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काव्य-खण्ड - 6 महादेवी वर्मा question types

19 questions across 3 question groups — pick any mix to generate a Hindi [NON NCERT] paper with step-by-step answer keys.

19
Questions
3
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Sample Questions

काव्य-खण्ड - 6 महादेवी वर्मा questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

सौरभ भीनी झीना गीला
लिपटा मृदु अंजन-सा दुकूल;
चल अंचल में झर-झर झरते।
पथ में जुगनू के स्वर्ण-फूल;
दीपक से देता बार-बार |
तेरा उज्ज्वल चितवन-विलास !
रूपसि तेरा घन-केश-पाश !
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"दीपक से देता बार-बार
तेरा उज्ज्वल चितवन-विलास !"
(III) कवि ने इस काव्यांश में किन दो प्राकृतिक दृश्यों का सुंदर संयोजन किया है? 
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टूटी है तेरी कब समाधि,
‘झंझा लौटे शत हार-हार;
बह चला दृगों से किन्तु नीर;
सुनकर जलते कण की पुकार !
सुख से विरक्त दुःख में समान !
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"बह चला दृगों से किन्तु नीर;
सुनकर जलते कण की पुकार !"
(III) कवि ने इन पंक्तियों में हिमालय के किस अंतर्विरोधी भाव को उजागर किया है?
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रूपसि तेरा घन-केश-पाश !
श्यामल-श्यामल कोमल-कोमल
लहराता सुरभित केश-पाश ! |
नभ-गंगा की रजतधार में ।
धो आयी क्या इन्हें रात ?
कम्पित हैं तेरे सज़ल अंग,
सिहरा सा तन है सद्यस्नात!
भीगी अलकों के छोरों से
चूती बूंदें कर विविध लास !
रूपसि तेरा घन-केश-पाश !
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"भीगी अलकों के छोरों से
चूती बूंदें कर विविध लास !"
(III) इन पंक्तियों में कवि ने किस प्राकृतिक दृश्य की कल्पना की है?
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उच्छ्वसित वक्ष पर चंचल है।
बक-पाँतों का अरविन्द हार;
तेरी निश्वासे छू भू को
बन-बन जातीं मलयज बयार;
केकी-रव की नृपुर-ध्वनि सुन
जगती जगती की मूक प्यास !
रूपसि तेरा घन-केश-पाश !
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"तेरी निश्वासे छू भू को
बन-बन जातीं मलयज बयार;"
(III) इन पंक्तियों में कवि ने बादलों के किस सौंदर्य को मानवीय रूप में प्रस्तुत किया है?
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मेरे जीवन का आज मूक,
तेरी छाया से हो मिलाप;
तन तेरी साधकता छू ले,
मन ले करुणा की थाह नाप !
उर में पावस दृग में विहान !
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"तन तेरी साधकता छू ले,
मन ले करुणा की थाह नाप !"
(III) कवि के अनुसार जीवन को सार्थक बनाने के लिए किन तत्वों की आवश्यकता है?
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