Question
B-किरणें तेजी से चलने वाले

Answer

(C)

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दो तरंगें कला सम्बद्ध कहलाती हैं यदि इनमें
एक समान्तर प्लेट संधारित्र को सर्वप्रथम आवेशित किया जाता है। फिर इसकी प्लेटों के बीच परावैद्युतांक की पट्टिका रखी जाती है। अपरिवर्तित रहने वाली राशि है
रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र से $\alpha$-कणों के प्रकीर्णन के द्वारा परमाणु में नाभिक के अस्तित्व को सिद्ध किया। नाभिक पर था-
संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में अन्तिम प्रतिबिम्ब बनता है-
$He$ तथा $S$ की द्रव्यमान संख्या क्रमशः 4 तथा 32 है। $S$ तथा $He$ के नाभिकों की त्रिज्या का अनुपात है
पृथ्वी का माध्य त्रिज्या $R$ तथा अपने अक्ष के घूर्णन वेग $\omega$ है। पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण $g$ है तो जियोस्टेशनरी पथ की त्रिज्या होगी ?
किसी सूक्ष्म विद्युत द्विध्रुव के मध्य बिन्दु से बहुत दूर ' $r$ ' दूरी पर विद्युत विभव समानुपाती होता है
एक ठोस $m$ द्रव्यमान का पलायन वेग $( G =$ गुरुत्वाकर्षण नियतांक, $M$ = पृथ्वी का द्रव्यमान; $Re =$ पृथ्वी की त्रिज्या ) होगा-
एक अनुदैर्ध्य तरंग $y =4 \sin \frac{\pi}{6} \sin \ (3 x -15 t )$ द्वारा प्रदर्शित होती है। तो
N फेरों की कोई कुण्डली किसी चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B}$में इस प्रकार स्थित है कि चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B}$कुण्डली के तल के लम्बवत है। $\vec{B}$ में समय के साथ $B=B_0 \cos \left(\frac{2 \pi}{T} t\right)$के रूप में परिवर्तन होता है, यहाँ T आवर्तकाल है। कुण्डली में प्रेरित emf का परिमाण जिस समय पर अधिकतम होगा वह है-