Question 12 Marks
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (हर बिंदु पर) वह दिशा बताती हैं जिसमें (उस बिंदु पर रखी) चुंबकीय सुई संकेत करती है। क्या चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ प्रत्येक बिंदु पर गतिमान आवेशित कण पर आरोपित बल रेखाएँ भी हैं?
- एक टोरॉइड में तो चुंबकीय क्षेत्र पूर्णतः क्रोड के अंदर सीमित रहता है, पर परिनालिका में ऐसा नहीं होता। क्यों?
- यदि चुंबकीय एकल ध्रुवों का अस्तित्व होता तो चुंबकत्व संबंधी गाउस का नियम क्या रूप ग्रहण करता?
- क्या कोई छड़ चुंबक अपने क्षेत्र की वजह से अपने ऊपर बल आघूर्ण आरोपित करती है? क्या किसी धारावाही तार का एक अवयव उसी तार के दूसरे अवयव पर बल आरोपित करता है।
- गतिमान आवेशों के कारण चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होते हैं। क्या कोई ऐसी प्रणाली है जिसका चुंबकीय आघूर्ण होगा, यद्यपि उसका नेट आवेश शून्य है?
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नीचे दिए गए चित्रों में से कई में चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ गलत दर्शायी गई हैं [चित्रों में मोटी रेखाएँ। पहचानिए कि उनमें गलती क्या है? इनमें से कुछ में वैद्युत क्षेत्र रेखाएँ ठीक-ठीक दर्शायी गई हैं। बताइए, वे कौन-से चित्र हैं?

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- क्या होता है जबकि एक चुंबक को दो खंडों में विभाजित करते हैं (i) इसकी लंबाई के लंबवत (ii) लंबाई के अनुदिश?
- एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में रखी गई किसी चुंबकीय सुई पर बल आघूर्ण तो प्रभावी होता है पर इस पर कोई परिणामी बल नहीं लगता। तथापि, एक छड़ चुंबक के पास रखी लोहे की कील पर बल आघूर्ण के साथ-साथ परिणामी बल भी लगता है। क्यों?
- क्या प्रत्येक चुंबकीय विन्यास का एक उत्तरी और एक दक्षिणी ध्रुव होना आवश्यक है? एक टोरॉयड के चुंबकीय क्षेत्र के संबंध में इस विषय में अपनी टिप्पणी दीजिए।
- दो एक जैसी दिखाई पड़ने वाली छड़े A एवं B दी गई हैं जिनमें कोई एक निश्चित रूप से चुंबकीय है, यह ज्ञात है (पर, कौन सी यह ज्ञात नहीं है)। आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि दोनों छड़ें चुंबकित हैं या केवल एक? और यदि केवल एक छड़ चुंबकित है तो यह कैसे पता लगाएँगे कि वह कौन-सी है। [आपको छड़ों A एवं B के अतिरिक्त अन्य कोई चीज प्रयोग नहीं करनी है।]
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एक वृत्ताकार कुंडली जिसमें 16 फेरे हैं। जिसकी त्रिज्या 10 सेमी. है और जिसमें 75 A धारा प्रवाहित हो रही है, इस प्रकार रखी है कि इसका तल, $5.0 \times 10^{-2} T$ परिमाण वाले बाह्य क्षेत्र के लम्बवत् है। कुंडली, चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत और इसके अपने तल में स्थित एक अक्ष के चारों तरफ घूमने के लिए स्वतंत्र है। यदि कुंडली को जरा-सा घुमा कर छोड़ दिया जाए तो यह अपने स्थायी संतुलनावस्था के इधर-उधर $2.0 s^{-1}$ की आवृत्ति से दोलन करती है। कुंडली का अपने घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व-आघूर्ण क्या है।
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एक छड़ चुम्बक जिसका चुम्बकीय आघूर्ण $1.5 JT^{-1}$ है, 0.22 T के एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र के अनुदिश रखा है।
- एक बाह्य बल आघूर्ण कितना कार्य करेगा यदि यह चुम्बक को चुम्बकीय क्षेत्र के
- लम्बवत,
- विपरीत दिशा में संरेखित करने के लिए घुमा दे।
- स्थिति (i) एवं (ii) में चुम्बक पर कितना बल आघूर्ण होता है?
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चुम्बकीय आघूर्ण $m = 0.32 JT^{-1}$ वाला एक छोटा छड़ चुम्बक, 0.15 T के एकसमान बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखा है। यदि यह छड़ क्षेत्र के तल में घूमने के लिए स्वतंत्र हो, तो क्षेत्र के किस विन्यास में यह
- रथायी संतुलन और
- अस्थायी संतुलन में होगा? प्रत्येक स्थिति में चुम्बक की स्थितिज ऊर्जा का मान बताइए।
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एक छोटा छड़ चुम्बक जो एकसमान बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र 0.25 T के साथ $30^o$ का कोण बनाता है, पर $4.5 \times 10^{-2} \mathrm{~J}$ का बल आघूर्ण लगता है। चुम्बक के चुम्बकीय आघूर्ण का परिमाण क्या है?
