- क्लोरीन गैस
- पोटेशियम क्लोराइड
- आयरन
- आयरन सल्फाइड
- एल्यूमिनियम
- आयोडीन
- कार्बन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- सल्फर चूर्ण
27 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

किसी विलायक की मात्रा (द्रव्यमान अथवा आयतन) मे घुले हुए विलेय पदार्थ की मात्रा को अथवा विलेय पदार्थ की मात्रा जो विलयन के किसी दी गई मात्रा अथवा आयतन में उपस्थित हो, उसे विलयन की सांद्रता कहते हैं। विद्यार्थी A ने 50 g NaOH को 100 mL जल में घोला, जिससे विलयन का आयतन लगभग 150 mL हो गया। अतः NaOH की सांद्रता 50% से कम होगी।
विद्यार्थी B ने 50 g NaOH को 100 g जल में घोला, अतः विलयन का कुल आयतन 150 mL होगा। परिणामस्वरूप NaOH की सांद्रता पुनः 50% से कम होगी।
विद्यार्थी C ने 50 g NaOH को जल में घोलकर 100 mL विलयन बनाया। अतः NaOH की सांद्रता 50% हो गई। अतः C ने वांछित सांद्रता का विलयन बनाया।
द्रव्यमान/विलयन का आयतन% =
$\times$ 100
$=\frac{50}{100} \times 100$
= 50%
आसवन उपकरण में चित्र (a) तथा (b) में से कौन-सी नली संघनित्र के रूप में अधिक प्रभावी होगी?
