Question
औपचारिक सम्प्रेषण के गुण-दोषों को बतलाइये। 

Answer

औपचारिक सम्प्रेषण के गुणऔपचारिक सम्प्रेषण के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं-
औपचारिक सम्प्रेषण में सम्प्रेषण क्रमानुसार होता है और विचार एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान ठीक से होता है। औपचारिक सम्प्रेषण में सन्देश के स्रोत का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
औपचारिक सम्प्रेषण के द्वारा उच्च स्तरीय अधिकारियों के अधिकार, जो उन्हें अधीनस्थ कर्मचारियों के ऊपर प्राप्त होते हैं, कार्य करवाने में सहायता मिलती है।
औपचारिक सम्प्रेषण में अधीनस्थ कर्मचारियों से कार्य उपलब्धियों के बारे में जो सूचनाएँ प्राप्त होती हैं उनसे उच्च अधिकारियों को अधीनस्थों पर नियन्त्रण स्थापित करने में सुविधा रहती है।
सन्देशों का आदान-प्रदान पूर्व निर्धारित मार्गों से किया जा सकता है।
सन्देश प्रायः लिखित में होने से प्रमाण का कार्य करते हैं। औपचारिक सम्प्रेषण विभिन्न पदों के बीच समन्वय को आसान बना देता है।
औपचारिक सम्प्रेषण के दोष-औपचारिक सम्प्रेषण के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं-
सन्देशों के सामान्य प्रवाह में बाधा उपस्थित होती है; क्योंकि सभी सन्देश पूर्व निर्धारित मार्गों से ही भेजने पड़ते हैं।
औपचारिक सम्प्रेषण में कार्य में विलम्ब होता है। औपचारिक सम्प्रेषण की प्रक्रिया खर्चीली होती है; क्योंकि सन्देश प्रायः लिखित में ही होते हैं।
औपचारिक सम्प्रेषण में सन्देश के हस्तान्तरण में त्रुटियाँ रह सकती हैं।
सन्देश प्रेषक तथा प्राप्तकर्ता के बीच स्थिति सम्बन्धी अवरोध उत्पन्न हो सकता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

विपणन प्रबन्ध दर्शन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
'पूँजी बजटिंग निर्णय' को प्रभावित करने वाले दो कारणों को समझाइये।
आप एक संगठन में भर्ती कार्य करने जा रहे हैं, भर्ती के आन्तरिक स्रोतों का उपयोग करने से आपको क्या-क्या लाभ होंगे? लिखिये। (कोई चार)
विपणन एवं विक्रय में कोई चार अन्तर बताइये।
नियन्त्रण, नियोजन से कैसे सम्बन्धित है?
सम्प्रेषण प्रक्रिया का आरेख (चित्र) बनाइये।
नियन्त्रण हेतु विचलनों की खोज की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
नियन्त्रण हेतु प्रमाप किस प्रकार के निर्धारित किये जाने चाहिए?
संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(1) शिकायत
(2) भ्रामक प्रस्तुतीकरण।
राष्ट्रीय आयोग के प्रधान एवं सदस्यों की योग्यताएँ एवं अयोग्यताएँ बतलाइए।