Question
एक नाभिकीय अभिक्रिया प्रदर्शित करती है

Answer

(b) $-1 e ^0(\beta$ कण)

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यदि पृथ्वी को $R$ त्रिज्या और एक समान घनत्व का एक गोला माना जाये तो, पृथ्वी के केन्द्र से दूरी ' $r$ ' पर ' $g$ ' की निर्भरता के लिये निम्नलिखित चित्रों में से ठीक चित्र (आलेख) है

इनमें सही चित्र है
H -परमाणु में मुख्य क्वान्टम संख्या $n$ के बढ़ने के साथ-साथ ऊर्जा तलों के मध्य ऊर्जा अन्तराल-
समान त्रिज्याओं के दो गोलाकार चालकों B एवं C पर आवेश की मात्रा समान है तथा उन्हें एक- दूसरे से कुछ दूर रखने पर उनके बीच लगने वाला प्रतिकर्षण बल F है। उतनी ही त्रिज्या वाले एक अन्य अनावेशित चालक का संपर्क पहले B से कराते हैं और फिर C से संपर्क कराकर उसे हटा दिया जाता है। B तथा C के बीच लगने वाला बल अब कितना होगा
यंग के प्रयोग में फ्रिंज की चौडाई $0.4$ मिमी है । यदि पूरे उपकरण को $4 / 3$ अपवर्तनांक के पानी में डुबो दिया जाए तो नयी फ्रिंज चौड़ाई होगी-
किसी माध्यम के लिये अपवर्तनांक का मान होता है-
निम्न में से कौनसा दर्पण सदैव आभासी तथा छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है-
दूर दृष्टिदोष को दूर करने के लिए प्रयुक्त लेंस होता है-
जब चौड़ार्ई ' $a$ ' की किसी एकल डिरी पर $5000 A$ तरंगदैर्घ्य का प्रकाश आपतन करता है, तो झिरी के कारण उत्पत्र विवर्तन पैटर्न में $30^{\circ}$ के कोण पर पहला निम्निप्ठ दिखाई देता है। पहला द्वितीयक उच्चिप्ठ जिस कोण पर दिखार्ई देगा, वह है:
दो एकसमान गेंदे $A$ तथा $B ,+0.5$ मी/सेकंड तथा $-0.3$ मी/सेकंड से चलती हुई एक दूसरे के साथ (प्रत्यास्थ) संघट्ट करती है। टकराने के बाद $A$ तथा $B$ का वेग होगा:
निम्नलिखित में से किस वैद्युत-चुंबकीय विकिरण की तरंगदैर्ध्य न्यूनतम है ?