अनौपचारिक सम्प्रेषण से आशय-वह सम्प्रेषण जो व्यक्तियों एवं समहों के मध्य आधिकारिक या औपचारिक रूप से नहीं होता है; अनौपचारिक सम्प्रेषण कहलाता है। अनौपचारिक सम्प्रेषण के अन्तर्गत विचारों एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान संगठन की पद-सोपान श्रृंखला के अनुसार नहीं होता है। अनौपचारिक सम्प्रेषण को ही अंगूरीलता सम्प्रेषण कहा जाता है। क्योंकि ये सूचनाएँ जो अंगूरीलता द्वारा संगठन में सभी तरफ बिना किसी आधिकारिक स्तर के आधार पर होती हैं। इस प्रकार के सम्प्रेषण में कर्मचारियों का आपस में विचारों का आदान-प्रदान जो औपचारिक माध्यमों द्वारा सम्भव नहीं है, वह इस माध्यम द्वारा पूरी होती है। संगठन की कैंटीन में जब कर्मचारी आपस में बातें करते हुए अपने अधिकारियों के बारे में चर्चा करते हैं, अफवाह उड़ाते हैं ये सब उदाहरण अनौपचारिक सम्प्रेषण के कहे जा सकते हैं। अनौपचारिक सम्प्रेषण संस्था में शीघ्रातिशीघ्र फैलता है, कभी-कभी तो इनका स्वरूप ही बदल जाता है जो संस्था के लिए घातक सिद्ध होता है।