Question types

काव्य-खण्ड - 7 रामनरेश त्रिपाठी question types

19 questions across 3 question groups — pick any mix to generate a Hindi [NON NCERT] paper with step-by-step answer keys.

19
Questions
3
Question groups
5
Question types
Sample Questions

काव्य-खण्ड - 7 रामनरेश त्रिपाठी questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

जब तक साथ एक भी दम हो,
हो अवशिष्ट एक भी धड़कन।
रखो आत्म-गौरव से ऊँची
पलकें, ऊँचा सिर, ऊँचा मन ॥
एक बूंद भी रक्त शेष हो,
जब तक मन में हे शत्रुजय !
दीन वचन मुख से न उचारो, मानो नहीं मृत्यु का भी भय ॥
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"एक बूंद भी रक्त शेष हो,
जब तक मन में हे शत्रुजय!"
(III) इन पंक्तियों में कवि ने किस प्रकार का आदर्श प्रस्तुत किया है?
View full solution
सागर निज छाती पर जिनके,
अगणित अर्णव-पोत उठाकरे ।
पहुँचाया करता था प्रमुदित,
भूमंडल के सकल तटों पर ।
नदियाँ जिसकी यश-धारा-सी ।
बहती हैं अब भी निशि-वासर।
हूँढो, उनके चरण-चिह्न भी पाओगे तुम इनके तट पर ।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"नदियाँ जिसकी यश-धारा-सी
बहती हैं अब भी निशि-वासर।"
(III) कवि ने इस काव्यांश में जिस व्यक्तित्व की चर्चा की है, उसकी महानता किन आधारों पर स्थापित की गई है?
View full solution
अतुलनीय जिसके प्रताप का
साक्षी है प्रत्यक्ष दिवाकर ।
घूम-घूम-कर देख चुका है,
जिनकी निर्मल कीर्ति निशाकर।
देख चुके हैं जिनका वैभव,
ये नभ के अनन्त तारागण।
अगणित बार सुन चुका है नभ,
जिनका विजय-घोष रण-गर्जन ।।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"घूम-घूम-कर देख चुका है,
जिनकी निर्मल कीर्ति निशाकर।"
(III) कवि ने इन पंक्तियों में जिस महान व्यक्तित्व का वर्णन किया है, उसमें कौन-कौन से गुण विशेष रूप से उभरते हैं?
View full solution
शोभित है सर्वोच्च मुकुट से,
जिनके दिव्य देश का मस्तक।
पूँज रही हैं सकल दिशाएँ।
जिनके जय-गीतों से अब तक ॥
जिनकी महिमा का है अविरल,
साक्षी सत्य-रूप हिम-गिरिवर।
उतरा करते थे विमान-दल
जिसके विस्तृत वक्षस्थल पर ।।
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"उतरा करते थे विमान-दल
जिसके विस्तृत वक्षस्थल पर ।।"
(III) इन पंक्तियों में वर्णित वीर की महानता को सिद्ध करने के लिए कवि ने किन प्रतीकों का प्रयोग किया है?
View full solution
निर्भय स्वागत करो मृत्यु का,
मृत्यु एक है विश्राम-स्थल।
जीव जहाँ से फिर चलता है,
धारण कर नव जीवन-संबल ॥
मृत्यु एक सरिता है, जिसमें,
श्रम से कातर जीव नहाकर ।।
फिर नूतन धारण करता है, |
काया-रूपी वस्त्र बहाकर ॥
(I) उपर्युक्त काव्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"मृत्यु एक सरिता है, जिसमें,
श्रम से कातर जीव नहाकर ।।"
(III) कवि ने मृत्यु को किस रूप में प्रस्तुत किया है?
View full solution

Generate a काव्य-खण्ड - 7 रामनरेश त्रिपाठी paper free

Pick question groups from the list above, set marks and difficulty, and export a branded PDF with step-by-step answer keys. First 3 chapters free — no signup.

Download App