राहुल: नमस्ते अजय! आज की परीक्षा कैसी रही?
अजय: नमस्ते राहुल! यार, पेपर तो बहुत ही कठिन आया था। खासकर वह तीसरा प्रश्न बिल्कुल समझ नहीं आया।
राहुल: हाँ, मुझे भी वही सवाल परेशान कर रहा था। वो ‘गद्यांश का भावार्थ’ वाला प्रश्न बहुत उलझा हुआ था।
अजय: बिल्कुल! और व्याकरण का भाग भी कुछ नया-सा लग रहा था। तैयारी के बावजूद भी घबराहट हो गई थी।
राहुल: सही कहा तुमने। अब लगता है अगली परीक्षा की तैयारी और गहराई से करनी पड़ेगी।
अजय: हाँ, मैं भी अब हर टॉपिक पर विशेष ध्यान दूँगा, ताकि कोई भी कठिन प्रश्न न छूटे।
राहुल: चलो, अब मिलकर तैयारी करते हैं। मिलकर पढ़ने से शायद चीज़ें और आसान हो जाएँ।
अजय: बिल्कुल राहुल! मिलकर पढ़ाई करेंगे और अच्छे अंक लाएँगे।