गोले का आरम्भिक वेग होगा :
- ✓
$100 ms ^{-1}$
- B
$80 ms ^{-1}$
- C
$40 ms ^{-1}$
- D
$120 ms ^{-1}$
AnswerCorrect option: A. $100 ms ^{-1}$
(a) माना की शेल का प्रार्भिक वेग $v$ है। संवेग-संरक्षण सिद्धांत से $mv = Mv ^{\prime}$
जहाँ $v ^{\prime}=$ बन्दूक का वेग
$ \Rightarrow v ^{\prime}=\left(\frac{ m }{ M }\right) v$
कुल गतिज-ऊर्जा
$=\frac{1}{2} mv ^2+\frac{1}{2} Mv ^{\prime 2} $
$ =\frac{1}{2} mv ^2+\frac{1}{2} M \left(\frac{ m }{ M }\right)^2 v ^2 $
$ =\frac{1}{2} mv ^2\left[1+\frac{ m }{ M }\right] $
$ =\left(\frac{1}{2} \times 0.2\right)\left(1+\frac{0.2}{4}\right) v ^2=(0.1 \times 1.05) v ^2$
लेकिन कुल गतिज ऊर्जा $=1.05$ कि. जूल
$ =1.05 \times 10^3$ { जूल }
$ \therefore 1.05 \times 10^3=0.1 \times 1.05 \times v ^2$
$\Rightarrow v ^2=\frac{1.05 \times 10^3}{0.1 \times 1.0^5}=10^4$
$\therefore v =10^2=100m/s $
View full question & answer→MCQ 191 Mark
एक टर्बाइन को चलाने के लिए 60 मी की ऊंचाई से 15 $kg / s$ की दर से पानी गिराया जा रहा है। घर्षण बलों के कारण $10 \%$ ऊर्जा का नाश हो जाता है। टर्बाइन कितनी शक्ति( पवार) उत्पन्न करती है? $\left( g =10 m / s ^2\right)$
- ✓
$8.1 kW$
- B
$10.2 kW$
- C
$12.3 kW$
- D
$7.0 kW$
AnswerCorrect option: A. $8.1 kW$
(a) $h =60$ मी, $g =10$ मी/से ${ }^2$, पानी गिरने की दर $=15$ किग्रा / से
$\therefore$ गिरते हुए पानी की शक्ति $=15 \times 10 \times 60$ $=9000$ वाट
घर्षण के कारण ऊर्जा $-$ क्षय $=9000 \times \frac{10}{100}$ $=900 W$.
$\therefore$ टरबाइन द्वारा उत्सर्जित शक्ति $=(9000-900) W =8100 W =8.1 kW$
View full question & answer→MCQ 201 Mark
एक ऊर्ध्व स्प्रिंग मेज़ से खड़ा जोड़ा हुआ है। इसका बल नियतांक $k$ है। द्रव्यमान $m$ के एक गोले को स्प्रिंग के मुक्त सिरे के ठीक ऊपर से ऊँचाई $h$ से गिराने पर स्प्रिंग दूरी $d$ से पिचक जाता है। इस प्रक्रम में हुआ शुद्ध कार्य होगा-
- ✓
$mg ( h + d )-\frac{1}{2} kd ^2$
- B
$\operatorname{mg}( h - d )-\frac{1}{2} kd ^2$
- C
$\operatorname{mg}( h - d )+\frac{1}{2} kd ^2$
- D
$mg ( h + d )+\frac{1}{2} kd ^2$
AnswerCorrect option: A. $mg ( h + d )-\frac{1}{2} kd ^2$
(a) स्प्रिंग के मुक्त सिरे से $h$ ऊँचाई पर अवस्थित द्रव्यमान का गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा $= mgh$
अतः $d$ संपीडन के दौरान द्रव्यमान के गुरुत्वीय स्थितिज-ऊर्जा में कमी $= mgh + mgd = mg ( h + d )$ साथ ही, स्प्रिंग के प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि $=\frac{1}{2} kd ^2$
अतः कुल किया गया कार्य $= mg ( h + d )-\frac{1}{2} kd ^2$ View full question & answer→MCQ 211 Mark
