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काव्य-खण्ड - 5 सुमित्रानन्दन पन्त question types

16 questions across 3 question groups — pick any mix to generate a Hindi [NON NCERT] paper with step-by-step answer keys.

16
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3
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Sample Questions

काव्य-खण्ड - 5 सुमित्रानन्दन पन्त questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

पन्त की भाषा और शिल्प का मुख्य लक्षण क्या है?
  • A
    अवांछनीय कठिनता
  • सरल सौंदर्य और प्रवाह
  • C
    विदेशी शब्दावलियों का प्रयोग
  • D
    वैज्ञानिक वाक्यांश

Answer: B.

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चंद्रलोक में प्रथम बार,
मानव ने किया पदार्पण,
छिन्न हुए लो, देश काल के,
दुर्जय बाधा बंधन।
दिग-विजयी मनु-सुत, निश्चय,
यह महत् ऐतिहासिक क्षण,
भू-विरोध हो शांत,
निकट आये सब देशों के जन।
युग-युग का पौराणिक स्वप्न
हुआ मानव का संभव,
समारंभ शुभ नए चन्द्र-युग का
भू को दे गौरव।।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"युग-युग का पौराणिक स्वप्न
हुआ मानव का संभव"
(III) इस काव्यांश में कवि ने मानव की किस ऐतिहासिक उपलब्धि का वर्णन किया है?
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अणु-युग बने धरा जीवन हित
स्वर्ण-सृजन को साधन,
मानवता ही विश्व सत्य
भू राष्ट्र करें आत्मार्पण।
धरा चन्द्र की प्रीति परस्पर
जगत प्रसिद्ध, पुरातन,
हृदय-सिन्धु में उठता।
स्वर्गिक ज्वार देख चन्द्रानन ।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"मानवता ही विश्व सत्य
भू राष्ट्र करें आत्मार्पण।"
(III) इस काव्यांश के माध्यम से कवि कौन-सा संदेश देना चाहता है?
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चींटी को देखा?
वह सरल, विरल, काली रेखा
तम के तागे-सी जो हिल-डुल,
चलती लघुपद पल-पल मिल-जुल
वह है पिपीलिका पाँति !
देखो ना, किस भाँति ।
काम करती वह सतत !
कन-कन करके चुनती अविरत ! 
गाय चराती,
धूप खिलाती,
बच्चों की निगरानी करती,
लड़ती, अरि से तनिक न डरती,
दल के दल सेना सँवारती,
घर आँगन, जनपथ बुहारती ।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"दल के दल सेना सँवारती,
घर आँगन, जनपथ बुहारती।"
(III) इस काव्यांश में कवि ने चींटी के माध्यम से कौन-सा संदेश दिया है?
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फहराए ग्रह-उपग्रह में
धरती का श्यामल-अंचल,
सुख संपद् संपन्न जगत् में
बरसे जीवन-मंगल।
अमरीका सोवियत बने ।
नव दिक् रचना के वाहन
जीवन पद्धतियों के भेद ।
समन्वित हों, विस्तृत मन।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"जीवन पद्धतियों के भेद
समन्वित हों, विस्तृत मन"
(III) कवि इस काव्यांश में कौन-सा वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है?
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चींटी है प्राणी सामाजिक,
वह श्रमजीवी, वह सुनागरिक !
देखा चींटी को ?
उसके जी को ?
भूरे बालों की सी कतरन,
छिपा नहीं उसका छोटापन,
वह समस्त पृथ्वी पर निर्भय
विचरण करती, श्रम में तन्मय,
वह जीवन की चिनगी अक्षय।
वह भी क्या देही है, तिल-सी ?
प्राणों की रिलमिल झिलमिल-सी !
दिन भर में वह मीलों चलती,
अथक, कार्य से कभी न टलती।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"वह समस्त पृथ्वी पर निर्भय
विचरण करती, श्रम में तन्मय"
(III) कवि ने चींटी के कौन-से गुणों को प्रेरणादायक बताया है?
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