वायुमंडल: हमारी पृथ्वी को चारों ओर से गैस को परतें घेरे हुए हैं, जिसे वायुमंडल कहते हैं। वायुमण्डल का वर्णन निम्न बिन्दुओं में स्पष्ट है:
1. वायुमंडल पृथ्वी का महत्त्वपूर्ण एवं अटूट भाग है जो हमें ऐसी वायु प्रदान करती है जिससे हम लोग साँस लेते है।
2. वायुमंडल हमें सूर्य की कुछ हानिकारक किरणों से भी बचाता है।
3. वायुमंडल 1,500 किमी. की ऊँचाई तक फैला है।
4. वायुमंडल को उसके घटकों, तापमान तथा अन्य के आधार पर पाँच परतों में बाँय जाता है। इन परतों को पृथ्वी की सतह से शुरू करते हुए क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, आयनमंडल तथा बहिर्मडल कहा जाता है।

5. वायुमंडल में आयतन के अनुसार नाइट्रोजन 78 प्रतिशत, ऑक्सीजन 21 प्रतिशत तथा अन्य गैसें (कार्बन डाइऑक्साइड, ऑर्गन इत्यादि) 1 प्रतिशत हैं। 6. ऊँचाई के साथ वायुमंडल के पनत्व में भिन्नता आती है। वायु का घनत्वव समुद्री तल पर सबसे अधिक होता है तथा ऊपर की ओर पटता जाता है। इसीलिए पहाड़ों पर पर्वतारोहियों को हवा के घनत्व में कमी होने के कारण साँस लेने में कठिनाई होती है और वे अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर जाते हैं। 7. ऊपर की ओर जाने पर तापमान भी घटता जाता है। 8. वायुमंडल पृथ्वी पर दबाव भी डालता है। एक स्थान से दूसरे स्थान पर वायुदाब अलग - अलग होता है। 9. वायु उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती हैं। 10. गतिशील वायु को पवन कहा जाता है।