बकरियों में एक वर्ष की आयु में सभी अस्थायी कर्तन दाँत निकल आते हैं। चौदह माह की उम्र में प्रथम (केन्द्रीय) जोड़ी अस्थायी दाँत गिर जाते हैं और उनके स्थान पर प्रथम (केन्द्रीय) जोड़ी स्थायी दाँत निकल आते हैं, इसके बाद द्वितीय (मध्य) जोड़ी, तृतीय (पार्श्व) जोड़ी तथा चौथी (कोने वाली) जोड़ी, अस्थायी दाँत गिर कर उनके स्थान पर क्रमशः तीसरे, चौथे तथा पाँचवें वर्ष की आयु में स्थायी दाँत निकल आते हैं। पाँच वर्ष की उम्र के बाद ये स्थायी दाँत घिसने शुरू हो जाते हैं और बकरी में तेजी से बुढ़ापा आने लगता है।