${x_1} = a\sin (\omega \,t + {\phi _1})$, ${x_2} = a\sin \,(\omega \,t + {\phi _2})$
यदि परिणामी तरंग में आवृत्ति एवं आयाम अध्यारोपित होने वाली तरंगों के समान हैं तब इनके मध्य कलान्तर होगा

(બંને ઉદગમની આવૃતિ $F_1= F_2=500\, Hz$ અને હવામાં ધ્વનિનો વેગ $=330\, m / s$ છે.)