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काव्य-खण्ड - 2 तुलसीदास question types

32 questions across 4 question groups — pick any mix to generate a Hindi [NON NCERT] paper with step-by-step answer keys.

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Sample Questions

काव्य-खण्ड - 2 तुलसीदास questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

दिसिकुंजरहु कमठ अहि कोला। धरहु धरनि धरि धीर न डोला ॥
राम चहहिं संकर धनु तोरा । होहु सजग सुनि आयसु मोरा ॥
चाप समीप रामु जब आए। नर नारिन्ह सुर सुकृत मनाए॥
सब कर संसउ अरु अग्यानू । मंद महीपन्ह कर अभिमानू ॥
भृगुपति केरि गरब गरुआई। सुर मुनिबरन्ह केरि कदाई ॥
सिय कर सोचु जनक पछितावा। रानिह कर दारुन दुख दावा ॥
संभुचाप बड़ बोहितु पाई। चढे जाइ सब संगु बनाई ॥
राम बाहुबल सिंधु अपारू। चहत पारु नहिं कोउ कड़हारू॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए
"दिसिकुंजरहु कमठ अहि कोला। धरहु धरनि धरि धीर न डोला॥"
(III) इस पद्यांश से क्या स्पष्ट होता है कि राम को शिवधनुष तोड़ने में किस प्रकार की चुनौती थी?
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लखन लखेउ रघुबंसमनि, ताकेउ हर कोदंडु। पुलकि गात बोले बचन, चरने चापि ब्रह्मांडु॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए
"पुलकि गात बोले बचन, चरने चापि ब्रह्मांडु॥"
(III) लक्ष्मण जी के मन में श्रीराम के प्रति क्या भाव प्रकट होते हैं?
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उदित उदयगिरि मंच पर, रघुबर बालपतंग।
बिकसे संत सरोज सब, हरषे लोचन शृंग ॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए —
“उदित उदयगिरि मंच पर, रघुबर बालपतंग।”
(III) बालराम के जन्म से संतों की क्या दशा हुई?
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“जल को गए लक्खन हैं लरिका, परिखौ, पिय ! छाँह घरीक है ठाढ़े।
पछि पसेउ बयारि करौं, अरु पार्दै पखरिहौं भूभुरि डाढ़े ॥
तुलसी रघुबीर प्रिया स्रम जानि कै बैठि बिलंब ल कंटक काढ़े ।
जानकी नाह को नेह लख्यौ, पुलको तनु बारि बिलोचन बाढे ॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए –
“जानकी नाह को नेह लख्यौ, पुलको तनु बारि बिलोचन बाढे”
(III) सीता जी श्रीराम से क्या आग्रह करती हैं?
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पुर ते निकसी रघुबीर-बधू, धरि धीर दये मर्ग में डग है ।
झलक भरि भाल कनी जल की, पुट सूखि गये मधुराधर वै ॥
फिरि बूझति हैं-”चलनो अब केतिक, पर्णकुटी करिहौ कित है?”
तिय की लखि आतुरता पिय की अँखिया अति चारु चलीं जल च्वै॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए –
"झलक भरि भाल कनी जल की, पुट सूखि गये मधुराधर वै"
(III) माता सीता किस बात को लेकर राम से पूछ रही हैं?
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