बायोरिएक्टर एक बर्तन के समान होता है जिसमें सूक्ष्मजीवों, पौधों, जंतुओं या मानव कोशिकाओं का उपयोग करके कच्चे माल को विशिष्ट उत्पादों (जैसे एंजाइम या प्रोटीन) में जैविक रूप से परिवर्तित किया जाता है।
कार्य करने का तरीका:
यह वांछित उत्पाद प्राप्त करने के लिए अनुकूलतम परिस्थितियाँ (जैसे तापमान, pH, विटामिन, ऑक्सीजन और लवण) प्रदान करता है।
इसमें एक 'स्टिरर' लगा होता है जो सामग्री को लगातार मिलाता रहता है और पूरे रिएक्टर में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।