$0.5$ किग्रा की एक गेंद $12$ मी/सेकंड की चाल से एक सख्त दीवार पर $30^{\circ}$ कोण से टकराती है। यह इसी चाल और इसी कोण से परावर्तित हो जाती है। यदि गेंद $0.25$ सेकंडों तक दीवार के संपर्क में रहती है तो दीवार पर कार्य करने वाला औसत बल है

- A
$24 N$
- ✓
$12 N$
- C
$96 N$
- D
$48 N$
AnswerCorrect option: B. $12 N$
(b)

वेग का ऊर्ध्वाधर तथा क्षैतिज दिशा में घटक तोड़ने पर

$v \cos \theta$ दीवार के लम्बवत् होगा
$v \sin \theta$ दीवार के समान्तर होगा
दूसरी स्थिति में होगा $v \sin \theta \& v \cos \theta$
कुल वेग में अंतर $v \sin \theta-(- v \sin \theta)=2 v \sin \theta$
वेग परिवर्तन की दर $=\frac{2 v \sin \theta}{0.25}$
$=\frac{2 \times 12 \times 1}{0.25 \times 2}=48$
त्वरण $a =48$ मी/सेकंड ${ }^2$
{ बल }$= ma =0.5 \times 48 $
{ बल }$=24 N$ View full question & answer→MCQ 221 Mark
एक $3$ किग्रा की वस्तु एक अचर बल जो $s$ (मीटर में) विस्थापन करता है से इस प्रकार संबंधित है कि $s =\frac{1}{3} t ^2$ जहाँ $t$ सेकंडो में है। इस बल द्वारा 2 सेकंड में किया गया कार्य है:
- A
$\frac{3}{8} J$
- ✓
$\frac{8}{3} J$
- C
$\frac{19}{5} J$
- D
$\frac{5}{19} J$
AnswerCorrect option: B. $\frac{8}{3} J$
(b)
$ a =\frac{2_{ s }}{ dt ^2}=\frac{2}{3} $
{ बल }$=3 \times \frac{2}{3}=2 N$
$2$ सेकंड में विस्थापन $=\frac{1}{3} \times 2 \times 2=\frac{4}{3}$
किया गया कार्य $=2 \times \frac{4}{3}=\frac{8}{3} J$
View full question & answer→MCQ 231 Mark
$30$ किग्रा का एक बम विस्फोटित होकर दो टुकड़ों जिनका द्रव्यमान $18$ किग्रा और $12$ किग्रा है, में टूट जाता है। $18$ किग्रा द्रव्यमान वाले टुकड़े का वेग $6$ मी/सेकंड है। दूसरे टुकड़े की गतिज ऊर्जा है:
- A
$324 J$
- B
$486 J$
- C
$256 J$
- ✓
$524 J$
AnswerCorrect option: D. $524 J$
(b) दिया है,
बम का द्रव्यमान $=30$ किग्रा
बम के प्रथम टुकड़े का द्रव्यमान $\left(m_1\right)=18$ किग्रा
बम के द्वितीय टुकड़े का द्रव्यमान $\left(m_2\right)=12$ किग्रा
बम के प्रथम टुकड़े का वेग $\left(v_1\right)=6$ मी/से
संवेग संरक्षण सिद्धान्तानुसार,
$m_1 v_1=m_2 v_2$
मान रखने पर,
$\Rightarrow 18 \times 6=12 \times v_2$
$\Rightarrow v_2=\frac{18 \times 6}{12}=9$ { मी/से }
$12$ किग्रा द्रव्यमान के टुकड़े की गतिज ऊर्जा ,
$K_2=\frac{1}{2} m_2 v_2^2 $
$K_2=\frac{1}{2} \times 12 \times(9)^2 $
$K_2=6 \times 81 $
$K_2=486$ { जूल }
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किसी वस्तु पर कार्य करने वाला बल $F$ दूरी $x$ के साथ बदलती है। बल न्यूटन में है और $x$ मीटर में है। $x =$ 0 से $x =6$ मीटर तक चलने में वस्तु को कितना कार्य करना होगा?
- A
$18.0 J$
- ✓
$13.5 J$
- C
$9.0 J$
- D
$4.5 J$
AnswerCorrect option: B. $13.5 J$
(b) 
किया कार्य $= F / x$ ग्राफ का क्षे.
