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Question 13 Marks
कोई गेंद 10 m ऊँचाई से गिराई जाती है। यदि धरातल से टकराने के पश्चात् गेंद की ऊर्जा 40% कम हो जाती है, तो यह कितनी ऊँचाई तक ऊपर उठेगी? (g = 10 ms$^-2$)
Answer
मान लीजिए 'h' ऊंचाई पर 'm' द्रव्यमान के पिंड की प्रारंभिक ऊर्जा = mgh
प्रश्नानुसार, धरातल से टकराने के पश्चात् गेंद की ऊर्जा 40% कम हो जाती है, तब गेंद में बची शेष ऊर्जा, प्रारम्भिक ऊर्जा का 60% होगी।
अतः, 'h' = 60% $\times$ h
= $\frac{60}{100}$ $\times$ 10 = 6 m
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Question 23 Marks
क्या यह संभव है कि कोई पिंड बाह्य बल लगने के कारण त्वरित गति की अवस्था में तो हो, परंतु उस पर बल द्वारा कोई कार्य न हो रहा हो। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
Answer

हाँ, यह संभव है। किसी पिंड पर बल लगने के कारण वह त्वरित गति की अवस्था में तो हो परंतु उस पर बल द्वारा कोई कार्य न हो रहा हो, ऐसा उनके लंबवत् होने पर संभव है।
उदाहरणार्थ : कोई पिण्ड अभिकेंद्रण बल के कारण (r) त्रिज्या वाले वृत्ताकार मार्ग पर त्रिज्या के अनुदिश केंद्र की ओर v वेग के साथ गाति करता है। पिंड में नियत त्वरण है जो त्रिज्या के अनुदिश केंद्र की ओर भी कार्य करता है। इस प्रकरण में, बल (F) तथा विस्थापन (जो v की दिशा में है) चित्रानुसार सदैव एक दूसरे के लबंवत् रहते हैं।

संक्षेप में, अभिकेंद्रण बल (जिसके कारण कोई पिंड किसी वृत्ताकार मार्ग में गति करते हुए केंद्र की ओर नियत त्वरण की अवस्था में रहता है) कोई कार्य नहीं करता है।

