Question
चार्ली चैप्लिन के भारतीयकरण से क्या अभिप्राय है?

Answer

चार्ली ने स्वयं पर हँसना सिखाया है जबकि भारतीय हास्य परम्परा में सदैव दूसरों पर हँसा जाता है। इसमें दूसरों को पीड़ित करने वालों की प्रायः हँसी उड़ाई जाती है। जबकि चार्ली स्वयं अपनी कमजोरियों, अपनी फजीहतों, अपनी विवशताओं तथा अपनी नाकामियों पर हँसता और हँसाता है। भारतीय हास्य परम्परा में करुण और हास्य रस का मेल नहीं दिखाया जाता जबकि चार्ली करुण दृश्य के फौरन बाद एकाएक हँसा देते हैं और हँसते हुए को पलभर बाद रुला देते हैं। ऐसा कर वे करुण और हास्य रस में समन्वय करा देते हैं। चार्ली ने भारतीयों को अपने पर हँसना सिखाया और यही चार्ली का भारतीयकरण है।

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