डीएनए अंगुलिछापन - डीएनए अर्थात् जीवन सूत्र सभी जीवों में वंशानुक्रम का आधार होता है। यह प्रत्येक जीव की कोशिकाओं में उपस्थित रहता है और जैविक माता-पिता से प्राप्त होता है। डीएनए में छिपी हुई सूक्ष्म भिन्नताओं के कारण हर जीव की पहचान दूसरे जीव से भिन्न होती है। डीएनए अंगुलिछापन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें किसी व्यक्ति के डीएनए की विशिष्ट संरचना को पहचाना जाता है। यह विशिष्टता अंगुलियों की छाप की तरह अद्वितीय होती है, इसलिए इसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग कहा जाता है। इस तकनीक में डीएनए को कोशिकाओं से निकालकर उसे रेडियोसक्रिय किया जाता है, फिर वैज्ञानिक विधियों द्वारा उसका विश्लेषण कर उसका अनुक्रम ज्ञात किया जाता है। डीएनए अंगुलिछापन एक आधुनिक एवं प्रभावशाली तकनीक है, जिसका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे- अपराधों की जाँच, पारिवारिक विवादों (जैसे पितृत्व परीक्षण), चिकित्सा और स्वास्थ्य परीक्षण, वंशावली विश्लेषण, कृषि, बागवानी, जैविक शोध और उद्योगों में भी इसका व्यापक उपयोग होता है।