साहित्यिक परिचय भाषा-व्यास जी संस्कृत साहित्य के अध्येता थे। आपकी भाषा परिष्कृत प्रवाहपूर्ण खड़ी बोली हिन्दी है। आपकी भाषा में तत्सम शब्दों के साथ अरबी, फारसी शब्द, लोक प्रचलित शब्द, अंग्रेजी के शब्द आदि भी मिलते हैं। संस्कृत भाषा के यथास्थान दिये गये उद्धरण भाषा को सशक्त बनाने वाले हैं। यत्र-तत्र मुहावरों का प्रयोग भी आपने किया है।
शैली : व्यास जी ने वर्णनात्मक शैली का प्रयोग किया है। इसके साथ-साथ विवरणात्मक शैली को भी अपनाया है। जीवनी तथा आत्मकथा के लिए ये शैलियाँ उपयुक्त भी हैं।