आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का जन्म 15 मई 1864 को रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे हिंदी गद्य साहित्य के महान सुधारक और ‘द्विवेदी युग’ के प्रवर्तक माने जाते हैं। उन्होंने खड़ी बोली हिंदी को साहित्यिक रूप दिया और हिंदी गद्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।
उन्होंने 'सरस्वती' पत्रिका का संपादन कर अनेक लेखकों को प्रोत्साहित किया। आचार्य द्विवेदी ने लेख, निबंध, अनुवाद और आलोचना के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया। उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – कवि और कविता, संस्कार in भारत, सभ्यता क्या है आदि।
वे भाषा में शुद्धता, सरलता और सामाजिक सुधार के पक्षधर थे। उनका देहांत 21 सितंबर 1938 को हुआ। वे आज भी हिंदी साहित्य में ‘आचार्य’ के रूप में सम्मानित हैं।