$OABC$ का क्षे. $=\frac{1}{2}(3+6)(3)=13.5 J$ View full question & answer→MCQ 251 Mark
एक $250 N$ का बल 75 किग्रा द्रव्यमान को एक पुली के सहारे खींचता है। रस्सी $12 m$ खींची जाती है तो द्रव्यमान $3 m$ चलता है। जब। दक्षता होगी:
- A
$50 \%$
- ✓
$75 \%$
- C
$33 \%$
- D
$90 \%$
AnswerCorrect option: B. $75 \%$
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दो द्रव्यमान $m _1$ तथा $m _2$ एक सरल रेखा में 3 मी/सेकंड तथा $-5$ मी/सेकंड से चलते हुए प्रत्यास्थ संघट्ट करते हैं। टकराने के बाद उनके वेग होंगे:
- A
$-3$ मी/सेकंड और $+5$ मी/सेकंड
- B
$+4$ मी/सेकंड दोनों के लिए
- C
$-4$ मी/सेकंड और $+4$ मी/सेकंड
- ✓
$-5$ मी/सेकंड और $+3$ मी/सेकंड
AnswerCorrect option: D. $-5$ मी/सेकंड और $+3$ मी/सेकंड
(d) प्रत्यास्थ संधट्ट में यदि कणों का द्रव्यमान समान हो तो कणों के वेग परस्पर बादल जाते है।
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एक $m$ द्रव्यमान के पिण्ड का वेग 3 किमी/घंटा है। यह एक स्थिर $2 m$ द्रव्यमान के पिण्ड के साथ संघट्ट करती है। तो $2 m$ द्रव्यमान का संघट्ट के बाद वेग होगा-
Answer(a) संवेग संरक्षण नियम से, $\frac{ m \times 3 \times 1000}{3600}=3 mv$
$\Rightarrow v =\frac{1000}{3600}$ मी/सेकंड $=1$ किमी/ $/$ घंटा
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दो एकसमान गेंदे $A$ तथा $B ,+0.5$ मी/सेकंड तथा $-0.3$ मी/सेकंड से चलती हुई एक दूसरे के साथ (प्रत्यास्थ) संघट्ट करती है। टकराने के बाद $A$ तथा $B$ का वेग होगा:
- A
$+0.5$ मी/सेकंड और $+0.3$ मी/सेकंड
- ✓
$-0.3$ मी/सेकंड और $+0.5$ मी/सेकंड
- C
$+0.3$ मी/सेकंड और $0.5$ मी/सेकंड
- D
$-0.5$ मी/सेकंड और $+0.3$ मी/सेकंड
AnswerCorrect option: B. $-0.3$ मी/सेकंड और $+0.5$ मी/सेकंड
(b) यदि दो समान गेंदों में सीधा संघट्ट होता है तो उनके वेग परस्पर बदल जाते है।
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एक पम्प मशीन $2$ किलोवाट की है। यह $1$ मिनट में $10$ मी ऊंचाई तक कितना पानी पम्प करेगी $\left( g =10\right.$ मी/सेकंड $\left.2^2\right)$ ?
- A
$1000$ लीटर
- B
$100$ लीटर
- ✓
$1200$ लीटर
- D
$2000$ लीटर
AnswerCorrect option: C. $1200$ लीटर
(c)
$ P =\frac{ W }{ t }, P =2 kW =2000 W $
$ W = mgh = M \times 10 \times 10=100 M $
$t =60 s$
$2000=\frac{100 M }{60} $
$ M =1200 k$ { आयतन } $V =1200 l$
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एक बंदूक से एक 10 ग्राम की गोली 1000 मी/सेकंड प्रारम्भिक वेग से निकलती है तथा समान लेवल पर पृथ्वी पर 500 मी/सेकंड से टकराती है। किया गया कार्य जूल में है
Answer(b) $\omega=\Delta E =\frac{1}{2} \times 0.1\left[(1000)^2-(500)^2\right]$ $=3750 J$
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एक पूर्ण प्रत्यास्थ पिण्ड के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक का (coefficient of restitution) मान है:
Answer(a) $e=\frac{\left|v_1-v_2\right|}{\left|u_1-u_2\right|}$
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