सरदार पूर्ण सिंह का जन्म 17 अक्टूबर 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। वे एक उत्कृष्ट निबंधकार, विचारक, शिक्षाविद और देशभक्त थे। उन्होंने हिंदी में प्रभावशाली विचारात्मक निबंध लिखे जो आज भी प्रासंगिक हैं।
उन्होंने रसायनशास्त्र की पढ़ाई की और कुछ समय तक जापान और कनाडा में भी रहे। परंतु उनका झुकाव भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और मानवता की सेवा की ओर था। उनकी भाषा सरल, सजीव और भावनाओं से भरपूर होती थी।
उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं — हमारी आत्मा, भावी समाज, सच्चा वैराग्य आदि। उन्होंने जीवन और समाज के गहरे अनुभवों को अपने निबंधों के माध्यम से व्यक्त किया। उनका निधन 1931 में हुआ।