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किसी इलेक्ट्रॉन के नैज चक्रणी संवेग S एवं कक्षीय कोणीय संवेग I के साथ जुड़े चुम्बकीय आघूर्ण क्रमश: $\mu_{s}$ और $\mu_{l}$ है। क्वांटम सिद्धांत के आधार पर (ओर प्रयोगात्मक रूप से अत्यन्त परिशुद्धतापूर्वक पुष्ट) इनके मान क्रमश : निम्न प्रकार दिए जाते हैं-
$\mu_{s}$=$-(\frac e m) S,$एवं $\mu_{l}$=$-(\frac e 2 m) $l
इनमें से कौन-सा व्यंजक चिरसम्मत सिद्धांतों के आधार पर प्राप्त करने की आशा की जा सकती है? उस चिरसम्मत आधार पर प्राप्त होने वाले व्यंजक को व्युत्पन्न कीजिए।
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एक रोलैंड रिंग की औसत त्रिज्या 15 सेमी है और इसमें 800 आपेक्षिक चुंबकशीलता के लौह चुम्बकीय क्रोड पर 3500 फेरे लिपटे हुए हैं। 1.2 A की चुम्बकीय धारा के कारण इसके क्रोड में कितना चुम्बकीय क्षेत्र (B) होगा?
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अनुचुम्बकीय लवण के एक नूमने में $2.0 \times 10^{24}$ परमाणु द्विधुव हैं जिनमें से प्रत्येक का द्विध्रुव आघूर्ण $1.5 \times 10^{-23} JT ^{-1}$ है। इस नमूने को 0.64 T के एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखा गया और 4.2 K ताप तक ठंडा किया गया इसमें $15 \%$ चुम्बकीय संतृप्तता आ गई। यदि इस नमूने को 0.98 T के चुम्बकीय क्षेत्र में 2.8 K ताप पर रखा हो तो इसका कुल द्विध्रुव आघूर्ण कितना होगा? (यह मान सकते हैं कि क्यूरी नियम लागू होता है।)
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एक समोर्जी 18 keV वाले इलेक्ट्रॉनों के किरण पुंज पर जो शुरू में क्षैतिज दिशा में गतिमान है, 0.04 G का एक क्षैतिज चुम्बकीय क्षेत्र, जो किरण पुंज की प्रारंभिक दिशा के लम्बवत् है, लगाया गया है। आकलन कीजिए 30 सेमी. की क्षैतिज दूरी चलने में किरण पुंज कितनी दूरी ऊपर या नीचे विस्थापित होगा? $\left(m_e=9.11 \times 10^{-31} kg, e =1.60 \times 10^{-19} C \right)$
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एक चुम्बकीय द्विध्रुव दो चुम्बकीय क्षेत्रों के प्रभाव में है। ये क्षेत्र एक-दूसरे से $60^o$ का कोण बनाते हैं और उनमें से एक क्षेत्र का परिमाण $1.2 \times 10^{-2} \mathrm{~T}$ है। यदि द्विध्रुवी संतुलन में इस क्षेत्र से $15^o$ का कोण बनाए, तो दूसरे क्षेत्र का परिमाण क्या होगा?
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एक चुम्बकीय सुई जो क्षैतिज तल में घूमने के लिए स्वतंत्र है, 30 फेरों एवं 12 सेमी. त्रिज्या वाली एक कुंडली के केन्द्र पर रखी है। कुंडली एक ऊर्ध्वाधर तल में है और चुम्बकीय याम्योत्तर से $45^o$का कोण बनाती है। जब कुंडली में 0.35 A धारा प्रवाहित होती है, चुम्बकीय सुई पश्चिम से पूर्व की ओर संकेत करती है।
- इस स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के क्षैतिज अवयव का मान ज्ञात कीजिए।
- कुंडली में धारा की दिशा उलट दी जाती है और इसको अपनी ऊर्ध्वाधर अक्ष पर वामावर्त दिशा में (ऊपर से देखने पर) $90^o$ के कोण पर घुमा दिया जाता है। चुम्बकीय सुई किस दिशा में ठहरेगी? इस कथन पर चुम्बकीय दिक्पात शून्य लीजिए।
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अंतरातारकीय अंतरिक्ष में $10^{-12}$T की कोटि का बहुत ही क्षीण चुम्बकीय क्षेत्र होता है। क्या इस क्षीण चुम्बकीय क्षेत्र के भी कुछ प्रभावी परिणाम हो सकते हैं? समझाइए।
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बहुत अधिक दूरियों पर (30,000 km से अधिक) पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र अपनी द्विधुवीय आकृति से काफी भिन्न हो जाता है। कौन से कारक इस विकृति के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं?
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अपने 4-5 अरब वर्षों के इतिहास में पृथ्वी अपने चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा कई बार उलट चुकी होगी। भूगर्भशास्त्री, इतने सुदूर अतीत के पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के बारे में कैसे जान पाते हैं?