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Question 33 Marks
सरल रेखा में गतिमान किसी पिंड पर, गति की दिशा में कुछ दूरी तक, एक नियत बल F लगाकर इसका वेग बढ़ाया गया है। सिद्ध कीजिए कि पिंड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिंड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।
Answer
मान लीजिए कि 'm' द्रव्यमान का कोई पिंड एकसमान वेग 'u' से सरल रेखा में गतिमान है। गति की दिशा में कुछ दूरी 's' तक, एक नियत बल F लगाने पर,
न्यूटन के गति विषयक तृतीय नियम से,
$v^2= u^2+ 2 as$
$v^2- u^2= 2 as$
$\therefore$ s = $\frac{v^{2}-u^{2}}{2 a} ...(i)$
हमें ज्ञात है कि, F द्वारा किया गया कार्य W = Fs cos $\theta$ है। क्योंकि बल तथा विस्थापन की दिशा समान है, अतः
$\theta= 0^\circ$
$\therefore$ W = ma$\cdot$s ($\because$ F = ma)
$= ma \times \frac{v^{2}-u^{2}}{2 a}$ (समी. (i) से)
$W = \frac{1}{2} m (v^2- u^2) ...(ii)$
यदि कोई पिंड विरामावस्था से गति करना प्रारंभ करती है, अर्थात्, u = 0 तो समी. (ii) से हमें प्राप्त होता है
$W =\frac{1}{2} mv^2$
स्पष्ट है कि पिंड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिंड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।
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Question 43 Marks
किसी व्यक्ति का ग्रह A पर भार उसके पृथ्वी पर भार का लगभग आधा है। वह पृथ्वी के पृष्ठ पर 0.4 m की ऊँची छलाँग लगा सकता है। ग्रह A पर वह कितनी ऊँची छलाँग लगाएगा?
Answer
क्योंकि किसी व्यक्ति का ग्रह A पर भार उसके पृथ्वी पर भार का लगभग आधा है अतः गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का आधा हो जाएगा। अतः वह समान पेशीय बल लगाकर दोगुनी ऊँचाई तक छलांग लगा सकता है।
इसका अर्थ है कि पृथ्वी के पृष्ठ तथा ग्रह A के पृष्ठ पर व्यक्ति की स्थितिज ऊर्जा समान होगी।
अतः $mg_1h_1= mg_2h_2$
यदि $g_1= g$ तथा $g_2= \frac{1}{2}g, h_1= 0.4\ m$
तब, $h_2= \frac{g_{1} h_{1}}{g_{2}}$
$=\frac{g \times 0.4}{\frac{g}{2}}$
अथवा $h_2= 0.4 \times 2$
$= 0.8 m$
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Question 53 Marks
किसी मोटर की शक्ति 2 kW है। यह पंप प्रति मिनट कितना जल 10 m की ऊँचाई तक ऊपर उठा सकता है? (दिया है $g = 10 ms^-2)$
Answer
दिया गया है,
पम्प की शक्ति = 2kW = 2,000W
समय, t = 60s
ऊंचाई, h = 10 m
$g = 10 ms^-2$ लेने पर,
किया गया कार्य = mgh
मान रखने पर, m $\times$ 10 $\times$ 10 = 100 m
जैसा कि हमें ज्ञात है, शक्ति = प्रति एकांक समय में किया गया कार्य
अतः, 2,000 W = 100 $\times$ $\frac{m}{60}$
अतः m = 1200 kg
अतः पम्प 1 m में 1,200 kg जल उठा सकता है।
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Question 63 Marks
क्या किसी पिंड की यांत्रिक ऊर्जा शून्य होने पर भी उसमें संवेग हो सकता है? स्पष्ट कीजिए।
Answer
नहीं, इस प्रकरण में कोई संवेग नहीं हो सकता है।
हम जानते हैं कि यांत्रिक ऊर्जा, पिंड में निहित गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा का योगफल है। अब क्योंकि, यांत्रिक ऊर्जा शून्य है तो इसका तात्पर्य यह होगा कि उसमें न तो गतिज ऊर्जा है और न ही स्थितिज ऊर्जा है।
गतिज ऊर्जा शून्य होने के कारण, वेग शून्य है। अतः, उसमें संवेग नहीं होगा।
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Question 73 Marks
क्या किसी पिंड का संवेग शून्य होने पर भी उसमें यात्रिक ऊर्जा हो सकती है? स्पष्ट कीजिए।
Answer
गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का योगफल यांत्रिक ऊर्जा है। हम जानते हैं कि किसी पिंड का संवेग, पिंड के द्रव्यमान तथा वेग का गुणनफल होता है।
किसी पिंड का द्रव्यमान कभी भी शून्य नहीं हो सकता है पंरतु पिंड के विरामावस्था में होने पर वेग शून्य हो सकता है। अतः, यदि पिंड विरामावस्था में हो तो उसका संवेग शून्य हो सकता है पंरतु यदि वह पिंड किसी ऊंचाई पर विरामवस्था में हो तो उसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा अर्थात् यांत्रिक ऊर्जा निहित होती है।
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Question 83 Marks
एक लड़का किसी सीधी सड़क पर 5 N के घर्षण बल के विरुद्ध गतिमान है। 1.5 km की दूरी चलने के बाद वह 100 m त्रिज्या के गोल चक्कर (चित्र) पर सही मार्ग भूल जाता है। परंतु वह उस वृत्ताकार पथ पर डेढ़ चक्कर लगाता है और फिर 2.0 km तक आगे जाता है। उसके द्वारा किया गया कार्य परिकलित कीजिए।
Answer
दिया गया है कि,
घर्षण के विरुद्ध बल = 5N
वृत्ताकार मार्ग की त्रिज्या = 100 m
वृत्ताकार मार्ग में विस्थापन = 5 चक्कर + $\frac{1}{2}$चक्कर
जैसा कि हमें ज्ञात है कि विस्थापन पिंड की प्रारंभिक तथा अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है। अतः अंतिम विस्थापन,
= 0 + वृत्ताकार मार्ग का व्यास
= 0 + 2 $\times$ वृत्ताकार मार्ग की त्रिज्या
= 0 + 2 $\times$ 100
= 200 m
कुल विस्थापन = 1.5m + 200m + 2km
= 1.5 $\times$ 1000m + 200m + 2 $\times$ 1000 m
= 1500m + 200m + 2000m
= 3,700m
किया गया कुल कार्य, W = Fd$\cdot$cos$\theta$
= 5 $\times$ 3700 $\times cos 0^o$
= 18,500 J
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Question 93 Marks
अविनाश 10 N के घर्षण बल के विरुद्ध $8 ms^{-1}$ की चाल से दौड़ सकता है और कपिल 25 N के घर्षण बल के विरुद्ध $3 ms^{-1}$ की चाल से गति कर सकता है। इनमें कौन अधिक शक्तिशाली है।
Answer
दिया गया है कि,
अविनाश द्वारा आरोपित बल $=10 N$
अविनाश की चाल $=8 ms^{-1}$
अविनाश की शक्ति $=$ बल $\times$ वेग
$=10 \times 8=80 W$
अब, कपिल द्वारा आरोपित बल $=25 N$
कपिल की चाल $=3 ms^{-1}$
कपिल की शक्ति $=$ बल $\times$ वेग
$=25 \times 3=75 W$
क्योंकि अविनाश की शक्ति कपिल की शक्ति से $(80-75=5 N)$ अधिक है। अतः, अविनाश अधिक शक्तिशाली है।
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Question 103 Marks
एक रॉकेट ऊपर की ओर v वेग से गतिमान है। यदि रॉकेट का वेग यकायक तीन गुना हो जाए तो इसकी आरंभिक एवं अंतिम गतिज ऊर्जाओं का अनुपात क्या होगा?
Answer
माना $v_1 = v$ तथा $v_2 = 3v$
हमें ज्ञात है कि गतिज ऊर्जा,
K.E. = $\frac{1}{2}$ mv$^2$
दोनों गतिज ऊर्जाओं का अनुपात,
$\frac{\mathrm{K}_{1}}{\mathrm{~K}_{2}}=\frac{\frac{1}{2} m v_{1}^{2}}{\frac{1}{2} m v_{2}^{2}}$
$\frac{\mathrm{K}_{1}}{\mathrm{~K}_{2}}=\frac{\frac{1}{2} m v_{1}^{2}}{\frac{1}{2} m(3 v)^{2}}$ ($\because v_2 = 3v)$
$\frac{\mathrm{K}_{1}}{\mathrm{~K}_{2}}=\frac{v^{2}}{9 v^{2}}$
अतः दोनों गतिज ऊर्जाओं का अनुपात,
$K _1: K _2=1: 9$
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