(i)‘मेवाड़-मुकुट’ खण्डकाव्य के ‘दौलत’ सर्ग (चतुर्थ सर्ग) की कथावस्तु लिखिए।
(ii)‘मेवाड़-मुकुट के ‘चिन्ता’ सर्ग (पञ्चम सर्ग) में दिये रानी लक्ष्मी के मनोभावों को स्पष्ट कीजिए।
(ii)‘मेवाड़-मुकुट के ‘चिन्ता’ सर्ग (पञ्चम सर्ग) में दिये रानी लक्ष्मी के मनोभावों को स्पष्ट कीजिए।