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पृथ्वी के क्रोड के बाहरी चालक भाग में प्रवाहित होने वाली आवेश धाराएँ-चुम्बकीय क्षेत्र के लिए उत्तरदायी समझी जाती हैं। इन धाराओं को बनाए रखने वाली बैटरी (ऊर्जा स्रोत) क्या हो सकती है?
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पृथ्वी के क्रोड में लोहा है, यह ज्ञात है। फिर भी भूगर्भशास्त्री इसको पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का स्रोत नहीं मानते। क्यों?
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एक जगह से दूसरी जगह जाने पर पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र बदलता है। क्या यह समय के साथ भी बदलता है? यदि हाँ, तो कितने समय अंतराल पर इसमें पर्याप्त परिवर्तन होते हैं?
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किसी स्थान पर एक टेलिफोन केबल में चार लम्बे, सीधे, क्षैतिज तार हैं जिनमें से प्रत्येक में 1.0 A की धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रहीं है। इस स्थान पर पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र 0.39 G एवं नति कोण $35^o$ है। दिक्पात कोण लगभग शून्य है। केबल के 4.0 सेमी. नीचे और 4.0 सेमी. ऊपर परिणामी चुम्बकीय क्षेत्रों के मान क्या होंगे?
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एक लम्बे, सीधे, क्षैतिज केबल में 2.5 A धारा, $10^o$ दक्षिण-पश्चिम से $10^o$ उत्तर-पूर्व की ओर प्रवाहित हो रही है। इस स्थान पर चुम्बकीय याम्योत्तर भौगोलिक याम्योत्तर के $10^o$ पश्चिम में है। यहाँ पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र 0.33 G एवं नति कोण शून्य है। उदासीन बिन्दुओं की रेखा निर्धारित कीजिए। (केबल की मोटाई की उपेक्षा कर सकते हैं)।
(उदासीन बिन्दुओं पर, धारावाही केबल द्वारा चुम्बकीय क्षेत्र, पृथ्वी की क्षैतिज घटक के चुम्बकीय क्षेत्र के समान एवं विपरीत दिशा में होता है।)
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किसी स्थान को चुम्बकीय क्षेत्र से परिरक्षित करना है। कोई विधि सुझाइए।
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लौह चुम्बक जैसा शैथिल्य लूप प्रदर्शित करने वाली कोई प्रणाली स्मृति संग्रहण की युक्ति है। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
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लौह चुम्बकीय पदार्थ के चुम्बकन वक्र की अनुत्क्रमणीयता, डोमेनो के आधार पर गुणात्मक दृष्टिकोण से समझाइए।
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क्या किसी अनुचुम्बकीय नमूने का अधिकतम संभव चुम्बकन, लौह चुम्बक के चुम्बकन के परिमाण की कोटि का होगा?
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यदि एक टोरॉइड में बिस्मथ का क्रोड लगाया जाए तो इसके अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र उस स्थिति की तुलना में (किंचित) कम होगा या (किंचित) ज्यादा होगा, जबकि क्रोड खाली हो?
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अनुचुम्बकीय के विपरीत, प्रतिचुम्बकत्व पर ताप का प्रभाव लगभग नहीं होता। क्यों?
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एक छोटा छड़ चुम्बक जिसका चुम्बकीय आघूर्ण $5.25 \times 10^{-2} JT ^{-1}$ है, इस प्रकार रखा है कि इसका अक्ष पृथ्वी की दिशा के लम्बवत है। चुम्बक के केन्द्र से कितनी दूरी पर, परिणामी क्षेत्र पृथ्वी के क्षेत्र की दिशा से $45^{\circ}$ का कोण बनाएगा, यदि हम
i. अभिलम्ब समद्विभाजक पर देखें,
ii. अक्ष पर देखें। इस स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण 0.42 G है। प्रयुक्त दूरियों की तुलना में चुम्बक की लम्बाई की उपेक्षा कर सकते हैं।
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यदि वर्णित चुम्बक को $180^o$ से घुमा दिया जाए तो संतुलन बिन्दुओं की नयी स्थिति क्या होगी?
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किसी छोटे छड़ चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण $0.48 JT^{-1}$ है। चुम्बक के केन्द्र से 10 सेमी. की दूरी पर स्थित किसी बिन्दु पर इसके चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण एवं दिशा बताइए यदि यह बिन्दु
- चुम्बक के अक्ष पर स्थित हो
- चुम्बक के अभिलम्ब समद्विभाजक पर रिथत हो।
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यह माना जाता है कि पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र लगभग एक चुम्बकीय द्विधुव के क्षेत्र जैसा है जो पृथ्वी के केन्द्र पर रखा है और जिसका द्विधुव आघूर्ण $8 \times 10^{22} JT ^{-1}$ है। कोई ढंग सुझाइए जिससे इस संख्या के परिमाण की कोटि जाँची जा सके।
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यदि आप ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर में भू-चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का नक्शा बनाएँ तो ये रेखाएँ पृथ्वी के अंदर जाएँगी या इससे बाहर आएँगी?
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एक सदिश को पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए तीन राशियों की आवश्यकता होती है। उन तीन स्वतंत्र राशियों के नाम लिखिए जो परम्परागत रूप से पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होती हैं।
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