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काव्य-खण्ड - 11 नागार्जुन question types

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Sample Questions

काव्य-खण्ड - 11 नागार्जुन questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

शत-शत निर्झर निर्झरिणी-कल
मुखरित देवदारु कानन में
शोणित धवल भोज पत्रों से छाई हुई कुटी के भीतर
रंग बिरंगे और सुगन्धित फूलों से कुन्तल को साजे
इन्द्रनील की माला डाले शंख सरीखे सुघर गले में,
कानों में कुवलय लटकाये, शतदल रक्त कमल वेणी में;
रजत-रचित मणि खचित कलामय
पान-पात्र द्राक्षासव पूरित
रखे सामने अपने-अपने,
लोहित चन्दन की त्रिपदी पर
नरम निदाग बाल कस्तूरी
मृग छालों पर पल्थी मारे
मदिरारुण आँखों वाले उन
उन्मद कित्रर कित्ररियों की
मृदुल मनोरम अँगुलियों को वंशी पर फिरते देखा है।
(अ) इस काव्यांश में कवि ने किस प्रकार का वातावरण प्रस्तुत किया है?
(ब) कवि ने वंशी बजाती युवतियों का क्या चित्र खींचा है?
(स) कविता में प्रयुक्त प्राकृतिक और सांस्कृतिक तत्वों की व्याख्या कीजिए।
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एक दूसरे से वियुक्त हो
अलग अलग रहकर ही जिनको
सारी रात बितानी होती
निशा काल के चिर अभिशापित
बेबस उन चकवा-चकई का,
बन्द हुआ क्रन्दन फिर उनमें
उस महान सरवर के तीरे
शैवालों की हरी दरी पर
प्रणय कलह छिड़ते देखा है।
कहाँ गया धनपति कुबेर वह,
कहाँ गयी उसकी वह अलका?
नहीं ठिकाना कालिदास के,
व्योम-वाहिनी गंगाजल का!
ढूँढ़ा बहुत परन्तु लगा क्या, मेघदूत का पता कहीं पर!
कौन बताये यह यायावर, बरस पड़ा होगा न यहीं पर!
जाने दो वह कवि-कल्पित था,
मैंने तो भीषण जाड़ों में, नभचुम्बी कैलाश शीर्ष पर
महामेघ को झंझानिल से, गरज-गरज भिड़ते देखा है।
दुर्गम बर्फानी घाटी में,
शत सहस्त्र फुट उच्च शिखर पर
अलख नाभि से उठने वाले
अपने ही उन्मादक परिमल
के ऊपर धावित हो-होक्रर
तरल तरुण कस्तूरी मृग को अपने पर चिढ़ते देखा है।
(अ) चकवा-चकई का प्रतीकात्मक चित्रण कवि ने किस प्रकार किया है?
(ब) कवि ने "मेघदूत" और "अलका" का उल्लेख किस भावना को दर्शाने के लिए किया है?
(स) कस्तूरी मृग का व्यवहार कविता में किस प्रकार प्रतीक रूप में प्रस्तुत किया गया है?
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अमल धवल गिरि के शिखरों पर, बादल को घिरते देखा है।
छोटे मोटे मोती जैसे, अतिशय शीतल वारि कणों को
मानसरोवर के उन स्वर्णिम-कमलों पर गिरते देखा है।
तुंग हिमालय के कंधों पर छोटी बड़ी कई झीलों के
$\quad$$\quad$$\quad$$\quad$$\quad$श्यामल शीतल अमल सलिल में
$\quad$$\quad$$\quad$$\quad$$\quad$समतल देशों के आ-आकर
$\quad$$\quad$$\quad$$\quad$$\quad$पावस की ऊमस से आकुल
तिक्त मधुर बिसतंतु खोजते, हंसों को तिरते देखा है।
(अ) कविता में हिमालय की विशेषताएँ कैसे चित्रित की गई हैं?
(ब) मानसरोवर के स्वर्णिम कमल और शीतल जल के बारे में कवि ने क्या कहा है?
(स) कवि ने हंसों को किस प्रकार प्रस्तुत किया है और उसका क्या अर्थ है?
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