Question
बोर परमाणु मॉडल सफल व्याख्या करता है

Answer

(A)

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किसी नाभिक में प्रति न्यूक्लिऑन बन्धन ऊर्जा दर्शाती है-
विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है
एक परिपथ में $X _{ L }=31 \Omega, R =8 \Omega, X _{ C }=25 \Omega$ श्रेणी क्रम में लगाये गये हैं। इन्हें $110 V$ a.c. के साथ जोड़ा गया है। शक्ति-घटक होगा :
$M$ द्रव्यमान का एक पिण्ड वृत्तीय पथ पर एक समान चाल $v$ से चलता है। वृत्तीय पथ की त्रिज्या $R$ है। जब यह एक बिन्दु से व्यास के दूसरे बिन्दु पर पहुंचता है तो:
किसी चालक की प्रतिरोधकता व चालकता का गुणनफल निर्भर करता है-
एक धातु का कार्यफलन $hv v _0$ है। यदि इस पर $2 hv _0$ की ऊर्जा का प्रकाश डाला जाए तो $4 \times 10^6$ मी/सेकण्ड की गति वाले इलैक्ट्रान बाहर निकलते हैं। यदि $5 h v_0$ ऊर्जा वाली प्रकाश डाले जाए तो निकले इलैक्ट्रान की अधिकतम गतिज ऊर्जा है
5 वाट का एक स्त्रोत $5000 A$ तरंगदैध्ध्य के एकवर्णी प्रकाश का उत्सर्जन करता है। $0.5$ मी की दूरी पर रखने से यह एक प्रकाश संवेदी धात्विक तल से प्रकाशी इलेक्ट्रॉन मुक्त करता है। जब स्त्रोत को तल से $1.0$ मी की दूरी पर ले जाया जायेगा तो विमुक्त प्रकाशी इलेक्ट्रॉनों की संख्या
ट्रांसफार्मर में क्रोड बनाने के लिए निम्नलिखित पदार्थों में से कौनसा अधिक उपयुक्त होता है-
एक अर्द्धचालक को $T_1 K$ से $T_2 K$ ताप पर ठंडा किया जाता है, तो इसका प्रतिरोध
यह मानते हुए कि सूर्य $r$ त्रिज्या का गोलाकार बाहरी तल रखता है और तापमान $t^{\circ} C$ पर एक कृष्ण पिंड की तरह प्रकीर्णन करता है, सूर्य केन्द्र से $R$ दूरी पर आपतित किरणों से लम्ब दिशा में किसी एक मात्रक तल द्वारा प्राप्त की गई शक्ति होगी-