Question
एक डायोड दिष्टकारी के रूप में बदलता है-

Answer

B

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$C$ और $Si$ की एक सी जालक संरचना होती है। दोनों में 4 आबंधक इलेक्ट्रॉन होते हैं। किन्तु $C$ एक रोधी है और $Si$ एक अर्द्धचालक क्योंकि :
एक आयताकार, एक वर्गाकार, एक वृत्तीय और एक दीर्घवृत्तीय फन्द जो सभी $x - y$ तल में हैं, एक अचर चुम्बकीय क्षेत्र से स्थिर वेग $\overrightarrow{ V }= v \hat{ i }$ से बाहर निकल रहे हैं। चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ऋणात्मक $z$ अक्ष की दिशा में है। क्षेत्र से बाहर निकलने के प्रक्रम में इन फन्दों में प्रेरित वि.वा.ब (emf) स्थिरमानी नहीं रहेगा :-
यदि दो एकांक प्रबलता (1A-m) के चुम्बकीय ध्रुवों के मध्य की दूरी 1 मीटर है। अतः इनके मध्य लगने वाले बल का मान है-
"विद्युत प्रवाह का चुम्बकीय प्रभाव" खोजा था
जब $f$ फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस को पानी में डुबाया जाता है, तो लेंस की फोकस दूरी
यदि किसी प्रकाशिक उपकरण का आवर्धन ऋणात्मक हो तो प्रतिबिंब सदैव होगा-
निम्नलिखित में कौन विद्युत्-चुम्बकीय तरंग वाले गुण का है?
प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में आरोपित विभवान्तर V = 10 cos at है तथा प्रवाहित धारा I = 2 sin ot है तो शक्ति क्षय का मान होगा-
चालक का ताप बढ़ने पर इसका प्रतिरोध बढ़ता है क्योंकि-
$\oint \overrightarrow{ B } \cdot d \vec{\ell}=\mu_0\left( I _{ c }+\varepsilon_0 \frac{d \phi_{ E }}{ dt }\right)$ समीकरण दर्शाता है-